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  • Meghalaya News: मेघालय मंत्री का दावा, भारी बारिश में बह गया 4 करोड़ किलो कोयला, मामला बना चर्चा का विषय

    Meghalaya News: मेघालय मंत्री का दावा, भारी बारिश में बह गया 4 करोड़ किलो कोयला, मामला बना चर्चा का विषय

    Meghalaya News: कुछ महीनों पहले बिहार में आबकारी विभाग द्वारा जब्त की गई हजारों लीटर शराब मालखाने से गायब हो गई। इस पर जब मामला सामने आया तो अफसरों ने दावा किया कि यह शराब चूहे पी गए। इसे लेकर खूब फजीहत हुई थी। अब मेघालय में भी इसी तरह का दिलचस्प मामला सामने आया है। कैबिनेट मंत्री और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक किर्मेन श्याला ने दावा किया है कि अवैध रूप से खोदा गया 4000 मीट्रिक टन से ज़्यादा कोयला भारी बारिश के कारण बह गया। यह वह कोयला है जो साउथ वेस्ट खासी हिल्स जिले के दो डिपो से गायब हो गया।

    हाल ही में रिटायर्ड जस्टिस बीपी कटाकेय कमेटी ने मेघालय हाईकोर्ट को इस मामले में अपनी 31वीं अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। मामला हाईकोर्ट में है। श्याला ने शिलॉन्ग में पत्रकारों से कहा कि मेघालय में हुई भारी बारिश के कारण राजजु और डिएंग्गन गांवों के स्टोरेज स्थलों से कोयला गायब हो सकता है।

    Meghalaya News: मेघालय मंत्री का दावा, भारी बारिश में बह गया 4 करोड़ किलो कोयला, मामला बना चर्चा का विषय

    श्याला ने कहा, ‘मैं किसी भी बात को सही साबित करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। लेकिन देश में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है। इस तरह की बारिश में कुछ भी हो सकता है। यहां तक कि असम में आई बाढ़ का कारण भी मेघालय की बारिश को बताया जा रहा है। पूर्वी जयंतिया हिल्स से बहने वाला पानी बांग्लादेश तक जाता है। तो, कौन जानता है कि कोयला भी बह गया होगा।’

    मेघालय बेसिन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MBDA) ने री-भोई जिले के डिएंग्गन गांव के एक डिपो में 1839.03 मीट्रिक टन कोयला रखा था। यह सील किया गया था और रेकॉर्ड बनाए गए थे। हाल ही में हुए निरीक्षण के दौरान यहां सिर्फ़ 2.5 मीट्रिक टन कोयला ही मिला। इसी तरह वेस्ट खासी हिल्स जिले के राजजु गांव में भी हुआ। यहां के डिपो में MBDA ने 2121.62 मीट्रिक टन कोयला रखा था। यहां महज 8 मीट्रिक टन कोयला निकला।

    करीब साढ़े 4 हजार मेट्रिक टन कोयले के बह जाने के मामले में अब जमकर राजनीति भी होने लगी है और कहा जा रहा है कि सरकार ने इस कोयले को बेच दिया है। 4 करोड़ 30 लाख किलो कोयले का बह जाना किसी के भी गले से नीचे नहीं उतर रहा है। करोड़ों रुपए के इस घोटाले में कौन-कौन शामिल है यह तो जांच का विषय है लेकिन फिलहाल मामला कोर्ट में होने के चलते कोई भी इस पर ज्यादा बोलने को तैयार नहीं है।