Connect with us

Haryana

गांव खरल के रिजनल सेंटर में प्राध्यापकों की कमी को लेकर गेट पर जड़ा ताला

सत्यखबर, नरवाना (सन्दीप श्योरान) – गांव खरल स्थित भगत फूल सिंह खानुपर विश्वविद्यालय के रिजनल सेंटर स्वामी रत्नदेव कॉलेज में प्राध्यापकों व मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रिजनल सेंटर के गेट पर ताला जड़कर विश्वविद्यालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्राओं द्वारा रिजनल सेंटर मे हंगामा करते […]

Published

on

सत्यखबर, नरवाना (सन्दीप श्योरान) – गांव खरल स्थित भगत फूल सिंह खानुपर विश्वविद्यालय के रिजनल सेंटर स्वामी रत्नदेव कॉलेज में प्राध्यापकों व मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रिजनल सेंटर के गेट पर ताला जड़कर विश्वविद्यालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्राओं द्वारा रिजनल सेंटर मे हंगामा करते देख इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे रिजनल सेंटर मे प्राध्यापकों व मूलभूत सुविधाओं की कमी को पूरा करवाने की मांग पर अड़ी रही।

छात्राओं का कहना था कि भगत फूल सिंह विश्वविद्यालय के रिजनल सेंटर में स्नातक व स्नात्तकोत्तर की कक्षायें लगाने की मंजूरी तो ले ली गई, लेकिन यहां पर दाखिला लेने के बाद मालूम चला कि बीए, बीए ऑनर्स संस्कृत, बीएससी नॉन मेडिकल और एमए राजनीति शास्त्र में प्राध्यापकों की कमी है। जब वे प्राध्यापकों की कमी पूरी करने बारे बात करते, तो उनको आश्वासन दिया जाता रहा कि जल्द ही प्राध्यापक आ जायेंगे और उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से हो जायेगी। लेकिन बार-बार आश्वासन देने के बावजूद भी प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं हो पायी, जिससे वे अपनी पढ़ाई सही तरीके से नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रिजनल सेंटर में बिजली व पानी की भारी कमी है, जिससे वे भीषण गर्मी में कैसे पढ़ाई कर सकती हैं।

उन्होंनें बताया कि बिजली न होने से तीन-चार छात्रा गर्मी की वजह से बेहोश हो चुकी हैं, फिर भी कोई असर नहीं पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों व बिजली की कमी होने के चलते उनको रिजनल सेंटर पर ताला जडऩे को मजबूर होना पड़ रहा है। गेट पर ताला जडऩे की सूचना मिलते ही गढ़ी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने छात्राओं की बात सुनते हुए वाइस चांसलर से फोन पर बात की और छात्राओं को 3 दिन का आश्वासन देकर गेट का ताला खुलवाया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *