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  • Haryana News: दीपेंद्र हुड्डा का ट्रंप पर तीखा हमला! संसद में गूंजा ‘मुंह बंद कराओ’, हुड्डा का बयान बना चर्चा का विषय

    Haryana News: दीपेंद्र हुड्डा का ट्रंप पर तीखा हमला! संसद में गूंजा ‘मुंह बंद कराओ’, हुड्डा का बयान बना चर्चा का विषय

    Haryana News: रोहतक के सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा के दौरान सेना की बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार कुछ नहीं कर रही थी तब हमारी सेना ने वीरता दिखाई और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। हुड्डा ने कहा कि जब देश पाकिस्तान से जवाब की उम्मीद कर रहा था तब केंद्र ने युद्धविराम कर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

    विदेश नीति पर ट्रंप और केंद्र सरकार को घेरा

    हुड्डा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। हुड्डा ने कहा कि बीजेपी की विदेश नीति अब कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब अमेरिका से हम बराबरी के साथ हाथ मिलाते थे लेकिन अब केंद्र सरकार की नीति ही साफ नहीं है कि अमेरिका से कैसे निपटना है।

    Haryana News: दीपेंद्र हुड्डा का ट्रंप पर तीखा हमला! संसद में गूंजा 'मुंह बंद कराओ', हुड्डा का बयान बना चर्चा का विषय

    या तो ट्रंप की जुबान बंद कराओ या मैकडॉनल्ड्स बंद करो

    हुड्डा ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर अमेरिका के ट्रंप बार-बार भारत को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं तो भारत सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि या तो ट्रंप की जुबान बंद कराओ या भारत में मैकडॉनल्ड्स की दुकानें बंद कर दो। उन्होंने कहा कि भारत एक महाशक्ति है और अमेरिका को ये समझना होगा कि भारतीय बाजार की ताकत को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

    बीजेपी ने उड़ाया मजाक पर हुड्डा कायम रहे अपने बयान पर

    हुड्डा के इस बयान को लेकर बीजेपी ने उन्हें ट्रोल किया। सोशल मीडिया पर संसद का वह वीडियो वायरल हुआ जिसमें कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी भी हुड्डा के मैकडॉनल्ड्स वाले बयान पर मुस्कुराती नजर आईं। बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा कि बयान इतना मज़ाकिया था कि खुद पार्टी के नेता हंसने लगे। मगर हुड्डा ने बयान पर अडिग रहते हुए कहा कि यह मजाक नहीं बल्कि भारत की संप्रभुता और स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा है।

    व्यापार और आत्मसम्मान एकतरफा नहीं हो सकता

    दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भारत को अब अमेरिका के सामने झुकने की ज़रूरत नहीं है। हमें अपने बाज़ार की ताकत को समझना होगा और दुनिया को भी दिखाना होगा कि भारत समझौता नहीं करता बल्कि बराबरी की बात करता है। उन्होंने कहा कि प्यार और व्यापार कभी भी एकतरफा नहीं चल सकते। अमेरिका को भारत की ताकत का अहसास कराना होगा।

  • Thailand–Cambodia border dispute: एक मंदिर के लिए दो देशों में जंग! प्रीह विहिअर मंदिर बना तनाव का केंद्र

    Thailand–Cambodia border dispute: एक मंदिर के लिए दो देशों में जंग! प्रीह विहिअर मंदिर बना तनाव का केंद्र

    Thailand–Cambodia border dispute। अक्सर मंदिर और मस्जिद या मंदिर और चर्च की लड़ाई सुनने में आती है जहां एक धर्म के लोग दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर अपना धार्मिक स्थल होने का दावा करते हैं। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 71 साल पुराना सीमा विवाद एक बार फिर सतह पर आ गया है और इसका केंद्र बिंदु बना हुआ है प्रीह विहिअर मंदिर। एक प्राचीन हिंदू तीर्थ जो कभी खमेर साम्राज्य के वैदिक वैभव का प्रतीक था।

    थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पूरा विवाद एक सदी से भी ज्यादा पुराना है। इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार कंबोडिया के उत्तरी पठार पर खड़ी चट्टानों पर स्थित प्रीह विहिअर मंदिर को 9वीं से 12वीं सदी के बीच खमेर शासकों ने भगवान शिव को समर्पित कर बनवाया था। मंदिर वैदिक और शैव परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। 1954 में जब फ्रांस ने कंबोडिया को स्वतंत्र किया तब यह मंदिर विवाद में आ गया, क्योंकि यह थाईलैंड सीमा से सटा हुआ है और दोनों देश इस पर दावा करने लगे। 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा घोषित किया, लेकिन उसके चारों ओर की भूमि पर थाईलैंड ने अब तक अधिकार जताया हुआ है।

    Thailand–Cambodia border dispute: एक मंदिर के लिए दो देशों में जंग! प्रीह विहिअर मंदिर बना तनाव का केंद्र

    यह पूरा संघर्ष 2008 में फिर भड़क उठा, जब कंबोडिया ने प्रिया विहार ऐतिहासिक मंदिर को यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में शामिल कराने की कोशिश की। थाईलैंड ने इसका भरसक विरोध किया और दोनों देशों के बीच जुबानी जंग अचानक ही संघर्ष में बदल गई। इसमें 20 लोगों की मौत हुई, जबकि सीमा के आसपास रहने वाले हजारों लोग बेघर हो गए।

    कुछ समय बाद जब यह तनाव बना रहा तो कंबोडिया फिर आईसीजे की शरण में पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने फिर से कंबोडिया के पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि, इस बार भी कोर्ट ने विवादित क्षेत्रों को लेकर कोई निर्णय नहीं दिया। दूसरी तरफ थाईलैंड ने आईसीजे के क्षेत्राधिकार को मानने से ही इनकार कर दिया। हालांकि, 2013 के बाद से दोनों ही देशों के बीच तनाव कुछ हद तक कम हो गया।

    थाईलैंड और कंबोडिया में सीमा पर झड़प जारी है। साथ ही युद्धविराम के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच दोनों देश एक-दूसरे पर हमले शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं। अब तक इस लड़ाई में कम से कम 33 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1,68,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।

    कंबोडिया के सूचना मंत्री नेथ फेकट्रा ने कहा कि झड़पों के कारण तीन सीमावर्ती प्रांतों में 10,865 परिवारों यानी करीब 37,635 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। वहीं, थाई अधिकारियों ने कहा कि 131,000 से ज्यादा लोग सीमावर्ती गांव से भाग चुके हैं।
    कंबोडियाई सेना प्रीह विहिअर मंदिर के पास निगरानी चौकियों को उन्नत कर रही है तो थाई सैनिक क्षेत्र में गश्त तेज कर रहे हैं। थाईलैंड का आरोप है कि कंबोडिया सैन्य निर्माण कर रहा है, वहीं कंबोडिया ने कहा कि वह अपने संप्रभु क्षेत्र की सुरक्षा कर रहा है।

  • ऑपरेशन सिंदूर पर Donald Trump का दावा या सियासी चाल? कांग्रेस बोली- संसद में चाहिए सीधा जवाब

    ऑपरेशन सिंदूर पर Donald Trump का दावा या सियासी चाल? कांग्रेस बोली- संसद में चाहिए सीधा जवाब

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान पांच फाइटर जेट गिराए गए थे और उन्होंने ही सीजफायर रुकवाया था। ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से बात की थी और तनाव को खत्म कराया। यह बयान सामने आते ही कांग्रेस ने इस पर सरकार से जवाब मांग लिया है।

    कांग्रेस के तीन तीखे सवाल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने पूछा कि क्या ट्रम्प का यह दावा सच है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका। दूसरा सवाल यह उठाया गया कि क्या ट्रम्प ने भारत को व्यापार संबंधी धमकी देकर संघर्ष खत्म करवाया। तीसरा और सबसे चौंकाने वाला सवाल था कि आखिर पांच फाइटर जेट किसके गिरे थे।

    ऑपरेशन सिंदूर पर Donald Trump का दावा या सियासी चाल? कांग्रेस बोली- संसद में चाहिए सीधा जवाब

    संसद में चाहिए पीएम का जवाब

    कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अब इस मुद्दे पर केवल रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री की सफाई नहीं चलेगी। पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद संसद में आकर स्पष्ट करना होगा कि ट्रम्प के दावे में कितनी सच्चाई है। जयराम रमेश ने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा यह गंभीर मुद्दा है और जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है।

    विदेश मंत्रालय का जवाब अभी बाकी

    सरकार की तरफ से अब तक ट्रम्प के इन दावों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। विदेश मंत्रालय या रक्षा मंत्रालय ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। लोगों में भी इस बयान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

    क्या था ऑपरेशन सिंदूर का सच

    ट्रम्प के बयान का सीधा संबंध ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ा जा रहा है। यह वही दौर था जब बालाकोट एयरस्ट्राइक और विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई जैसे मामले सामने आए थे। उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। अब ट्रम्प के इस बयान ने उस दौर को फिर से चर्चा में ला दिया है।