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  • Haryana: रोहतक में बुलडोजर रुके, घुमंतू परिवारों को मिली राहत – जयहिन्द का हुआ ऐलान

    Haryana: रोहतक में बुलडोजर रुके, घुमंतू परिवारों को मिली राहत – जयहिन्द का हुआ ऐलान

    Haryana: शनिवार 13 सितंबर को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के अधिकारी सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ बुलडोजर लेकर गाड़े लुहार जिन्हें घुमंतू जाति भी कहते है, उनके घर (झुग्गी–झोपडी) तोड़ने रोहतक के सुनारियां चौंक पर पहुंचे। सूचना मिलते ही नवीन जयहिन्द भी वहां पहुंचे और अधिकारियों से डीसी साहब, एसडीएम साहब व एसपी साहब से अपील कर तीन–चार दिनों का समय मांगा, कहा कि इन गरीब लोगों को थोड़े दिनों का समय दिया जाए, इनकी झुग्गियों को अभी न तोड़ा जाए, ताकि ये अपना सामान यहां से कहीं दूसरी जगह ले जा सके।

    Haryana: रोहतक में बुलडोजर रुके, घुमंतू परिवारों को मिली राहत – जयहिन्द का हुआ ऐलान

    जिसके बाद अधिकारियों ने बुलडोजर रुकवाया और लोगो को समान उठाने के लिए थोड़ा समय दिया। इसके लिए सब लोगो ने जयहिन्द का आभार जताया।

    जयहिन्द ने कहा मुख्यमंत्री नायब सैनी जी 14 सितंबर को रोहतक में आ रहे है। मुख्यमंत्री जी बिल्कुल ऐसा नहीं चाहेंगे कि इन गरीब लोगों की झुग्गियों को इस तरह तोड़ा जाए। क्योंकि हमारे मुख्यमंत्री जी खुद सभी घुमंतू जाति के लोगों को प्लॉट देने व उनके रहने की व्यवस्था करने की बात कहते है।

    लोग ने जयहिन्द को बताया कि हम यहां कोई कब्जा नहीं कर रहे, हम सिर्फ इतना कह रहे है कि हमें कोई दूसरी जगह दे दी जाए। हमने बहुत बार फॉर्म भी भरे लेकिन कभी कोई प्लॉट नहीं मिला। ये लोग लगभग तीस सालों से रोहतक में रह रहे है, इसके आधार कार्ड, वोटर कार्ड इत्यादि सब रोहतक का ही है। जयहिन्द ने बताया कि ये लोग महाराणा प्रताप की सेना में रहे हुए है।

  • Gurugram से पलायन कर रहे प्रवासी! बांग्ला भाषी होना बन रहा अपराध, बांग्ला बोलने वालों में डर का माहौल

    Gurugram से पलायन कर रहे प्रवासी! बांग्ला भाषी होना बन रहा अपराध, बांग्ला बोलने वालों में डर का माहौल

    Gurugram में गृह मंत्रालय के आदेश पर पुलिस ने अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इस अभियान के तहत, संदिग्ध प्रवासियों की पहचान की जा रही है, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और हिरासत केंद्रों में भेजा जा रहा है। इस अभियान ने शहर में रहने वाले कई परिवारों में भय का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे कुछ लोग गुरुग्राम छोड़कर चले गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस पूछताछ की आड़ में उन्हें परेशान कर रही है और उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर कर रही है।

    कमाल की स्थिति यह है कि इस अभियान से जितना हड़कंप बांग्लादेशियों में है उससे ज्यादा स्थानीय निवासियों में है। गुरुग्राम की बड़ी बड़ी हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले लोग परेशान हैं। नागरिक समितियों यानी आरडब्ल्यूए ने पुलिस से अनुरोध किया है कि वह इस अभियान को रोके। असल में जब से गुरुग्राम पुलिस ने बांग्लादेशियों की पहचान करके उनको निकालने का अभियान शुरू किया है, तब से गुरुग्राम की व्यवस्था बिगड़ी है। हाउसिंग सोसायटी और प्राइवेट बंगलों, घरों में काम करने वाली घरेलू नौकरानियों और अन्य काम करने वाले लोग लापता हो गए हैं या कम हो गए हैं। ऐसा नहीं है कि वे सारे लोग बांग्लादेशी हैं। लेकिन उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं है।

    Gurugram से पलायन कर रहे प्रवासी! बांग्ला भाषी होना बन रहा अपराध, बांग्ला बोलने वालों में डर का माहौल

    उनमें ऐसे लोग भी हैं, जो बांग्ला बोलते हैं, लेकिन बांग्लादेशी नहीं हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस बांग्ला बोलने वालों को पकड़ ले रही है और उन्हें बांग्लादेशी बता कर निकालने का अभियान शुरू कर दे रही है। ध्यान रहे बांग्ला बोलने वाले लोग पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा से लेकर पूर्वोत्तर के किसी भी राज्य के नागरिक हो सकते हैं। बिहार के भी हो सकते हैं क्योंकि बिहार में भी बड़ी संख्या में बांग्लादेशी शरणार्थी बसे हैं, जो 1971 में भारत आए थे। ऐसे लोगों के पास अगर आधार या दूसरे दस्तावेज हैं तो भी पुलिस उन पर ध्यान नहीं दे रही है। पुलिस की चिंता में कामगारों ने काम पर आना बंद कर दिया है। इससे गुरुग्राम की तमाम हाउसिंग सोसायटी में परेशानी हो रही है।

    गुरुग्राम के साउथ सिटी 2 इलाके में पश्चिम बंगाल के सैकड़ों परिवार रहते हैं। यहाँ लगभग 500 झुग्गियों में इतने परिवार बसे हुए थे। लेकिन पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद 300 से 400 परिवार पलायन कर गए। बाकी परिवार भी अपना सामान समेटकर पश्चिम बंगाल लौटने की तैयारी कर रहे हैं। सड़कों पर ट्रक दिख रहे हैं, जो लोगों का सामान लेकर उनके गृह राज्य जा रहे हैं। यह दृश्य स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से लोग रोज़गार की तलाश में सालों से गुरुग्राम में रह रहे हैं। ज़्यादातर लोग मज़दूरी करके अपना गुज़ारा करते हैं। कई परिवारों का कहना है कि वे पिछले 20 सालों से यहाँ रह रहे हैं और इस शहर को अपना घर मानते हैं। लेकिन मौजूदा कार्रवाई ने उनके जीवन में अनिश्चितता ला दी है। कुछ का कहना है कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज़ हैं, फिर भी वे डरे हुए हैं।

    प्रवासी मज़दूरों का कहना है कि वे पिछले 20 सालों से गुरुग्राम में रह रहे हैं और उनके पास आधार और वोटर आईडी कार्ड दोनों हैं। इसके बावजूद, उनका आरोप है कि गुरुग्राम पुलिस उन्हें परेशान करती रहती है। उन्होंने कहा, “पुलिसवाले कभी भी आकर हमें उठा लेते हैं। पूछताछ के बाद हमें फिर छोड़ देते हैं। कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की गई है। यहाँ तक कि महिला पुलिसकर्मी भी ठीक से बात नहीं करतीं। पुलिस हमें बार-बार परेशान कर रही है, जिससे हमें अपने घर लौटने पर मजबूर होना पड़ रहा है।”

    गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार दहिया ने बताया कि गुरुग्राम में चार होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं। जहाँ संदिग्धों को लाया जा रहा है। ये सेंटर बादशाहपुर कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-10 कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-40 कम्युनिटी सेंटर और मानेसर कम्युनिटी सेंटर में बनाए गए हैं। इन सेंटरों में संदिग्ध प्रवासियों के दस्तावेज़ों की जाँच की जा रही है और सत्यापन के बाद ही उन्हें छोड़ा जा रहा है। वहीं, गुरुग्राम पुलिस से इस बारे में जानने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

  • फार्म नंबर 6-बी भरकर वोटर कार्ड को आधार कार्ड से कराएं लिंक, पढ़े डिटेल

    फार्म नंबर 6-बी भरकर वोटर कार्ड को आधार कार्ड से कराएं लिंक, पढ़े डिटेल

    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची को स्वच्छ, त्रुटिरहित व प्रमाणिकृत बनाने के लिए पहचान पत्र को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इससे कोई भी व्यक्ति अपना वोट दो जगह नहीं बनवा सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    डीसी अशोक कुमार गर्ग मंगलवार को मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से लिंक करने से संबंधित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व एनजीओ के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने कार्यकर्ताओं के मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड से लिंक करवाएं तथा बीएलओ द्वारा किए जा रहे सर्वे में सहयोग करें।

    उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक कराकर वेरीफाई कराएं। उन्होंने कहा कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 72-बावल में कुल 217952, 73-कोसली में कुल 240601 तथा 74-रेवाड़ी में कुल 241803 मतदाता हैं।

    फार्म नंबर 6-बी के माध्यम से कराएं लिंक :

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वोटर आर्डडी आधार नंबर से लिंक कराने के लिए फार्म नंबर 6-बी भरकर संबंधित अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाताओं द्वारा आधार उपलब्ध कराना स्वैच्छिक है। मतदाता आनलाइन माध्यम से भी अपना आधार नंबर फार्म 6-बी में भर सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए फार्म नंबर 6, मतदाता सूची में शामिल नाम को डिलीट कराने के लिए फार्म नंबर 7 तथा नाम में संशोधन, निवास परिवर्तन आदि के लिए फार्म नंबर 8 भरा जाता है। उन्होंने बताया कि मतदाता अपने पहचान पत्र को वोटर हेल्प लाइन एप व गरूड एप के माध्यम से भी आधार कार्ड से लिंक कर सकते हैं।

    निर्वाचन आयोग ने अब दिए वोटर आईडी बनवाने के चार अवसर : डीसी

    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि अब देश के नागरिकों को मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनवाने के लिए साल में एक नहीं चार अवसर मिलेंगे। आम नागरिक साल में एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई या एक अक्तूबर को 18 साल की आयु पूरी करने पर मतदाता के तौर पर पंजीकरण करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि 18 वर्ष के युवाओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अब एक जनवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए वर्ष में चार मौके प्रदान किए जा रहे हैं।

    डीसी ने कहा कि अब तक एक जनवरी को 18 साल की आयु पूरी करने पर ही कोई नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आवेदन कर सकता था। उन्होंने बताया कि एक जनवरी के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को पूरे एक साल तक इंतजार करना पड़ता था। अब मतदाता सूची के रिवीजन फोटो इलेक्टोरल रोल में अपडेशन के लिए भी नए अपडेट फॉर्म का उपयोग किया जाएगा।

  • अब चार तारीखों के आधार पर हो सकेगा नए वोट का रजिस्ट्रेशन

    अब चार तारीखों के आधार पर हो सकेगा नए वोट का रजिस्ट्रेशन

    उपमंडल अधिकारी (ना.) एसडीएम होशियार सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि देश के युवाओं को अब वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करवाने के लिए साल में चार तिथियों को आधार मानकर रजिस्ट्रेशन का मौका मिलेगा। इससे पहले साल में केवल एक जनवरी को ही आधार तिथि मानकर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करवाया जा सकता था। उन्होंने बताया कि अब एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई व एक अक्टूबर को 18 साल की आयु पूरी करने पर मतदाता के तौर पर पंजीकरण करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। युवाओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अब एक जनवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    एसडीएम ने बताया कि एक जनवरी के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को पूरे एक साल तक इंतजार करना पड़ता था। अब मतदाता सूची के रिवीजन फोटो इलेक्टोरल रोल में अपडेशन के लिए भी नए अपडेट फॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सभी नए नियम एक अगस्त 2022 से लागू हो गए हैं।

    वोटर आईडी आधार नंबर से लिंक कराने के लिए फार्म नंबर 6-बी भरकर संबंधित अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। मतदाताओं द्वारा आधार उपलब्ध कराना स्वैच्छिक है। मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी अपना आधार नंबर फार्म 6-बी में भर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। इसके लिए एनवीएसपीडॉटआईएन वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।