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  • Krishna Bedi ने Kumari Selja पर साधा हमला! कृष्ण बेदी ने कहा -, कांग्रेसी केवल एक में बैठकर विरोध कर सकते हैं फील्ड में उतरकर नहीं

    Krishna Bedi ने Kumari Selja पर साधा हमला! कृष्ण बेदी ने कहा -, कांग्रेसी केवल एक में बैठकर विरोध कर सकते हैं फील्ड में उतरकर नहीं

    हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम बयान सामने आए हैं। मंत्री Krishna Bedi ने सांसद Kumari Selja पर तीखे शब्दों में हमला किया। बेदी ने कहा कि सैलजा नरवाना क्षेत्र में वोट लेने के बाद कभी दिखाई नहीं देती। उनका आरोप है कि लोग सिरसा लोकसभा क्षेत्र में गुमशुदा के पोस्टर लगा रहे हैं क्योंकि सांसद कभी फील्ड में नहीं आती। बेदी के अनुसार, सैलजा सिर्फ दिल्ली में प्रेस रिलीज करवाकर अपना विरोध जताती हैं और लोगों के दुख-सुख में शामिल नहीं होती।

    सैलजा की गैरमौजूदगी पर आरोप

    मीडिया से बातचीत में बेदी ने कहा कि सैलजा को फील्ड में आना चाहिए। उनका कहना है कि चाहे विरोध करने के लिए ही क्यों न आएं, मगर वे गर्मी और पसीने के कारण केवल एसी कमरे में बैठकर ही बयान देती हैं। बेदी ने यह भी कहा कि सैलजा सीवर-पानी या सड़क जैसी समस्याओं के समाधान के लिए समय नहीं निकालतीं, लेकिन किसी गंभीर घटना जैसे हिसार में एससी वर्ग के युवक की हत्या पर राजनीति करने जरूर पहुंच जाती हैं।

    Krishna Bedi ने Kumari Selja पर साधा हमला! कृष्ण बेदी ने कह-, कांग्रेसी केवल एक में बैठकर विरोध कर सकते हैं फील्ड में उतरकर नहीं

    कांग्रेस के अंदरूनी विवादों पर बेदी की प्रतिक्रिया

    कृष्ण बेदी ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बनने के फैसले पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के गुटवाद के कारण यह पद ज्यादा समय तक किसी के पास नहीं टिक पाएगा। बेदी के अनुसार, चार-पांच महीने में जिलाध्यक्ष पद छोड़कर भाग जाएगा और पार्टी के पास कोई स्पष्ट नीति और नेतृत्व नहीं है। उनका कहना है कि कांग्रेस एक मुद्दाविहीन पार्टी बनकर रह गई है।

    कुमारी सैलजा का राजनीतिक सफर

    कुमारी सैलजा सिरसा लोकसभा से तीसरी बार सांसद बनी हैं। इससे पहले वह 1991 और 1996 में भी सांसद रह चुकी हैं। सैलजा केंद्रीय मंत्री भी रही हैं और उनका परिवार सिरसा लोकसभा क्षेत्र में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है। उनके पिता स्व. दलबीर सिंह भी चार बार सांसद रहे हैं। सैलजा के राजनीतिक अनुभव और परिवार की पहचान उनके क्षेत्र में उनकी पकड़ को मजबूत करती है।

    कृष्ण बेदी का राजनीतिक सफर

    कृष्ण कुमार बेदी लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2014 में शाहबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता और मनोहर लाल सरकार में राज्य मंत्री बने। 2019 में उन्होंने फिर से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। इसके बाद उन्हें तत्कालीन सीएम का राजनीतिक सचिव बनाया गया। 2024 के विधानसभा चुनाव में बेदी नरवाना से चुनाव लड़े और जीत हासिल की। अब वे नायब सैनी की सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर कार्यरत हैं।

  • गायिका से मंत्री बनीं Anmol Gagan ने अचानक छोड़ी राजनीति, पंजाब की सियासत में मचा भूचाल

    गायिका से मंत्री बनीं Anmol Gagan ने अचानक छोड़ी राजनीति, पंजाब की सियासत में मचा भूचाल

    पंजाब की सियासत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आम आदमी पार्टी की विधायक और पूर्व मंत्री Anmol Gagan मान ने अचानक राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेजते हुए अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि उनका मन अब राजनीति में नहीं लग रहा और वह अब एक नई दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं।

    सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट ने सबको चौंकाया

    अनमोल गगन मान ने राजनीति से संन्यास लेने की जानकारी सोशल मीडिया के ज़रिए दी। उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा कि “दिल भारी है लेकिन मैंने राजनीति छोड़ने का फैसला कर लिया है। विधायक पद से मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जाए। मेरी शुभकामनाएं पार्टी और पंजाब सरकार के साथ हैं।” उनका यह संदेश तेजी से वायरल हो गया और सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

    गायिका से मंत्री बनीं Anmol Gagan ने अचानक छोड़ी राजनीति, पंजाब की सियासत में मचा भूचाल

    पंजाबी गायिका से मंत्री तक का दिलचस्प सफर

    अनमोल गगन मान का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। वह पहले एक लोकप्रिय पंजाबी गायिका थीं और फिर साल 2020 में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। पार्टी ने उन्हें पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाया और 2022 विधानसभा चुनाव में उन्हें खरड़ सीट से टिकट दिया गया। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के रणजीत सिंह गिल को लगभग 37 हजार वोटों से हराकर शानदार जीत दर्ज की।

    मंत्री पद पर रहते हुए दिखाई थी सक्रियता

    चुनाव जीतने के बाद अनमोल गगन मान को पंजाब सरकार में पर्यटन मंत्री बनाया गया। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई नए प्रयास किए और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाईं। वे पार्टी के प्रचार अभियान में भी काफी सक्रिय रहीं और आम आदमी पार्टी का कैंपेन सॉन्ग भी उन्होंने ही तैयार किया था। वह 2022 की सबसे युवा और ऊर्जावान नेताओं में से एक मानी जाती थीं।

    इस्तीफे के पीछे वजहें बनीं रहस्य

    हालांकि अनमोल गगन मान ने इस्तीफा देने के पीछे कोई साफ कारण नहीं बताया है लेकिन उनके फैसले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद या निजी कारण इसकी वजह हो सकते हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि आम आदमी पार्टी इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या अनमोल फिर कभी सियासत में वापसी करेंगी।