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  • मोदी के 75वें जन्मदिन पर ट्रंप ने दिया खास तोहफा! अमेरिका ने भारत की तारीफ की, रिश्तों में बनी नई उम्मीद

    मोदी के 75वें जन्मदिन पर ट्रंप ने दिया खास तोहफा! अमेरिका ने भारत की तारीफ की, रिश्तों में बनी नई उम्मीद

    मोदी का जन्मदिन भारत के लिए कोई बड़ा गिफ्ट लेकर आया है। कई महीनों की तनातनी के बाद मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर उन्हें 75वें जन्मदिन की बधाई दी। ट्रंप ने जहां रूस-यूक्रेन युद्धविराम पर समर्थन के लिए पीएम मोदी का आभार जताया। वहीं, मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत-अमेरिका की साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।

    ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैंने अपने दोस्त पीएम मोदी से अभी फोन पर बात की। उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। वह बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं। नरेंद्र, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने में आपके समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।’

    वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि जन्मदिन पर बधाई देने के लिए शुक्रिया मेरे मित्र डोनाल्ड ट्रंप। आपकी तरह मैं भी भारत-अमेरिका की समग्र और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आपके प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं।

    मोदी के 75वें जन्मदिन पर ट्रंप ने दिया खास तोहफा! अमेरिका ने भारत की तारीफ की, रिश्तों में बनी नई उम्मीद

    ट्रंप और मोदी के बीच सीधी बातचीत तीन महीने के बाद हुई है। 17 जून को कनाडा में जी-7 की बैठक के बाद दोनों नेताओं में फोन पर 35 मिनट तक बात हुई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से युद्ध विराम अमेरिका के कारण नहीं, बल्कि पाकिस्तान के आग्रह पर हुआ था। इसमें किसी तीसरे पक्ष का कोई दखल नहीं था। इसके बाद जुलाई में ट्रंप ने भारत पर पहले 25%, फिर अगस्त में 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। इससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था।

    भारत-अमेरिका के बीच बंद व्यापार वार्ता भी मंगलवार से शुरू हो गई है। ट्रंप प्रशासन ने भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र को खोलने के मामले में भी रुख नरम कर लिया है। अब इन दोनों क्षेत्रों को पूरी तरह खोलने के बदले सिर्फ अमेरिका मक्का और प्रीमियम गुणवत्ता का पनीर भारत को बेचने पर जोर दे रहा है।

    मोदी के 75वें जन्मदिन पर ट्रंप ने दिया खास तोहफा! अमेरिका ने भारत की तारीफ की, रिश्तों में बनी नई उम्मीद

    अमेरिकी सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच ने भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल से द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। बातचीत को दोनों ही पक्षों ने सकारात्मक करार दिया। कहा, इसमें आगे के चरण की वार्ता की रूपरेखा तय की गई है। यह भी कहा गया कि दोनों पक्षों के लिए लाभकारी व्यापार समझौते को शीघ्र संपन्न करने का प्रयास तेज किया जाएगा।

    जिस प्रकार का माहौल इस समय बना हुआ है ऐसे में लगता है कि मोदी का यह जन्मदिन भारत और अमेरिकी संबंधों में जो खटास पैदा हुई थी उसे दूर करने में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। 3 महीने से सीधी बातचीत बंद होना और जन्मदिन के बहाने दोनों नेताओं का एक दूसरे के कार्यों को सराहना निश्चित तौर पर टूटी कड़ी को जोड़ने का बहाना तो बनी है।

  • मौलाना महमूद मदनी बोले- ‘आधी रोटी खाएंगे लेकिन झुकेंगे नहीं,’ पीएम मोदी और मोहन भागवत की तारीफ के साथ दी बड़ी प्रतिक्रिया

    मौलाना महमूद मदनी बोले- ‘आधी रोटी खाएंगे लेकिन झुकेंगे नहीं,’ पीएम मोदी और मोहन भागवत की तारीफ के साथ दी बड़ी प्रतिक्रिया

    जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बीच संवाद को समर्थन दिया। उन्होंने हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संवेदनशील धार्मिक मामलों पर किए गए बयानों का स्वागत किया। मदनी ने कहा कि ऐसे प्रयासों को सराहा जाना चाहिए और सभी प्रयासों के लिए संवाद की आवश्यकता है।

    अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क पर कड़ा रुख

    मौलाना मदनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “भारत को दृढ़ता से खड़ा रहना चाहिए। हम ‘आधा रोटी’ खाएंगे, लेकिन कभी नहीं झुकेंगे। समझौता होना चाहिए तो केवल समानता के आधार पर। हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के टैरिफ रुख का समर्थन करते हैं।” उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि भारत किसी भी दबाव में नहीं आएगा।

    मौलाना मदनी बोले- 'आधी रोटी खाएंगे लेकिन झुकेंगे नहीं,' पीएम मोदी और मोहन भागवत की तारीफ के साथ दी बड़ी प्रतिक्रिया

    मथुरा-काशी विवाद पर भागवत की तारीफ

    मौलाना मदनी ने ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा-काशी विवाद पर मोहन भागवत के बयानों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी संगठन ने संकल्प पारित किया है कि संवाद होना चाहिए। भले ही मतभेद हैं, हमें इन्हें कम करना होगा। हाल ही में आरएसएस प्रमुख ने मुस्लिम समुदाय से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। उनके प्रयासों की प्रशंसा और समर्थन किया जाना चाहिए। हम हर प्रकार के संवाद का समर्थन करेंगे।”

    पाहल्गाम हमले और राजनीतिक भाषा पर टिप्पणी

    मौलाना मदनी ने हाल के वर्षों में राजनीतिक भाषा और बहस के स्तर में गिरावट की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेता, विपक्षी और राज्य स्तर के नेता भी अनुचित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। पाहल्गाम आतंकवादी हमले के बारे में मदनी ने कहा कि यदि यह घटना किसी अन्य देश में होती तो बहुत बड़ा uproar मचता। उन्होंने कहा कि देश की सिविल सोसाइटी ने इस साजिश को विफल करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    सुरक्षा नीति और सरकार के समर्थन की आवश्यकता

    मौलाना मदनी ने कहा, “हमारी देश की सिविल सोसाइटी ने पाहल्गाम हमले की साजिश को समझा और उसे विफल किया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद विपक्ष ने भी सरकार का समर्थन किया। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने सशस्त्र बलों का समर्थन करें। वर्तमान सरकार की सुरक्षा नीति पूर्व सरकारों की तुलना में बेहतर है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अधिक पेशेवर कार्य किया है। भविष्य में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को और अधिक समावेशी होना चाहिए।”

  • “मोदी की जंग” कहकर भड़के अमेरिका – रूस से तेल खरीद पर ट्रंप सरकार का भारत को अल्टीमेटम

    “मोदी की जंग” कहकर भड़के अमेरिका – रूस से तेल खरीद पर ट्रंप सरकार का भारत को अल्टीमेटम

    इन दिनों भारत और अमेरिका के रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बयान दे रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत पर 50% टैरिफ भी लागू कर दिया है, जिससे भारत की चिंता और बढ़ गई है।

    व्हाइट हाउस सलाहकार का बड़ा आरोप

    व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नवारो ने रूस-यूक्रेन युद्ध को पीएम मोदी की जंग बताया है। उनका कहना है कि भारत लगातार रूस से तेल खरीदकर मास्को की आक्रामकता को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ डाल रहा है और युद्ध को लंबा खींच रहा है।

    अगर भारत तेल रोके तो घटेगा टैरिफ

    नवारो ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत चाहे तो अमेरिका का 25% अतिरिक्त टैरिफ तुरंत हट सकता है। बस भारत को रूस से तेल खरीदना बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि “शांति का रास्ता कहीं न कहीं दिल्ली से होकर जाता है।” हालांकि उन्होंने मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ भी की, लेकिन भारत की “जिद” पर सवाल उठाए।

    “मोदी की जंग” कहकर भड़के अमेरिका – रूस से तेल खरीद पर ट्रंप सरकार का भारत को अल्टीमेटम

    अमेरिका पर पड़ रहा असर

    नवारो का कहना है कि भारत के कारण अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर हथियार बनाने में उसकी मदद कर रहा है और इसका खामियाजा अमेरिकी नौकरियों, फैक्ट्रियों और सैलरी पर पड़ रहा है। “हर अमेरिकी नागरिक भारत की वजह से नुकसान झेल रहा है।”

    भारत की संप्रभुता पर सवाल

    उन्होंने नाराजगी जताई कि भारत इस मुद्दे पर काफी “अहंकारी” रवैया दिखा रहा है और कह रहा है कि यह उसकी संप्रभुता है कि वह किसी से भी तेल खरीदे। नवारो ने कहा कि “भारत को सोचना होगा कि वह अमेरिका जैसे बड़े साझेदार के साथ खड़ा है या रूस के साथ।” अब देखने वाली बात होगी कि मोदी सरकार इस चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कैसे करती है।