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Haryana

उपायुक्त के आदेश पर एसडीएम खुद करेंगे कालेज भर्ती मामले की जांच

सफीदों :महाबीर मित्तल सफीदों के राजकीय पीजी कॉलेज में डीसी रेट पर की गई कर्मचारियों की भर्ती मामले में उपायुक्त के आदेश पर सफीदों एसडीएम मनदीप कुमार खुद इस इस सारे मामले की जांच करेंगे। इस संबंध में एसडीएम ने राजकीय कॉलेज अधिकारियों को जांच में शामिल होने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। […]

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सफीदों :महाबीर मित्तल
सफीदों के राजकीय पीजी कॉलेज में डीसी रेट पर की गई कर्मचारियों की भर्ती मामले में उपायुक्त के आदेश पर सफीदों एसडीएम मनदीप कुमार खुद इस इस सारे मामले की जांच करेंगे। इस संबंध में एसडीएम ने राजकीय कॉलेज अधिकारियों को जांच में शामिल होने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि गत माह राजकीय कालेज में 11 पदों के लिए डीसी रेट पर भर्तियां की गई थी। इन भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आधार पर कॉलेज प्रशासन द्वारा अपने लोगों को मेरिट को दरकिनार करते हुए नौकरियों पर रखने के आरोप लगे थे। इसी मामले में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले शिव कुश ने गांव जयपुर में लगे खुले दरबार में उपायुक्त से इस मामले की जांच की गुहार लगाई थी। उपायुक्त ने इस मामले की जांच के लिए एसडीएम सफीदों को जिम्मेवारी दी थी। अब इस मामले में एसडीएम ने कॉलेज प्रशासन को अपने कार्यालय में तलब किया है। शिकायतकर्ता शिव कुश ने बताया कि उसने नौकरियों में जिस मेरिट को लागू किया है, उसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन से आरटीआई के आधार पर मांगी थी। कॉलेज प्रशासन ने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया। इसके बाद उसने उपायुक्त को इस मामले की जांच के लिए गुहार लगाई थी। एसडीएम के आदेश के बाद कालेज प्रशासन द्वारा उस पर लोगों को भेजकर दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी कुछ आवेदकों ने पूर्व एसडीएम विरेंद्र सांगवान के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया था। मामले के सामने आने के बाद विरेंद्र सांगवान ने तुरंत एक कमेटी के गठन किया था। उस कमेटी में शामिल राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य ने खुद को जुनियर बताकर जांच करने में असमर्थता जाहिर की थी। इस मामले में एसडीएम मनदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए दोनों पक्षों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इस सारे मामले की जांच करके दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा।
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