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  • Asia Cup 2025: सुपर-4 मुकाबले से पहले सूर्यकुमार यादव का सशक्त बयान, बिना नाम लिए पाकिस्तान को दी चेतावनी

    Asia Cup 2025: सुपर-4 मुकाबले से पहले सूर्यकुमार यादव का सशक्त बयान, बिना नाम लिए पाकिस्तान को दी चेतावनी

    Asia Cup 2025 में टीम इंडिया ने अब तक अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। ग्रुप स्टेज में शानदार जीत के बाद अब टीम इंडिया सुपर 4 राउंड में पाकिस्तान का सामना करेगी। ग्रुप स्टेज में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल की थी, लेकिन इस मैच में दोनों टीमों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा नहीं निभाई गई। इस घटना ने पाकिस्तान की टीम में हड़कंप मचा दिया और अब सुपर 4 मैच में सभी की निगाहें भारत-पाक मुकाबले पर हैं।

    सुर्यकुमार यादव ने दिया इशारा

    भारतीय कप्तान सुर्यकुमार यादव ने सुपर 4 मैच को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। ओमान के खिलाफ अंतिम ग्रुप स्टेज मैच में 21 रनों से जीत के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उनसे सुपर 4 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बारे में पूछा गया। सुर्यकुमार ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि टीम इंडिया किसी भी टीम का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ग्रुप स्टेज में टॉस के समय उन्होंने पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आघा के साथ हाथ नहीं मिलाया और मैच जीतने के बाद भी भारतीय खिलाड़ी सीधे ड्रेसिंग रूम चले गए।

    Asia Cup 2025: सुपर-4 मुकाबले से पहले सूर्यकुमार यादव का सशक्त बयान, बिना नाम लिए पाकिस्तान को दी चेतावनी

    टीम इंडिया का रिकॉर्ड पाकिस्तान के खिलाफ

    टी20ई मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक का रिकॉर्ड पूरी तरह से भारत के पक्ष में रहा है। 2007 में पहला टी20ई मैच खेलने के बाद दोनों टीमों ने 14 बार आमने-सामने खेला है। इनमें से टीम इंडिया ने 11 मैच जीते हैं, जबकि पाकिस्तान केवल 3 मैचों में सफल रहा। इस रिकॉर्ड और वर्तमान फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया का पलड़ा साफ तौर पर भारी है।

    सुपर 4 में दबदबा बनाए रखने की तैयारी

    सुपर 4 मैच से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ी पूरी तैयारी में जुटे हैं। टीम के मुख्य खिलाड़ी और कप्तान सुर्यकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि टीम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार है। कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों को रणनीति और फॉर्म पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया है। टीम का उद्देश्य सिर्फ जीत हासिल करना नहीं बल्कि पाकिस्तान के खिलाफ पिछले रिकॉर्ड को और मजबूत करना है।

    दर्शकों की उम्मीदें और रोमांच

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए उत्साह और रोमांच का केंद्र रहा है। सुपर 4 में दोनों टीमों के बीच मुकाबला न केवल टीम इंडिया के प्रदर्शन के लिए बल्कि पूरे एशिया कप के रोमांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय टीम का लक्ष्य न केवल जीत हासिल करना है बल्कि अपने फैंस को गर्व और उत्साह का अनुभव कराना है। यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में एक और यादगार दिन साबित हो सकता है।

  • दिशा पटानी घर पर फायरिंग मामला! दो नाबालिग गिरफ्तार, गैंगस्टर रोहित गोदारा ने यूपी पुलिस को दी धमकी

    दिशा पटानी घर पर फायरिंग मामला! दो नाबालिग गिरफ्तार, गैंगस्टर रोहित गोदारा ने यूपी पुलिस को दी धमकी

    उत्तर प्रदेश के बरेली में अभिनेत्री दिशा पटानी के घर फायरिंग मामले में बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना पिछले सप्ताह हुई थी, जब अज्ञात शूटरों ने दिशा के घर पर दस से अधिक राउंड फायर किए थे। इस मामले में अब तक दो आरोपियों की गाजियाबाद में एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।

    सोशल मीडिया के जरिए भर्ती

    दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने शुक्रवार को दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके ऊपर दिशा पटानी के घर फायरिंग करने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों शूटर सोशल मीडिया के माध्यम से भर्ती किए गए थे। इस घटना में कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ब्रार और रोहित गोदारा की गैंग्स का हाथ बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया ने अपराधियों को जोड़ने का काम किया।

    दिशा पटानी घर पर फायरिंग मामला! दो नाबालिग गिरफ्तार, गैंगस्टर रोहित गोदारा ने यूपी पुलिस को दी धमकी

    दो शूटरों की हुई मौत

    पुलिस ने आरोपीयों का पता लगाने के लिए 2,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके बाद इस घटना में शामिल दो शूटर, अरुण और रवींद्र, को गाजियाबाद में एनकाउंटर में मार गिराया गया। पुलिस टीम को देखकर दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

    रोहित गोदारा का यूपी पुलिस को धमकी

    इस एनकाउंटर के बाद गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस को धमकी दी। उन्होंने लिखा कि हमारे दो शूटरों की मौत का बदला लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह हमारी जिंदगी के लिए बड़ा नुकसान है और ये शूटर मृत नहीं बल्कि शहीद हैं। रोहित गोदारा ने कहा कि वह ऐसे काम कर सकते हैं, जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।

    पुलिस की सतर्कता और आगे की कार्रवाई

    इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता और तत्परता को सराहा जा रहा है। दिशा पटानी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सख्त संदेश भी है।

  • पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई जरूरी! सुप्रीम कोर्ट ने रिक्तियों को भरने और रिपोर्ट देने के आदेश दिए

    पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई जरूरी! सुप्रीम कोर्ट ने रिक्तियों को भरने और रिपोर्ट देने के आदेश दिए

    पराली जलाए जाने के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पहले ऐसे किसानों में से कुछ को जेल भेजिए, जो बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं। अगर पराली जलाने वाले कुछ को जेल भेजा तो सब ठीक हो जाएंगे क्योंकि यह मिसाल कायम करेगा। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि वह पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। बता दें कि कोर्ट के इस फैसले से हरियाणा भी काफी प्रभावित होगा। पिछले साल भी हरियाणा में करीब डेढ़ हजार पराली जलाने के केस दर्ज किए गए हैं।

    कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को तीन महीने के भीतर सभी रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया है। दिल्ली-एनसीआर में हर साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वायु प्रदूषण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई ने बुधवार को कहा कि कुछ किसानों को पराली जलाने के लिए जेल भेजना दूसरों के लिए एक कड़ा संदेश हो सकता है। उन्होंने पूछा कि किसानों पर कार्रवाई करने से कतरा क्यों रहे हैं?

    पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई जरूरी! सुप्रीम कोर्ट ने रिक्तियों को भरने और रिपोर्ट देने के आदेश दिए

    सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में रिक्तियों को लेकर राज्यों को फटकार भी लगाई और दिल्ली से सटे राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब को तीन महीने के भीतर रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण रोकने के उपायों पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से तीन हफ्ते में रिपोर्ट भी मांगी है। इसके अलावा कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से वायु प्रदूषण रोकने के लिए विचार-विमर्श कर योजनाएँ बनाने को कहा है।

    इससे पहले, मामले में न्यायमित्र नियुक्त अपराजिता सिंह ने CJI गवई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को सब्सिडी और उपकरण दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन किसानों की भी यही कहानी है। पिछली बार, किसानों ने कहा था कि उन्हें ऐसे समय पराली जलाने के लिए कहा गया था, जब उपग्रह उस क्षेत्र से नहीं गुज़र रहा था। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि 2018 से सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक आदेश पारित किए हैं, और वे आपके सामने केवल लाचारी जताते हैं।”

    इस पर CJI ने सवाल किया कि अधिकारी इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दंडात्मक प्रावधानों पर विचार क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर कुछ लोग सलाखों के पीछे जाएंगे, तो इससे सही संदेश जाएगा। आप किसानों के लिए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में क्यों नहीं सोचते? अगर पर्यावरण की रक्षा करने का आपका सच्चा इरादा है, तो फिर आप क्यों पीछे हट रहे हैं?”

    किसान हमारे लिए खास हैं उनकी बदौलत खा रहे हैं…

    CJI ने आगे कहा, “किसान हमारे लिए खास हैं, और हम उनकी बदौलत खा रहे हैं… लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम पर्यावरण की रक्षा नहीं कर सकते।” सीजेआई बीआर गवई ने इस दौरान ये भी पूछा कि क्या जलाई जाने वाली पराली का इस्तेमाल ईंधन बनाने के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ अखबारों में ऐसा पढ़ा है।”

    बता दें कि पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के कारण साल अक्टूबर और नवंबर में दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है और प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है। किसान खेतों से पराली को हटाने के लिए उसे जला देते हैं। इसके विकल्प के तौर पर खेतों को साफ़ करने के लिए विशेष मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। किसानों का तर्क है कि ये विकल्प काफ़ी महंगे हैं। इसलिए पराली जलाने की घटनाएँ हर साल सामने आती रहती हैं, हालाँकि दर्ज मामलों में कमी आई है।

  • Bigg Boss 19: वीकेंड का वार में सलमान खान का गुस्सा फूटा, आमाल मलिक की उड़ाई नींद, बोले- बिग बॉस में सोने आए हो क्या?

    Bigg Boss 19: वीकेंड का वार में सलमान खान का गुस्सा फूटा, आमाल मलिक की उड़ाई नींद, बोले- बिग बॉस में सोने आए हो क्या?

    Bigg Boss 19 का आने वाला वीकेंड का वार एपिसोड काफी धमाकेदार होने वाला है। इस बार सलमान खान कई कंटेस्टेंट्स की क्लास लगाते नजर आएंगे। हाल ही में जारी प्रोमो में सलमान ने आमाल मलिक को जमकर लताड़ लगाई। सलमान ने उनसे पूछा कि वह शो में आए किस मकसद से हैं। उन्होंने कहा कि अब तक बिग बॉस के घर में किसी भी कंटेस्टेंट ने इतनी नींद नहीं ली जितनी आमाल ने ली है। सलमान ने उन्हें जगाते हुए कहा – “आप यहां सोने आए हैं या यह बताने आए हैं कि असली आमाल मलिक कौन हैं?”

    नेहाल चुडासमा को मिली फटकार

    सलमान खान ने सिर्फ आमाल मलिक ही नहीं बल्कि नेहाल चुडासमा को भी आड़े हाथों लिया। दरअसल, एक टास्क के दौरान अभिषेक बजाज ने फरहाना भट्ट को उठाया था। इस बात को लेकर नेहाल ने अनावश्यक विवाद खड़ा किया। सलमान ने इस मुद्दे पर नेहाल को जमकर फटकार लगाई और कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं थी। उन्होंने यहां तक कि घर के बाकी सदस्यों से भी अभिषेक के इरादों और उनके चरित्र के बारे में सवाल पूछे। सलमान ने साफ कर दिया कि छोटी-छोटी बातों को तूल देना शो के माहौल को खराब करता है।

    Bigg Boss 19: वीकेंड का वार में सलमान खान का गुस्सा फूटा, आमाल मलिक की उड़ाई नींद, बोले- बिग बॉस में सोने आए हो क्या?

    गौरव खन्ना पर सवाल

    वीकेंड का वार एपिसोड में गौरव खन्ना भी सलमान खान की फटकार से नहीं बच पाए। सलमान ने उनसे पूछा कि अगर वे खुद को घर का लीडर मानते हैं तो हर मुद्दे पर उनका मजबूत स्टैंड क्यों नजर नहीं आता। सलमान ने कहा कि घर में रहकर सक्रिय रहना और सही बात पर आवाज उठाना ही बिग बॉस का असली मकसद है। गौरव की निष्क्रियता पर सलमान ने नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें चेतावनी दी कि इस रवैये से शो में टिकना मुश्किल है।

    घर के बाकी सदस्य और शो की गर्माहट

    बिग बॉस 19 में इस बार कई चर्चित चेहरे नजर आ रहे हैं। इनमें आमाल मलिक, गौरव खन्ना, नेहाल चुडासमा, आशी नूर कौर, अभिषेक बजाज, नागमा मिराजकर, अवेज़ दरबार, मृदुल तिवारी और कुनीका सदानंद शामिल हैं। इनके अलावा नीलम गिरी, फरहाना भट्ट, तान्या मित्तल, ज़ीशान कादरी, बेसिर अली और प्रणीता मोरे भी शो में हिस्सा ले रहे हैं। हर हफ्ते इन कंटेस्टेंट्स की रणनीति, लड़ाई और दोस्ती दर्शकों को एंटरटेन कर रही है, लेकिन सलमान का वीकेंड का वार सबके लिए आईना साबित होता है।

    सलमान की मौजूदगी से शो में जान

    सलमान खान की मेजबानी ही बिग बॉस शो की सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। हर हफ्ते वे कंटेस्टेंट्स को सही-गलत का एहसास कराते हैं और दर्शकों को एंटरटेन भी करते हैं। बिग बॉस 19 इस साल जियोहॉटस्टार और कलर्स टीवी पर स्ट्रीम हो रहा है और लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस बार का वीकेंड का वार यह साबित करता है कि सलमान की मौजूदगी शो को और ज्यादा मजेदार बना देती है। उनकी कड़ी बातें कंटेस्टेंट्स को सोचने पर मजबूर करती हैं और दर्शकों को खूब एंटरटेन करती हैं।

  • यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का हंगामा, 12 घंटे की हड़ताल में जताया विरोध

    यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का हंगामा, 12 घंटे की हड़ताल में जताया विरोध

    यमुनानगर के प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों ने शुक्रवार को प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताते हुए 12 घंटे की हड़ताल की। यह हड़ताल उस घटना के विरोध में की गई जिसमें आरोप है कि आयुष्मान कार्ड के मरीजों की जांच के लिए आए रेड टीम के डॉक्टरों ने एक महिला डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया।

    काले बैंड पहनकर जताया विरोध

    घटना से गुस्साए प्राइवेट अस्पताल संचालक और डॉक्टर काले बैंड पहनकर जिला सचिवालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी और टीम के डॉक्टरों के असभ्य व्यवहार के कारण स्वास्थ्य सेवा बाधित हो रही है।

    यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का हंगामा, 12 घंटे की हड़ताल में जताया विरोध

    डॉ. प्रियांका गर्ग ने किया खुलासा

    डॉ. प्रियांका गर्ग ने बताया कि जब रेड टीम के डॉक्टर उनके अस्पताल में पहुंचे, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं डॉक्टर हूँ। जब मैंने जवाब दिया, तो उन्होंने मुझे अपने कमरे से जाने के लिए कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि एक अस्पताल संचालक को इस तरह क्यों बाहर भेजा गया।

    आयुष्मान कार्ड वालों के मरीजों को गलत मार्गदर्शन

    डॉ. प्रियांका ने यह भी आरोप लगाया कि उनके अस्पताल ने भारतीय मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का इलाज नहीं किया। बावजूद इसके, मरीजों ने अपने स्वीकृति पत्र के साथ इलाज कराया। उन्हें गलत जानकारी दी गई और मरीजों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया।

    अस्पताल और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा

    इस घटना ने यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा दिया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे व्यवहार को रोका नहीं गया, तो वे और बड़े पैमाने पर विरोध करेंगे। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

  • यमुनानगर फूड सप्लाई विभाग में रिश्वत का बड़ा खुलासा, 7100 रुपये की मांग पर कार्रवाई

    यमुनानगर फूड सप्लाई विभाग में रिश्वत का बड़ा खुलासा, 7100 रुपये की मांग पर कार्रवाई

    यमुनानगर जिले के फूड सप्लाई विभाग के अधिकारी अपने वेतन के बावजूद बिना पैसे काम करने को तैयार नहीं थे। ऐसे ही एक मामले में विभाग के इंस्पेक्टर और एएफएसओ ने 15 अगस्त को जिले के सभी डिपो संचालकों से 7100 रुपये मासिक और 500 रुपये लड्डू के नाम पर मांग की। आरोप है कि बैठक में प्रति क्विंटल गेहूं 10 रुपये का कमीशन भी तय किया गया और बाकी खर्च अलग था।

    गुलाब सिंह को दी गई राशि इकट्ठा करने की जिम्मेदारी

    बैठक में तय राशि को इकट्ठा करने का काम डिपो प्रमुख गुलाब सिंह को सौंपा गया। अधिकांश डिपो संचालकों ने अपनी हिस्सेदारी भेज दी, लेकिन बिलासपुर के डिपो संचालक नितिन ने इस अवैध मांग के खिलाफ DFSC में शिकायत दर्ज कराई। वहाँ उसे अपमान का सामना करना पड़ा, लेकिन नितिन ने बैठक की रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल में कर ली।

    यमुनानगर फूड सप्लाई विभाग में रिश्वत का बड़ा खुलासा, 7100 रुपये की मांग पर कार्रवाई

    मोबाइल रिकॉर्डिंग से खुला सच

    नितिन ने मोबाइल रिकॉर्डिंग के आधार पर Vigilance ऑफिस का रुख किया। इस रिकॉर्डिंग ने साबित कर दिया कि अधिकारी अवैध तरीके से राशि की मांग कर रहे थे और डिपो संचालकों को धमकी दी जा रही थी। इंस्पेक्टर ने धमकी दी कि यदि नितिन पैसे नहीं देगा तो डिपो को सस्पेंड कर दिया जाएगा।

    Vigilance ने जाल बिछाकर कार्रवाई की

    जांच टीम ने पूरी योजना बनाई और जाल बिछाया। जैसे ही इंस्पेक्टर राजेश यादव और गुलाब सिंह 7100 रुपये लेने पहुंचे, Vigilance ने गुलाब सिंह को पकड़ लिया, जबकि इंस्पेक्टर राजेश यादव मौके से फरार हो गए। टीम ने 7100 रुपये बरामद किए और गुलाब सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

    आगे की कार्रवाई और संदेश

    Vigilance ने कहा कि राजेश यादव को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन अधिकारी शामिल थे और उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार पर नज़र रखी जा रही है और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रखा जाएगा।

  • चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को मिला बम धमकी का खतरा, ईमेल के जरिए आई हाई कोर्ट को धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को मिला बम धमकी का खतरा, ईमेल के जरिए आई हाई कोर्ट को धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    चंडीगढ़ के सेक्टर-1 में स्थित पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को बुधवार को फिर से बम धमकी का खतरा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और हाई कोर्ट की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बम स्क्वाड और ऑपरेशन सेल की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। हाई कोर्ट परिसर की हर जगह तलाशी ली जा रही है।

    पूर्व में भी मिल चुकी है धमकी

    हाई कोर्ट को इससे पहले 22 मई को भी बम धमकी मिली थी। उस समय हाई कोर्ट बार एसोसिएशन को इस धमकी की जानकारी मिली थी और सभी वकीलों से सतर्क रहने की अपील की गई थी। इस धमकी के बाद हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी और जांच-पड़ताल की गई थी।

    चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को मिला बम धमकी का खतरा, ईमेल के जरिए आई हाई कोर्ट को धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    खतरे का जरिया ईमेल

    जानकारी के अनुसार इस बार धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई। रजिस्ट्रार को ईमेल मिला जिसमें हाई कोर्ट परिसर को बम से उड़ा देने की चेतावनी दी गई। पुलिस के अनुसार, मौके पर तलाशी अभियान के दौरान अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पूरी जगह को जांचा जा रहा है।

    सतर्कता के बीच हाई कोर्ट परिसर में जांच

    पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर के आने-जाने वाले सभी लोगों की तलाशी शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ हर व्यक्ति और वाहन की जांच की जा रही है। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीम तैयार है।

    सुरक्षा बढ़ाने के आदेश

    पुलिस विभाग ने हाई कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है और बम धमकी की गंभीरता को देखते हुए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि हाई कोर्ट के आस-पास आने-जाने में सतर्क रहें और संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।

  • यमुनानगर में साइबर ठगी का शिकार बने रिटायर्ड फौजी, डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर सैनिक से की 5 लाख रु की ठगी

    यमुनानगर में साइबर ठगी का शिकार बने रिटायर्ड फौजी, डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर सैनिक से की 5 लाख रु की ठगी

    यमुनानगर में थाना सदौरा क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 61 वर्षीय सेवानिवृत्त सैनिक को सायबर ठगों ने पैसे की धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर फंसा लिया। ठग ने खुद को CBI अधिकारी बताकर उसे डराया। सैनिक को दस दिनों तक “डिजिटल गिरफ्तारी” में रखा गया और हर दो घंटे में अपनी गतिविधियों की जानकारी देने को कहा गया।

    पुत्र की कोर्ट मार्शल का डर

    सैनिक ने बताया कि सबसे पहले उसे मनी लॉन्ड्रिंग के केस का डर दिखाया गया। फिर यह धमकी दी गई कि उसके बेटे, जो सेना में तैनात हैं, की कोर्ट मार्शल कर दी जाएगी। इस डर में वह मानसिक रूप से टूट गया और ठगों ने उससे 5 लाख रुपये भी ठग लिए। ठगों ने यह रकम 22 जुलाई को बताई गई बैंक अकाउंट में RTGS के माध्यम से जमा करवाई।

    यमुनानगर में साइबर ठगी का शिकार बने रिटायर्ड फौजी, डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर सैनिक से की 5 लाख रु की ठगी

    ठगी की पूरी प्रक्रिया

    सैनिक ने बताया कि 19 जुलाई को उसे एक लड़की ने व्हाट्सएप कॉल किया और खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि मुंबई में उसके खिलाफ केस दर्ज हो रहा है। जब सैनिक ने बताई गई संख्या पर कॉल किया, तो सामने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया और डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाया। 19 जुलाई से 29 जुलाई तक सैनिक ने ठगों के कहने पर हर दो घंटे में अपने स्थान और गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान ठगों ने घर, परिवार, जमीन और संपत्ति का पूरा विवरण जुटाया।

    सायबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया मामला

    सैनिक के किसी परिचित ने उसे सायबर ठगी के बारे में बताया और इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने धोखाधड़ी, डर और धन हड़पने के आरोप में जांच शुरू कर दी है। पुलिस लगातार डिजिटल गिरफ्तारी के मामलों को लेकर नागरिकों को जागरूक कर रही है।

    पुलिस की एडवाइजरी जारी

    जिला पुलिस बार-बार चेतावनी जारी कर रही है कि कोई भी पुलिस या CBI अधिकारी डिजिटल गिरफ्तारी नहीं करता। यदि किसी को इस तरह के कॉल मिलते हैं तो घबराएं नहीं। तुरंत पुलिस को सूचित करें और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। बावजूद इसके लोग सायबर ठगों के जाल में फंस रहे हैं।

  • सिरसा में हाई वोल्टेज ड्रामा, विधायक गोपाल सेटिया ने CEO का किया पीछा और दर्ज कराई  शिकायत

    सिरसा में हाई वोल्टेज ड्रामा, विधायक गोपाल सेटिया ने CEO का किया पीछा और दर्ज कराई शिकायत

    सिरसा विधानसभा के कांग्रेस विधायक गोपाल सेटिया रविवार को गांव नट्टर में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे। लेकिन बारिश का पानी न निचोड़ पाने और गंदगी भरे हालात देखकर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर बुलाए गए अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए।

    जिला परिषद के CEO के साथ विवाद

    इसके बाद विधायक ने जिला परिषद सिरसा के CEO डॉ. सुभाष चंद्रा को फोन किया। पहले कॉल पर ही CEO ने फोन काट दिया, जिससे विधायक और ज्यादा गुस्से में आ गए। विधायक ने डॉ. सुभाष चंद्रा को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऑफिस पहुंचकर वे खुद बात करेंगे। CEO ने विधायक को कहा, “मैं आपका नौकर नहीं हूँ,” जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

    सिरसा में हाई वोल्टेज ड्रामा, विधायक गोपाल सेटिया ने CEO का किया पीछा और दर्ज कराई  शिकायत

    विधायक का पीछा और ADC से शिकायत

    विधायक गोपाल सेटिया ने CEO डॉ. सुभाष चंद्रा का पीछा अपनी कार से किया। काफी समय तक पीछा करने के बाद विधायक ने CEO का पीछा रोक दिया और सीधे ADC कार्यालय पहुंचे। वहां IAS वीरेंद्र सेहरावत से मिले और CEO के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ अधिकारी जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे और वे इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।

    सिरसा में अधिकारीयों की मनमानी पर टिप्पणी

    गोपाल सेटिया ने आरोप लगाया कि सिरसा में कुछ अधिकारी मनमानी करते हैं और जिम्मेदारी से काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार सिरसा में नहीं चलेगा। विधायक ने बताया कि वे जल्द ही विधानसभा स्पीकर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार से मिलकर CEO के खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे और सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

    साफ-सफाई का संदेश और चेतावनी

    विधायक ने साफ किया कि सिरसा में सफाई व्यवस्था की अनदेखी किसी भी अधिकारी को बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जिम्मेदारी निभाई जाए, वरना कठोर कार्रवाई होगी। विधायक का यह कदम सिरसा में प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • आसानी से पैसा मिलना एक जाल है.. दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया धोखाधड़ी का केस, देश भर में हजारों केसों पर पड़ेगा फैसले का असर

    आसानी से पैसा मिलना एक जाल है.. दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया धोखाधड़ी का केस, देश भर में हजारों केसों पर पड़ेगा फैसले का असर

    दिल्ली हाईकोर्ट ने एक तीखे और स्पष्ट फैसले में कहा है कि लालच में अंधे लोग जोखिम को जानबूझकर स्वीकार करते हैं और उन्हें इसके परिणाम भी भुगतने होंगे। कोर्ट ने 24% सालाना रिटर्न का वादा कर निवेशकों को लुभाने के आरोपी शख्स के खिलाफ दर्ज 2 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले को रद्द कर दिया। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले का देशभर में चल रहे हजारों मामलों पर सीधा असर पड़ने वाला है।

    देश में मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनियां इसी प्रकार से लोगों को चुना लगती है और दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद हजारों करोड़ रुपये जब्त करके भागने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में बड़ी दिक्कत आने वाली है।

    जस्टिस अरुण मोंगा ने अपने 35 पेज के फैसले में ‘आसान पैसा’ को एक ‘जाल’ करार दिया और अवास्तविक रिटर्न की चाह रखने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने 13 अगस्त को दिए अपने फैसले में कहा, ‘जो लोग अवास्तविक वादों के पीछे भागते हैं, उन्हें अपने जोखिम खुद उठाने होंगे। लोग पहले लालच में आकर वित्तीय जाल में कूदते हैं और बाद में धोखा होने का रोना रोते हुए राज्य से मदद मांगने दौड़ते हैं। यह एक कड़वी, लेकिन जरूरी सच्चाई है कि अगर आप असाधारण मुनाफे की चाह रखते हैं, तो असाधारण नुकसान के लिए भी तैयार रहें।’

    आसानी से पैसा मिलना एक जाल है.. दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया धोखाधड़ी का केस, देश भर में हजारों केसों पर पड़ेगा फैसले का असर

    जस्टिस मोंगा ने आगे कहा, ‘लालच चुनने का मतलब है जोखिम चुनना और जोखिम चुनने का मतलब है परिणाम भुगतना। ऐसे लोग यह दिखावा नहीं कर सकते कि वे किसी जादू से ठगे गए, जब उन्होंने खुद ही उस भ्रम में कदम रखा। हर उस सपने देखने वाले के लिए, जो जल्दी अमीर बनने की चाह रखता है, यह एक चेतावनी है। आसान पैसा एक जाल है। अगर रिटर्न अविश्वसनीय लगता है, तो यह मान लें कि आप अगले शिकार हैं।’

    यह मामला 2019 में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एक FIR से शुरू हुआ था, जिसमें IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। तीन शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने 1.5 करोड़ रुपये के निवेश पर छह महीने के लिए 24% सालाना ब्याज देने का वादा किया था, लेकिन न तो ब्याज दिया और न ही मूल राशि लौटाई। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि आरोपी ने उन्हें 43.66 लाख रुपये में एक कंपनी में 1.25% हिस्सेदारी खरीदने के लिए प्रेरित किया, जो भी वापस नहीं किया गया।

    कोर्ट ने इस मामले को रद्द करते हुए कहा कि छह साल बाद भी पुलिस पूरी तरह से चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रही। कोर्ट ने माना कि FIR में धोखाधड़ी के अपराध के आवश्यक तत्वों का अभाव है और यह मामला वास्तव में एक सिविल विवाद है, जिसे आपराधिक मामले के रूप में प्रस्तुत किया गया। जज ने जांच एजेंसी के रवैये को घोर लापरवाही और उचित परिश्रम की कमी करार दिया।

    जस्टिस मोंगा ने अपने फैसले में यह भी कहा कि निवेशकों द्वारा गैर-टिकाऊ योजनाओं में पैसा डालने से बाजार में असंतुलन पैदा होता है। उन्होंने कहा, “लालच सिर्फ व्यक्तिगत कमजोरी नहीं है, यह व्यापक प्रभाव डालता है। जब निवेशक ऐसी योजनाओं में पैसा लगाते हैं, तो वे बुलबुले को हवा देते हैं, जो वास्तविक उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचाता है और बाजार के संतुलन को बिगाड़ता है। जब यह बुलबुला फटता है, तो वे कानून से खुद को पीड़ित साबित करने की उम्मीद करते हैं, अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए।”