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    Haryana Politics: मोदी ने सीएम की थपथपाई पीठ, PM द्वारा CM की तारीफ के हैं बहुत मायने

    Haryana Politics: बार-बार सीएम की सराहना को राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है। मार्च 2024 में जब भाजपा ने नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया था, तब पार्टी ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया था। कुछ ही महीनों बाद अक्तूबर 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने सैनी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की। जब पार्टी तीसरी बार सत्ता में आई तो पार्टी की सीटें पिछली बार से कम होने की बजाय हरियाणा में अब तक पार्टी की अपने बलबूते पर सबसे ज्यादा सीटें थी।

    अब मोदी की ओर से ताजा प्रशंसा को इस रूप में देखा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व सैनी को हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक मजबूत चेहरा बनाए रखने के मूड में है।
    मालूम हो, यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ की हो। इससे पहले भी वे कई मौकों पर सैनी की ईमानदारी, पारदर्शिता और जमीनी नेतृत्व की प्रशंसा कर चुके हैं। रविवार को एक बार फिर मोदी ने साफ संदेश दे दिया कि हरियाणा में भाजपा का नेतृत्व सैनी के भरोसे मजबूत हाथों में है।

    Haryana Politics: मोदी ने सीएम की थपथपाई पीठ, PM द्वारा CM की तारीफ के हैं बहुत मायने

    हरियाणा में अब तक राजनीतिक लड़ाई जाट और गैर जाट के बीच रही है लेकिन भाजपा ने नायब सैनी के रूप में प्रदेश को पिछड़ा वर्ग सीएम देकर प्रदेश की राजनीति को एक नई दिशा देने का काम किया था और इस काम में पार्टी को काफी सफलता भी मिली है। आलम यह है कि भाजपा की इस नीति को पकड़कर अब कांग्रेस ने भी अपने संगठन सृजन अभियान के दौरान जिला अध्यक्ष के रूप में सबसे ज्यादा पिछड़ा वर्ग के लोगों को जिला अध्यक्ष बनाने का काम किया है।

    भाजपा नायब सैनी के रूप में प्रदेश में लंबे समय तक उन्हें बनाए रखकर न केवल हरियाणा की राजनीति बल्कि पूरे देश में उन्हें एक बड़े पिछड़ा वर्ग नेता के रूप में स्थापित कर सकती है। राजस्थान में बड़ी संख्या में सैनी समाज के वोट हैं और इस बात को भाजपा अच्छे से जानती है कि राजस्थान के पिछले विधानसभा चुनाव में नायब सैनी के प्रचार ने पार्टी को काफी फायदा पहुंचाया है। अब बिहार विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं और यहां पिछड़ा वर्ग का वोट बैंक काफी बड़ी संख्या में है ऐसे में पार्टी नायब सैनी को वहां पर बड़ी भूमिका दे सकती है।

    बिहार भाजपा के लिए वर्तमान में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले चुनाव में पार्टी को सबसे ज्यादा सीट मिलने के बावजूद पार्टी यहां पर अपना मुख्यमंत्री नहीं बना सकी थी और नीतीश कुमार ने महागठबंधन का दामन थाम लिया था। जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन को छोड़ा तो पार्टी को मजबूरी में नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बनना पड़ा। अब भाजपा इस प्रयास में है कि बिहार में उसे अपने बलबूते पर सत्ता हासिल हो।