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  • NDRF की Mock Exercise : भूकंप आया, बिल्डिंग में फंसे घायलों को निकाला गया

    NDRF की Mock Exercise : भूकंप आया, बिल्डिंग में फंसे घायलों को निकाला गया

    बता दें कि ये NDRF की Mock Exercise  भूकंप से इमारत गिरने पर बचाव को लेकर की गई। जैसे ही करीबन 3 बजे भूकंप आया और सायरन बजा, तो तुरंत बचाव कार्य की टीम एक्टिव हो गई। जिला स्तर पर पुलिस, आपदा मित्र, स्वास्थ्य विभाग की टीम औयर दमकल विभाग की गाडियाँ मौके पर पहुँच गई। जिसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई। सूचना के एक घंटे बाद एनडीआएफ की 7 बटालियन की टीम बचाव यंत्रों को साथ लेकर मौके पर पहुँची।

     

    इस टीम के पहुँचने से पहले काफी घायलों को बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल भेजा गया। जिसके बाद बिल्डिंग के अंदर फंसे घायलों को दीवार और दरवाजा काटकर बाहर निकाला। ये सब इसलिए किया गया ताकि आपदा आने के समय लोग खुद का बचाव कराने के साथ-साथ बचाव करने आई टीम की भी मदद करके लोगों को बचाने का कार्य कर सके।

    NDRF की इस Mock Exercise के बाद अलग-अलग विभागों की टीम से सुझाव भी लिए गए ताकि खामियों को दुरुस्त भी किया जा सकें।  जिला नगराधीश और जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के इस मॉक एक्सरसाइज को किया गया था। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाये जायेंगे।

  • Rewari News: शादी समारोह के सामने बरातियों और दूकानदारों में विवाद, जमकर चले लाठी डंडे, वीडियो आया सामने

    Rewari News: शादी समारोह के सामने बरातियों और दूकानदारों में विवाद, जमकर चले लाठी डंडे, वीडियो आया सामने

    Rewari News: रेवाड़ी में बीती शादी समारोह में आयें बरातियों और दूकानदारों के बीच विवाद हो गया है। विवाद इतना बढ़ा कि बरातियों ने तीन दूकानदारों के साथ जमकर मारपीट की, जिसके बाद जमकर लाठी डंडे और पत्थरबाजी की गई। इस घटना से शादी समारोह में अफरा तफरी मच गई है।

    घटना के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि दूल्हा-दुल्हन सहम गए और खुद को कमरे में बंद करके जान बचाई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इस घटना में तीन दुकानदार घायल हुये है, लेकिन अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के मुताबिक, शहर के किसान वाटिका में बीती रात शादी का कार्यक्रम था, जिसमें बारात आई थी। बारात आतिशबाज़ी करते हुए मैरिज पैलेस के सामने पहुंची तो दूकानदारों ने कहा कि आतिशबाज़ी की चिंगारी दुकानों में जाने से आग लग सकती है। इसलिए थोड़ी आगे आतिशबाज़ी कर लो। इसी बात पर बराती और दूकानदारों के बीच विवाद शुरू हो गया।

    दूकानदारों ने कहा कि बरातियों ने उनपर हमला कर दिया और पत्थरबाजी भी की गई। वहीं दूसरे पक्ष का आरोप है कि कुछ लोग मैरिज पैलेस के अंदर घुस आए और जमकर हंगमा किया। इस घटना के फोटो और वीडियो के आधार पर पता चलता है कि रात में हालात कितने तनावपूर्ण बन गए थे।

    मॉडल टाउन के एसएचओ कृष्ण कुमार ने बताया कि पटाखे चलाने को लेकर पूरा विवाद शुरू हुआ था। तीन दुकानदारों को चोट आई है जो अस्पताल में भर्ती हैं। रात के समय में घायल बयान देने की स्थिति में नहीं थे। अब घायलों के बयान और शिकायत के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

  • Rewari AIIMS : माजरा एम्स का शिलान्यास करेंगे प्रधानमंत्री : राव इंद्रजीत सिंह

    Rewari AIIMS : माजरा एम्स का शिलान्यास करेंगे प्रधानमंत्री : राव इंद्रजीत सिंह

    Rewari AIIMS: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेवाड़ी जिला के गांव भालखी-माजरा में प्रस्तावित एम्स निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से पुन: टेंडर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में एम्स निर्माण के जो टेंडर आमंत्रित किए गए थे उनमें शामिल हुई कंपनियां की तकनीकी खामियों व तय किए गए मापदंडों पर खरा न उतरने के चलते टेंडर को रद्द किया गया था। जल्द ही नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी करते हुए टेंडर अलॉट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एम्स निर्माण के टेंडर लेने के लिए आवेदन मांगे हुए हैं तथा जल्द ही टेंडर खोला जाएगा।

    उन्होंने कहा कि वे एम्स निर्माण का जल्द से जल्द शिलान्यास कराने के लिए प्रयासरत हैं। Rewari AIIMS का निर्माण होने से जिला की स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को एकजुट रहकर अपनी राजनीतिक शक्ति का परिचय देते रहना होगा। उन्होंने कहा कि परिसीमन के जरिए क्षेत्र को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की सोच विपक्ष की हमेशा रही है लेकिन यहां के लोगों ने एकजुट होकर फैसला लिया जिससे उनकी मंशा पर पानी फिर गया और क्षेत्र राजनीतिक रूप से और मजबूत हो गया है। उन्होंने इस अवसर पर गांव आलियावास में पंचायत घर के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया।

    केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने प्रियांशु यादव को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रियांशु यादव ने शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने गांव के साथ-साथ रेवाड़ी जिला, हरियाणा प्रदेश व भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। निशानेबाज प्रियांशु यादव के कौशल, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति समर्पण भावना ने  देश-प्रदेश को गौरवान्वित किया है। सभी को प्रियांशु यादव की इस उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने इस अवसर पर एकेडमी को 11 लाख रुपए देने की घोषणा की। ग्रामीणों ने भी गोल्ड मेडलिस्ट प्रियांशु का फूल मालाओं से भव्य स्वागत अभिनंदन किया।

    इस अवसर पर कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव व शूटिंग खिलाड़ी आरती राव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रियांशु यादव को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर सुनील यादव मूसेपुर, जिला प्रमुख मनोज यादव, उप जिला प्रमुख नीलम रायपुर, बावल ब्लॉक समिति अध्यक्ष छत्रपाल, जिला पार्षद रेखा भाड़ावास, डहीना  ब्लॉक समिति अध्यक्ष करण पाल खोला, भाजपा खोल मंडल अध्यक्ष जीतू, बेरली मंडलाध्यक्ष सोनू यादव, सरपंच सत्यपाल यादव, प्रियांशु यादव के दादा मास्टर दिलीप सिंह, माता सुरेश, कोच रमन यादव सहित गांव के गणमान्य व्यक्ति व प्रियांशु यादव के परिजन मौजूद रहे।

  • अब कम आय वर्ग के परिवार के सदस्यों का किया जाएगा फ्री मेडिकल हैल्थ चैकअप

    अब कम आय वर्ग के परिवार के सदस्यों का किया जाएगा फ्री मेडिकल हैल्थ चैकअप

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हर परिवार के सिर पर छत देना हमारा लक्ष्य है, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग जल्द से जल्द इस काम को पूरा करे। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल विभाग सर्वे का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करे। तत्काल प्रभाव से विभाग इसको लेकर स्कीम तैयार करे। उन्होंने कहा कि विभाग शहर अनुसार सूची तैयार करे कि कहां कितने मकानों की जरुरत है। उसके अनुसार फिर जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री मंगलवार को बजट घोषणाओं पर विभागानुसार की समीक्षा बैठक के दौरान बोल रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान की गई घोषणाओं पर एक-एक विभाग के अनुसार संबंधित अधिकारियो के साथ समीक्षा की। उन्होंने घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को स्कूल, कॉलेज, आईटीआई में छात्राओं को परिवहन की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए निर्देश दिए।

    उन्होने कहा कि तीनों विभाग सर्व प्रथम नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो इस पूरी प्रक्रिया को संभाले। ब्लॉक वाइज फुल टाइम टेबल तैयार किया जाए। इसके पश्चात तीनों विभाग परिवहन विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त बैठक करे और इन शैक्षणिक संस्थानों में परिवहन की व्यवस्था को सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को विशेष तौर पर मॉडल संस्कृति स्कूलों की संख्या बढ़ाने को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य तेजी से किया जाना चाहिए। स्कूलों की संख्या में इजाफे के साथ-साथ इन स्कूलों के स्टैंडर्ड में भी इजाफा होना चाहिए।

    हर परिवार को मिले टेस्टिंग सुविधा का लाभ

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आज हर परिवार को फूड टेस्टिंग की जरुरत पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग अपनी टेस्टिंग सुविधा को और सुदृढ़ करे ताकि कोई भी व्यक्ति पानी, दूध, मिठाई या खाने योग्य अन्य पदार्थों को टेस्ट करवा सके। इस टेस्टिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए ताकि रिपोर्ट भी जल्द से जल्द मिले। टेस्टिंग सुविधा नजदीक से नजदीक उपलब्ध होगी तो मिलावटखोरी पर भी लगाम लगेगी।

    जिस महीने जन्मदिन उसी महीने हो उसी महीने हो मेडिकल चैकअप

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 1 लाख 80 हजार रुपये या उससे कम आयु वर्ग के परिवार के सदस्यों का फ्री मेडिकल हैल्थ चैकअप कराया जाए। जिस महीने में परिवार के जिस भी सदस्य का जन्मदिन हो, उसी महीने उसका मेडिकल चैकअप किया जाए। यह प्रक्रिया साल भर चलेगी और इससे सभी पात्र परिवार के सदस्य कवर हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को यह योजना जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

    बड़े सरकारी अस्पतालों में विश्राम सराय बनाने का तत्काल तैयार हो मॉडल

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के बड़े अस्पतालों में विश्राम स्थल व सराय बनाने के लिए तत्काल मॉडल तैयार किया जाए। इसके लिए विभाग जमीन, उसके डिजाइन और संचालन व रखरखाव को लेकर मॉडल बनाए। इस कार्य को तत्काल पूरा करके, अस्पतालों में सराय की व्यवस्था करने का काम करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमे कमरों की व्यवस्था भी की जाए। इनके संचालन या निर्माण में यदि कोई प्राइवेट कंपनी अपने सीएसआर फंड से योगदान करना चाहे तो उन्हें भी इसमें जोड़ा जाए।

  • गायों में लम्पी स्किन बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए विभाग किसानों के लिए जारी करें एडवाइजरी

    गायों में लम्पी स्किन बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए विभाग किसानों के लिए जारी करें एडवाइजरी

    मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लम्पी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिए वैक्शीनेशन तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि लम्पी स्किन बीमारी के कारण भय का माहौल पैदा न होने दें। पशुपालन विभाग आज तुरंत प्रभाव से एडवाईजरी जारी करें और नागरिकों को अवगत कराएं कि लम्पी स्किन बीमारी से संक्रमित गायों का दूध भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बशर्ते दूध को हमेशा उबालकर ही इस्तेमाल करें।

    मरे हुए पशुओं का निस्तारण पशुपालन विभाग द्वारा तय तरीके से ही करें

    मुख्य सचिव ने कहा कि मरे हुए पशुओं का निस्तारण पशुपालन विभाग द्वारा तय तरीके से ही करें। 8 से 10 फुट का गड्ढा खोद कर ऐसे पशुओं को दबायें। यह अवश्य ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में ऐसे पशुओं के शव को खुले में न छोड़े। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इस समय किसी भी पशु की मृत्यु होती है तो एहतियातन ऐसे पशुओं के शवों का निस्तारण भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए। सभी गौशालाओं और गांवों में मक्खियों व मच्छरों के नियंत्रण के लिए फॉगिंग की जाए, क्योंकि ये भी लम्पी स्किन बीमारी को फैलाने में कारण बन रहे हैं। इसके साथ ही, गौशाओं में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

     पशुओं की अंतरराज्यीय और अंतर जिला आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए

    संजीव कौशल ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि संबंधित जिलों में ग्वालों द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाली गायों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। अंतरराज्यीय और अंतर जिला आवाजाही पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसके अलावा, पशु मेला के आयोजन और पशुओं की बिक्री इत्यादि पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जो पशु संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए अतिरिक्त स्थान का चयन जल्द किया जाए ताकि स्वस्थ पशुओं में इस बिमारी का प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों में सख्त निगरानी सुनिश्चित करें कि किसी गौशाला या अन्य व्यक्ति द्वारा संक्रमित पशु को आवारा न छोड़ा जाए, ऐसी स्थिति में संक्रमण और अधिक फैल सकता है।

    वैक्सीनेशन के लिए गौ-सेवा आयोग व गौ-रक्षकों का लें सहयोग

    मुख्य सचिव ने कहा कि पशुओं में वैक्सीनेशन करने के लिए गौ-सेवा आयोग व गौ-रक्षकों का सहयोग भी लिया जाए। इसके अलावा, लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, हिसार के फैकल्टी, विद्या‌र्थियों और इंटर्नस का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि जनता में इस बिमारी से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैले। इसके लिए जिला उपायुक्तों और पशुपालन विभाग द्वारा सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए ।

    किसानों के लिए एडवाइजरी करें जारी

    मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग तुरंत बिमारी की जानकारी, रोकथाम और पशुओं की देखभाल से संबंधित एडवाजरी जारी करे। उन्हें बताए कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह रोग गैर-जूनोटिक है यानी यह जानवरों से इंसानों में नहीं फैलता है, इसलिए बिना किसी डर के अपने जानवरों की देखभाल करें। प्रभावित जानवरों को अन्य जानवरों से अलग करें।

     8 जिले प्रभावित, 30225 पशु संक्रमित, 16939 पशु स्वस्थ

     बैठक में मुख्य सचिव को अवगत कराया गया कि प्रदेश में लम्पी ‌स्किन बिमारी से सबसे अधिक 8 जिले नामतः यमुनानगर, अंबाला, करनाल, सिरसा, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, कैथल और पंचकूला प्रभावित हुए हैं। अभी तक 2419 ‌गांवों में 30225 पशु संक्रमित हुए हैं। इनमें से 16939 पशु स्वस्थ हो चुके हैं और 211 की मृत्यु हुई है। वर्तमान में 13265 एक्टिव मामले हैं। प्रदेश में 19 लाख 32 हजार पशुधन हैं। इनकी वैक्सीनेशन की जाएगी। सर्वप्रथम जिस स्थान से संक्रमित पशु की सूचना प्राप्त होती है, उस स्थान के आस-पास के क्षेत्र में रिंग-वैक्सीनेशन अवधारणा के अनुरूप वैक्सीनेशन किया जाएगा और 3 एमएल डोज पशुओं को लगाई जाएगी। इसके अलावा, अन्य गांवों या क्षेत्र में 1 एमएल की डोज लगाई जाएगी।

    बीमारी की रोकथाम से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें अधिकारी

    संजीव कौशल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित पशुओं का डाटा हर रोज अपडेट होना चाहिए। इसके अलावा जिन पशुओं की मौत हो रही है, उसका आंकड़ा भी तत्काल अपडेट होना चाहिए। साथ ही, वैक्सीनेशन की उपलब्ध्ताप और मांग की जानकारी भी पोर्टल पर रोजाना अपडेट ‌की जाए।

     

  • केंद्र ने निकाला विश्व का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बसों का टेंडर, 50 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी

    केंद्र ने निकाला विश्व का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बसों का टेंडर, 50 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में जानकारी देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग बहुत बढ़ रही है। कुल मिलाकर ईवी पैमाने में 335 प्रतिशत, इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन में 607 प्रतिशत, इलेक्ट्रिक तिपहिया में 150 प्रतिशत, इलेक्ट्रिक चौपहिया में 300 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक बसों में 30 प्रतिशत मांग बढ़ी है।

     

    केंद्र ने निकाला विश्व का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बसों का टेंडर 

    केंद्र सरकार ने अभी विश्व का सबसे बड़ा 5500 इलेक्ट्रिक बसों का टेंडर निकाला है। उसमें पहली बार केरल में 250 बसें दी गई हैं और हमारी आने वाले समय में देश भर में 50,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे आम आदमी एयर कन्डीशन बसों में घूमेंगा और टिकट का मूल्य भी कम होगा। इससे राज्य परिवहन का घाटा भी नहीं रहेगा।

     

    2 साल में पेट्रोल वाहनों के बराबर होंगी इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें

     

    2018 में लिथियम ऑयन बैटरी की कीमत 180 डॉलर प्रति किलोवाट ऑवर थी, 2021 में 140 डॉलर प्रति किलोवाट ऑवर हुई और 2022 में 135 डॉलर प्रति किलोवाट ऑवर हुई। दो साल के अंदर ईवी की मोटरगाड़ी और दोपहिया वाहनों की कीमतें पेट्रोल वाहनों के बराबर होंगी क्योंकि इसकी लागत कम हो जाएगी।

  • केंद्र सरकार ने 81 चीनी नागरिकों को भारत छोड़ने को कहा गया

    केंद्र सरकार ने 81 चीनी नागरिकों को भारत छोड़ने को कहा गया

    मंगलवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार वैध यात्रा दस्तावेजों पर भारत आने वाले विदेशियों का लेखा-जोखा रखती है। कुछ विदेशी नागरिक अज्ञानता, मजबूरी जैसे चिकित्सा आपात स्थिति या अन्य व्यक्तिगत कारणों से निर्धारित समय से अधिक समय तक यहां रहते हैं।

     

    उन्होंने कहा कि किसी विदेशी नागरिक के निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुकने पर कार्रवाई की जाती है. यदि यह अनजाने में या अज्ञानता या मजबूरी के कारण किया जाता है, तो निर्धारित अवधि से अधिक रहने की अवधि को जुर्माना वसूल कर नियमित किया जाता है। यदि आवश्यक हो, तो वीजा की अवधि बढ़ा दी जाती है।

     

    ऐसे मामलों में, जहां निर्धारित अवधि से अधिक रुकना जानबूझकर या अनुचित है, विदेशी अधिनियम, 1946 के अनुसार उचित कार्रवाई की जाती है, जिसमें जुर्माना, वीजा शुल्क की वसूली और विदेशी नागरिक को भारत छोड़ने का नोटिस देना शामिल है।

  • 6 हजार करोड़ रुपए की लागत से बना NH-152D पर आज से शुरू हुई टोल वसूली

    6 हजार करोड़ रुपए की लागत से बना NH-152D पर आज से शुरू हुई टोल वसूली

    नारनौल के मांदी बाइपास से शुरू होकर कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद स्थित गंगहेड़ी तक जाने वाले इस 217 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुल 4 टोल प्लाजा बनाए गए हैं। हाईवे का सीधा लाभ हरियाणा के 8 जिलों महेन्द्रगढ़, कुरुक्षेत्र, रोहतक, कैथल, भिवानी, करनाल और चरखी-दादरी व जींद जिले को होगा। अभी तक इन 8 जिलों की आपस में सीधी कोई कनेक्टिविटी नहीं थी। इस हाइवे पर 14 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए गए है।

     

    कब हुआ इसका निर्माण कार्य शुरू

    भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बने ट्रांस हरियाणा ग्रीन फील्ड सिक्स लेन हाईवे की घोषणा वर्ष 2018 में हुई थी। 14 जुलाई 2020 को इसका शिलान्यास हुआ और तय समय पर 2 साल के भीतर इस हाईवे को शुरू कर दिया गया। NHAI का यह एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है। इस हाईवे से चंडीगढ़ की दूरी महज कुछ किलोमीटर की रह जाएगी। यह कॉरिडोर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और क्लोज टोलिंग सिस्टम से बना है।

     

    14 एंट्री और एग्जिट पॉइंट

    इस कॉरिडोर पर कुल 16 विभिन्न स्थानों पर इंटरचेंज का निर्माण किया गया है। हाईवे पर 4 टोल बनाने के साथ ही कुल 14 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए गए हैं। यह प्वाइंट 7 नेशनल हाईवे और 7 स्टेट हाईवे पर बनाए गए हैं। बीच में कही पर भी वाहन रोक कर टोल देने की जरूरत नहीं है। हाईवे पर नीचे उतरने के बाद जहां सर्विस लेन पर एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए गए हैं, वहीं पर टोल टैक्स देना होगा।

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    राजस्थान से आने वाले वाहनों को बड़ी राहत

    अभी तक महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान की तरफ से आने वाले वाहनों को अगर कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, चंडीगढ़, कैथल या फिर रोहतक जाना होता था तो उन्हें दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रेवाड़ी के रास्ते होकर गुजरना होता था। आगे का रास्ता या तो KMP या फिर दिल्ली होकर तय करना होता था, लेकिन अब इस हाईवे के बनने से राजस्थान की तरफ से आने वाले वाहन राजस्थान के कोटपुतली एरिया में पड़ने वाले पनियाला मोड़ से सीधे नारनौल के मांदी बाइपास के रास्ते अंबाला तक सफर कर सकते हैं।

     

    3 घंटे में तय होगा दूरी

    हाईवे से कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद तक की 217 किलोमीटर की दूरी को महज 3 घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है। इस हाईवे पर पर्यावरण का भी खास ख्याल रखा गया है। दोनों तरफ काफी पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जिससे आने वाले समय में पूरा हाईवे हरा-भरा नजर आएगा।

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  • भ्रष्टाचार पर लगाम: आज से एसीपी को जोड़ा जाएगा एचआरएमएस से,सभी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

    भ्रष्टाचार पर लगाम: आज से एसीपी को जोड़ा जाएगा एचआरएमएस से,सभी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

    प्रदेश में अब तक सभी काम कागजो में होते थे जिसके चलते भ्रष्टाचार और घूसघोरी के मामले भी बहुत ज्यादा बढ़ गए थे.इसलिए भ्रष्टाचार के इन मामलों को रोकने के लिए एसीपी को मानव संशाधन विकास प्रणाली से जोड़ दिया गया है.अगर कोई विभाग ऐसा नही करता है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी का वेतन रोक दिया जाएगा.

     

    2.89 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

    बता दे कि एसीपी के ऑनलाइन प्रक्रिया होने से प्रदेश के 2.89 लाख कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा.इस संबंध में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने सभी विभागाध्यक्षों,आयुक्तों,उपायुक्तों,सब डिविजन आफिसरों को निर्देश दिए गए है.

     

    शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लंबित केस

    वर्तमान में एसीपी के हजारों मामले विभिन्न विभागों में लंबित पड़े हैं. लेकिन सबसे अधिक लंबित मामले शिक्षा विभाग में है. सरकार द्वारा बार-बार लंबित केसों को निपटाने के आदेश दिए जाने के बाद भी इन मामले का निपटान नही किया गया है. इस कारण अधिकतर मामले अदालतों में है. इसके अलावा एसीपी के नाम पर मोटी रकम रिश्वत रूप में लेने की शिकायतें भी आती है.

     

    क्या है एसीपी

    सरकारी कर्मचारियों को नौकरी के 8,16 और 24 साल की सर्विस पूरी करने पर एसीपी मिलती है. इसके तहत कर्मचारियों को पदोन्नति के अनुरूप आर्थिक लाभ मिलने शुरू हो जाते हैं. नियमों के मुताबिक यह रूटीन में होने वाली विभागीय प्रक्रिया है. लेकिन विभाग में कर्मचारियों को समय-समय पर एसीपी नहीं मिलती. इसके लिए कर्मचारियों को मुख्यालय के चक्कर लगाने होते हैं. क्योंकि ये कार्य मुख्यालय से जुड़ा हुआ.

  • अब तम्बाकू के पैकेटों पर लिखी जाएगी ये चेतावनी

    अब तम्बाकू के पैकेटों पर लिखी जाएगी ये चेतावनी

    केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने तम्बाकू उत्पादों के पैकेटों अब नयी स्वास्थ्य चेतावनी के साथ नयी फोटो लगाने का निर्देश दिया है। यानि अब तम्बाकू उत्पादों के पैकेट पर ”तंबाकू सेवन यानि अकाल मृत्यु” लिखना अनिवार्य होगा। अब तक पैकेट पर लिखा होता था,”तंबाकू यानी दर्दनाक मौत”। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यह चेतावनी 1 दिसंबर, 2022 से निर्मित किये जाने वाले तम्बाकू पैकेट्स पर प्रिंट किया जायेगा।

     

    केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने हर प्रकार के तम्बाकू उत्पादों के पैकेटों पर निर्दिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी के एक नये स्वरूप को अधिसूचित कर दिया है। इसके लिये सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद नियम, 2008 में संशोधन किया गया है। संशोधित नियम एक दिसंबर, 2022 से प्रभावी हो जायेंगे। हलाकि अभी 21 जुलाई, 2020 को जारी अधिसूचना के तहत मौजूदा स्वास्थ्य चेतावनी (फोटो-2) 30 नवंबर, 2022 तक जारी रहेगी।

     

    मंत्रालय ने जारी किए दिशा-निर्देश

     

    –सभी तम्बाकू उत्पाद, जिनका निर्माण या आयात या पैकेजिंग एक दिसंबर, 2022 को या उसके बाद होगा, उन सब पर फोटो-1 के साथ ‘तम्बाकू यानि दर्दनाक मौत’ नामक स्वास्थ्य चेतावनी छापनी होगी। जिन उत्पादों का निर्माण या आयात या पैकेजिंग एक दिसंबर, 2023 को या उसके बाद होगा, उन सब पर फोटो-2 के साथ “तम्बाकू सेवन यानि अकाल मृत्यु” नामक स्वास्थ्य चेतावनी छापनी होगी।

    –जो भी व्यक्ति सिगरेट या अन्य तम्बाकू उत्पादों के निर्माण, उत्पादन, आपूर्ति, आयात या वितरण में सीधे या परोक्ष रूप से जुड़ा होगा, उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि तम्बाकू उत्पादों के सभी पैकेटों पर स्वास्थ्य चेतावनी बिलकुल निर्धारित तरीके से दी गई हो।

     

    –अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो, जेल या जुर्माने का प्रावधान है।