Tag: women empowerment

  • अमित शाह 3 अक्टूबर को हरियाणा में करेंगे विशाल रैली का संबोधन, नए अपराध कानूनों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन

    अमित शाह 3 अक्टूबर को हरियाणा में करेंगे विशाल रैली का संबोधन, नए अपराध कानूनों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन

    बाबैन मेला ग्राउंड वही स्थल है जहाँ 11 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में विशाल रैली को संबोधित किया था। अब यह मंच गृह मंत्री अमित शाह के विशाल संबोधन के लिए तैयार किया जा रहा है। 3 अक्टूबर, दशहरा के अगले दिन, अमित शाह यहाँ न केवल तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, बल्कि विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे। रैली में वे बिहार चुनावों और कांग्रेस पार्टी पर कई मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

    तीन नए कानूनों की प्रदर्शनी और रैली का विस्तार

    आधिकारिक रूप से यह कार्यक्रम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाला था, लेकिन इसे और व्यापक बनाने के लिए अब इसे मेला ग्राउंड पर किया जा रहा है। प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ-साथ रैली का स्वरूप भी बदल दिया गया है। ब्रह्म सरोवर के चारों ओर अस्थायी अनाज मंडी को हटा दिया गया है और विशेष कैनोपी की स्थापना शुरू हो गई है। जिला अध्यक्ष तेजेंद्र गोल्डी ने बताया कि सभी तैयारियाँ पूरी गति से चल रही हैं।

    अमित शाह 3 अक्टूबर को हरियाणा में करेंगे विशाल रैली का संबोधन, नए अपराध कानूनों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन

    मुख्यमंत्री की समीक्षा और पूर्व रैलियों का स्मरण

    मुख्यमंत्री नायब सैनी 29 सितंबर को बाबैन आएंगे और रैली की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। हरियाणा पशुपालन विकास बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर ने कहा कि इसी मेला ग्राउंड से प्रधानमंत्री मोदी ने 6 अक्टूबर 2014 को विशाल रैली को संबोधित किया था। अब गृह मंत्री अमित शाह भी यहाँ से जनता को संबोधित कर सकते हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश देंगे।

    अमित शाह की पिछली गतिविधियाँ और संदेश

    अमित शाह ने 2016 में आर्य युवा महासम्मेलन में भाग लिया और 104वें गुरुकुल वर्ष समारोह में गीता के महत्व पर जोर दिया। 2017 में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को गुरु मंत्र दिया और तीन दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय कार्य विस्तार योजना के तहत संस्कृति, मूल्य, समन्वय और संवाद पर प्रशिक्षण दिया। 2023 में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में भाग लिया और गीता के ज्ञान को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।

    जनहित और विकास के उपायों पर फोकस

    अमित शाह ने 2024 विधानसभा चुनावों में कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा और विभिन्न योजनाओं का परिचय दिया। उन्होंने महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के लिए सेवा केंद्र खोलने, गरीबों के लिए आवास निर्माण, गैस सिलेंडर योजना, और रोजगार योजनाओं की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने महाभारत थीम आधारित आध्यात्मिक केंद्र और खेल खिलाड़ियों के लिए नर्सरी खोलने की योजना साझा की। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य न केवल पार्टी संगठन को मजबूत करना है बल्कि जनता को सीधे लाभ पहुँचाना भी है।

  • मन की बात 126वीं कड़ी! पीएम मोदी बोले छठ पूजा को यूनेस्को सूची में शामिल कराने के लिए भारत कर रहा बड़ा प्रयास

    मन की बात 126वीं कड़ी! पीएम मोदी बोले छठ पूजा को यूनेस्को सूची में शामिल कराने के लिए भारत कर रहा बड़ा प्रयास

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश को संबोधित करते हुए मन की बात के 126वें संस्करण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल पर स्थापित करने की दिशा में हो रहे प्रयासों की सराहना की। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, नौसेना के साहस और महिलाओं की शक्ति को भी उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया।

    छठ महापर्व को यूनेस्को सूची में शामिल करने की कोशिश

    पीएम मोदी ने छठ पूजा की वैश्विक पहचान को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की और बताया कि सरकार इसे यूनेस्को की “अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची” में शामिल करने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जब छठ महापर्व इस सूची में शामिल होगा तो दुनिया के हर कोने में इसकी भव्यता और पवित्रता का अनुभव किया जाएगा। उन्होंने इसे केवल राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्व बताया और दुर्गा पूजा के उदाहरण को भी याद दिलाया जो हाल ही में यूनेस्को की सूची में शामिल हुई।

    मन की बात 126वीं कड़ी! पीएम मोदी बोले छठ पूजा को यूनेस्को सूची में शामिल कराने के लिए भारत कर रहा बड़ा प्रयास

    लता दीदी और स्वदेशी का संदेश

    प्रधानमंत्री ने भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि लता दीदी के देशभक्ति गीत हमेशा प्रेरणा देते हैं। पीएम ने यह भी याद किया कि लता दीदी हर साल उन्हें राखी भेजती थीं। इसी अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि देशवासियों को गांधी जयंती पर खादी और स्वदेशी वस्त्र अवश्य खरीदने चाहिए और गर्व से इसे सोशल मीडिया पर #VocalforLocal के साथ साझा करना चाहिए।

    नौसेना की वीरांगनाओं का साहस

    पीएम मोदी ने दो महिला नौसेना अधिकारियों लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा का उल्लेख किया जिन्होंने ‘नविका सागर परिक्रमा’ में अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं परंपरा और नवाचार को जोड़कर नई सफलता की कहानियाँ लिख रही हैं। यह केवल देश का गौरव ही नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण का जीता-जागता उदाहरण भी है।

    स्वदेशी उद्यम और आत्मनिर्भरता की कहानियाँ

    प्रधानमंत्री ने देश के उद्यमियों और कलाकारों की सफलता की कहानियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि अशोक जगदीशन और प्रेम सेल्वराज ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर घास और केले के रेशों से योगा मैट और हर्बल रंगों से वस्त्र तैयार करने का काम शुरू किया जिससे 200 परिवारों को रोजगार मिला। अशिष सत्यव्रत साहू ने ‘जोहर्ग्राम’ ब्रांड के जरिए जनजातीय बुनाई और वस्त्रों को वैश्विक स्तर तक पहुँचाया। वहीं मधुबनी की स्वीटी कुमारी ने मिथिला पेंटिंग को महिलाओं की आजीविका का साधन बनाया और 500 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अग्रसर किया।

  • कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा सहित देशभर की करोड़ों महिलाओं के साथ भाजपा सरकार बार-बार छलावा कर रही है। अब लाड़ो लक्ष्मी योजना और 2100 रुपये देने का जो शोर मचाया जा रहा है, वह भी जनता को गुमराह करने का एक और चुनावी हथकंडा है। योजना में आय सीमा रखकर अधिकतर गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने की बात करता है, लेकिन हकीकत में योजना इतनी शर्तों से बंधी है कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। योजना में आय सीमा रखकर अधिकांश गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    केवल कुछ गिनी-चुनी महिलाएं ही इसका लाभ ले पाएंगी, जबकि संकल्प पत्र में सभी महिलाओं को लाभ देने की बात कही गई थी। महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण और सम्मान की जगह मात्र चुनावी लालच देकर गुमराह किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए ठोस और दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, न कि केवल चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए ऐसी घोषणाएं की जाए।

    कुमारी शैलजा ने कहा है कि इस योजना लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके परिवार की आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आय का निर्धारण परिवार पहचान पत्र के आधार पर किया जाएगा। कुमारी शैलजा ने कहा कि इस योजना के तहत आयु सीमा दूसरे राज्यों की अपेक्षा हरियाणा में कम रखी है। दूसरे राज्य में यह आय सीमा 1.20 लाख रुपपे से 2.50 रुपये तक रखी गई है। सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार से पूछा है कि जब उनका संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने का था, तो फिर आय सीमा की शर्त क्यों लगाई गई? क्या भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है या केवल चुनावी राजनीति करना चाहती है? क्या महिलाओं की गरिमा और अधिकार महज 2100 रुपये से खरीदे जा सकते हैं? सांसद ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए नीतियां बनाईं और जमीन पर उतारी हैं। आने वाले समय में कांग्रेस महिलाओं को उनका वास्तविक हक और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है। 

  • Anurag Dhanda: महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फेरती लाडो लक्ष्मी योजना, सरकार का चेहरा बेनकाब

    Anurag Dhanda: महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फेरती लाडो लक्ष्मी योजना, सरकार का चेहरा बेनकाब

    चंडीगढ़, 25 सितंबर 2025 | आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने गुरुवार को बीजेपी सरकार द्वारा दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की एप लॉन्च को लेकर सीएम पर तीखा हमला बोला और इसे महिलाओं के साथ “सबसे बड़ा राजनीतिक छल” करार दिया। उन्होंने कहा कि सीएम नायब सिंह ने पंचकूला में इस योजना और मोबाइल एप का शुभारंभ तो कर दिया, लेकिन यह लॉन्च असल में चुनावी धोखे की शुरुआत है।

    Anurag Dhanda ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान बड़े मंचों से वादा किया था कि हरियाणा की हर महिला को ₹2100 प्रति माह दिया जाएगा। लेकिन अब जब योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर रही है, तो भाजपा ने अपने ही वादों से पलटते हुए उसे शर्तों और पाबंदियों में जकड़ दिया है। हरियाणा में लगभग 1.4 करोड़ महिलाएं रहती हैं, लेकिन इस योजना का लाभ मुश्किल से 10-12 प्रतिशत महिलाओं तक ही पहुंचेगा। बाकी करोड़ों महिलाओं के हाथ खाली रह जाएंगे।

    Anurag Dhanda: महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फेरती लाडो लक्ष्मी योजना, सरकार का चेहरा बेनकाब

    उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने “लाडो लक्ष्मी” के नाम पर महिलाओं की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ किया है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आय की सीमा में फंसा दिया गया, युवतियों और छात्राओं को उम्र के नाम पर बाहर कर दिया गया, और बुजुर्ग एवं विधवा महिलाओं को योजनाओं के टकराव के बहाने दरकिनार कर दिया गया। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय उन्हें “शर्तों के पिंजरे” में बंद करने का राजनीतिक प्रयास है।

    ढांडा ने कहा कि यह कोई कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि चुनाव से पहले महिलाओं को भ्रमित करने का उपकरण है। भाजपा जानती है कि जनता अब उसके झूठे दावों पर भरोसा नहीं करती, इसलिए वह योजनाओं को आधा-अधूरा रखकर प्रचार के ज़रिए लाभ उठाना चाहती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से किए गए वादे को भाजपा ने तोड़ दिया है और अब केवल मोबाइल एप लॉन्च और फोटो सेशन के ज़रिए अपनी नाकामी को ढकने की कोशिश कर रही है।

    आम आदमी पार्टी का स्पष्ट कहना है कि भाजपा सरकार ने महिलाओं के अधिकारों और उम्मीदों के साथ विश्वासघात किया है। हरियाणा की महिलाओं ने भाजपा पर भरोसा किया, लेकिन बदले में उन्हें केवल छल, झूठ और धोखा ही मिल रहा है। जनता अब यह सब समझ चुकी है और आने वाले समय भाजपा को इसका करारा जवाब देगी।

  • सुरेखा यादव की 36 साल की शानदार रेल सेवा समाप्त, महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं पहली महिला लोको पायलट

    सुरेखा यादव की 36 साल की शानदार रेल सेवा समाप्त, महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं पहली महिला लोको पायलट

    भारतीय रेलवे की दुनिया में एक नाम हमेशा याद रखा जाएगा। एशिया की पहली महिला लोकोमोटिव पायलट, सुरेखा यादव, 30 सितंबर को अपनी सेवा से संन्यास लेंगी। उन्होंने रेलवे में लगभग 36 वर्षों तक निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया। उनकी कहानी न केवल रेलवे की बल्कि महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है।

    36 साल की प्रेरणादायक सेवा

    सुरेखा यादव ने अपने करियर में कई बाधाओं को पार किया और यह साबित किया कि महिला पायलट बनने का सपना असंभव नहीं है। उन्होंने विभिन्न प्रमुख ट्रेनों का संचालन किया और हर चुनौती का साहस और दक्षता के साथ सामना किया। उनका यह अनुभव भारतीय महिलाओं के लिए उदाहरण बन गया कि मेहनत और धैर्य से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है।

    सुरेखा यादव की 36 साल की शानदार रेल सेवा समाप्त, महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं पहली महिला लोको पायलट

    रेलवे का सम्मान और विदाई

    सुरेखा यादव को उनके अंतिम कार्य दिवस पर शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर हज़रत निज़ामुद्दीन- CSMT राजधानी एक्सप्रेस 22222 नंबर ट्रेन के आगमन पर उनके सहकर्मियों ने भव्य स्वागत किया। केंद्रीय रेलवे ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा की। पोस्ट में लिखा गया कि सुरेखा यादव ने अपने 36 साल के शानदार करियर में रेलवे में महिलाओं के लिए नए मार्ग खोले और प्रेरणा का स्त्रोत बनीं।

    उद्योग जगत का सम्मान

    महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी सुरेखा यादव के रिटायरमेंट पर हार्दिक संदेश दिया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “सुरेखा जी, एक अग्रणी बनने के लिए बधाई। लंबे समय तक जनता की सेवा करने के बाद रिटायरमेंट के लिए मेरी शुभकामनाएं। आपने आज हमें याद दिलाया कि ऐसे प्रतीकात्मक बदलाव लाने वालों का सम्मान करना चाहिए और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जाना चाहिए।”

    महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक

    सुरेखा यादव का करियर केवल रेलवे तक सीमित नहीं है। यह महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाने के लिए प्रेरित करता है। उनका नाम भारतीय रेलवे में महिला सशक्तिकरण और साहस का प्रतीक बन गया है। उनकी उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि यदि मेहनत और साहस हो तो कोई भी सपना असंभव नहीं है।

  • हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना  ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    हरियाणा की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना को प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वरूप देने और इसका बिहार से पंजाब तक राजनीतिक लाभ लेने की तैयारी शुरू कर दी है। अब यह योजना भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस योजना की पहली किस्त उनके हाथों से दिलाने का अनुरोध करेंगे। भाजपा की मंशा साफ है कि इस योजना को हरियाणा तक सीमित न रखकर बिहार और पंजाब जैसे राज्यों जहां निकट भविष्य में चुनाव होने वाले हैं, वहां इसको प्रचारित कर इसका राजनीतिक लाभ लेना भी है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आज पंचकूला में राज्य स्तरीय समारोह में लाडो लक्ष्मी योजना का रजिस्ट्रेशन ऐप लॉन्च कर दिया। इस दिन सभी जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के जरिए भी यही ऐप लॉन्च कराया गया। ताकि इसे एक बड़े सामूहिक कार्यक्रम का रूप दिया जा सके। सरकार ने इस लॉन्च को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई है कि 22 और 23 सितंबर की सार्वजनिक छुट्टियों के बावजूद समाज कल्याण, स्वास्थ्य और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अफसरों की ड्यूटी लगी रही। पोर्टल का काम पूरा हो चुका है और लॉन्चिंग से पहले हर स्तर पर इसकी टेस्टिंग करवाई गई है।

    हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना  ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    भाजपा सूत्रों का कहना है कि पहले सरकार इसे एक साथ एक लाख 80 हजार रुपए तक की पारिवारिक आय वाली महिलाओं के लिए लागू करने वाली थी लेकिन इसमें दिक्कत आ सकती थी इसलिए सरकार ने इसे तीन चरणों में लागू करने का फैसला किया है। पहले चरण में यह योजना एक लाख रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए है और दूसरे चरण में यह योजना एक लाख 80 हजार रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए आ जाएगी। इसके बाद 3 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार भी इसमें शामिल होंगे। पहले चरण में यह योजना 20 लाख महिलाओं को लाभान्वित करेगी लेकिन जब इसके तीनों चरण पूरे हो जाएंगे तो इसे 50 लाख महिलाओं को लाभ मिलने लगेगा।

    मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए यह योजना उनकी राजनीतिक साख से भी जुड़ी हुई है। भाजपा नेतृत्व उन्हें एक जनहितकारी और ठोस फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहता है। यही वजह है कि सैनी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रहे। इस योजना के साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी देवीलाल और बंसीलाल की श्रेणी में आकर खड़े हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि अगर यह योजना बिना अड़चनों के लागू हो जाती है तो सैनी न सिर्फ राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व की नजरों में भी भरोसेमंद चेहरे के रूप में उभरेंगे।

    बता दें कि 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह देने का वादा किया था। बजट में इस मद के लिए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान भी कर दिया गया था। सरकार ने इस योजना को ऐसे हिसाब से जारी किया है कि जो सरकार ने अपने बजट में 5000 करोड रुपए का प्रावधान किया है फिलहाल उसे 5000 करोड रुपए में काम चल जाएगा। नए बजट में इसकी राशि बढ़ाकर सिर्फ 8000 करोड़ से 10 हजार करोड़ रुपए किए जाने का प्रावधान की बात सामने आ रही है।

    अब सरकार ने नई सरकार की गठन के 1 साल पूरा होने से पहले ही इस योजना की शुरुआत कर जनता के बीच यह संदेश देना चाहा है कि भाजपा अपने वादों को निभाती है। माना जा रहा है कि यह कदम विपक्ष की उस आलोचना को कमजोर कर देगा जिसमें सरकार पर चुनावी घोषणाएं भूल जाने का आरोप लगाया जाता रहा है।

    बिहार में इसी साल और पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और भाजपा हरियाणा की इस योजना को पंजाब और बिहार में प्रचारित करने का काम करेगी ताकि उसे इन राज्यों में राजनीतिक लाभ मिल सके और वहां की महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ना आसान हो सके।

    21 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा लाभ

    योजना के पहले फेज में राज्य की करीब 21 लाख महिलाओं को शामिल किया गया है। इनमें उन परिवारों की महिलाएं हैं जिनकी सालाना आय एक लाख रुपए से कम है। 23 से 45 साल की 2 लाख 82 हजार 635 अविवाहित महिलाएं हैं, जो इसमें कवर होंगी। इसी तरह 18 लाख 16 हजार 621 विवाहित लाभार्थी महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 23 से 60 साल है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद वृद्धावस्था पेंशन का लाभ आटोमेटिक तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। इस योजना में आने वाली महिलाओं को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि 2 महीने में कम से कम एक बार वह अपने इस पैसे को निकाल लें। यह पैसा नहीं निकाले जाने की सूरत में यह राशि बंद हो जाएगी।

  • जनसुनवाई में आए मामले को देखकर महिला आयोग हैरान  कहा, ऐसा मामला जिंदगी में पहली बार देखा

    जनसुनवाई में आए मामले को देखकर महिला आयोग हैरान कहा, ऐसा मामला जिंदगी में पहली बार देखा

    महिला आयोग के सामने बहुत से मामले आते हैं लेकिन एक ऐसा अजब मामला महिला आयोग के सामने आया है जिसमें महिला आयोग ने भी कहा कि ऐसा मामला उनके सामने पहली बार आया है। सेक्टर-12 लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई हुई। इस दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जो हैरान करने वाले थे।

    पलवल की रहने वाली एक महिला ने आयोग के सामने अपने मायके वालों पर ही गंभीर आरोप लगाए। महिला ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बड़ी बेटियों को गुड़गांव मायके भेजा था। लेकिन अब उसके मां बाप और भाई बेटियों को बंधक बना रखा है। बेटियां शादी करने लायक हो गई हैं लेकिन उनकी शादियां नहीं होने दे रहे हैं। इस आयोग की चेयरमैन ने हैरानी जताते हुए कहा कि उनके सामने ऐसा पहला मामला आया है जहां नाना नानी और मामा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। आयोग ने गुड़गांव पुलिस के जरिए बेटियों को बुलाकर पूछताछ करने और उसके बाद फैसला सुनाने की बात कही।

    जनसुनवाई में आए मामले को देखकर महिला आयोग हैरान  कहा, ऐसा मामला जिंदगी में पहली बार देखा

    इस सुनवाई के दौरान एक खास बात यह रही कि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के मामले ज्यादा सक्रिय रहे। पति-पत्नी के रिश्तों में जब इतनी कड़वाहट आ जाए कि वे एक दूसरे की शक्ल तक देखना न चाहें तो मामला महिला आयोग या कोर्ट तक पहुंच जाता है। किसी ने अपने पति पर अवैध तरीके से सेक्सुअल मेडिसन की सप्लाई करने का आरोप लगाया तो बोला की पत्नी उसकी प्रॉपर्टी पर करना चाहती है।

    हरियाणा सरकार में एसडीओ ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उनका पति सेक्सुअल मेडिसन का अवैध कारोबार करता है। वो खुद को आईटी कर्मी बताता है। उसका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर भी है। ऐसे में इनके साथ रहना संभव नहीं हैं। पिछले पांच साल से वह घर का खर्च खुद चला रही है। उधर पति ने भी पत्नी पर भी पूर्व प्रेमी के संपर्क में रहने का आरोप लगाया है।

    आयोग की चेयरमैन रेणु भाटिया ने फरीदाबाद, पलवल, भिवानी, कुरुक्षेत्र आदि जिलों की कुल 40 से अधिक शिकायतें सुनीं। इनमें ज्यादातर घरेलु हिंसा के केस रहे। दिल्ली के एक केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाने वाली शिक्षिका ने अपने सास ससुर पर आरोप लगाया कि उनके पति की मौत के बाद दोनों ने उसे घर से निकाल दिया और गहने आदि सामान हड़प लिए। पति की मौत कोविड काल में हो गई थी। उधर सास और ससुर ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्रवधू बेटे के पीएफ आदि के पैसे हड़प लिए हैं। बच्चों से मिलने तक नहीं देती। वह हर तरीके से प्रताड़ित करती रहती है। इस पर आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि दादा दादी से बच्चों को मिलने से नहीं रोका जा सकता। आयोग ने कहा कि एक संडे गुड़गांव में और एक संडे भिवानी में दादा दादी बच्चों से मिलेंगे। इसके लिए आयोग की ओर से अधिकारी लगाए जाएंगे।

    एक एचआर पति ने पत्नी पर आरोप लगाया कि उनकी शादी 17 साल पहले हुई थी। साल 2011 में बेटी पैदा हुई तो वह घर में विवाद करने लगी। उसके नाम 300 वर्ग गज का प्लाट तक करा दिया। लेकिन पत्नी और उसका पूरा परिवार उनकी पूरी प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है। पति ने बताया कि उनके मां बाप अब इस दुनिया में नहीं है। इन सबके बावजूद वह पत्नी को अपनाना चाहता है। पत्नी ने आरोप लगाया कि पति ने साजिश के तहत उनके पिता को जान से मारने की कोशिश की थी। इस मामले में राजीनामा करने के लिए पांच बीघा जमीन उनके नाम किया था। इस पर आयोग ने नाराजगी जताई और कहा कि पति का संपत्ति पर पत्नी का ही अधिकार होता है। ऐसे में समझौते का दबाव बनाकर पत्नी का अपने नाम जमीन कराना न्यायसंगत नहीं है। दोनों पक्षों को शपथ पत्र देना होगा कि उनकी संपत्ति पर अधिकार बेटे बेटियों को होगा। आयोग ने शपथ पत्र देने के बाद फैसला करने का निर्णय लिया।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर जगमगाया बुर्ज खलीफा, विश्व नेताओं से मिली बधाइयां और शुभकामनाएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर जगमगाया बुर्ज खलीफा, विश्व नेताओं से मिली बधाइयां और शुभकामनाएं

    दुबई का प्रतिष्ठित बुर्ज खलीफा बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर चमक उठा। विश्व की सबसे ऊँची इमारत पर पीएम मोदी की तस्वीरें और जन्मदिन के शुभकामनाओं के संदेश प्रदर्शित किए गए। दुबई की रात इस अवसर पर और भी खास बन गई। यह आयोजन भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बढ़ते हुए संबंधों और सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।

    भारत-यूएई रिश्तों में मजबूती

    बुर्ज खलीफा पर यह रोशनी केवल समारोह नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और आपसी सम्मान का संदेश भी देती है। पिछले वर्षों में भारत और यूएई ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत किया है। इस तरह के आयोजनों से दोनों देशों के बीच विश्वास और दोस्ताना संबंधों को नई ऊँचाई मिलती है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर जगमगाया बुर्ज खलीफा, विश्व नेताओं से मिली बधाइयां और शुभकामनाएं

    वैश्विक नेताओं की शुभकामनाएं

    पीएम मोदी के जन्मदिन पर विश्वभर के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नहयान ने इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और भारत के विकास में आपकी सफलता की कामना करता हूँ।”

    WHO प्रमुख ने भी दी बधाई

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अद्हानोम घेब्रेयेसस ने भी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित हूँ। उन्होंने भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और सुरक्षा के लिए शुरू किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों की सराहना की। वैश्विक स्वास्थ्य और नेतृत्व में उनके योगदान को भी उन्होंने सम्मानित किया।

    पीएम मोदी के जन्मदिन पर उत्सव का महत्व

    प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन पर यह उत्सव न केवल उनके व्यक्तित्व और उपलब्धियों का सम्मान है बल्कि भारत की वैश्विक छवि को भी मजबूत करता है। बुर्ज खलीफा जैसी प्रतिष्ठित इमारत पर तस्वीरें और संदेश प्रदर्शित करना दर्शाता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी प्रतिष्ठा रखता है। यह आयोजन आम जनता और वैश्विक समुदाय के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना।

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्लैग किया ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान का शुभारंभ, तीन सेनाओं की पहली महिला समुद्री यात्रा शुरू

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्लैग किया ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान का शुभारंभ, तीन सेनाओं की पहली महिला समुद्री यात्रा शुरू

    गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सशस्त्र बलों की पहली महिला समुद्री यात्रा अभियान का औपचारिक रूप से फलक किया। इस अभियान में तीनों सेनाओं की दस महिला अधिकारी हिस्सा ले रही हैं। अगले नौ महीनों में ये अधिकारी लगभग 26 हजार समुद्री मील की यात्रा करेंगी, जिसमें विश्व के कुछ खतरनाक समुद्री क्षेत्र भी शामिल हैं। यह अभियान न केवल साहस और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है बल्कि महिलाओं की शक्ति और सैनिकों की एकजुटता को भी दर्शाता है।

    IASV त्रिवेणी से शुरू हुई यात्रा

    महिला अधिकारी IASV त्रिवेणी जहाज से रवाना हुई हैं। इस विश्व समुद्री यात्रा अभियान का नाम ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ रखा गया है। इसे दुनिया की पहली त्रि-सेवा महिला यात्रा कहा जा रहा है। यह यात्रा मुम्बई के गेटवे ऑफ इंडिया से शुरू हुई, जबकि रक्षा मंत्री ने दिल्ली से इसे वर्चुअली फलक किया। अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने इसे ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक बताया, जो तीनों सेनाओं की सामूहिक ताकत, आत्मनिर्भर भारत और इसके सैन्य और कूटनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्लैग किया 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान का शुभारंभ, तीन सेनाओं की पहली महिला समुद्री यात्रा शुरू

    भूमध्य रेखा को पार करेंगे दो बार

    रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अगले नौ महीनों में दस महिला अधिकारी IASV त्रिवेणी से लगभग 26 हजार समुद्री मील की यात्रा करेंगी। इस दौरान वे भूमध्य रेखा को दो बार पार करेंगी और तीन प्रमुख केप्स – लीविन, हॉर्न और गुड होप – के पास से गुजरेंगी। यह यात्रा न केवल साहसिक होगी बल्कि आधुनिक नौसेना संचालन और समुद्री सुरक्षा की तकनीकों को भी प्रदर्शित करेगी।

    खतरनाक समुद्री क्षेत्रों से गुजरना

    इस समुद्री अभियान के दौरान अधिकारी प्रमुख महासागरों से गुजरेंगी और विश्व के कुछ सबसे खतरनाक समुद्री क्षेत्रों, जैसे ड्रेक पासेज, का अनुभव करेंगी। यात्रा के दौरान टीम चार विदेशी बंदरगाहों पर भी रुकेगी। यह यात्रा महिला अधिकारियों के प्रशिक्षण, नेतृत्व और साहस की नई मिसाल कायम करेगी। इस अभियान से भारत की नौसैनिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका आत्मनिर्भर दृष्टिकोण भी उजागर होगा।

    मई में मुंबई लौटेंगी अधिकारी

    यह समुद्री अभियान लगभग नौ महीने में पूरा होने की उम्मीद है। अभियान के अंत में अधिकारी मई अगले साल मुंबई लौटेंगी। यह यात्रा भारत की नौसैनिक ताकत, महिला सशक्तिकरण और देश के अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण का प्रतीक होगी। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस अभियान से महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी और नौसेना तथा अन्य सशस्त्र बलों में उनकी भूमिका और भी सशक्त होगी।

  • Bigg Boss 19 में फूटा तहलका, कुनिका संग झगड़े के बाद तान्या ने खोले दर्दनाक राज़

    Bigg Boss 19 में फूटा तहलका, कुनिका संग झगड़े के बाद तान्या ने खोले दर्दनाक राज़

    Bigg Boss 19 का ताजा एपिसोड हाई-वोल्टेज ड्रामा और गहरी भावनाओं से भरा हुआ रहा। शो में तान्या मित्तल और कुनिका सदानंद के बीच रसोई में हुए विवाद ने पूरे माहौल को गर्मा दिया। यह सब तब शुरू हुआ जब तान्या भिंडी काट रही थीं और उन्हें उसमें एक कीड़ा दिख गया। इस पर कुनिका ने ताना मारते हुए कहा, “थोड़ा और किचन में रहोगी तो बहुत कुछ सीखोगी।” तान्या ने तुरंत पलटकर जवाब दिया और पूछा, “सारा आपका वूमेन एम्पावरमेंट रसौई से ही क्यों शुरू होता है?” उनका यह तंज घरवालों को चौंका गया।

    संस्कार और खाना बनाने पर उठा सवाल

    तान्या ने आगे व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “खाना बनाना नहीं आता तो मतलब मम्मी ने संस्कार नहीं दिए?” उन्होंने साफ किया कि खाना बनाने की कला को किसी के संस्कारों से जोड़ना गलत है। इसके बाद बहस बढ़ गई और कुनिका ने तान्या पर दूसरों को छोटा दिखाने का आरोप लगाया। इस पर तान्या ने भी चेतावनी देते हुए कहा, “आए नॉमिनेशन, फिर बताती हूं तबियत से।” विवाद यहीं नहीं थमा। कुनिका ने बेसिर अली से कहा कि वह तान्या को किचन में नहीं देखना चाहतीं और कसम खाई कि अब उनसे कभी बात नहीं करेंगी।

    Bigg Boss 19 में फूटा तहलका, कुनिका संग झगड़े के बाद तान्या ने खोले दर्दनाक राज़

    मां पर टिप्पणी से टूटी तान्या

    मामला तब और बिगड़ गया जब कुनिका ने व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा, “तुम्हारी मां ने तुम्हें बेसिक मैनर्स भी नहीं सिखाए।” यह सुनकर तान्या पूरी तरह टूट गईं और रोते हुए बोलीं, “मेरी मां सबकुछ हैं। मेरा मम्मा मेरा भगवान है। वह मेरी मां को इस टास्क में नहीं ला सकतीं। मैं यहां बड़ी मुश्किल से पहुंची हूं।” यह सुनकर पूरे घर का माहौल भावुक हो गया और घरवाले तान्या के समर्थन में खड़े हो गए।

    घरवालों का कुनिका पर गुस्सा

    गौरव ने भी तान्या का पक्ष लेते हुए कुनिका को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, “आप दुश्मन हो सकती हैं, लेकिन इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए। मुझे अफसोस है कि आप इस शो में हैं। आप बहुत गलत हैं।” घर के ज्यादातर सदस्य तान्या के साथ खड़े हुए और कुनिका की टिप्पणियों को “संवेदनहीन” बताया। इसके बावजूद कुनिका अपने बयान से पीछे नहीं हटीं। उन्होंने दोहराया, “मेरी मर्जी। मैं फिर कहूंगी कि उसे ठीक से सिखाया ही नहीं गया है कि कैसे बर्ताव करना है। वह सिर्फ गहने और साड़ी पहनना जानती है।”

    तान्या का दर्दनाक खुलासा

    बहस के बीच तान्या ने अपना दर्दनाक अतीत सबके सामने रखा। उन्होंने कहा, “मेरे पापा मुझे मारते थे और मेरी मां मुझे बचाती थीं। मैंने बड़ी मुश्किल से बिजनेस शुरू किया। मुझे साड़ी पहनने की और अपने तरीके से जीने की इजाजत मिली। मैं सिर्फ 19 साल की थी जब मेरी जबरन शादी होने वाली थी। उस समय मैंने सब कुछ झेला।” उनके इस खुलासे ने घरवालों को भावुक कर दिया और सबने कुनिका को उनके शब्दों की गंभीरता समझाने की कोशिश की। लेकिन कुनिका ने अपनी बात वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। इस घटना ने घर के अंदर न सिर्फ तनाव बढ़ा दिया बल्कि दर्शकों के दिलों को भी छू लिया।