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  • Haryana News: फरीदाबाद में हैरान कर देने वाला मामला! ओयो होटल की महिला मालिक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को चप्पलों से पीटा

    Haryana News: फरीदाबाद में हैरान कर देने वाला मामला! ओयो होटल की महिला मालिक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को चप्पलों से पीटा

    Haryana News: हरियाणा के फरीदाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक महिला ने सरेआम एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की चप्पलों से पिटाई कर दी। ये घटना सरूरपुर इलाके के नेशनल होटल के सामने की है। बताया जा रहा है कि महिला एक ओयो होटल की मालिक है और उसका नाम रंजीत कौर है। फिलहाल पुलिस ने इस महिला और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।

     हाथ जोड़ता रहा पुलिसकर्मी

    घटना के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी दीपक बार-बार हाथ जोड़कर महिला से माफ़ी मांगता रहा और खुद को बचाने की कोशिश करता रहा लेकिन महिला रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। वो लगातार उस पर चप्पलों से हमला करती रही। इतना ही नहीं महिला अपने एक साथी से इस पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवा रही थी।

    Haryana News: फरीदाबाद में हैरान कर देने वाला मामला! ओयो होटल की महिला मालिक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को चप्पलों से पीटा

    पुलिसकर्मी को होटल में घसीट ले गए

    ट्रैफिक पुलिसकर्मी दीपक ने अपनी शिकायत में बताया कि वह डायल अस्पताल चौक पर ड्यूटी कर रहा था तभी उसे सूचना मिली कि सरूरपुर इलाके में जाम लग गया है। जब वह मौके पर पहुंचा तो होटल मालिक रंजीत कौर और उसके दो साथी होटल के बाहर खड़े थे। जब दीपक ने उनसे सवाल किया तो महिला भड़क गई और अपने साथियों के साथ मिलकर दीपक को जबरदस्ती होटल के अंदर ले गई और वहीं उसे बुरी तरह पीटा गया।

    तुरंत हुई गिरफ्तारी

    घटना की जानकारी मिलते ही संजय कॉलोनी पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और होटल संचालिका रंजीत कौर सहित उसके दो साथियों सोनू और करण को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि यह हमला सुनियोजित लग रहा है क्योंकि महिला ने पहले से ही वीडियो रिकॉर्ड करने की योजना बना रखी थी।

    सभी आरोपी भेजे गए जेल

    फरीदाबाद पुलिस के पीआरओ यशपाल ने जानकारी दी कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • Haryana News: पुलिस वाले ने बचाई कार चालक की जान! कार चालक को आ गया था दिल का दौरा, समय पर CPR देकर बचाई जान

    Haryana News: पुलिस वाले ने बचाई कार चालक की जान! कार चालक को आ गया था दिल का दौरा, समय पर CPR देकर बचाई जान

    Haryana News: गुरुग्राम की सड़कों पर मंगलवार को एक ऐसा वाकया हुआ जिसने इंसानियत की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की। जहां आमतौर पर ट्रैफिक पुलिस को सख्ती और चालान के लिए जाना जाता है वहीं ट्रैफिक पुलिस में तैनात एएसआई कृष्ण कुमार ने अपनी ड्यूटी से कहीं बढ़कर एक मिसाल कायम की। उन्होंने समय रहते CPR देकर एक कार चालक की जान बचा ली और यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ नियम लागू करने का प्रतीक नहीं बल्कि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचायक भी है।

    बीच सड़क पर झटके से रुकी कार और दौड़े एएसआई

    मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे गुरुग्राम के मेदांता क्षेत्र में तैनात एएसआई कृष्ण कुमार अपनी ड्यूटी पर थे। तभी उन्होंने देखा कि एक कार अचानक झटके से बीच सड़क पर रुक गई। बिना देरी किए वे फौरन उस ओर दौड़े और देखा कि कार का चालक बेहोश है और उसकी हालत गंभीर लग रही है। स्थिति को समझते ही उन्होंने आसपास मौजूद लोगों और साथी पुलिसकर्मियों की मदद से कार का दरवाजा खोला और चालक को बाहर निकाला।

    Haryana News: पुलिस वाले ने बचाई कार चालक की जान! कार चालक को आ गया था दिल का दौरा, समय पर CPR देकर बचाई जान

    सीपीआर ने बदली किस्मत, लौटी सांसें

    चालक की हालत देखते हुए एएसआई कृष्ण कुमार ने अपनी पुलिस ट्रेनिंग का पूरा उपयोग करते हुए उसे तुरंत CPR देना शुरू किया। वह लगातार उसके सीने पर दबाव बनाते रहे। कुछ ही मिनटों में वह प्रयास रंग लाया और चालक के शरीर में हरकत होने लगी। धीरे-धीरे उसकी सांसें लौटने लगीं और उसे होश आ गया। होश में आने के बाद पुलिसकर्मी ने उसे पानी पिलाया और आराम करने दिया।

    परिवार को दी जानकारी, भावुक हुआ भाई

    इसी बीच कार चालक के मोबाइल पर एक कॉल आया जिसे एएसआई कृष्ण कुमार ने उठाया। सामने से बात करने वाला उसका भाई था जिसे उन्होंने पूरी जानकारी दी। थोड़ी ही देर में चालक का भाई मौके पर पहुंच गया। उसने भावुक होकर बताया कि अगर समय रहते CPR न दी जाती तो शायद आज उसका भाई जिंदा न होता। उन्होंने एएसआई और उनके साथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी समाज के लिए प्रेरणा हैं।

    इंसानियत की मिसाल बना एक पुलिसकर्मी

    गुरुग्राम की इस घटना ने यह दिखा दिया कि वर्दीधारी अधिकारी सिर्फ कानून के रक्षक ही नहीं बल्कि समाज के संरक्षक भी हैं। एएसआई कृष्ण कुमार ने जिस त्वरितता और संवेदनशीलता से काम किया वह काबिले तारीफ है। इस घटना को जानने के बाद हर किसी के दिल में एक सकारात्मक भावना जागृत होती है कि हमारे बीच ऐसे लोग हैं जो अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर इंसानियत के लिए खड़े रहते हैं।

  • Chandigarh पुलिस के नए निर्देश! हरियाणा-पंजाब नंबर की गाड़ियों को बिना वजह नहीं रोकेगी ट्रैफिक पुलिस

    Chandigarh पुलिस के नए निर्देश! हरियाणा-पंजाब नंबर की गाड़ियों को बिना वजह नहीं रोकेगी ट्रैफिक पुलिस

    Chandigarh: चंडीगढ़ की सड़कों पर अब हरियाणा और पंजाब नंबर की गाड़ियों को ट्रैफिक पुलिस द्वारा बेवजह नहीं रोका जाएगा। इस संबंध में डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने ट्रैफिक पुलिस को सख्त आदेश जारी किए हैं कि किसी भी राज्य की गाड़ी को सिर्फ उसके नंबर के आधार पर टारगेट नहीं किया जाएगा।

    डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चंडीगढ़ में आने वाले हरियाणा और पंजाब के वाहन चालकों के साथ कोई भेदभावपूर्ण या परेशान करने वाली कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। यदि कोई ट्रैफिक जवान सिर्फ गाड़ी के नंबर के आधार पर वाहन रोकता है या चालान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    चंडीगढ़ में अब ट्रैफिक पुलिस के जवान किसी भी वाहन को बीच सड़क पर रोककर उसका चालान नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने सख्त आदेश जारी किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ट्रैफिक लाइट प्वाइंट और प्रमुख चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका सिर्फ और सिर्फ ट्रैफिक को नियंत्रित करने तक सीमित होगी। चालान करने या वाहन रोकने का अधिकार अब उनके पास नहीं होगा।

    Chandigarh पुलिस के नए निर्देश! हरियाणा-पंजाब नंबर की गाड़ियों को बिना वजह नहीं रोकेगी ट्रैफिक पुलिस

    डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा की अध्यक्षता में सेक्टर-9 स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में हुई अहम बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक में ट्रैफिक विंग सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मीटिंग के फौरन बाद सभी ट्रैफिक यूनिट्स को यह आदेश मैसेज के जरिए तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दे दिए गए।

    डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई ट्रैफिक जवान वाहन रोकता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शहरवासियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने और पुलिस की छवि सुधारने के प्रयास के तहत उठाया गया है।
    बताया जा रहा है कि आम लोगों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि ट्रैफिक प्वाइंट्स पर खड़े पुलिसकर्मी मनमाने ढंग से वाहन रोककर चालान काटते हैं, जिससे ना केवल ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि कई बार अनावश्यक विवाद भी उत्पन्न हो जाते हैं।

    अब चालान कैसे होंगे?

    ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सीसीटीवी कैमरों, ऑटोमेटेड सिस्टम और मोबाइल ट्रैफिक यूनिट्स के माध्यम से चालान जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, यातायात पुलिस केवल विशेष अभियान या वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ही चालान की कार्रवाई कर सकेगी।

    नए आदेशों से जनता को राहत की उम्मीद

    इस फैसले का स्वागत करते हुए शहरवासियों ने उम्मीद जताई है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और पुलिस व आमजन के बीच विश्वास बढ़ेगा। वहीं, अधिकारियों का मानना है कि इससे जवानों का ध्यान केवल ट्रैफिक सुचारू बनाए रखने पर केंद्रित रहेगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले कुछ दिनों में इनके पालन की समीक्षा भी की जाएगी।

  • Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद शहर के कुछ हिस्सों में हाल ही में लगे विवादास्पद पोस्टरों ने पूरे प्रदेश में बहस छेड़ दी है। इन पोस्टरों में महिलाओं को बलात्कार से बचने के लिए “घर में रहने” और “लेट नाइट पार्टी में न जाने” की सलाह दी गई थी। इन पर लिखा था कि अगर आप रात में बाहर जाएंगी तो आपके साथ कुछ गलत हो सकता है। यह संदेश महिलाओं को दोषी ठहराने की मानसिकता को उजागर करता है और समाज में गहराई तक फैली पितृसत्ता की सोच को सामने लाता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने झाड़ा पल्ला

    यह पोस्टर अहमदाबाद के सोल और चांदलोदिया इलाकों में सड़क के डिवाइडरों पर लगाए गए थे। शुरुआत में ऐसा माना गया कि ये अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस के अभियान का हिस्सा हैं। लेकिन बाद में ट्रैफिक पुलिस की डीसीपी नीता देसाई ने साफ किया कि इन पोस्टरों की भाषा और विषयवस्तु के लिए पुलिस जिम्मेदार नहीं है। पुलिस के अनुसार, ‘सतर्कता ग्रुप’ नाम के एक एनजीओ ने ट्रैफिक जागरूकता अभियान के लिए अनुमति ली थी लेकिन महिला सुरक्षा से जुड़े यह विवादास्पद पोस्टर बिना अनुमति लगाए गए थे।

    
Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    राजनीतिक दलों का कड़ा विरोध

    इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि गुजरात सरकार महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है लेकिन असल में महिलाओं को घर में रहने की सलाह देकर उनके अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। पार्टी ने इसे महिलाओं को डराकर घर में बंद करने की साजिश बताया और इसे सरकार की असफलता करार दिया।

    डर नहीं सुरक्षा चाहिए

    महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर इस तरह के संदेश देना समाज के लिए खतरनाक है। यह न केवल महिलाओं को गलत ठहराने की कोशिश है बल्कि अपराधियों को परोक्ष रूप से छूट देने जैसा है। महिलाएं बाहर निकलेंगी तो समाज खुलेगा और आगे बढ़ेगा। अपराध को रोकने का सही तरीका अपराधियों पर सख्त कार्रवाई है ना कि महिलाओं को बंद करना।

    सच्चाई के आंकड़े और ज़मीन की हकीकत

    आम आदमी पार्टी के मुताबिक, पिछले तीन सालों में गुजरात में 6500 से अधिक बलात्कार के मामले सामने आए हैं और 36 से ज्यादा गैंगरेप की घटनाएं हुई हैं। यह औसतन हर दिन पांच से ज्यादा केस बनते हैं। ऐसे में सरकार को महिला सुरक्षा के वास्तविक उपाय करने चाहिए ना कि पोस्टरों के जरिए उन्हें ही दोषी ठहराना चाहिए।

  • Traffic Police: हरियाणा ट्रैफिक पुलिस का बड़ा फैसला, इस जगह पर वाहन पार्क करने पर कटेगा चालान

    Traffic Police: हरियाणा ट्रैफिक पुलिस का बड़ा फैसला, इस जगह पर वाहन पार्क करने पर कटेगा चालान

    Traffic Police: वाहन मालिकों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि रोहतक के डिप्टी कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। उनका यह आदेश कि नेशनल हाईवे पर ट्रक जैसे भारी वाहनों को पार्क करना गैरकानूनी है, सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    इसके अलावा उन्होंने नेशनल हाईवे पर रात के समय पेट्रोलिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी अवैध रूप से पार्क किया गया वाहन या अन्य सुरक्षा संबंधी खतरा सामने न आए। साथ ही संबंधित विभागों को गड्ढों को भरने के आदेश दिए गए हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह कदम निश्चित रूप से हरियाणा में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

    अगर आपके पास वाहन है तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रोहतक के डिप्टी कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने हाईवे पर ट्रक जैसे भारी वाहनों को पार्क करने पर उनका चालान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों को खड़ा करना गैर कानूनी है। इससे सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। धीरेन्द्र खड़गटा ने कहा कि यदि भविष्य में राजमार्ग पर कोई ट्रक या अन्य भारी वाहन खड़ा हुआ या इससे किसी की मौत हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को रात्रि के समय राष्ट्रीय राजमार्ग पर गश्त करने के निर्देश भी जारी किए हैं। उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण व नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित उन सड़कों की मरम्मत करें जहां पर गड्ढे हैं। गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, जिससे कई लोगों की जान चली जाती है।

     

  • Haryana Traffic Police : लापरवाही जान पर भारी, जान जोख़िम में डाल रही जनता

    Haryana Traffic Police : लापरवाही जान पर भारी, जान जोख़िम में डाल रही जनता

    सर्दियों का मौसम आते ही कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। कई जगहों पर वाहन चालकों की  लापरवाही, तो कहीं सड़क की खामियों की वजह से लोगों को जान गवानी पड़ती है। इस बार भी धुंध का मौसम शुरू हो चुका है। लेकिन नेशनल हाइवे पर और शहर को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर कई एसी जगह है जहां पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उचित इंतजाम नहीं किए गए है। खास तौर पर नई बनी सड़क पर , रिफलेक्टर, सांकेतिक चिन्ह,  सफ़ेद पट्टी आदि नहीं लगाई गई है।

     

    इस बीच रेवाड़ी Traffic Police वाहनों पर रिफलेक्टर टैप लगाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने का अभियान भी शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ खामियों को दुरुस्त करने के लिए भी संबिधित विभागों के साथ समय-समय पर बैठक करके आवश्यक दिशा निर्देश दिये जाते है।

    आपको बता दें कि दिल्ली जयपुर हाइवे पर अभी हाल में ही रिकार्पेटिंग का कार्य हुआ है। इसलिए सफ़ेद पट्टी की अवश्यकता है। इसी तरह से हाइवे पर इंट्री और एक्जिट प्वाइंट पर रिफलेक्टर सांकेतिक चिन्ह ना होने से भी हादसे होने की संभावना बढ़ी हुई है। जरूरी है कि धुंध के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन गंभीरता से कार्य करें।

    साथ ही वाहन चालकों भी ट्रेफिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता है । हाइवे पर बनीपुर चौक की इस वीडियो को देखकर आप समझ सकते है कि लोग किस कदर बेपरवाह है। जान जोखिम में डालकर हाइवे के डिवाइडर से वाहनों को कूदकर पार कर रहे है।

  • रेवाड़ी: नाबालिग वाहन चालकों पर ट्रैफिक पुलिस ने शिकंजा कस काटे चालान

    रेवाड़ी: नाबालिग वाहन चालकों पर ट्रैफिक पुलिस ने शिकंजा कस काटे चालान

    ट्रैफिक थाना एसएचओ ने बताया  कि अभिभावक स्कूलों में पढ़ने वाले अपने नाबालिग बच्चों के अप्रशिक्षित हाथों में वाहन  सौंप देते है। ऐसा करना खतरनाक हो  सकता है। नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। नाबालिग वाहन  चालकों के चालान काटने के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक किया गया। ।

    उन्होंने बताया कि अब यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि हर नाबालिग वाहन चलाने वालों पर लगाम कसी जा सके। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चे दोपहिया वाहनों को तेज गति से चलाते हैं। जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। कुछ वाहन चालक बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाते हैं। इन पर नियंत्रण करने के लिए कस्बे में अभियान चलाया है। पुलिस ने इस अभियान के तहत करीब छह मोटरसाइकिल बिना नंबर प्लेट के अपने कब्जे में ली हैं।

     

     

  • रेवाड़ी ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर, वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति किया जागरूक

    रेवाड़ी ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर, वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति किया जागरूक

    पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी राजेश कुमार ने कहा कि सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है और सर्दी में कोहरा छाने के कारण हादसे बढ़ जाते हैं। वाहन चालक लापरवाही करते हुए सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्राली, ट्रक व अन्य वाहन इत्यादि भी काफी संख्या में खड़े कर देते है। वाहनों को सड़क पर खड़ा नहीं करना चाहिए। कई वाहनों की पिछली लाइटें और इंडिकेटर खराब होने से सड़क किनारे वाहन खड़े करने की वजह से अकसर हादसे होते हैं। सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर व लाइटें अवश्य होनी चाहिए।

     

    प्रबंधक थाना यातायात निरीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने वाहन चालकों को हिदायत दी कि यदि किसी वाहन को रात के समय सड़क किनारे खड़ा करना हो तो इंडिकेटर का उपयोग जरूर करें, ताकि अन्य वाहन चालक सचेत रहें। ठंड बढ़ रही है। ठंड के साथ-साथ कोहरा भी बढ़ता जा रहा है. कोहरे के चलते विजिबिलिटी बेहद कम है, जिसके चलते वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो सकते है। हाईवे पर चलने वाले ट्रक टैक्सी और तमाम वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य है।

     

     

  • क्या आपको भी कोहरे के मौसम में वाहन चलाने में होती है असावधानी, तो बरतें ये एहतियाती उपाय

    क्या आपको भी कोहरे के मौसम में वाहन चलाने में होती है असावधानी, तो बरतें ये एहतियाती उपाय

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दृष्टिगत आमजन से वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा के नियमों की पालना करते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कोहरे के मौसम में विजिब्लिटी कम हो जाती है जिससे सड़क पर हर समय हादसा होने का अंदेशा रहता है। उन्होंने आमजन को धुंध के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि इस दौरान अति जरूरी हो तो ही यात्रा करें तथा ड्राइविंग से पहले मौसम के पूर्वानुमान की निगरानी करने के बाद ही गंतव्य के लिए प्रस्थान करें।

    धुंध के दौरान बरतें ये सावधानियां

    डीसी गर्ग ने कहा कि घने कोहरे में एहतियाती उपायों से आप स्वयं ही नहीं बल्कि दूसरे को भी सुरक्षित रख सकेंगे। उन्होने कहा कि जितना अधिक लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए सावधानी से वाहन चलाएंगे, उतना ही सफर सुगम और सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को आगे जाने वाले वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और फॉग लाइट्स व इंडीकेटर्स को लगातार ऑन रखना चाहिए।

    इसके साथ-साथ लो-बीम पर हेड-लाइट्स के साथ ड्राइव करें क्योंकि हाई-बीम कोहरे में बैक रिफ्लेक्ट कर विजिब्लिटी को बाधित करती है। धुंध के दौरान लेन बदलने व ट्रैफिक क्रॉस करने से बचें। उन्होंने कहा कि विजिब्लिटी बेहद खराब होने की स्थिति में वाहन चालक सड़क पर पेंट की गई लाइन को गाइड के रूप में उपयोग करते हुए वाहन चलाएं।

    डीसी गर्ग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे वाहनों की गति सीमा नियंत्रित रखे व मोबाइल फोन तथा म्यूजिक सिस्टम का उपयोग करने से बचें। उन्होंने कहा की लोगों को अपने वाहनों को मुख्य सड़क पर पार्क नहीं करना चाहिए। इसके विपरीत वाहनों के इंडीकेटर्स को ऑन कर ले-बाई या मेन रोड़ से दूर वाहनों को पार्क करें। वाहन चालक यह भी सुनिश्चित करें कि वाहनों की हेडलाइट, टेल लाइट, फॉग लाइट सहित इंडिकेटर, ब्रेक, टायर, विंडस्क्रीन वाइपर, बैटरी व कार हीटिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं।

    इमरजेंसी स्टॉप होने पर, जहां तक संभव हो सड़क से नीचे वाहन को उतारे, ओवरटेकिंग न करें और लेन बदलने, फ्री-वे और व्यस्त सड़कों पर वाहन रोकने से भी बचे। इन नियमों की पालना करके हम अपनी व आमजन की जानमाल की सुरक्षा कर सकते हैं।

  • रेवाड़ी शहर में फिर शुरू होंगी ट्रैफिक लाइटें, क्रॉस करने वालों के कटेंगे चालान

    रेवाड़ी शहर में फिर शुरू होंगी ट्रैफिक लाइटें, क्रॉस करने वालों के कटेंगे चालान

    डीएसपी हेडक्वार्टर हंसराज ने बताया कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए एसपी राजेश कुमार के निर्देश पर ट्रैफिक लाइटों को फिर से शुरू कराया जा रहा है। इसके लिए नगर परिषद से बात हो चुकी है। जल्दी ही ट्रैफिक लाइटें सुचारू रूप से कार्य करना शुरू कर देंगी।

     

     

    उन्होंने बताया कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ट्रैफिक लाइटों का होना जरूरी है। नप अधिकारियों ने पुलिस को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू करने में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक लाइटों के शुरू होते ही इन लाइटों के नियमों की सख्ती से पालना कराई जाएगी।

     

     

    ट्रैफिक पुलिस की ऐसे वाहन चालकों पर नजर रहेगी, जो ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन करने के आदि हो चुके हैं। रेड लाइट के दौरान अल्लंघना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान काटने व इंपाउंड करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।