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  • Nepal की जेलों से फरार 13,000 कैदी, भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने 35 पकड़े

    Nepal की जेलों से फरार 13,000 कैदी, भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने 35 पकड़े

    Nepal में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए प्रदर्शन ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। सोमवार को युवा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने निकले और सरकार के सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ आवाज उठाई। पुलिस कार्रवाई में 20 से अधिक लोग मारे गए। प्रदर्शनकारियों के गुस्से ने संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य सरकारी भवनों तक को निशाना बनाया। प्रधानमंत्री केपी ओली को इस्तीफा देना पड़ा।

    सरकारी भवनों में आग और अनियंत्रित हिंसा

    प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री निवास, सरकारी कार्यालय, राजनीतिक दलों के मुख्यालय और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी। ओली का व्यक्तिगत निवास भी जल गया। सोशल मीडिया प्रतिबंध सोमवार रात को हटाया गया, लेकिन जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ। नेपाल सेना ने पूरे देश में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू की ताकि और हिंसा रोकी जा सके।

    Nepal की जेलों से फरार 13,000 कैदी, भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने 35 पकड़े

    जेलों से 13 हजार से अधिक कैदियों की भागीदारी

    प्रदर्शनकारियों की अफरा-तफरी का फायदा उठाकर कैदियों ने भी जेलों पर हमला किया। कई जेलों में सुरक्षा बलों और कैदियों के बीच झड़पें हुईं। बैंक जिले के नौबस्ता चाइल्ड रिफॉर्म होम में सुरक्षा कर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश में 5 नाबालिग कैदी मारे गए। देशभर में 13 हजार से अधिक कैदी जेलों से फरार हो गए।

    भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी

    फरार कैदियों में से कई भारत की ओर भाग गए। इस कारण से सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सीमा पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है। अब तक यूपी में 22, बिहार में 10 और पश्चिम बंगाल में 3 फरार कैदियों को पकड़ने की जानकारी मिली है। SSB अधिकारी ने बताया कि यह संख्या बढ़ती जा रही है और वे सतर्क हैं।

    अस्थायी सरकार की तैयारी

    ओली के इस्तीफा देने के बाद नेपाल में अस्थायी सरकार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। खबरों के अनुसार पूर्व सर्वोच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अस्थायी सरकार का नेतृत्व करने के लिए कहा गया है। देश में शांति बहाल करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल लगातार कार्यरत हैं।

  • नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    सोमवार को नेपाल में Gen-G प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस हिंसक प्रदर्शन में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए। इस घटना के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को अपने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की। मंत्रालय ने नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिकों से सावधानी बरतने और हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षित रहने का आग्रह किया।

    भारत का आधिकारिक बयान और संवेदना

    विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि “हम कल से नेपाल में घटनाओं पर नजदीकी नजर रख रहे हैं और कई युवाओं की मौत से गहरा दुखी हैं। हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी देश होने के नाते आशा करता है कि सभी संबंधित पक्ष संयम बरतें और शांति एवं संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करें।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि काठमांडू और अन्य शहरों में कर्फ्यू लागू किया गया है और भारतीय नागरिकों को नेपाल सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    काठमांडू में असीमित कर्फ्यू लागू

    नेपाल की राजधानी काठमांडू में मंगलवार को असीमित कर्फ्यू लगाया गया। यह आदेश पिछले कर्फ्यू हटाए जाने के कुछ ही घंटे बाद लागू किया गया। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने राजधानी में सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू का आदेश जारी किया। यह कदम सुरक्षा बलों और युवाओं के बीच सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर हुई झड़पों के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया। कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही, किसी भी प्रकार की सभा, धरना या प्रदर्शन पर रोक रहेगी। आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य कर्मी और मीडिया कर्मियों को सुरक्षा बलों के समन्वय में कार्य करने की अनुमति होगी।

    नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाया

    नेपाल सरकार ने अपने पहले निर्णय को वापस लेते हुए देश में सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध हटा दिया। यह निर्णय Gen-G के हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया जिसमें कम से कम 19 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए। नेपाल के संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रिथ्वी सुब्बा गुरुङ ने कहा कि आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया।

    सोशल मीडिया की बहाली और भविष्य की तैयारी

    मंत्री गुरुङ ने कहा कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को सोशल मीडिया साइटों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। Gen-G ने संसद के सामने काठमांडू के केंद्र में विशाल प्रदर्शन किया था और उनके अनुरोध के अनुसार यह कदम उठाया गया। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया साइटों जैसे Facebook और X पर प्रतिबंध लगाया था क्योंकि वे नेपाल सरकार के साथ पंजीकरण नहीं करवा पाए थे। इस घटना से स्पष्ट है कि सोशल मीडिया और युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच संवेदनशील संतुलन बनाए रखना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है।