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  • जींद: मकान में लगी आग ने ली जान, आग बुझाते समय युवक छत के मलबे में दबा, फायर ब्रिगेड पहुंचने में देर

    जींद: मकान में लगी आग ने ली जान, आग बुझाते समय युवक छत के मलबे में दबा, फायर ब्रिगेड पहुंचने में देर

    जींद के जुलाना में एक मकान में आग लगने से आग को बुझाते समय छत गिर गई और युवक इसके नीचे दबकर जिंदा जल गया। जलने और नीचे दबने से युवक की मौत हो गई। घटना के दौरान भैंस भी आग में झुलसने से मारी गई।

    घटना शनिवार सुबह 6 बजे की है। जुलाना के जुलाना के वार्ड 13 निवासी दीपक के मकान में आग लग गई। तूड़ी और भैंसों वाले कमरे में आग लगने के बाद भैंस आग की चपेट में आने से झुलस गई। दीपक के पड़ोस में रहने वाले साहिल समेत कुछ युवक आ गए और आग बुझाने की कोशिश करने लगे।

    जींद: मकान में लगी आग ने ली जान, आग बुझाते समय युवक छत के मलबे में दबा, फायर ब्रिगेड पहुंचने में देर

    युवाओं ने सोचा कि छत को उखाड़ देते हैं, जिससे आग पर काबू पाने में आसानी रहेगी। छत को उखाड़ते समय छत गिर गई, क्योंकि आग के कारण छत पर लगी फट्टियां व कड़ी जल चुकी थी। इसमें छत पर मौजूद साहिल नीचे गिर गया और आग की लपटों के साथ-साथ मलबे के नीचे भी दब गया।

    करीब आधे घंटे बाद साहिल को बाहर निकाला गया और जुलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आग लगने की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। आग में झुलसने से भैंस की भी मौत हो गई।

    बताया जा रहा है कि साहिल महम से लैब टैक्नीशियन का कोर्स कर रहा था और तीन महीने बाद उसका कोर्स पूरा होना था। साहिल का एक बड़ा भाई भी है। साहिल के चाचा पंकज ने बताया कि फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी गई लेकिन करीब 45 मिनट के बाद गाड़ी पहुंची तथा आग पर काबू पाया जा सका।

  • RCB: 17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    RCB: 17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न 17 साल बाद जबरदस्त अंदाज में मनाया जा रहा था, लेकिन यह खुशी महज एक दिन में मातम में बदल गई। 3 जून 2025 को अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को हराकर RCB ने पहला IPL खिताब अपने नाम किया, लेकिन 4 जून को बेंगलुरु में हुए विजय जुलूस के दौरान भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद RCB लंबे समय तक चुप रही, लेकिन अब तीन महीने बाद टीम ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया। RCB ने लिखा – “हमारी खामोशी गैरमौजूदगी नहीं थी, बल्कि गम था। 3 जून ने हमें खुशी दी, लेकिन 4 जून ने सब बदल दिया। तब से हम सिर्फ शोक में थे, सुन रहे थे और सीख रहे थे।”

    17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    टीम ने आगे लिखा कि यही वजह है कि RCB CARES की शुरुआत हुई। इसका मकसद है फैंस के साथ खड़ा रहना, उन्हें सिर्फ जीत की खुशी नहीं बल्कि मुश्किल वक्त में भी सहारा देना। RCB ने कहा कि “अब हम फैंस के साथ सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि देखभाल और जुड़ाव का रिश्ता कायम करेंगे। यही हमारी असली पहचान बनेगी।”

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    RCB ने हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी। वहीं, कर्नाटक सरकार ने जुलाई में RCB पर मुकदमा चलाने की अनुमति भी दी थी। हालांकि, अब टीम का कहना है कि वह इस दर्द को कभी नहीं भूलेगी और इसे ही नई ताकत और जिम्मेदारी में बदलेगी।

    यह हादसा सिर्फ IPL के इतिहास में ही नहीं, बल्कि बेंगलुरु शहर के लिए भी एक काला दिन बन गया। जहां एक ओर 17 साल का इंतजार खत्म होने की खुशी थी, वहीं अगले ही दिन परिवार अपने अपनों को खोकर बेसहारा हो गए। अब देखना होगा कि RCB CARES के जरिए टीम फैंस का विश्वास और दिल फिर से जीत पाती है या नहीं।

  • नूंह में मकान गिरने से परिवार पर गिरा मलबा! दो बच्चों की मौत, तीन घायल, गांव वालों की मदद से बचाई जान

    नूंह में मकान गिरने से परिवार पर गिरा मलबा! दो बच्चों की मौत, तीन घायल, गांव वालों की मदद से बचाई जान

    नूंह जिले के पिनगवां खंड के गांव रीठठ में रविवार से सोमवार की दरमियानी रात एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। घटना के समय वे मकान में सो रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल सदस्यों को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां से 5 वर्षीय सलमान को उसकी नाजुक हालत के चलते दिल्ली के ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया।

    परिवार की दर्दनाक कहानी

    गांव के लोगों ने बताया कि 40 वर्षीय सलीम अपने परिवार के साथ पक्के मकान में सोया हुआ था। उनके साथ पत्नी फराना, तीन बच्चे उमर मोहम्मद, सलमान और बेटी नायरा भी सो रही थी। रात करीब 1 बजे मकान की पिछली दीवार गिर गई और छत का मलबा ऊपर सो रहे परिवार के सदस्यों पर आ गिरा। इससे सभी दब गए। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद पांचों को मलबे से निकाला। बच्चों उमर मोहम्मद और नायरा की मौत हो चुकी थी, जबकि पिता सलीम, पत्नी फराना और छोटा बेटा सलमान घायल थे।

    नूंह में मकान गिरने से परिवार पर गिरा मलबा! दो बच्चों की मौत, तीन घायल, गांव वालों की मदद से बचाई जान

    घायलों का इलाज जारी

    घायल सलीम और फराना का इलाज नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं, 5 वर्षीय सलमान की हालत गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। पूरे गांव में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है और लोग परिवार के लिए दुआ कर रहे हैं। घायल परिवार को जल्द स्वस्थ देखकर सभी गांव वाले राहत की सांस लेना चाहते हैं।

    मकान गिरने का कारण

    ग्रामीणों के अनुसार, यह मकान लगभग 10-15 साल पहले सलीम ने बनवाया था। मकान के पीछे खेत हैं और मकान को भराव करके ऊंचा बनाया गया था। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों हुई भारी वर्षा की वजह से मकान की पिछली दीवार कमजोर हो गई थी। इसी वजह से रात के वक्त दीवार टूट गई और मकान गिर गया। यह एक प्राकृतिक कारणों से हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना मानी जा रही है।

    गांव में शोक और चेतावनी

    इस हादसे ने गांव में भारी दुख और चेतावनी दोनों का संदेश दिया है। कई लोग कह रहे हैं कि बारिश के मौसम में मकान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कमजोर दीवारों और पुराने मकानों की मरम्मत न कराना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन को भी ऐसे इलाकों में मकानों की स्थिति जांचने और जरूरत पड़ने पर सुधार करवाने की कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी में कुदरत का कहर! धराली में बादल फटने से मची भारी तबाही, लापता हुए कई लोग

    Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी में कुदरत का कहर! धराली में बादल फटने से मची भारी तबाही, लापता हुए कई लोग

    Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित धराली गांव में मंगलवार को अचानक बादल फटने की घटना ने इलाके में तबाही मचा दी। भारी बारिश के बाद आए तेज मलबे की चपेट में कई घर बह गए और बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए हैं। इस आपदा के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में विनाश का भयावह दृश्य साफ देखा जा सकता है, जहां तेजी से बहता मलबा सबकुछ अपने साथ बहा ले जाता है।

    लापता लोगों की तलाश जारी

    हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार कई लोग इस हादसे में लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है और स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच रही है। मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

    Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी में कुदरत का कहर! धराली में बादल फटने से मची भारी तबाही, लापता हुए कई लोग

    मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    उत्तरकाशी की इस प्राकृतिक आपदा पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि धराली क्षेत्र में बादल फटने से जो भारी नुकसान हुआ है, वह अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। उन्होंने प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।

    क्यों होता है बादल फटना?

    बादल फटना एक ऐसी प्राकृतिक घटना है, जब बहुत कम समय में एक स्थान पर भारी मात्रा में बारिश होती है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में यह ज्यादा होता है, जहां तापमान और वायुमंडलीय दबाव के बीच अचानक बदलाव आता है। उत्तराखंड जैसे राज्य, जो पूरी तरह पहाड़ियों से घिरे हैं, यहां इस तरह की आपदाएं अक्सर देखने को मिलती हैं।

    आपदा प्रबंधन की चुनौती

    धराली में आई इस आपदा ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हर साल मानसून का समय डर और चिंता लेकर आता है। सरकार को चाहिए कि वह इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए स्थायी समाधान निकाले और समय रहते सतर्कता और सुरक्षा उपायों को मजबूत करे।

  • Mansa Devi Temple Stampede: मनसा देवी मंदिर बना मातम का मंजर – भीड़ में कैसे छिन गईं 6 ज़िंदगियां?

    Mansa Devi Temple Stampede: मनसा देवी मंदिर बना मातम का मंजर – भीड़ में कैसे छिन गईं 6 ज़िंदगियां?

    Mansa Devi Temple Stampede: हरिद्वार के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में आज सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में अचानक भगदड़ मच गई जिससे 6 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सुबह की आरती और दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। लेकिन इस आस्था की भीड़ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब सीढ़ियों पर एक श्रद्धालु फिसल गया और उसके बाद बाकी लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए।

    सीढ़ियों पर हुआ हादसा

    यह हादसा मंदिर की सीढ़ियों के पास हुआ जहां चढ़ाई के दौरान अचानक कई लोग फिसलकर गिर गए। जैसे ही कुछ लोग नीचे गिरे उनके ऊपर पीछे से आ रहे लोग चढ़ते चले गए जिससे हालात बेकाबू हो गए। मंदिर परिसर में मौजूद लोग चीखने-चिल्लाने लगे और भगदड़ का माहौल बन गया। कुछ श्रद्धालु बेसुध पड़े रहे जबकि कई को पैरों के नीचे कुचलने जैसी हालत हो गई।

    Mansa Devi Temple Stampede: मनसा देवी मंदिर बना मातम का मंजर – भीड़ में कैसे छिन गईं 6 ज़िंदगियां?

    पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

    हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। स्थानीय लोगों और मंदिर स्टाफ ने भी घायलों को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस का कहना है कि अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और मंदिर में दर्शन भी रोक दिए गए हैं ताकि जांच की जा सके।

     भीड़ प्रबंधन में चूक की जांच

    अधिकारियों ने कहा है कि इस हादसे की असली वजहों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में भीड़ प्रबंधन में बड़ी चूक की बात सामने आई है। त्योहार और सावन माह की वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी लेकिन पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा कैसे और कब हुआ।

    श्रद्धालुओं में डर और गुस्सा

    इस हादसे के बाद पूरे हरिद्वार शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। श्रद्धालु डरे हुए हैं और लोग मंदिर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मंदिर एक धार्मिक स्थान है जहां लोग शांति और आस्था के लिए आते हैं लेकिन इस तरह की घटनाएं न सिर्फ विश्वास को हिला देती हैं बल्कि प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करती हैं।