जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए कैथल के रहेड़ा गांव के लांसनायक नरेंद्र सिंधु (28) का बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नरेंद्र के छोटे भाई के अमेरिका में होने की वजह से चचेरे भाई अंकित ने उन्हें मुखाग्नि दी।
बुधवार सुबह उनका शव पैतृक गांव रहेड़ा पहुंचा था। जिसके बाद अंतिम दर्शन कराए गए। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें तिरंगा लेकर भारी भीड़ मौजूद रही।
नरेंद्र की शहादत के बाद उनकी मां रोशनी देवी, गुमसुम बैठी हैं। नम आंखों से उन्होंने कहा, “बचपन में बेटा कहता था कि बड़ा होकर सेना में जाऊंगा, और उसने अपना सपना पूरा कर लिया।” वहीं, बहन पूनम ने बताया कि रक्षाबंधन पर उन्होंने नरेंद्र से सोने की चेन मांगी थी, लेकिन अब यह ख्वाहिश अधूरी रह गई।

हालांकि, यह चर्चा है कि नरेंद्र की सगाई हो गई थी, लेकिन उनके पिता दलबीर सिंह ने इस बात को नकारते हुए कहा कि अक्टूबर में नरेंद्र के छुट्टी पर आने के बाद शादी की बात शुरू होनी थी।
नरेंद्र सिंधु का जज्बा इतना था कि मुठभेड़ के दौरान जब उसे गोली लग गई तो भी उसने आतंकवादी को मार गिराया। वर्तमान में नरेंद्र राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। 4 साल पहले ही उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में हुई थी।
चाचा बीरबल सिंधु ने बताया कि बेटे के बलिदान की खबर मिलने के बाद से मां बार-बार बेहोश हो रही हैं। नरेंद्र के दादा सूबे सिंह भी सेना में थे। नरेंद्र अपने चाचा के साथ ही सेना में भर्ती हुए थे। मुठभेड़ में गोली लगने के बावजूद नरेंद्र ने एक आतंकवादी को मार गिराया। नरेंद्र को आंत में गोली लगी थी।
इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी भी मारे गए थे। इनमें से एक आमिर अहमद डार पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी 14 आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने X पर पोस्ट कर शहीद नरेंद्र सिंधु को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने लिखा कि दुख की इस कठिन घड़ी में हम सब शहीद के परिवार के साथ हैं। मातृभूमि की सेवा में दिया गया उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
