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Haryana

युवाओं के सपनों को बचाने की लड़ाई लड़ेंगे कर्मचारी – मुरारी शर्मा

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सत्यखबर,जाखल (दीपक)
हरियाणा सरकार द्वारा रोडवेज के  ड्राइवरों को सर प्लस कर विभिन्न विभागों में भेजने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है जोकि सरकार द्वारा समय पर बसें न खरीदने के कारण हुआ है यह वही कर्मचारी हैं जो कोरोना के समय  में भयंकर बीमारी से ना डर कर आम लोगों की जान को बचाने के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर नेपाल से भी आमजन  को हरियाणा में लेकर आए थे.

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 हरियाणा सरकार को चाहिए था कि हरियाणा की जनसंख्या के अनुसार 14000 नई बसें लाई जाती और सरकारी बसों में मिलने वाली सभी सुविधाएं आम लोगों तक पहुंचाती परंतु सरकार ने बसों की संख्या ना बढ़ाकर हरियाणा के छात्र-छात्राओं व आम जनता को बसों पर लटककर सफर करने के लिए मजबूर कर दिया है जिससे कई बार दुर्घटना होने पर वे अपनी जान गवा बैठते हैं यदि सरकार 14000 बसें लाती तो 98000 युवाओं को रोजगार मिलता और प्रदेश के शिक्षित युवा को सम्मानजनक वेतन मिलता परंतु सरकार लगातार हर विभाग में कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है.
और नए रोजगार पैदा नहीं कर रही है  पढ़े लिखे युवाओं के सपने चूर-चूर हो रहे हैं और वह मजबूरन गलत कामों की ओर जा रहे हैं शिक्षा विभाग और रोडवेज के खाली पदों को भर दिया जाए तो प्रदेश के डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार मिल सकता है यदि सभी विभागों को भर दिया जाए तो लाखों पदों पर भर्तियां हो सकती हैं हरियाणा सरकार द्वारा विभागों में खाली पदों को न भरकर कर्मचारियों को हटाने व दूसरे विभागों में भेजने के निर्णय की सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा  कड़े शब्दों में निंदा करता है और 16 तारीख को होने वाले रोडवेज के प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लेगा और सरकार की शिक्षा नीति परिवहन नीति बिजली अध्यादेश 2020 व श्रम कानूनों में बदलाव से आम जनता के हितों पर पड़ने वाले डाकों की पोल खोलेगा जनता के हितों के लिए  सभी विभागों के कर्मचारी संघर्ष करेंगे।