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  • Manisha Murder Case के चलते ढिगावा में चल रहे धरना स्थल पर पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी

    Manisha Murder Case के चलते ढिगावा में चल रहे धरना स्थल पर पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी

    लोहारू, 17 अगस्त। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई व जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी रविवार को Manisha Murder Case को लेकर ढिगावा गाँव में चल रहे धरने पर पहुँचीं। धरना स्थल पर पहुँचे ग्रामीणों और पीड़ित परिवार से उन्होंने मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पूरी प्रदेश सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

    घटना पर तुरंत कार्रवाई, लापरवाह पुलिस अधिकारी निलंबित

    श्रुति चौधरी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री से बात की। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। उन्होंने उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए, जिन्होंने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई और मामले को गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही, जिले के एसपी का भी तबादला किया गया ताकि जाँच निष्पक्ष और तेज़ी से हो सके। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का निलंबन खुशी की बात नहीं होती, क्योंकि यह उनकी एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) में दर्ज हो जाता है और उनके करियर को प्रभावित करता है।

    Manisha Murder Case के चलते ढिगावा में चल रहे धरना स्थल पर पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी

    अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई

    मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हत्याकांड की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। यह एक बेहद संवेदनशील और अमानवीय घटना है, जिसे समाज कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि मनीषा हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और किसी भी हालत में कोई अपराधी बचने न पाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी, जो नज़ीर बने।

    पीड़ित परिवार के साथ सरकार की संवेदनाएँ

    धरने पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए श्रुति चौधरी ने कहा कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी और इंसाफ दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन हर कदम उठाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन को जाँच में सहयोग दें। श्रुति चौधरी ने आश्वासन दिया कि पीड़िता को न्याय मिलने तक सरकार चैन से नहीं बैठेगी और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

  • Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद शहर के कुछ हिस्सों में हाल ही में लगे विवादास्पद पोस्टरों ने पूरे प्रदेश में बहस छेड़ दी है। इन पोस्टरों में महिलाओं को बलात्कार से बचने के लिए “घर में रहने” और “लेट नाइट पार्टी में न जाने” की सलाह दी गई थी। इन पर लिखा था कि अगर आप रात में बाहर जाएंगी तो आपके साथ कुछ गलत हो सकता है। यह संदेश महिलाओं को दोषी ठहराने की मानसिकता को उजागर करता है और समाज में गहराई तक फैली पितृसत्ता की सोच को सामने लाता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने झाड़ा पल्ला

    यह पोस्टर अहमदाबाद के सोल और चांदलोदिया इलाकों में सड़क के डिवाइडरों पर लगाए गए थे। शुरुआत में ऐसा माना गया कि ये अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस के अभियान का हिस्सा हैं। लेकिन बाद में ट्रैफिक पुलिस की डीसीपी नीता देसाई ने साफ किया कि इन पोस्टरों की भाषा और विषयवस्तु के लिए पुलिस जिम्मेदार नहीं है। पुलिस के अनुसार, ‘सतर्कता ग्रुप’ नाम के एक एनजीओ ने ट्रैफिक जागरूकता अभियान के लिए अनुमति ली थी लेकिन महिला सुरक्षा से जुड़े यह विवादास्पद पोस्टर बिना अनुमति लगाए गए थे।

    
Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    राजनीतिक दलों का कड़ा विरोध

    इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि गुजरात सरकार महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है लेकिन असल में महिलाओं को घर में रहने की सलाह देकर उनके अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। पार्टी ने इसे महिलाओं को डराकर घर में बंद करने की साजिश बताया और इसे सरकार की असफलता करार दिया।

    डर नहीं सुरक्षा चाहिए

    महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर इस तरह के संदेश देना समाज के लिए खतरनाक है। यह न केवल महिलाओं को गलत ठहराने की कोशिश है बल्कि अपराधियों को परोक्ष रूप से छूट देने जैसा है। महिलाएं बाहर निकलेंगी तो समाज खुलेगा और आगे बढ़ेगा। अपराध को रोकने का सही तरीका अपराधियों पर सख्त कार्रवाई है ना कि महिलाओं को बंद करना।

    सच्चाई के आंकड़े और ज़मीन की हकीकत

    आम आदमी पार्टी के मुताबिक, पिछले तीन सालों में गुजरात में 6500 से अधिक बलात्कार के मामले सामने आए हैं और 36 से ज्यादा गैंगरेप की घटनाएं हुई हैं। यह औसतन हर दिन पांच से ज्यादा केस बनते हैं। ऐसे में सरकार को महिला सुरक्षा के वास्तविक उपाय करने चाहिए ना कि पोस्टरों के जरिए उन्हें ही दोषी ठहराना चाहिए।

  • Haryana Crime: हिसार जिले की महिला से जींद के होटल में रेप! युवक के माता-पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज

    Haryana Crime: हिसार जिले की महिला से जींद के होटल में रेप! युवक के माता-पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज

    Haryana Crime: हिसार जिले की रहने वाली एक युवती की ज़िंदगी उस समय बदल गई जब उसकी जान पहचान जींद निवासी सोमबीर नाम के युवक से हुई। साल 2023 में यह पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदली लेकिन किसी को नहीं पता था कि इसके पीछे एक खतरनाक साजिश छुपी थी। सोमबीर ने एक दिन बहाने से युवती को रानी तालाब के पास स्थित एक होटल में बुलाया और वहां ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया।

    फोटो और वीडियो से बना डाला बंधक

    रेप की वारदात को अंजाम देने के बाद सोमबीर ने युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो चुपके से बना लीं। युवती को इस बात की जानकारी तब नहीं थी लेकिन बाद में उसे पता चला कि ये फोटो और वीडियो एक हथियार बन चुके हैं। सोमबीर ने इन अश्लील सामग्री को वायरल करने की धमकी देकर दो साल तक उसका लगातार यौन शोषण किया और मानसिक रूप से उसे पूरी तरह तोड़ दिया।

    Haryana Crime: हिसार जिले की महिला से जींद के होटल में रेप! युवक के माता-पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज

    धमकी और मारपीट से और बिगड़ी हालत

    जब युवती ने इस शोषण का विरोध किया तो सोमबीर ने उससे मारपीट की और धमकी दी कि वह उसकी जिंदगी तबाह कर देगा। यहीं नहीं रुका अत्याचार। सोमबीर के माता-पिता ने भी इस मामले में युवती और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। यह पूरा परिवार मिलकर युवती को डराता धमकाता रहा ताकि वह चुप रहे।

    पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

    काफी सहने और हिम्मत जुटाने के बाद पीड़िता ने हांसी पुलिस को शिकायत दी। चूंकि घटनास्थल जींद का था इसलिए हांसी पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करके केस को जींद महिला थाना भेज दिया। महिला थाना प्रभारी मोनिका ने बताया कि प्राथमिकी के आधार पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    कानूनी कार्रवाई की उम्मीदें और दर्द

    महिला थाना पुलिस ने सोमबीर और उसके माता-पिता के खिलाफ रेप, मारपीट और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच शुरू हो गई है लेकिन पीड़िता की मानसिक स्थिति अभी भी बहुत कमजोर है। समाज में ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है ताकि कोई और लड़की इस तरह की बर्बरता का शिकार न हो।

  • Aditya Devi Lal: लडक़ी से छेड़छाड़ में अंडर ट्रायल चल रहे विकास बराला को BJP ने लॉ ऑफिसर किया नियुक्त

    Aditya Devi Lal: लडक़ी से छेड़छाड़ में अंडर ट्रायल चल रहे विकास बराला को BJP ने लॉ ऑफिसर किया नियुक्त

    चंडीगढ़। इनेलो विधायक Aditya Devi Lal ने कहा है कि जो भाजपा प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए बिना खर्ची-बिना पर्ची और मेरिट पर नौकरी देने के झूठे दावे करके अपना बखान करती है। उन दावों की लगातार पोल खुल रही है। भाजपा की बेशर्मी का आलम यह है कि पोल खुलने के बाद भी जनता से झूठ बोलने से बाज नहीं आ रही।

    अदित्य ने भाजपा द्वारा एडवोकेट जनरल ऑफिस में नियुक्त किए गए 92 लॉ ऑफिसर पर सवलिया निशान उठाते हुए कहा कि एक तो विकास बराला जिसके उपर लडक़ी के साथ छेड़ छाड़ का मुकदमा चल रहा है, दूसरा आधे से ज्यादा बाहर के प्रदेशों के लोगों को लगाया गया है और तीसरा लगभग 35 ऐसे लोगों को नियुक्ति दी है जो भाजपा नेताओं के रिश्तेदार हैं। प्रदेश के लगभग ढाई हजार लोगों ने आवेदन किया था।

    Aditya Devi Lal: लडक़ी से छेड़छाड़ में अंडर ट्रायल चल रहे विकास बराला को BJP ने लॉ ऑफिसर किया नियुक्त

    उन सभी को रिजेक्ट करके भाजपा सरकार को सिर्फ अंडर ट्रॉयल विकास बराला, भाजपा नेताओं के रिश्तेदार और हरियाणा से बाहर के लोग ही योग्य मिले हैं? हरियाणा के बच्चे जो पीएचडी और एमएससी हैं और हर लिहाज से ए और बी कैटेगरी के अधिकारी लगने के योग्य हैं, भाजपा उन्हें सरकारी दफ्तरों में झाड़ू पोचा करने के लिए चपड़ासी लगा रही है। लॉ ऑफिसर की नियुक्ति के लिए क्या योग्यताएं और अनुभव रखे गए थे उन सभी मानदंडों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

    ताकि जिन लोगों ने लॉ ऑफिसर के लिए आवेदन किए थे उनको पता चल सके कि उनका चयन क्यों नहीं किया गया। जिन योग्य लोगों ने इस उम्मीद में आवेदन किया था कि लॉ ऑफिसर बन के वो हाईकोर्ट में प्रेक्टिस करेंगे, उनको बहुत मायुसी हाथ लगी है। हम मांग करते हैं कि इन सभी की नियुक्ति रद्द की जाए। और जिन्होंने आवेदन किए हैं उनमें से पारदर्शी तरीके से योग्य लोगों को लॉ ऑफिसर नियुक्त किए जाएं।