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  • हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    प्रदेश सरकार की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना साइबर ठगी करने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए देने की हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर धोखाधड़ी शुरू हो गई है। फ्रॉड मोबाइल लिंक और फर्जी फॉर्म के मामले सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने लाभार्थियों को सचेत करते हुए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को अब इस मामले में सावधान रहने की जरूरत है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि विभाग के संज्ञान में आया है कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित कई फर्जी लिंक और फार्म प्रसारित किए जा रहे हैं। ऐसे सभी लिंक और फॉर्म धोखाधड़ी हैं। कृपया इन पर विश्वास न करें और न ही इनका उपयोग करें। इस योजना के लिए आवेदन केवल आधिकारिक मोबाइल ऐप्लीकेशन के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सही डाउनलोड लिंक सेवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। अपने माेबाइल पर अधिकृत ऐप से ही आवेदन करें।

    हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    साइबर ठगों द्वारा असली जैसे दिखने वाले फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर लोग अनजाने में क्लिक कर देते हैं। इसके बाद उनके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है। साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि किसी अनजान लिंक को ओपन न करें। किसी भी अनजान खाते में पैसा जमा न करें। संदिग्ध काल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और यदि कोई व्यक्ति छोटे कारोबार का हवाला देकर बड़े लेन-देन करता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत बैंक या पुलिस को दें। अगर ठगी हो भी जाए तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज कराएं। हालांकि अभी तक हरियाणा में इस प्रकार का कोई मामला साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज नहीं किया है, लेकिन जिस प्रकार सरकार ने एडवाइजरी जारी की है उससे लगता है कि आने वाले दिनों में इस प्रकार के मामलों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

    हाल ही में सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का मोबाइल एप लॉन्च किया है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने के लिए दो टोल-फ्री नंबर भी जारी किए, ताकि हरियाणा की कोई भी महिला योजना का लाभ लेने में अड़चन न महसूस करे। दो टोल-फ्री नंबर 01724880500 और 18001802231 जारी किए। हरियाणा दिवस पर एक नवंबर से महिलाओं के खातों में पैसे आने शुरू हो जायेंगे। प्रथम चरण में विवाहित-अविवाहित दोनों वर्ग की 20,97,256 महिलाएं इसमें शामिल हैं। एक लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की 23 से 60 साल की करीब 21 लाख महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 2,100 रुपये मासिक भत्ता मिलेगा। दूसरे चरण में 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को शामिल किया जा सकेगा। तीसरे चरण में 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकेगा। मोबाइल में लाडो लक्ष्मी योजना का एप डाउनलोड करें और अपना मोबाइल नंबर भर कर ओटीपी से वेरिफिकेशन करें। अब जिस महिला के नाम से फॉर्म भरना है, उसका पूरा विवरण दर्ज करें इसके बाद लाभार्थी महिला के घर का पूरा पता भरें फिर लाभार्थी महिला के परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें अगले चरण में परिवार की सालाना आय का पूरा विवरण दें अब अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी भरें।

  • कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा सहित देशभर की करोड़ों महिलाओं के साथ भाजपा सरकार बार-बार छलावा कर रही है। अब लाड़ो लक्ष्मी योजना और 2100 रुपये देने का जो शोर मचाया जा रहा है, वह भी जनता को गुमराह करने का एक और चुनावी हथकंडा है। योजना में आय सीमा रखकर अधिकतर गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने की बात करता है, लेकिन हकीकत में योजना इतनी शर्तों से बंधी है कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। योजना में आय सीमा रखकर अधिकांश गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    केवल कुछ गिनी-चुनी महिलाएं ही इसका लाभ ले पाएंगी, जबकि संकल्प पत्र में सभी महिलाओं को लाभ देने की बात कही गई थी। महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण और सम्मान की जगह मात्र चुनावी लालच देकर गुमराह किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए ठोस और दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, न कि केवल चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए ऐसी घोषणाएं की जाए।

    कुमारी शैलजा ने कहा है कि इस योजना लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके परिवार की आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आय का निर्धारण परिवार पहचान पत्र के आधार पर किया जाएगा। कुमारी शैलजा ने कहा कि इस योजना के तहत आयु सीमा दूसरे राज्यों की अपेक्षा हरियाणा में कम रखी है। दूसरे राज्य में यह आय सीमा 1.20 लाख रुपपे से 2.50 रुपये तक रखी गई है। सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार से पूछा है कि जब उनका संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने का था, तो फिर आय सीमा की शर्त क्यों लगाई गई? क्या भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है या केवल चुनावी राजनीति करना चाहती है? क्या महिलाओं की गरिमा और अधिकार महज 2100 रुपये से खरीदे जा सकते हैं? सांसद ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए नीतियां बनाईं और जमीन पर उतारी हैं। आने वाले समय में कांग्रेस महिलाओं को उनका वास्तविक हक और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है। 

  • Manisha Case: भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार कल, परिवार की मांगें पूरी, ग्रामीणों ने धरना खत्म किया

    Manisha Case: भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार कल, परिवार की मांगें पूरी, ग्रामीणों ने धरना खत्म किया

    Manisha Case: हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का कल अंतिम संस्कार किया जाएगा। मनीषा के दादा राम किशन ने कहा कि हमारी दोनों मांगें पूरी हो गई हैं। हम बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि कल सुबह 8 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। उधर, ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया।

    बुधवार को तीसरी बार मनीषा का दिल्ली एम्स (AIIMS) में पोस्टमॉर्टम हुआ। करीब 2 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला। दोपहर को मनीषा की डेडबॉडी भिवानी से दिल्ली ले जाई गई थी। इस दौरान मनीषा के परिवार के 3 लोगों को भी पुलिस एस्कॉर्ट करके दिल्ली ले गई।

    Manisha Case: भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार कल, परिवार की मांगें पूरी, ग्रामीणों ने धरना खत्म किया

    अब मनीषा की डेडबॉडी भिवानी के सिविल अस्पताल लाई जा रही है। यहां पर शव रखा जाएगा। इसके बाद सुबह शव गांव लाया जाएगा। वहीं, CM नायब सैनी ने कहा कि परिवार की मांग पर जांच CBI को सौंपी जा रही है। इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा।

    उधर, हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन रेणु भाटिया ढिगावा गेस्ट हाउस पहुंची। उन्होंने फोन पर परिवार से बात की। चेयरमैन ने कहा कि परिवार उनसे गेस्ट हाउस में मिल सकता है। उन्होंने परिवार से विनती करते हुए कहा कि मनीषा का अंतिम संस्कार होने दें।

    हालात बिगड़ने की आशंका से पुलिस भी हाईअलर्ट पर है। भिवानी और चरखी दादरी में 19 अगस्त की सुबह 11 बजे से 21 अगस्त सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद किया जा चुका है। गांव से 5 किमी दूर दंगा रोकू वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और 3 जिलों की पुलिस फोर्स तैनात है।

  • Minorcrimes: छोटे मोटे अपराधों में जेल की सजा खत्म कर सिर्फ जुर्माने की व्यवस्था की पहल, अदालतों और जेलों से हटेगी भीड़

    Minorcrimes: छोटे मोटे अपराधों में जेल की सजा खत्म कर सिर्फ जुर्माने की व्यवस्था की पहल, अदालतों और जेलों से हटेगी भीड़

    Minorcrimes: जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए मोदी सरकार ने छोटे मोटे अपराधों में जेल की सजा खत्म कर सिर्फ जुर्माने की व्यवस्था की पहल की है। 76 मामलों में पहली बार गलती करने वालों को जेल या भारी दंड के बजाय केवल चेतावनी या सलाह दी जाएगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) विधेयक, 2025 पेश करते हुए पेश करते हुए लोकसभा अध्यक्ष से इसे चयन समिति के पास भेजने का अनुरोध किया। समिति के सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के स्तर से चुने जाएंगे और यह रिपोर्ट अगले सत्र के पहले दिन सौंपेगी।

    वर्ष 2023 में पारित जन विश्वास अधिनियम में 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 केंद्रीय कानूनों के 183 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया था। 2023 में आंशिक रूप से कुछ प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया था। अब और अधिक उदार बनाया जा रहा है।

    अब यह नया जन विश्वास अधिनियम 2025 इस सुधार को आगे बढ़ाता है। यह बिल 10 मंत्रालयों से जुड़े 16 केंद्रीय अधिनियमों को कवर करता है। सरकार का कहना है कि यह विधेयक भारत की नियामकीय सुधार में एक बड़ा कदम है। यह “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” की सोच को आगे बढ़ाता है और देश में आर्थिक विकास, कारोबार की आसानी और नागरिकों की सहूलियत को तेज करेगा।

    Minorcrimes: छोटे मोटे अपराधों में जेल की सजा खत्म कर सिर्फ जुर्माने की व्यवस्था की पहल, अदालतों और जेलों से हटेगी भीड़

    खास बातें

    जनविश्वास विधेयक 2025 के तहत 355 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है
    288 प्रावधानों को अपराधमुक्त कर कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा दिया जाएगा
    67 प्रावधानों को आसान जीवन सुनिश्चित करने के लिए बदला जाएगा
    76 मामलों में पहली बार गलती करने वालों को जेल या भारी दंड के बजाय केवल चेतावनी या सलाह दी जाएगी।
    छोटे मोटे उल्लंघनों के लिए कैद की सजा को हटाकर मौद्रिक जुर्माना या चेतावनी दी जाएगी।

    न्यायालय का बोझ होगा कम

    इस विधेयक के जरिए न्यायालयों का बोझ कम करने की मंशा जुड़ी है। दंड निर्धारण का अधिकार तय अधिकारियों को दिया जाएगा ताकि न्यायालयों का बोझ कम हो। विधेयक में कहा गया है कि पहली गलती पर हल्की कार्रवाई और दोहराने पर कड़ा जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने और दंड में हर तीन साल में स्वतः 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिससे कानून में बार-बार संशोधन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    इन केंद्रीय कानूनों के आपराधिक प्रावधान होंगे खत्म

    नई दिल्ली नगरपालिका परिषद अधिनियम, 1994
    मोटर वाहन अधिनियम, 1988
    चाय अधिनियम, 1953
    विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009
    मोटर वाहन अधिनियम, 1988
    औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940

  • Jai Hind: जाँच तुरंत व निष्पक्ष हो और दोषी बड़ा आदमी हो या छोटा आदमी हो बख्शा नहीं जाना चाहिए

    Jai Hind: जाँच तुरंत व निष्पक्ष हो और दोषी बड़ा आदमी हो या छोटा आदमी हो बख्शा नहीं जाना चाहिए

    Naveen Jai Hind: महिला शिक्षिका हत्याकांड मामले में विवाद गहराता जा रहा है महिला शिक्षिका मनीषा हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने दावा किया है कि 13 अगस्त को महिला के शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला था। इस पर Naveen Jaihind ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आकर सवाल उठाए कि अगर यह बात सच है तो अब तक यह बात क्यों छिपाई गई, इस बात को पहले क्यों सार्वजनिक नहीं किया गया।

    जयहिन्द का कहना है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों का कुछ पता नहीं चला, सरकार व प्रशासन मनीषा को न्याय दिलाने में असफल हो रही है तो क्या अब मनीषा को न्याय दिलवाने के लिए ट्रंप के पास जाएं

    अगर पुलिस से यह मामला सुलझ नहीं रहा है तो केस सीबीआई को सौंप देना चाहिए ताकि तुरंत व निष्पक्ष जांच हो और दोषी चाहे बड़ा आदमी हो या छोटा आदमी उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए।

    Jai Hind: जाँच तुरंत व निष्पक्ष हो और दोषी बड़ा आदमी हो या छोटा आदमी हो बख्शा नहीं जाना चाहिए

    जयहिन्द ने नौजवान साथियों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों को भावुक होकर रोड जाम, झगड़ा जैसे काम नहीं करने है, क्योंकि सरकार को मौकों की जरूरत होती है। हम सभी चाहते है कि मनीषा के दोषी पकड़े जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

    वही जयहिंद ने पुलिस की अब तक की गई कार्रवाई और मंशा पर गहरे सवाल खड़े किए वही भिवानी हल्के की मंत्री श्रुति चौधरी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि कल तक मंत्री साहिबा कह रही थी कि हम अपराधियों के नजदीक है अब पुलिस की अपराधियों से दूरी कैसे हो गई हम सैनी सरकार से मांग करते है कि जल्द से जल्द इधर उधर की बाते ना करके मनीषा के हत्याकांड के सभी सवालों का जवाब मीडिया के सामने आकर दे ओर जल्द से जल्द शिक्षिका मनीषा के हत्या की संदिग्ध गुत्थी को सुलझाया जाए ताकि जनता में जो विद्रोह की चिंगारी सुलझी हुई है वो ज्यादा ना भड़के क्योंकि शिक्षिका मनीषा की अनसुलझी हत्या से जनता में भारी रोष है

  • Gurugram के किन्नरों का थाने में हंगामा! डायल-112, राइडर की गाड़ी तोड़ी, पुलिसकर्मियों पर संबंध बनाने के आरोप

    Gurugram के किन्नरों का थाने में हंगामा! डायल-112, राइडर की गाड़ी तोड़ी, पुलिसकर्मियों पर संबंध बनाने के आरोप

    Gurugram । यहां सोमवार को किन्नरों ने थाने में हंगामा किया। गुस्साए किन्नरों ने पुलिस की डायल 112, राइडर की गाड़ी भी तोड़ दी। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हो गई। DLF फेज-2 थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 9 किन्नरों को गिरफ्तार किया गया है।

    किन्नर शगुन ने आरोप लगाया कि रात को हम लोग MG रोड पर मौजूद थे। वहां पर कुछ पुलिसकर्मियों ने संबंध बनाने का दबाव बनाया। जब हम लोगों ने मना कर दिया तो हमारे कपड़े फाड़े गए। साथ ही थाने में ले जाकर मारपीट भी की। पुलिस प्रवक्ता ने संबंध बनाने की बात को नकारते हुए कहा कि टीम ने किन्नरों को रोड से हटाया तो इन्होंने उन पर हमला कर दिया।

    जिस DLF फेज-2 थाने में किन्नरों ने हंगामा किया, यह शहर का सबसे पॉश इलाका है। यहां पर कई बड़े फिल्म स्टार, कारोबारियों और नेताओं की कोठियां हैं। रात के हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें पुलिसकर्मी वीडियो बनाता हुआ दिख रहा है। उसका वीडियो किन्नर रिकॉर्ड कर रहे हैं।

    Gurugram के किन्नरों का थाने में हंगामा! डायल-112, राइडर की गाड़ी तोड़ी, पुलिसकर्मियों पर संबंध बनाने के आरोप

    शगुन ने बताया कि सोनाली, शिवी और रिया MG रोड पर मेट्रो स्टेशन पर खड़े थे। रात को साढ़े 3 बजे पुलिस राइडर वहां आए और भगाने लगे। उन्होंने गलत काम करने को भी कहा। किन्नरों ने पुलिसकर्मियों का विरोध किया। कुछ देर बाद मैं और हमारे अन्य साथ मौके पर आ गए। उसने बताया कि पुलिस कर्मचारियों ने हमारे साथ मारपीट की और थाने में ले आए। रात को थाने में कोई भी महिला कर्मचारियों मौजूद नहीं थी। 12 लोगों ने 3 किन्नरों के साथ बेरहमी से मारपीट की। ये कहां का इंसाफ है। वहां पर CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं, आप लोग चेक कर सकते हैं।

    शगुन ने कहा कि पुलिस ने 8 लोगों को पकड़कर बाकी सभी को थाने से बाहर निकाल दिया। अंदर उन लोगों को पानी तक नहीं दिया गया। अगर हम जैसे लोगों के साथ ऐसा होगा तो आम जनता के साथ ये लोग पता नहीं क्या करेंगे। हम उन लोगों को लिए बिना यहां से नहीं जाएंगे। ये लोग हमें अब केस दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं।

    एक किन्नर ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारियों ने पहले हमारे साथ संबंध बनाए हैं। एक बार नहीं कई बार ये लोग हमारे साथ संबंध बना चुके हैं। मैं आप लोगों को ये भी बता सकती हूं कि ये लोग हमें कहां लेकर जाते हैं।

    विवाद पर पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि किन्नरों की तरफ से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। यह लोग MG रोड पर खड़े होते हैं, इन्हें वहां से हटाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की टीम पर इन्होंने हमला कर दिया। संबंध बनाने या इस तरीके की कोई डिमांड पुलिसकर्मी ने नहीं की, ये सब फेक बातें हैं। इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है। पुलिस ने केस दर्ज करके 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।

  • हरियाणा में गोसाईं समाज के लिए बड़ा फैसला! गोसाईं समाज को मिलेगा OBC में स्थान, आयोग को भेजी गई चिट्ठी

    हरियाणा में गोसाईं समाज के लिए बड़ा फैसला! गोसाईं समाज को मिलेगा OBC में स्थान, आयोग को भेजी गई चिट्ठी

    हरियाणा सरकार गोसाईं समाज को केंद्रीय ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) सूची में शामिल करवाने के लिए केंद्र सरकार के ओबीसी आयोग को पत्र लिखेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गोस्वामी तुलसीदास जयंती के अवसर पर कुरुक्षेत्र स्थित संत कबीर कुटीर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में निर्माणाधीन गोस्वामी समाज सभा की धर्मशाला के लिए ₹31 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।

    तुलसीदास जी के नाम पर चौराहा और पुस्तकालय

    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एक प्रमुख चौराहे और हिसार जिले में एक बड़े पुस्तकालय का नाम गोस्वामी तुलसीदास के नाम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तुलसीदास की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उनके समय में थीं। उनका साहित्य न केवल भारत बल्कि समस्त मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है और हमें उनके सिद्धांतों को अपनाकर एक आदर्श समाज की स्थापना करनी चाहिए।

    हरियाणा में गोसाईं समाज के लिए बड़ा फैसला! गोसाईं समाज को मिलेगा OBC में स्थान, आयोग को भेजी गई चिट्ठी

    पिछड़ा वर्ग के लिए सरकार की योजनाएं

    मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा, सैनिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों में ओबीसी को आरक्षण का लाभ दिया गया है। राज्य में भी पिछड़े वर्ग के लिए आयोग का गठन किया गया है और क्रीमी लेयर की आय सीमा को ₹6 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख किया गया है।

    शैक्षणिक ऋण और छात्रवृत्ति योजना

    सरकार द्वारा घोषित योजनाओं में यह भी शामिल है कि पिछड़ा वर्ग के छात्रों को भारत में पढ़ाई के लिए ₹15 लाख और विदेश में पढ़ाई के लिए ₹20 लाख तक का शैक्षणिक ऋण 4% ब्याज दर पर दिया जाता है। डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र योजना के अंतर्गत इन वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹8,000 प्रतिवर्ष तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। पंचायती राज और नगरीय निकायों में भी पिछड़े वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और आरक्षण दिया गया है।

    कांग्रेस पर सीएम का तीखा हमला

    कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह अंग्रेजों ने भारत को गुलाम बनाकर शोषण किया, उससे अधिक अन्याय कांग्रेस ने पिछले 55 वर्षों में किया है। उन्होंने कहा कि देश को जितनी प्रगति करनी चाहिए थी, उतनी कांग्रेस शासनकाल में नहीं हो सकी। अब समय आ गया है कि समाज और देश को तुलसीदास जैसे महापुरुषों की विचारधारा के अनुसार आगे बढ़ाया जाए।

  • बेघर संध्या की कहानी! इंसाफ की तलाश में दर-दर भटकती मां, ससुराल वालों ने छीन ली छत

    बेघर संध्या की कहानी! इंसाफ की तलाश में दर-दर भटकती मां, ससुराल वालों ने छीन ली छत

    संध्या की कहानी सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाए। गोद में चार साल का मासूम बच्चा लिए संध्या देर रात तक अपने ही घर के बाहर रोती रही। कभी जिस घर को उसने अपने सपनों का ठिकाना बनाया था वही अब पराया हो गया है। अब उसके पास न सिर छिपाने की जगह है और न ही कोई सहारा।

    सुबह गई काम पर और दोपहर में उजड़ गया घर

    उत्तर प्रदेश के बलरामपुर की मूल निवासी संध्या की शादी पांच साल पहले दीपक नाम के युवक से हुई थी जो एकता कॉलोनी में रहता है। संध्या ने बताया कि वह सुबह काम पर गई थी लेकिन जब दोपहर को लौटी तो घर पूरी तरह खाली मिला। न तो कोई सामान था न ही उसके सास-ससुर। उसे समझ ही नहीं आया कि आखिर इतने कम समय में सब कुछ कैसे बदल गया।

    बेघर संध्या की कहानी! इंसाफ की तलाश में दर-दर भटकती मां, ससुराल वालों ने छीन ली छत

     सास-ससुर ने समेटा सामान और गायब हो गए

    संध्या को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पता चला कि सास-ससुर उसका सारा सामान लेकर गायब हो गए हैं। बर्तन से लेकर बिस्तर तक सब उठा ले गए। उसका पति 15 दिन पहले ही किसी पारिवारिक विवाद के चलते घर छोड़ कर चला गया था। अब उसके पास कुछ भी नहीं बचा। मकान तक पर कुछ अज्ञात लोगों ने कब्जा कर लिया है।

    पुलिस ने नहीं दी मदद उल्टा धमकी दे दी

    जब संध्या मदद के लिए पुलिस के पास गई तो वहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी। महिला पुलिसकर्मी ने संध्या की बात सुनने की बजाय मकान पर कब्जा करने वालों का पक्ष लिया। संध्या ने हारकर एसपी से भी मुलाकात की लेकिन वहां से भी उसे सिर्फ यह कहकर टाल दिया गया कि “अपनी अर्जी दे दो”। बाद में थाने से फोन आया कि मकान पांच बजे तक खाली कर दो।

    बेच दिए परिजनों ने घर, नई खरीददार ने निकाला बाहर

    थाना प्रभारी राकेश सैनी ने बताया कि संध्या के परिजनों ने मकान बेच दिया है और अब वह घर नए खरीददार के नाम हो गया है। चूंकि संध्या को कोई और ठिकाना नहीं मिला इसीलिए पुलिस ने नई खरीददार से बात करके उसे उसी मकान में एक कमरा दिलवा दिया है। हालांकि संध्या अभी भी खुद को ठगा हुआ और असहाय महसूस कर रही है।

  • Shibu Soren Passed Away: लंबी बिमारी के बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन! बेटे हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

    Shibu Soren Passed Away: लंबी बिमारी के बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन! बेटे हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

    Shibu Soren Passed Away: झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि उन्हें किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या थी और पिछले एक महीने से वे जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। सोमवार सुबह 8:48 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

     हेमंत सोरेन की टूट गई दुनिया

    झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने इस दुखद समाचार की पुष्टि सोशल मीडिया पर की। उन्होंने गहरे दुख में लिखा कि “गुरुजी हम सबको छोड़कर चले गए। आज मैं शून्य हो गया हूं।” यह वाक्य न सिर्फ एक बेटे का दर्द दर्शाता है बल्कि एक राज्य के उस नेता को खोने की पीड़ा भी जिसे जनता ‘दिशोम गुरु’ कहकर सम्मान देती थी।

    Shibu Soren Passed Away: लंबी बिमारी के बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन! बेटे हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

    संघर्ष से भरा रहा जीवन

    शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को बिहार के हजारीबाग जिले में हुआ था। उन्हें बचपन से ही आदिवासी समाज के शोषण के खिलाफ गुस्सा था। उनके पिता की जमींदारों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने उनके भीतर विद्रोह की आग जला दी। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की और आदिवासी अधिकारों के लिए जीवन भर लड़ते रहे।

    झारखंड राज्य निर्माण में बड़ी भूमिका

    शिबू सोरेन ने झारखंड को बिहार से अलग एक स्वतंत्र राज्य बनाने के लिए निर्णायक भूमिका निभाई थी। उनका राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा लेकिन उनका लक्ष्य हमेशा एक रहा – आदिवासी समाज की पहचान और उनके अधिकारों की रक्षा। उन्होंने 1980 से लेकर कई बार संसद में झारखंड की आवाज बुलंद की और तीन बार मुख्यमंत्री भी बने। हालांकि वे कभी भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।

    दिशोम गुरु की विरासत

    शिबू सोरेन को ‘गुरुजी’ और ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने जिस तरह से आदिवासी समाज के लिए लड़ाई लड़ी, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। आज जब वे हमारे बीच नहीं हैं, उनकी विचारधारा और संघर्ष की कहानियाँ झारखंड की मिट्टी में हमेशा जीवित रहेंगी। हेमंत सोरेन अब इस विरासत को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी के साथ खड़े हैं।

  • Kumari Selja ने उठाई आवाज – OBC, SC-ST के खिलाफ भाजपा की खतरनाक रणनीति उजागर

    Kumari Selja ने उठाई आवाज – OBC, SC-ST के खिलाफ भाजपा की खतरनाक रणनीति उजागर

    नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद Kumari Selja ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां एक बार फिर यह स्पष्ट करती हैं कि वह बहुजन समाज ओबीसी एससी एसटी वर्गों के प्रति एक सुनियोजित और भेदभावपूर्ण रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में सामने आए आंकड़े इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इन वर्गों के लिए आरक्षित प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पद बड़ी संख्या में अब तक रिक्त हैं बावजूद इसके सरकार इन पदों को भरने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है जबकि भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है, सच्चार्ई तो यह है कि भाजपा बहुजन समाज के प्रति गंभीर नहीं है।

    मीडिया को जारी बयान में सांसद Kumari Selja ने कहा है कि प्रोफेसर पदों पर ओबीसी वर्ग के 80 प्रतिशत, एससी वर्ग के 83 प्रतिशत और एसटी वर्ग के 64 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं, जबकि एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भी एसटी वर्ग के 65 प्रतिशत,ओबीसी वर्ग के 69 प्रतिशत और एसटी वर्ग के 51 प्रतिशत पदों को आज तक भरा नहीं गया है। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि एक गहरी साजिश भी प्रतीत होती है, जिसके माध्यम से बहुजन समाज को शिक्षा और निर्णय-निर्माण की प्रमुख संरचनाओं से जानबूझकर वंचित किया जा रहा है।

    Kumari Selja ने उठाई आवाज – OBC, SC-ST के खिलाफ भाजपा की खतरनाक रणनीति उजागर

    नॉट फांडंड सुटेबिल जैसे तर्क देकर सरकार लाखों योग्य अनुसंधानकर्ताओं और शिक्षित युवाओं का अपमान कर रही है। यह कहना कि इन वर्गों में योग्य उम्मीदवार नहीं हैं, न सिर्फ एक झूठा बहाना है, बल्कि भाजपा की बहुजन-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। कुमारी सैलजा ने कहा है कि केंद्र की यह सरकार केवल आरक्षण व्यवस्था को कमजोर नहीं कर रही, बल्कि यह भी कोशिश कर रही है कि समाज में यह सोच स्थापित कर दी जाए कि बहुजन समाज इन पदों के योग्य ही नहीं है। यह मानसिकता न केवल संविधान के मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक न्याय की पूरी अवधारणा के लिए भी एक गंभीर खतरा है।

    सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी इस सोच का पुरजोर विरोध करती है। हम यह स्पष्ट मांग करते हैं कि सभी रिक्त आरक्षित पदों को बिना किसी और देरी के तुरंत भरा जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में हम सड़क से संसद तक जन आंदोलन चलाएंगे।

    साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह भी पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने हर वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का जो वादा किया था, उसका क्या हुआ? यदि वादा निभाया गया होता, तो अब तक 22 करोड़ युवाओं को रोजगार मिल चुका होता। किंतु हकीकत यह है कि न केवल वह वादा खोखला साबित हुआ है, बल्कि बैकलॉग की नियुक्तियों को भी जानबूझकर टाल कर सरकार ने बहुजन समाज के युवाओं के भविष्य से विश्वासघात किया है। कांग्रेस सरकार से यह मांग करती है कि वह सबसे पहले बैकलॉग को पूरा करे और देश के करोड़ों युवाओं से किया गया रोजगार का वादा निभाए। अन्यथा जनता इसका जवाब 2024 की तरह ही आने वाले चुनावों में देगी।