बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की शू क्राफ्ट इंडस्ट्रीज में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि फैक्ट्री की छत का एक हिस्सा भी टूटकर गिर गया। आग की लपटें पास की फैक्ट्री के शेड तक पहुंच गईं। फैक्ट्री नंबर 436, फायर स्टेशन के पीछे स्थित इस उद्योग में यह हादसा रविवार सुबह लगभग 9 बजे शुरू हुआ।
रबर और ज्वलनशील रसायनों ने बढ़ाई आग की रफ्तार
आग रबर और ज्वलनशील रसायनों की मदद से तेजी से फैल गई। दिल्ली और हरियाणा की फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग को बुझाने में लगातार लगी हुई हैं। लेकिन फैक्ट्री में किए गए अवैध निर्माण ने आग बुझाने में बाधा पैदा की। फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने भी माना कि फैक्ट्री में अवैध निर्माण किया गया था, जिससे अंदर प्रवेश करना मुश्किल हो गया।

फैक्ट्री का ऊपरी तला और टिन शेड जलकर राख
फैक्ट्री का सबसे ऊपरी तला पूरी तरह टिन शेड का था, जो आग में पूरी तरह जलकर राख हो गया। फैक्ट्री की छत का हिस्सा टूटकर गिर गया। समय-समय पर फैक्ट्री से धमाके की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। फायर ब्रिगेड अधिकारी रवींद्र ने बताया कि यह आग एमआईई पार्ट ए में लगी। शहर के तीनों फायर स्टेशनों की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं।
आसपास का क्षेत्र हुआ धुएं से ढक, खुला स्थान नहीं
फैक्ट्री का खुला क्षेत्र भी पूरी तरह आग की चपेट में आ गया, जिससे अंदर प्रवेश करना मुश्किल हो गया। दिल्ली फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर बुलाई गईं। फैक्ट्री से उठती तेज लपटों और आसमान में फैलते धुएं से आग की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। फैक्ट्री में जूते और चप्पलें बनाई जाती थीं। रविवार होने की वजह से फैक्ट्री बंद थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस भी मौके पर, हालात पर काबू पाने की कोशिश
एमआईई पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद थे ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। अधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माण और फैक्ट्री में रखे रबर और ज्वलनशील रसायन आग की तीव्रता बढ़ाने में मुख्य कारण रहे हैं।




