Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 21 एजेंडों पर विचार किया गया, जिनमें से 17 को मंजूरी दे दी गई। इस बैठक में सबसे अहम फैसला हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर लिया गया, जो 22 अगस्त से शुरू होगा। सत्र की रूपरेखा और कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में तय की जाएगी। इसके अलावा राज्य में विभिन्न योजनाओं, कर्मचारियों और पेंशनरों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम और ठेका कर्मचारियों को राहत
बैठक में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को मंजूरी दी गई है, जिससे उनकी सेवाओं में पारदर्शिता और स्थायित्व सुनिश्चित हो सकेगा। इसके साथ ही, ठेका कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने के लिए “ठेका कर्मचारी सेवा आश्वासन अधिनियम, 2024” को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली। यह अधिनियम राज्य के हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए एक राहतभरी पहल साबित होगा।
पेंशनरों और पूर्व विधायकों को आर्थिक लाभ
कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों को राहत देते हुए निर्णय लिया गया कि 61 से 70 वर्ष की आयु वाले पेंशनरों को अब ₹5,000 की मासिक सहायता दी जाएगी, जबकि 70 वर्ष से ऊपर के पेंशनरों को ₹10,000 की मासिक सहायता मिलेगी। इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक उम्र के पूर्व विधायकों को चिकित्सा सुविधा हेतु ₹10,000 मासिक भत्ता देने की घोषणा की गई। यह फैसला वरिष्ठ नागरिकों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के कल्याण के उद्देश्य से लिया गया है।

लाडो लक्ष्मी योजना और बिल्डरों को सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही लाडो लक्ष्मी योजना को जमीनी स्तर पर लागू करेगी, जिसके लिए पंजीकरण पोर्टल बनाया जा रहा है। यह योजना बेटियों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, बिल्डरों को 6 करम (लगभग 10 मीटर) चौड़ी राजस्व सड़कों पर सीवरेज, जल आपूर्ति, विद्युत, गैस पाइपलाइन जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए उपयोग की अनुमति देने की नीति को भी मंजूरी दी गई। इससे शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
अन्य फैसले: एग्रो मॉल और राजस्व वसूली में राहत
कैबिनेट ने एग्रो मॉल के आवंटियों को राहत देते हुए विवाद निवारण-2 योजना को शुरू किया है। यदि किसी आवंटी को समय पर संपत्ति नहीं मिली है, तो उन्हें 7% की दर से ब्याज दिया जाएगा। वहीं जिन मामलों में नो ड्यूज सर्टिफिकेट या कन्वेयंस डीड जारी हो चुकी है, लेकिन सिस्टम में राशि बकाया दिख रही है, उनमें केवल मूलधन की वसूली की जाएगी और ब्याज व जुर्माना माफ किया जाएगा। ये निर्णय राज्य के राजस्व तंत्र को और अधिक न्यायसंगत व सरल बनाने की दिशा में हैं।
