बीजेपी ने रविवार को आयोजित कार्यशाला में अपने सांसदों की सोशल मीडिया गतिविधियों का विवरण पेश किया। इस बैठक में सांसदों को पिछले छह वर्षों की सोशल मीडिया पर उनके प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड दिया गया। रिपोर्ट कार्ड में सांसदों को उनकी फेसबुक, ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर गतिविधियों के आधार पर रैंकिंग दी गई। इस रिपोर्ट का उद्देश्य सांसदों की डिजिटल उपस्थिति को मापना और सुधार की दिशा में सुझाव देना था।
तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया प्रदर्शन
रिपोर्ट में सांसदों के प्रदर्शन को तीन श्रेणियों में बांटा गया – इनएक्टिव (Inactive), बरेल्ली एक्टिव (Barely Active) और एक्टिव (Active)। इन श्रेणियों को प्रत्येक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग बनाया गया। जनवरी से अगस्त 2025 तक की गतिविधियों के आधार पर सांसदों की रैंकिंग तैयार की गई। सांसदों की पोस्टिंग की संख्या के अनुसार उन्हें विभिन्न रंगों से चिह्नित किया गया – इनएक्टिव के लिए लाल, बरेल्ली एक्टिव के लिए पीला और एक्टिव के लिए हरा।

रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का तरीका
रिपोर्ट में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अगर किसी सांसद ने महीने में एक भी पोस्ट नहीं की, तो उन्हें इनएक्टिव श्रेणी में रखा गया। वहीं, यदि किसी सांसद ने महीने में 1 से 60 पोस्ट की, तो उन्हें बरेल्ली एक्टिव श्रेणी में रखा गया। और जो सांसद महीने में 60 से अधिक पोस्ट करते थे, उन्हें एक्टिव श्रेणी में रखा गया। इस तरह यह रिपोर्ट कार्ड सांसदों की नियमितता और सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
पीएम मोदी ने बढ़ाने की दी सलाह
कार्यशाला में पीएम मोदी ने सांसदों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने से मतदाताओं और खासकर युवाओं से संवाद करना आसान होता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि केवल विकास कार्यों से चुनाव नहीं जीते जा सकते, इसके लिए लोगों से संवाद और जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया की भूमिका पर चर्चा
कार्यशाला में बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सुर्या ने भी सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया केवल प्रचार का साधन नहीं है, बल्कि यह मतदाताओं के साथ जुड़ने और उनकी राय जानने का एक प्रभावी माध्यम है। सांसदों को नियमित रूप से सक्रिय रहने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संवाद बनाए रखने की सलाह दी गई। इस पहल से बीजेपी सांसदों की डिजिटल उपस्थिति मजबूत होगी और वे मतदाताओं के करीब रह सकेंगे।


















