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  • पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल,  बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल, बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    पंजाब की राजनीति में भूचाल मचाने वाली घटना में सनौर से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस ने करनाल से गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, पटियाला पुलिस ने उन्हें हरियाणा के करनाल से हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक उनकी गिरफ्तारी या दर्ज मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    पठानमाजरा ने खुद सोशल मीडिया पर लाइव आकर गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें चुप कराने के लिए की गई है।

    पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल,  बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि मुझे सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी है। बाढ़ संकट के लिए आईएएस कृष्ण कुमार जिम्मेदार हैं, लेकिन उनकी गलती उजागर करने पर मुझे निशाना बनाया गया।

    दिल्ली के लोग पंजाब को लूट रहे हैं और इस घमंड में हैं कि पंजाब के 94 विधायक उनके साथ हैं। जो सच बोलता है, उसे जेल में डाल दिया जाता है। हाल ही में पठानमाजरा ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर सरकार की आलोचना की थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा (गनमैन) वापस ले ली गई थी। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली नेतृत्व के खिलाफ उनकी मुखर आलोचना ने ही गिरफ्तारी का रास्ता तैयार किया।

    इस गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दलों के तेवर और सरकार की सफाई अब अगला बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होंगे। पठानमाजरा ने कहा है कि उन्हें सच बोलने की सजा मिल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता।

  • कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    राजनीति वही होती है जो कोई भी नेता किसी मामले को भुनाने और उसे जनता के बीच लोकप्रिय करने में सफल हो जाए। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर कुछ दिन पहले ईडी की रेड के बाद अब सौरभ भारद्वाज में इस मामले को एक नए अंदाज में भुनाना शुरू कर दिया है। जहां ईडी की रेड से आम आदमी दुखी होता है वही सौरभ भारद्वाज इस समय इस मामले को लेकर अपने ही अंदाज में खुश नजर आते हैं।

    सुनो, सुनो, सुनो… जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा। 21 लाख, 21 लाख, 21 लाख… मामला नई दिल्ली का है। गली-गली घूमकर ऐलान कराने वाला ये वीडियो आप नेता सौरभ भारद्वाज द्वारा शेयर किया गया है, जिसमें आप नेता अपने समर्थकों संग गली-गली घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानिए आखिर क्या मामला है?

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    दरअसल कुछ दिन पहले ईडी ने आम आदमी पार्टी के कई ठिकानों पर छापामारी की थी। सामने आया था कि ईडी द्वारा आप के 13 ठिकानों पर छापामारी की गई है। पूछताछ के बाद आप नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि भाई हमको भी तो बताओ कि मेरे 13 ठिकाने कौन से हैं। ये रैली और इनाम को देने का ऐलान इसी छापेमारी से जोड़कर बताया जा रहा है।

    ईडी द्वारा की गई रेड के मामले को आगे बढ़ाते हुए सौरभ भारद्वाज अपने समर्थकों संग गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले घूमते नजर आए। रैली में साथ मौजूद लोगों ने नारे लगाए, सुनो, सुनो, सुनो… सौरभ भारद्वाज की कोठी ढूंढो, 21 लाख इनाम पाओ। कोठी ढूंढो 21 लाख पाओ। चूक न जाना, सुनहरा मौका है। जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा।

    आपको बताते चलें कि ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ये छापामारी हुई थी। इसमें स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कथित घोटाला से जुड़े मामले में हुई थी। आरोप है कि 2018-19 के दौरान, 5590 करोड़ रुपये की 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। हालांकि ये परियोजनाएं अत्यधिक और अस्पष्ट लागत वृद्धि के साथ, काफी हद तक अधूरी रहीं। सौरभ भारद्वाज ने साफ किया कि अगर ईडी मेरे तेरह ठिकाने बताती है तो, वह इन ठिकानों का कम से कम उन्हें कब्जा तो दिल दे।

  • Youtuber Jyoti Malhotra Case: एसआईटी ने तीन महीने की जांच के बाद दायर की चार्जशीट, सोमवार को अदालत में पेश होंगी ज्योति मल्होत्रा

    Youtuber Jyoti Malhotra Case: एसआईटी ने तीन महीने की जांच के बाद दायर की चार्जशीट, सोमवार को अदालत में पेश होंगी ज्योति मल्होत्रा

    Youtuber Jyoti Malhotra Case: ज्योति मल्होत्रा के वकील अधिवक्ता कुमार मुकेश ने कहा कि अब तक आरोपपत्र की कोई कॉपी ज्योति को नहीं दी गई है। ज्योति से सोमवार, 18 अगस्त को अदालत में पेश होने का अनुमान है, उसी दिन उसे चार्जशीट की कॉपी सौंपे जाने की संभावना है। यह मामला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट (JMIC) में चल रहा था, अब इसे सेशंस कोर्ट में भेजा जाएगा।

    एसआईटी ने पूरी की जांच, दायर की चार्जशीट

    अधिवक्ता कुमार मुकेश ने बताया कि एसआईटी ने तीन महीने की जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट दायर की है। एसपी शशांक कुमार सावन ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी के नेतृत्व में डीएसपी सुनील कुमार, इंस्पेक्टर निर्मला, साइबर सेल इंचार्ज अमित और स्पेशल स्टाफ के एसआई सतपाल शामिल थे। 14 अगस्त को चार्जशीट अदालत में पेश की गई।

    Youtuber Jyoti Malhotra Case: एसआईटी ने तीन महीने की जांच के बाद दायर की चार्जशीट, सोमवार को अदालत में पेश होंगी ज्योति मल्होत्रा

    ज्योति पर लगे गंभीर आरोप

    ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और संवेदनशील जानकारियों को साझा करने के गंभीर आरोप हैं। ये आरोप भारतीय दंड संहिता की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत लगाए गए हैं। अदालत ने 4 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छहवीं बार सुनवाई के दौरान उसकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी थी।

    सोमवार को ज्योति होगी अदालत में पेश

    अधिवक्ता ने कहा कि चार्जशीट की पूरी कॉपी पढ़ने के बाद ही हम अपना जवाब दाखिल करेंगे। सोमवार, 18 अगस्त को ज्योति अदालत में उपस्थित होंगी और इसी दौरान उसका मामला सेशंस कोर्ट में ट्रांसफर होगा। यह सुनवाई देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    जांच और कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण

    एसआईटी की जांच के बाद अब कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा। अदालत द्वारा चार्जशीट स्वीकार करने के बाद ज्योति के वकील पक्ष अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे। इस मामले में मीडिया और आम जनता की नजरें भी लगी हुई हैं क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों वाला मामला है।

  • Raj Thackeray: 6 साल बाद मातोश्री में गूंजा ‘जय महाराष्ट्र’! ठाकरे परिवार की मुलाकात ने जगा दी सियासी हलचल

    Raj Thackeray: 6 साल बाद मातोश्री में गूंजा ‘जय महाराष्ट्र’! ठाकरे परिवार की मुलाकात ने जगा दी सियासी हलचल

    Raj Thackeray रविवार को मातोश्री पहुंचे और उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गले लगाकर पुराने रिश्तों की गर्माहट को फिर से जिंदा किया। यह मुलाकात भावनात्मक रही और ठाकरे परिवार ने भी राज का गर्मजोशी से स्वागत किया। फूलों का गुलदस्ता देकर उन्होंने बधाई दी और लंबे समय बाद एक पारिवारिक तस्वीर नजर आई।

    छह साल बाद तोड़ी गई दूरी

    राज ठाकरे आखिरी बार 2019 में मातोश्री पहुंचे थे जब उन्होंने अपने बेटे अमित की शादी का निमंत्रण देने के लिए ठाकरे परिवार से मुलाकात की थी। परंतु उससे पहले 2012 में वे बालासाहेब ठाकरे की बीमारी के समय औपचारिक तौर पर पहुंचे थे। इस बार की मुलाकात ने राजनीतिक से ज्यादा भावनात्मक संदेश दिया है।

    Raj Thackeray: 6 साल बाद मातोश्री में गूंजा 'जय महाराष्ट्र'! ठाकरे परिवार की मुलाकात ने जगा दी सियासी हलचल

    वर्ली डोम रैली में दिखी एकता की झलक

    5 जुलाई को मुंबई के वर्ली डोम में उद्धव और राज ठाकरे 20 साल बाद एक मंच पर नजर आए थे। यह रैली सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि दो भाइयों की नजदीकी का प्रतीक बन गई। इस दौरान दोनों ने इशारों में यह संकेत भी दिए कि आने वाले समय में वे साथ मिलकर राजनीति कर सकते हैं।

    पुराने मतभेदों की खत्म होने की उम्मीद

    राज ठाकरे ने शिवसेना में जगह न मिलने के बाद 2006 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS बनाई थी। इसके बाद दोनों भाइयों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी। परंतु अब एक बार फिर से समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। यह मुलाकात इस बात का इशारा हो सकती है कि परिवार के बीच की दीवारें अब टूटने लगी हैं।

    महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़?

    इस मुलाकात को केवल पारिवारिक नजदीकी के रूप में नहीं देखा जा रहा है बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए समीकरण का आगाज भी हो सकता है। अगर राज और उद्धव साथ आते हैं तो यह गठबंधन बीजेपी और अन्य दलों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह मेलजोल कितना आगे जाएगा।

  • पढ़ी-लिखी महिला को एलिमनी क्यों चाहिए? Supreme Court का बड़ा सवाल

    पढ़ी-लिखी महिला को एलिमनी क्यों चाहिए? Supreme Court का बड़ा सवाल

    Supreme Court: मुंबई की एक महिला ने अपने पति से तलाक के बाद कोर्ट में बड़ी मांगें रखीं। महिला ने भरण-पोषण के लिए हर महीने 1 करोड़ रुपये, एक महंगी BMW कार और मुंबई में एक फ्लैट की मांग की। यह मामला तेजी से मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। महिला का दावा था कि उसने अपनी शादी में मानसिक और भावनात्मक परेशानी झेली है। वहीं, पति ने इन मांगों को अस्वीकार कर दिया और कहा कि ये अत्यधिक और अव्यावहारिक हैं।

    सीजेआई की खरी-खरी: खुद कमाओ और खाओ

    सुप्रीम कोर्ट में जब यह मामला पहुंचा तो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी आर गवई की बेंच ने महिला से सख्त सवाल पूछे। उन्होंने साफ कहा कि अगर महिला इतनी पढ़ी-लिखी है तो उसे खुद कमाकर अपना खर्चा चलाना चाहिए। उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा कि शादी केवल 18 महीने चली और आप हर महीने एक करोड़ रुपये कैसे मांग सकती हैं? एक शिक्षित महिला को बेरोजगार बैठने की इजाजत नहीं हो सकती।

    पढ़ी-लिखी महिला को एलिमनी क्यों चाहिए? Supreme Court का बड़ा सवाल

     पढ़ाई है तो जिम्मेदारी भी उठाओ: कोर्ट का संदेश

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने बयान में यह स्पष्ट कर दिया कि समाज में महिलाओं को शिक्षा दिलाने का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अगर कोई महिला उच्च शिक्षा प्राप्त करती है तो यह अपेक्षित है कि वह खुद की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी कर सके। कोर्ट ने कहा कि यह मामला समानता की भावना को कमजोर करता है और शिक्षा के उद्देश्य पर सवाल उठाता है।

     कोर्ट ने समझौते का सुझाव दिया

    चीफ जस्टिस ने महिला को सलाह दी कि या तो वह मुंबई में एक फ्लैट लेकर संतुष्ट हो जाए या चार करोड़ रुपये लेकर एक अच्छी नौकरी की तलाश करे। कोर्ट ने दोनों पक्षों से इस दिशा में समझौते की बात कही और कहा कि अगर आपसी सहमति बनती है तो यह सभी के लिए बेहतर होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले को रद्द करने और निर्णय सुरक्षित रखने का आदेश भी दे दिया।

    समाज को मिला एक नया दृष्टिकोण

    इस मामले ने समाज में एक नई सोच की लहर पैदा की है। जहां एक तरफ महिलाओं के अधिकारों की बात होती है वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। कोर्ट का यह रुख संकेत करता है कि अब महिलाओं को केवल सहानुभूति की नहीं बल्कि बराबरी की सोच और मेहनत की जरूरत है। यह फैसला आने वाले समय में कई ऐसे मामलों की दिशा बदल सकता है।