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  • विदेश भागने में नाकाम बाबा चैतन्यानंद अब अदालत से अग्रिम जमानत मांग रहे हैं, छात्राओं संग कथित छेड़छाड़ का आरोप

    विदेश भागने में नाकाम बाबा चैतन्यानंद अब अदालत से अग्रिम जमानत मांग रहे हैं, छात्राओं संग कथित छेड़छाड़ का आरोप

    वसंत कुंज इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित आश्रम के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। अब इस मामले में नया मोड़ आया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी चैतन्यानंद ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अग्रिम जमानत की मांग की है। पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर इस याचिका पर सुनवाई कर रही हैं। अदालत में पेश हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक पांच FIR दर्ज की जा चुकी हैं और आरोप इतने गंभीर हैं कि आरोपी की गिरफ्तारी जरूरी है। बहरहाल, अब कोर्ट की सुनवाई में तय होगा कि स्वामी चैतन्यानंद को अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं।

    अगस्त से फरार चल रहे 60 साल के स्वामी चैतन्यानंद अपना ठिकाना लगातार बदलता रहा है। अब पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। इस बीच कहां जा रहा है कि बाबा चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी ने विदेश भागने की भी कोशिश की थी लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सका। यह बात भी सामने आ रही है की बाबा ने अपना हुलिया बदल लिया है।

    विदेश भागने में नाकाम बाबा चैतन्यानंद अब अदालत से अग्रिम जमानत मांग रहे हैं, छात्राओं संग कथित छेड़छाड़ का आरोप

    महिला ने बताई आपबीती

    दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में पढ़ने वाली कई छात्राओं ने आश्रम प्रमुख चैतन्यानंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें से एक महिला, जिसने 2016 में ही उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था, अब सामने आई है। महिला ने बताया कि जब उसने श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान में दाखिला लिया, तभी से बाबा की नजरें उस पर थीं। वह उसे ‘बेबी’ और ‘स्वीट गर्ल’ कहकर बुलाने लगा और अश्लील मैसेज भेजने लगा। महिला का कहना है कि हर शाम कक्षाओं के बाद बाबा अपने ऑफिस में बुलाकर परेशान करता था और बार-बार दबाव डालता था। हालात इतने बिगड़ गए कि उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

    बाबा की गिद्ध जैसी नजरें

    महिला का कहना है कि चैतन्यानंद की नजरें गिद्ध जैसी हैं। वह शुरू से ही छात्राओं पर गंदी नजर रखता है। इसीलिए उसने छात्राओं के वॉशरूम तक हिडन कैमरे लगवाए और उनका एक्सेस अपने मोबाइल पर लिया। ताकि वह छात्राओं को नहाते समय भी देख सके। महिला का कहना है कि चैतन्यानंद ने उसे दुबई में पढ़ाई कराने का लालच दिया था। संस्थान के कर्मचारियों के जरिए भी उस पर बात मानने का दबाव डलवाया था। यहां तक कि उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया, लेकिन बाबा लैंडलाइन से लगातार संपर्क करता रहा। उसने महंगे होटल में डिनर और मथुरा ले जाने जैसी बातें कहीं। इसी बीच एक दिन उसने गलत तरीके से छुआ और दबोच लिया। इस घटना से डरी सहमी महिला ने उस रात ही हॉस्टल में अपना सामान छोड़कर संस्‍थान से भाग गई। महिला ने कहा कि उसकी जिंदगी का वह सबसे डरावना दौर था।

    17 छात्राओं ने लगाए उत्पीड़न के आरोप

    जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। कम से कम 17 छात्राओं ने स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि स्वामी चैतन्यानंद उर्फ डॉ. पार्थसारथी श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के निदेशक रह चुके हैं। पीड़िताओं ने बयान दिया है कि स्वामी उन्हें अश्लील संदेश भेजते थे और उनके शरीर को भी गलत तरीके से छूते थे। एक छात्रा ने पुलिस को बताया कि चैतन्यानंद ने उसे ‘बेबी, आई लव यू’ जैसे मैसेज किए। इसका विरोध करने पर पढ़ाई और करियर बर्बाद करने की धमकी दी।

    छात्राओं से पूछता था बेहद अश्लील सवाल

    जांच में सामने आया कि कई मैसेज और चैट्स डिलीट कर दिए गए थे, लेकिन डिजिटल फॉरेंसिक जांच में सबूत दोबारा मिल गए। छात्राओं ने पुलिस को ये तक बताया कि चैतन्यानंद उनसे व्हाट्सएप पर पूछते थे कि क्या तुम अपने बॉयफ्रेंड के साथ सोई हो? तुमने कभी कंडोम इस्तेमाल किया है? ऐसे संदेशों पर छात्राएं असहज हो जाती थीं और कोई जवाब नहीं देती थीं। इसपर अगले दिन कक्षाओं में संस्‍थान के कर्मचारी आकर उनपर मैसेजेस का जवाब देने का दबाव बनाते थे। साथ ही चैतन्यानंद की व्हाट्सएप चैट डिलीट कराते थे।

    गिरफ्तारी से बचने की कोशिश

    आरोप लगते ही स्वामी चैतन्यानंद फरार हो गए। दिल्ली पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया ताकि हवाई अड्डों से भागने की कोशिश न हो सके। इस बीच उनकी लग्जरी कार से फर्जी ‘यूएन डिप्लोमैटिक’ नंबर प्लेट भी बरामद हुई, जो उनकी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने का तरीका बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की कई टीमें बिहार और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अब तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला है। यह पहला मौका नहीं है जब स्वामी चैतन्यानंद विवादों में आए हों। साल 2016 में भी उन पर इसी तरह के गंभीर आरोप लगे थे, लेकिन उस समय मामला दब गया था।

  • रोहतक के लोग जल्दी देख पाएंगे डांसिंग हिरण, हरियाणा में पहली बार आएगी या प्रजाति

    रोहतक के लोग जल्दी देख पाएंगे डांसिंग हिरण, हरियाणा में पहली बार आएगी या प्रजाति

    रोहतक के लोग जल्दी ही डांसिंग हिरण को अपने यहां देख पाएंगे।तिलियार लघु चिड़ियाघर में जल्द ही दुर्लभ प्रजाति एल्ड हिरण (ब्रो-एंटलर्ड डियर) को लाने की तैयारी है। दुनिया भर में संकटग्रस्त श्रेणी में गिने जाने वाले इस हिरण को पहली बार हरियाणा में लाया जाएगा और इसकी शुरुआत रोहतक से होगी। रोहतक की जलवायु को डांसिंग हिरण के अनुकूल माना गया है। देश में संगाई प्रजाति के हिरन सबसे प्रसिद्ध है, जिसे “डांसिंग डियर” कहा जाता है, क्योंकि यह झील के तैरते हुए द्वीपों पर ऐसे चलता है मानो नाच रहा हो। वन्यजीव संरक्षण का नया हब बनने की ओर भी कदम बढ़ा चुका है।

    केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से इस मामले में मंजूरी दी गई है। इसके अनुसार कानन पेंडारी जूलोजिकल गार्डन बिलासपुर से रोहतक चिड़ियाघर से यह सौगात मिलने जा रही है। एल्ड हिरण का आगमन यहां की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएगा। जब आने वाले समय में बच्चे रोहतक चिड़ियाघर में “डांसिंग डियर” को देखेंगे तो यह केवल मनोरंजन नहीं होगा, बल्कि जिले की जैव विविधता और संरक्षण की गाथा का जीवंत उदाहरण भी होगा। राेहतक डीएफओ राजीव गर्ग के मुताबिक यह अच्छा फैसला है।

    रोहतक के लोग जल्दी देख पाएंगे डांसिंग हिरण, हरियाणा में पहली बार आएगी या प्रजाति

    वन्य विभाग की योजना के अनुसार, शुरुआत में 3 नर और 3 मादा एल्ड हिरण रोहतक लाए जाएंगे। इसके बदले रोहतक से अन्य हिरण प्रजातियों को पंचकूला और हिमाचल के चिड़ियाघरों में भेजा जाएगा। उद्देश्य है कि यहां इनका प्रजनन कराया जाए और आने वाले वर्षों में इनकी संख्या बढ़ाकर प्रदेश के अन्य चिड़ियाघरों में भी भेजा जा सके। रोहतक में एल्ड हिरण का आना ऐतिहासिक क्षण होगा। हम इनका प्रजनन कर इन्हें संरक्षित करेंगे ताकि हरियाणा के लोग भी इस दुर्लभ प्रजाति से परिचित हो सकें।

    एल्ड हिरण का वैज्ञानिक नाम रुसर्वस एल्डी है। यह हिरण अपने अनोखे सींगों की वजह से प्रसिद्ध है। नर हिरण के सींग बाहर की ओर फैले और फिर पीछे की तरफ मुड़े हुए होते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में “सिंग वाले हिरण” भी कहा जाता है। इनकी तीन उप-प्रजातियां होती हैं। इनमें सबसे प्रमुख संगाई है। मणिपुर में पाई जाती है। दूसरी प्रजाति थामिन म्यांमार और थाइलैंड में मिलती है। इसके अलावा शान प्रजाति कंबोडिया, लाओस और वियतनाम में पाई जाती है।

    मणिपुर में 1950 के दशक में संगाई प्रजाति को विलुप्त मान लिया गया था, लेकिन बाद में सीमित संख्या में पाए जाने के बाद बड़े स्तर पर संरक्षण की पहल शुरू की गई। आज यह भारत के वन्यजीव संरक्षण की सबसे बड़ी सफलता कहानियों में से एक माना जाता है। रोहतक के तिलियार चिड़ियाघर को हरियाणा में वन्यजीव संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम का केंद्र बनाया जा रहा है।

    यहां की जलवायु और पर्यावरण एल्ड हिरण के लिए उपयुक्त माने गए हैं। यहां पर रोहतक चिड़ियाघर के पास पर्याप्त जगह और प्राकृतिक माहौल है। नजदीक ही महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय है, जहां पर्यावरण विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी विभाग सक्रिय हैं। शहर शैक्षणिक केंद्र है, इसलिए यहां इस प्रजाति के प्रति जागरूकता फैलाना आसान होगा।

    रोहतक के तिलियार लघु चिड़ियाघर में नया आकर्षण जुड़ने से न केवल जिले, बल्कि दिल्ली और आसपास के राज्यों से भी पर्यटक आएंगे। एल्ड हिरण का अध्ययन करने के लिए देशभर के शोधार्थी और विद्यार्थी रोहतक का रुख करेंगे। स्थानीय बाजार, होटल और परिवहन सेवाओं को सीधा लाभ होगा। अब तक रोहतक की पहचान शिक्षा और खेल से जुड़ी रही है, लेकिन एल्ड हिरण इसे पर्यावरणीय महत्व भी देगा।

  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के Gen Z प्लान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि देश के युवा, छात्र और Gen Z संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। उन्होंने लिखा कि वे इस प्रयास में युवाओं के साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने एक फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि लोकतंत्र कभी मिटाया नहीं जा सकता।

    बीजेपी का तीखा आरोप

    राहुल गांधी के इस पोस्ट ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद देश में अराजकता फैलाना है। कांग्रेस चाहती है कि भारत में वही स्थिति बने जो श्रीलंका और बांग्लादेश में हुई। भाजपा ने राहुल गांधी के Gen Z प्लान को नेपाल की Gen Z क्रांति से जोड़ा। नेपाल में हाल ही में युवा और छात्र सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने संसद और सुप्रीम कोर्ट की इमारतें जलाई, मंत्रियों और राष्ट्रपति के आवासों पर हमला किया। भाजपा अब पूछ रही है कि क्या राहुल गांधी भारत को नेपाल जैसा बनाना चाहते हैं।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    प्रदीप भंडारी का बयान

    भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी “Save Infiltrators” अभियान को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं। भाजपा ने राहुल गांधी को देश विरोधी ताकतों का पोस्टर बॉय भी बताया। प्रदीप भंडारी ने साफ किया कि राहुल गांधी का Gen Z प्लान नेपाल में हुई हिंसा की तरह भारत में भी स्थिति पैदा कर सकता है।

    अमित शाह का जवाब

    गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा देश से घुसपैठियों को हटाए बिना नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि इन दिनों राहुल गांधी “वोट चोरी, वोट चोरी” का नारा दे रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने बिहार में “वोट अधिकार यात्रा” की, लेकिन अमित शाह ने कहा कि असल में यह यात्रा बांग्लादेशी घुसपैठियों की रक्षा के लिए थी क्योंकि वे कांग्रेस के वोट बैंक का हिस्सा हैं। अमित शाह ने राहुल गांधी और उनके साथियों को चेतावनी दी कि भाजपा किसी भी हालत में लोगों के अधिकारों को छीने जाने नहीं देगी।

    तेजस्वी यादव और लालू यादव पर निशाना

    अमित शाह ने सिर्फ राहुल गांधी पर हमला नहीं किया, बल्कि तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव को भी निशाने पर लिया। गृह मंत्री ने कहा कि जब वोटर लिस्ट से घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं तो लालू यादव की परेशानी बढ़ रही है, लेकिन इसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बिहार से घुसपैठियों को बाहर करना है तो एनडीए को इतनी बड़ी बहुमत के साथ फिर से सरकार बनानी होगी कि तेजस्वी यादव अगली बार चुनाव लड़ने की हिम्मत भी न कर सकें।

  • Haryana News: बूथ पर गूंजी ‘मन की बात’ की आवाज, विज बोले- यह संवाद नहीं, प्रेरणा है देश के लिए

    Haryana News: बूथ पर गूंजी ‘मन की बात’ की आवाज, विज बोले- यह संवाद नहीं, प्रेरणा है देश के लिए

    Haryana News: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी के शास्त्री कॉलोनी स्थित बूथ नंबर 136 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 124वीं कड़ी को अपने सहयोगियों और कार्यकर्ताओं के साथ सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो लगातार जनता से सीधा संवाद करते हैं और उन्हें राष्ट्रीय दृष्टिकोण देते हैं। उनके अनुसार यह कार्यक्रम हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम क्या थे, क्या हैं और हमें कहाँ जाना है।

    वोकल फॉर लोकल: आत्मनिर्भरता की राह

    अनिल विज ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बलिदानी खुदीराम बोस के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद किया और साथ ही हमारी धरोहर पांडुलिपियों को डिजिटाइज करने के प्रयासों को सराहा। पीएम मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र दोहराया और कहा कि जब तक हम स्थानीय उत्पादों को अपनाएंगे नहीं, तब तक देश की प्रगति संभव नहीं है। विज ने कहा कि अगर हम अपने देश में बने उत्पादों का उत्पादन और उपभोग करेंगे तो स्वाभाविक रूप से भारत आत्मनिर्भर बनेगा।

    Haryana News: बूथ पर गूंजी ‘मन की बात’ की आवाज, विज बोले- यह संवाद नहीं, प्रेरणा है देश के लिए

    स्वच्छता में सहभागिता जरूरी

    इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक स्वच्छता में सबकी भागीदारी नहीं होगी, तब तक स्वच्छ भारत का सपना अधूरा रहेगा। अनिल विज ने भी प्रधानमंत्री की इस सोच का समर्थन करते हुए कहा कि देश में जो भी प्रगति हो रही है उसका ज़िक्र ‘मन की बात’ में होता है और साथ ही यह भी बताया जाता है कि आने वाले समय में देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

    वीर गाथाएं अब पाठ्यक्रम में

    अनिल विज ने यह भी बताया कि एनसीईआरटी द्वारा स्कूल के पाठ्यक्रम में वीर गाथाओं को शामिल करना एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में देशभक्ति की भावना और भी मजबूत होगी। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर जैसे साहसिक अभियानों को पाठ्यक्रम में शामिल करने से छात्र जान सकेंगे कि भारत ने किस प्रकार आतंकवाद और दुश्मनों को करारा जवाब दिया है।

    बचपन से देशभक्ति का बीज जरूरी

    विज ने यह भी कहा कि छात्रों को शुरुआत से ही हमारे देश के वीरों के बलिदान और साहस की कहानियाँ सिखाई जानी चाहिए। जब बच्चों को शुरू से अपने देश के इतिहास और शौर्य गाथाओं की जानकारी होगी तो वे न केवल अच्छे नागरिक बनेंगे बल्कि देश की रक्षा में भी योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री न केवल वर्तमान से जोड़ते हैं बल्कि भविष्य के लिए भी दिशा दिखाते हैं।