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  • Political News: कांग्रेस का आरोप, अमित शाह के बेटे के दबाव में हुआ भारत-पाक मैच, बचाव में मनोहर लाल बोले, खेल का अपना एक सिस्टम

    Political News: कांग्रेस का आरोप, अमित शाह के बेटे के दबाव में हुआ भारत-पाक मैच, बचाव में मनोहर लाल बोले, खेल का अपना एक सिस्टम

    Political News: एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को पहले ही सात विकेट से हराकर जीत दर्ज की हो लेकिन देश के लोगों को यह जीत पसंद नहीं आ रही है। नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार रात भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के विरोध में प्रदर्शन किया गया। दिल्ली के कनॉट प्लेस के ए ब्लॉक स्थित बर्गर किंग के बाहर करीब 10 से 12 लोग इकट्ठा हुए और मैच का विरोध करने लगे। दिल्ली पुलिस ने इन लोगों को हिरासत में ले लिया है।

    भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सुनील गावस्कर ने यह कहकर गेंद सरकार के पाले में डाल दी है कि सरकार जो कहती है बीसीसीआई वही करती है। भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट मैच सरकार की इच्छा से हुआ है।

    इस बीच पहलगाम हमले में शहीद हुए विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल का कहना है कि हमें खेल का नहीं खेल में शामिल होने वाले पाकिस्तान का विरोध करना होगा। उन्होंने कहा कि वह इसका बायकाट करते हैं और पूरे भारतीयों को इसका बायकाट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के नेता और पाकिस्तान की सेना आतंकवाद को बढ़ावा दे रही हैं। ऐसे में हमें पाकिस्तान के साथ होने वाले हर मैच का विरोध करना चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान की जनता को भी पता चलेगा कि चंद लोगों की वजह से पाकिस्तान का विरोध हो रहा है।

    Political News: कांग्रेस का आरोप, अमित शाह के बेटे के दबाव में हुआ भारत-पाक मैच, बचाव में मनोहर लाल बोले, खेल का अपना एक सिस्टम

    फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर का कहना है कि जो लोग हमारा खून बहा रहे हैं, उनके साथ क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए था।

    कांग्रेस का कहना है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और सरकार ने सिर्फ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह के दबाव में यह फैसला किया है। क्योंकि जय शाह इंटरनेशनल क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष है। केंद्र सरकार ने उनके ही दबाव में यह मैच खेलने का फैसला किया है। आज काफी लोग पूर्व क्रिकेटर्स से इस मैच को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। लेकिन हकीकत में केंद्र सरकार भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच के लिए जिम्मेदार है। इससे देश के शहीदों का अपमान हो रहा है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर लोगों द्वारा सरकार पर सवाल खड़े करने पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल मैं सरकार का बचाव करते हुए कहा, ”दुनिया में खेल का अपना एक सिस्टम होता है, अपना एक अनुशासन होता है। खासकर वो मैच कोई पाकिस्तान की धरती पर नहीं हो रहा है, वो खेल दुबई में हो रहा है। अगर दुबई में किसी देश की टीमें खेलती हैं तो खेल को प्रोत्साहन देने में कोई आपत्ति नहीं है। कोई देश का इतना बड़ी भागीदारी नहीं है कि सारा देश उस पर लग पड़ा है। 11 खिलाड़ियों की एक टीम होती है। 11 इधर से होते हैं और 11 खिलाड़ी उधर से होते हैं। ये खेल भावना है।”

  • Asaduddin Owaisi का चौंकाने वाला सवाल- क्या Pahalgam में मरे लोग या क्रिकेट का पैसा ज्यादा अहम?

    Asaduddin Owaisi का चौंकाने वाला सवाल- क्या Pahalgam में मरे लोग या क्रिकेट का पैसा ज्यादा अहम?

    Asaduddin Owaisi: भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप में होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर आईसीसी, बीसीसीआई और भारतीय सरकार की आलोचना हो रही है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने सबसे पहले भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए सवाल उठाया कि क्या पाहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों की जानें अधिक महत्वपूर्ण हैं या इस मैच से होने वाली कमाई।

    पीएम मोदी के बयान को दोहराया

    ओवैसी ने शनिवार देर रात हैदराबाद में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ‘पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते, आतंक और बातचीत संभव नहीं है।’ ओवैसी ने कहा, “बीसीसीआई को इस मैच से कितने करोड़ रुपये मिलेंगे, 2,000 करोड़ या 3,000 करोड़? हमें बताइए कि हमारे 26 नागरिकों की जानें अधिक कीमती हैं या यह पैसा? भाजपा को इस पर जवाब देना चाहिए।” उनका यह बयान दर्शाता है कि उन्हें लगता है कि खेल की वजह से राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

    Asaduddin Owaisi का चौंकाने वाला सवाल- क्या Pahalgam में मरे लोग या क्रिकेट का पैसा ज्यादा अहम?

    ओवैसी ने भाजपा और संघ पर लगाए आरोप

    ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा हमेशा ‘देशभक्ति’ की बात करती है, लेकिन जब क्रिकेट मैच की बात आती है तो वह अपनी नीति बदल देती है। उन्होंने कहा कि AIMIM हमेशा पाहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ खड़ा रहा है। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य मकसद सिर्फ पैसे कमाने की योजना को लेकर सरकार को सवाल करना है। उन्होंने कहा, “यह मैच कैसे हो सकता है? इसे बिल्कुल नहीं खेलना चाहिए। जब हम सिंधु जल संधि के तहत पानी रोक सकते हैं, तो क्रिकेट मैच क्यों खेलना?”

    मैच की जानकारी

    एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें रविवार शाम दुबई में आमने-सामने होंगी। यह दोनों देशों की टीमों के बीच पांच महीने बाद पहला मुकाबला होगा, जब मई में भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ा था। मई में भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे पर हमला किया था, जबकि अप्रैल 22 को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। ओवैसी का यह बयान इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के राजनीतिक और नैतिक पहलू पर प्रकाश डालता है और यह दर्शाता है कि खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस जारी है।

  • Dada Gautam की विधानसभा में मांग, ”आज घर से लड़के लड़की भाग जाते हैं’, सरकार ऐसा कानून बनाया जाए कि लड़का और लड़की को शादी के लिए मां बाप की परमिशन मिलना जरूरी हो

    Dada Gautam की विधानसभा में मांग, ”आज घर से लड़के लड़की भाग जाते हैं’, सरकार ऐसा कानून बनाया जाए कि लड़का और लड़की को शादी के लिए मां बाप की परमिशन मिलना जरूरी हो

    विधानसभा में Dada Gautam ने एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि समाज में आजकल लड़के-लड़कियों के घर से भागकर शादी करने की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार यह रिश्ते सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक विवाद का कारण भी बन जाते हैं। इसलिए सरकार को ऐसा कानून लाना चाहिए जिसमें शादी से पहले मां-बाप की अनुमति अनिवार्य हो।

    क्यों ज़रूरी है यह कानून?

    दादा गौतम का कहना है कि जब लड़का और लड़की परिवार से छुपकर शादी करते हैं तो कई समस्याएँ खड़ी हो जाती हैं। पहला, दोनों परिवारों में टकराव और तनाव बढ़ता है। दूसरा, कई बार ऐसे रिश्तों को समाज से स्वीकार्यता नहीं मिलती, जिससे नई-नई मुश्किलें सामने आती हैं। तीसरा, घर से भागकर शादी करने वाले युवा अक्सर आर्थिक और सामाजिक रूप से असुरक्षित रह जाते हैं।

    परिवार की भूमिका

    भारतीय संस्कृति में परिवार का महत्वपूर्ण स्थान है। मां-बाप न केवल बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए जिम्मेदार होते हैं बल्कि उनके भविष्य के निर्णयों में भी मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। शादी जीवन का सबसे अहम फैसला है और इसमें परिवार की सहमति से स्थिरता और सामाजिक स्वीकृति मिलती है। दादा गौतम का मानना है कि यदि मां-बाप की मंजूरी जरूरी हो जाएगी तो घर से भागकर शादी करने की घटनाएँ कम होंगी और समाज में सामंजस्य बना रहेगा।

    सरकार और समाज से अपील

    विधानसभा में दादा गौतम ने सरकार से अपील की कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाए और कानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर यह कानून लागू होता है तो न केवल पारिवारिक विवादों में कमी आएगी बल्कि समाज में होने वाले आपसी झगड़ों और मान-सम्मान की हानि को भी रोका जा सकेगा। साथ ही, यह कदम युवाओं को जिम्मेदारी का एहसास कराएगा और उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लेने के लिए प्रेरित करेगा।