Tag: social sensitivity

  • फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    फतेहाबाद में मुख्यमंत्री नायब सैनी के आगमन से पहले तीन BJP अधिकारियों और दो समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। यह FIR CJM सुषा जावा की अदालत के आदेश पर दर्ज की गई। हालांकि साइबर थाना पुलिस को FIR दर्ज करने में एक सप्ताह का समय लगा।

    विनय शर्मा की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

    पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ता विनय शर्मा ने SP को शिकायत दी थी। विनय शर्मा ने आरोप लगाया कि देशद्रोह के आरोपी ताज मोहम्मद के केस को लेने के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्हें ‘सेटिंग बाज’ कहा गया और फेसबुक पर कई आपत्तिजनक पोस्ट लिखे गए।

    फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    BJP अधिकारियों और समर्थकों के खिलाफ धाराएं

    साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में जिला कार्यकारिणी सदस्य धानंजय अग्रवाल, किसान मोर्चा के जिला सचिव लायक राम गढ़वाल, CA सेल के जिला प्रमुख CA ललित जगा और समर्थक सज्जन गोदारा और दीपक सोनी के खिलाफ धारा 196(1), 197(1), 391(2), 356(2) और 46 BNS के तहत FIR दर्ज की।

    ताज मोहम्मद का फेसबुक पोस्ट विवाद

    इस मामले की पृष्ठभूमि में 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बाद फतेहाबाद के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद ने अपने फेसबुक अकाउंट पर तीन वीडियो पोस्ट किए थे। इन वीडियो में पीएम मोदी को बड़ी गलती करते दिखाया गया और पाकिस्तान की जीत दर्शाई गई। इसके बाद BJP नेताओं ने ताज मोहम्मद के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराया।

    विधिक लड़ाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

    ताज मोहम्मद का केस अधिवक्ता विनय शर्मा लड़ रहे हैं। वहीं BJP जिला उपाध्यक्ष जगदीश राय शर्मा, मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा और मंडल उपाध्यक्ष परम् जीत बेनीवाल ने शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से काफी संवेदनशील बन गया है।

  • Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    Haryana News: चंडीगढ़ में आयोजित हुए एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनुज नरवाल रोहतकी ने अपनी नई पुस्तक ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ भेंट की। यह पुस्तक काव्य भावनाओं से भरी हुई है और सामाजिक संवेदनाओं को गहराई से छूती है। मुख्यमंत्री ने इसे सराहते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक प्रयास समाज में सकारात्मक सोच को जन्म देते हैं।

    डिजिटल पत्रकारों से हुई खास मुलाकात

    इस संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए फेसबुक और यूट्यूब आधारित सोशल मीडिया न्यूज़ चैनलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर डिजिटल पत्रकारिता, फेक न्यूज़, स्वतंत्र रिपोर्टिंग और युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी के सुझावों को गंभीरता से सुना और भविष्य में सहयोग का आश्वासन दिया।

    Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    लेखक डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी पुस्तक

    डॉ. अनुज नरवाल रोहतकी की यह तीसरी प्रकाशित पुस्तक है। इससे पहले उनका ग़ज़ल संग्रह ‘वो जैसा भी है मेरा है’ और ‘इंक टू पिक्सल’ नामक डिजिटल पत्रकारिता पर आधारित पुस्तक भी काफी चर्चा में रही हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक चेतना, आत्ममंथन और मानवीय भावनाओं की गहराई साफ़ झलकती है। उनकी इस नई पुस्तक ने एक बार फिर पाठकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा है।

    युवाओं की भागीदारी को सराहना

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने डिजिटल पत्रकारिता में युवाओं की बढ़ती भागीदारी की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अब तेजी से मीडिया और संवाद के नए रूपों को अपना रही है। यह एक सकारात्मक संकेत है जो समाज में जागरूकता और पारदर्शिता लाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस दिशा में आवश्यक सहयोग देने को तत्पर है।

    साहित्य और संवाद की अनोखी पहल

    यह कार्यक्रम न केवल संवाद का माध्यम बना बल्कि साहित्य और पत्रकारिता के बीच सेतु जैसा साबित हुआ। जहां एक ओर मीडिया प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी वहीं दूसरी ओर एक साहित्यिक रचना मुख्यमंत्री को भेंट कर सामाजिक सोच को नई दिशा देने की कोशिश की गई। यह पहल साबित करती है कि साहित्य, पत्रकारिता और शासन अगर साथ आएं तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है।