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Haryana

दोबारा अविश्वास प्रस्ताव की तारीख दी गई तो जाएंगे हाईकोर्ट – विनोद सिंगला

सत्यखबर, सफीदों (महाबीर मित्तल) – इनैलो के वरिष्ठ नेता एवं जिला परिषद चेयरपर्सन पदमा सिंगला के पति विनोद सिंगला ने नगर की पुरानी अनाज स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की तानाशाही सरकार जनप्रतिनिधियों को काम करने नहीं दे रही है। मेरी पत्नी पदमा सिंगला […]

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सत्यखबर, सफीदों (महाबीर मित्तल) – इनैलो के वरिष्ठ नेता एवं जिला परिषद चेयरपर्सन पदमा सिंगला के पति विनोद सिंगला ने नगर की पुरानी अनाज स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की तानाशाही सरकार जनप्रतिनिधियों को काम करने नहीं दे रही है। मेरी पत्नी पदमा सिंगला को भी जोकि जिला परिषद की चेयरपर्सन है, उसको सरकार, केंद्रिय मंत्री बीरेंद्र सिंह व विधायक प्रेमलता काम करने नहीं दे रही है। मेरी पत्नी के खिलाफ मई माह में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। उस अविश्वास प्रस्ताव में पदमा सिंगला की जीत हुई थी। मेरी पत्नी को जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी से अपदस्त करने के लिए भाजपा नेताओं ने नैतिकता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 16 अगस्त को उचाना की विधायक ने एक-एक जिला परिषद सदस्य के घर-घर जाकर दस्तखत करवाएं और रात के अंधेरे में गैर कानूनी तरीके से डीसी को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।

जिस पर डीसी ने कई दिन बाद बताया कि 21-22 सदस्य कई दिन पहले उन्हे अविश्वास प्रस्ताव की चिट्ठी सौंपकर गए हैं। जिस पर डीसी ने 4 सितम्बर की तिथि अविश्वास प्रस्ताव पर शक्ति परीक्षण के लिए दी थी। उस तिथि को मेरी पत्नी पदमा सिंगला के पास पूर्ण बहुमत था लेकिन सरकार ने डीसी को अचानक वहां से भेज दिया। अविश्वास प्रस्ताव के दिन कोई सदस्य अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट देने आया। उन्होंने कहा कि कानून के हिसाब से यह अविश्वास प्रस्ताव स्वत: ही रद्द हो गया है लेकिन हठधर्मिता के कारण नियमों से बाहर जाकर डीसी दोबारा से तारीख देने की बात कह रहे हैं। अगर डीसी दोबारा से अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देते हैं तो वे इसके खिलाफ माननीय पंजाब एण्ड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने बताया कि नियम यह है कि जब एक बार अविश्वास प्रस्ताव की तारीख आ जाती है तो दोबारा से अविश्वास प्रस्ताव की तारीख नहीं दी जा सकती है।

इस अविश्वास प्रस्ताव की तारीख के दिन ना तो कोई सदस्य वोट डालने आया और ना ही कोई पूर्व सूचना दी गई लेकिन 4 सितम्बर को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर जिला परिषद के कर्मचारी का उनके पास मोबाईल पर मैसेज आया कि मीटिंग को स्थगित कर दिया गया है, जबकि मीटिंग का समय सुबह 11 बजे का था। कायदे से साढ़े 11 बजे तक सदस्यों को मीटिंग में उपस्थित होना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की तानाशाही सरकार के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया जाएगा और आगामी विधानसभा चुनावों में इनैलो-बसपा गठबंधन की भारी बहुमत से सरकार बनेगी। इस मौके पर मुख्य रूप से ब्लाक समिति सदस्य राधेश्याम जयपुर, सूरत सिंह करसिंधू, मुख्तयार सिंह, अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश संगठन मंत्री बिल्लू सिंगला, अग्रवाल वैश्य समाज के युवा सोनीपत लोकसभा प्रभारी हिमलेश जैन, श्रीभगवान सिंगला व भगवान दास शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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