Haryana New Sectors: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 15 अलग अलग शहरों में 41 नये सेक्टर विकसित करने का ऐलान किया। इसके लिए ई-भूमि पोर्टल और लैंड पूलिंग योजना के तहत जमीन खरीदने का काम चल रहा है।
गुरुग्राम, पटौदी और फर्रुखनगर ब्लॉक में इन सेक्टरों का अधिग्रहण होगा। इसके लिए एचएसवीपी ने जमीन मालिकों से ई-भूमि या लैंड पूलिंग स्कीम के तहत उनकी सहमति मांगी थी। अब सेक्टोरल प्लान भेजने के बाद प्रक्रिया गति पकड़ेगी।
चारों ब्लॉक में विकसित होने हैं सेक्टर
नए सेक्टरों के विकास के लिए गुरुग्राम, पटौदी, सोहना और फर्रुखनगर के लिए प्लानिंग बनाई गई है। गुरुग्राम में 36ए, 37, सेक्टर-68, 69, 70 के साथ फर्रुखनगर में सेक्टर-3, पटौदी में सेक्टर-2,3, 4 और सोहना में सेक्टर-32, 33 का विकास होना है। यह सेक्टर शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जाएंगे जो कि एस्टेट ऑफिस एक के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
रिहायशी होंगे प्लॉट
प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि 41 नए सेक्टर में जो प्लॉट दिए जाएंगे वह रिहायशी होंगे। इन रिहायशी सेक्टरों में कामर्शियल मार्केट के साथ ही इंस्टीट्यूशनल साइट्स के लिए भी प्लॉट दिए जाएंगे।
नीलामी के द्वारा दिए जाएंगे प्लॉट
हरियाणा सरकार ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक के एक प्रश्न के जवाब में यह साफ कर दिया है कि अब इन सेक्टरों में ड्रॉ के जरिए नहीं, बल्कि नीलामी के द्वारा लोगों को इन नए सेक्टरों में प्लॉट दिए जाएंगे।
पंचकूला से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले पंचकूला के कोट-बिल्ला शहरी परिसर विकास योजना के सेक्टर-14, 16 व 22 तथा पिंजौर-कालका शहरी विकास योजना के सेक्टर-31 को विकसित किया जाएगा।
ऐसे हो रहा है भूमि का प्रबंध
सभी नए सेक्टरों के लिए सरकार ई-भूमि पोर्टल के जरिये जमीन का प्रबंध कर रही है। इन सेक्टरों को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विकसित करेगा। संसदीय कार्य मामले मंत्री महीपाल सिंह ढांडा ने कहा कि समय-समय पर नीतियों में बदलाव होता रहता है। उन्होंने ये भी साफ किया कि नए सेक्टर में जो प्लॉट अलॉट होंगे उनका ड्रॉ नहीं निकाला जाएगा।
नूंह के विधायक ने उठाया विधानसभा में मुद्दा
बुधवार को हरियाणा विधानसभा में नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने प्रश्नकाल के दौरान ये मुद्दा उठाया था। उन्होंने विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य की पूर्व कांग्रेस सरकार ने नूंह तावड़ू में सेक्टर विकसित करने का फैसला किया था।
इसके लिए दोनों ही शहरों में लगभग 250-250 एकड़ जमीन भी सेक्टरों के लिए अधिगृहीत कर ली गई। इसके बाद एन्हांसमेंट (भूमि का बढ़ा मुआवजा) की वजह से भाजपा सरकार ने इस सेक्टरों को डी-नोटिफाई कर दिया था। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट सरकार के डी-नोटिफाई करने के फैसले को भी रद कर दिया।
