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  • Haryana: देश में एक लाख महिलाओं में 66 महिला है पीड़ित, लेकिन हरियाणा में यह संख्या बढ़कर 110! क्या राज्य बन गया महिलाओं के लिए खतरे का मैदान?

    Haryana: देश में एक लाख महिलाओं में 66 महिला है पीड़ित, लेकिन हरियाणा में यह संख्या बढ़कर 110! क्या राज्य बन गया महिलाओं के लिए खतरे का मैदान?

    Haryana में महिलाओं की स्थिति अपराध का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। NCRB की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदेश में एक लाख महिलाओं में से 110.3 महिलाएं पीड़ित हो रही हैं जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह दर 66.2 है।

    2023 में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के 4,48,211 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2022 में 4,45,256 और 2021 में 4,28,278 मामले दर्ज हुए थे। 2023 में सबसे अधिक अपराध पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (1.33 लाख मामले, 29.8 प्रतिशत) के थे। इसके बाद महिलाओं के अपहरण (88,605 मामले, 19.8 प्रतिशत) और शीलभंग करने के इरादे से हमले (83,891 मामले, 18.7 प्रतिशत) के थे। हालांकि, महिलाओं के विरुद्ध अपराध की दर लगभग अपरिवर्तित (66.2 प्रति लाख) रही।

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट-2023 के अनुसार अपराध दर प्रति लाख महिला जनसंख्या आधार पर हरियाणा 110.3 के साथ चौथे स्थान पर आ गया है। इसमें सबसे ऊपर तेलंगाना 124.9, दूसरे स्थान पर राजस्थान 114.8 और तीसरे स्थान पर ओडिशा 112.4 है। हालांकि प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध की संख्या में तीन वर्षों में कमी भी दर्ज हुई है। 2022 में 16658 अपराध, 2022 में 16743 और 2023 में 15758 आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। इसमें राष्ट्रीय दर 66.2 प्रतिशत है।

    Haryana: देश में एक लाख महिलाओं में 66 महिला है पीड़ित, लेकिन हरियाणा में यह संख्या बढ़कर 110! क्या राज्य बन गया महिलाओं के लिए खतरे का मैदान?

    NCRB के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के खिलाफ होने वाले आपराधिक मामलों में चार्जशीट के रिकॉर्ड में हरियाणा में दर 56 फीसदी रही है जो देश में राजस्थान (53.6 फीसदी) के बाद सबसे कम है। पहले स्थान पर मिजोरम 97.8 फीसदी, दूसरे पर आंध्र प्रदेश 95.2, तीसरे पर बंगाल 93.8, चौथे पर केरल 93.7 और पांचवें पर तमिलनाडु 91 फीसदी है।

    60 फीसदी दुष्कर्म के मामले 18 से 30 साल की महिलाओं के साथ

    2023 में हरियाणा में कुल 1772 दुष्कर्म की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 18 से 30 की उम्र की 1105 पीड़िताएं शामिल थीं। 30 से 45 साल की 606 महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी और 60 साल से ऊपर की छह महिलाओं का यौन शोषण किया गया। NCRB की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 448211 मामले दर्ज हुए हैं।

  • Haryana: बारिश ने रावण बनाने वाले कारीगरों की मेहनत पर फेरा पानी, आए थे कमाई करने अपनी पूंजी लुटा बैठे

    Haryana: बारिश ने रावण बनाने वाले कारीगरों की मेहनत पर फेरा पानी, आए थे कमाई करने अपनी पूंजी लुटा बैठे

    Haryana: इस साल मानों भगवान भी नहीं चाहता कि फरीदाबाद में रावण दहन हो। फरीदाबाद के NIT दशहरा ग्राउंड में अचानक आई तेज बारिश ने रावण के पुतलों को भिगोकर नष्ट कर दिया। कारीगरों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। लाखों रुपए का नुकसान हुआ। कई परिवारों की आजीविका पर संकट आ गया है। बता दें कि फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त धीरेन्द्र खड़गटा ने पहले ही रावण दहन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

    तेज बारिश ने फरीदाबाद के NIT दशहरा ग्राउंड में त्यौहार का मजा किरकिरा कर दिया। मंगलवार दोपहर बाद अचानक आई बरसात ने पूरे मैदान को कीचड़ में बदल दिया। जिन रावण के पुतलों पर कारीगरों के परिवार का गुजारा टिका था वो भीगकर बर्बाद हो गए। कुछ पुतलों को पन्नी से ढंककर बारिश से बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज बारिश के सामने ये प्रयास नाकाफी साबित हुए। मैदान में कीचड़ के बीच पुतलों की हालात देखकर वहां काम करने वाले कारीगरों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी।

    नुकसान ही नुकसान

    कारीगर पिंटू ने बताया कि बारिश में उसका करीब 10 हजार का रावण पूरी तरह खराब हो गया। ये 1 फुट का रावण था जो पूरी तरह तैयार हो चुका था। उसका परिवार इसी काम से चलता है। कुल मिलाकर पिंटू का नुकसान करीब 40 हजार रुपए का हुआ है। कारीगर सुनील ने कहा कि बारिश ने उसके सारे रावण भिगा दिए। एक 30 फुट का रावण था, जिसका ऑर्डर ग्राहक ने पहले ही दे दिया था। कीमत करीब 35 हजार थी, लेकिन बारिश में बर्बाद हो गया। एक ही दिन में सुनील का नुकसान करीब 1 लाख रुपए का हो गया।

    Haryana: बारिश ने रावण बनाने वाले कारीगरों की मेहनत पर फेरा पानी, आए थे कमाई करने अपनी पूंजी लुटा बैठे

    ऑर्डर का क्या होगा

    कारीगर सचिन ने बताया कि हम लोग पिछले 5 साल से दशहरे के मौके पर रावण बनाते आए हैं। यही उनकी आजीविका का जरिया है। इस बार बारिश ने लाखों का नुकसान कर दिया। छोटे-बड़े, 3 फुट से लेकर 35 फुट तक के सभी रावण भीग गए। ग्राहक जो ऑर्डर देकर लेने आए थे उनका भी पुतला गीला हो गया। कारीगर ऊषा कानपुर से आई हैं। उन्होंने कहा कि इस साल नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है। कम से कम 1 लाख से डेढ़ लाख का नुकसान। बड़े रावण भीग गए और केवल 2-3 रावण ही बिक पाए।

    झटके से कम नहीं

    कारीगर राज ने भी अपनी पीड़ा सांझा करते हुए कहा कि इस बार बारिश ने बहुत नुकसान किया। सारा माल भीग गया। रावण भी कम बिके हैं। 2 अक्टूबर को होने वाले दशहरा के मद्देनजर ये नुकसान कारीगरों के लिए किसी बड़ा झटका से कम नहीं है। ये लोग हर साल त्यौहार के मौके पर अपने परिवार का गुजारा इसी काम से चलाते हैं, लेकिन इस साल अचानक आई बारिश ने उनकी मेहनत और कमाई दोनों पर पानी फेर दिया।

  • Shruti Chaudhary: किसानों व जनता के हितों का ध्यान रखकर व LWS सर्कल की परियोजनाओं में देरी के कारण जून, 2020 के आदेशों को किया गया रद्द

    Shruti Chaudhary: किसानों व जनता के हितों का ध्यान रखकर व LWS सर्कल की परियोजनाओं में देरी के कारण जून, 2020 के आदेशों को किया गया रद्द

    चण्डीगढ़, 30 सितम्बर – हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री Shruti Chaudhary ने कहा कि किसानों व जनता के हितों का ध्यान रखकर व एलडब्ल्यूएस सर्कल की परियोजनाओं में देरी होने के कारण जून, 2020 के आदेशों को रद्द कर दिया। नहरी तंत्र को तर्कसंगत बनाते हुए जिन नहरों का नियंत्रण लोहारू डिवीजन को सौपा गया था किसानों की मांग पर उन नहरों को वापिस मूल डिवीजन में कर दिया गया है ताकि सिर से टेल तक पानी का कुशल प्रबंधन हो सके।

    सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी गत देर सायं चण्डीगढ़ में सिंचाई एवं जल संसाधन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान जून, 2020 में जारी आदेशों की समीक्षा की है और उन्हें रद् कर दिया है। जिसके तहत जुई, सिवानी और हिसार जल सेवा प्रभागों की कुछ नहर प्रणालियों को लोहारू डिवीजन में स्थानांतरित कर दिया गया था।

    उन्होंने कहा कि पिछले पाँच वर्षों के दौरान व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हुई क्योंकि इन नहरों के केवल अतिम भाग ही लोहारू डिवीजन के पास थे, जबकि मुख्य भाग अपने मूल डिवीजनों के अधीन रहे। इस विभाजित नियंत्रण के कारण नहर के पानी का अकुशल विनियमन हुआ, जिससे किसान विशेष रूप से अंतिम छोर पर प्रभावित हुए। सरकार ने इन नहरों को उनके मूल डिवीजनों में बहाल करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, इन नहरों की मरम्मत और पुनर्वास के बाद पानी की उपलब्धता में सुधार हुआ है।

    Shruti Chaudhary: किसानों व जनता के हितों का ध्यान रखकर व LWS सर्कल की परियोजनाओं में देरी के कारण जून, 2020 के आदेशों को किया गया रद्द

    श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण कदम से अब नहरों का हेड और टेल हिस्सा एक ही डिवीजन के अधीन रहेगा, जिससे सिर से टेल तक संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा और पानी का बेहतर आपूर्ति प्रबंधन होगा। उन्होंने कहा कि मूल डिवीजनों को पूरा नियंत्रण वापस मिलने से दोहरी जिम्मेदारी समाप्त होगी और अधिकारियों की जवाबदेही स्पष्ट होगी। टेल एरिया के किसानों को अब अधिक सुनिश्चित और समय पर पानी मिलेगा, जिससे विवाद और शिकायते घटेंगी। नहरों की निगरानी, मरम्मत और नियमन मूल डिवीजनों के अधीन होने से अधिक सुचारु और प्रभावी होगा। इससे निश्चित रूप से कार्यक्षमता में सुधार होगा।

    उन्होंने कहा कि दो डिवीज़नों के बीच स्टाफ व संसाधनों के दोहराव से बचत होगी और सरकारी खर्च का बेहतर उपयोग होगा। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार जमीनी वास्तविकताओं को देखते हुए पुराने आदेशों की समीक्षा कर सही कदम उठाती है। जो नीतिगत पारदर्शिता को दर्शाता है।

    उन्होंने बताया कि सरकार ने जिला भिवानी के ब्लॉक सिवानी के गाँव खेड़ा में 17.54 करोड़ रूपये की लागत से ऑफिस कॉम्प्लेक्स, नहर विश्राम गृह और स्टाफ आवास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसका कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और यहाँ लोहारू, सिवानी और मिकाडा डिवीज़न के एसडीओ एक ही जगह पर बैठेंगे। इससे किसानों को अपनी समस्याएँ एक ही स्थान पर, अपने गाँव के पास ही सुलझाने की सुविधा मिलेगी। लोहारू डिवीजन का मुख्यालय लोहारू में ही रहेगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि इस से एक निर्णय, दो फायदे होंगे। नहरों का बेहतर प्रबंधन और किसानों को सेवाएँ उनके घरद्वार पर मिलेगी और सिर से टेल तक हर किसान को न्यायोचित पानी मिलेगा और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

    सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने कहा कि यह निर्णय किसान कल्याण और कुशल जल प्रबंधन के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम जमीनी हकीकत के मद्देनजर पिछले फैसलों की समीक्षा कर किसान व जनता हित में निर्णय लेते है। उन्होंने कहा कि नहरों के उचित प्रबंधन को बहाल करने के साथ-साथ, हम आधुनिक बुनियादी ढाँचे में भी निवेश कर रहे हैं ताकि हर किसान आसानी से और बिना किसी परेशानी के सेवाओं का लाभ उठा सके। इससे कामकाज सुचारू होगा, सेवाएँ बेहतर होगी और कृषक समुदाय में संतुष्टि बढ़ेगी।

  • Haryana: CLU घोटाले की सीडी को फिर से जारी किया इनेलो ने, 50 करोड़ के घोटाले के आरोपी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का आरोप

    Haryana: CLU घोटाले की सीडी को फिर से जारी किया इनेलो ने, 50 करोड़ के घोटाले के आरोपी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का आरोप

    Haryana: कांग्रेस हाईकमान द्वारा राव नरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जोड़ी को मैदान में उतारने के बाद हरियाणा की सियासत में हलचल मच गई है। इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे पहले इनेलो भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ अपने आक्रामक तेवरों के लिए जानी जाती थी।

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की हालिया नियुक्तियों पर सवाल खड़े करते हुए रामपाल माजरा ने एक बार फिर से तथाकथित CLU घोटाले से जुड़ी पुरानी वीडियो सीडी को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए राव नरेंद्र सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उन पर पहले से FIR दर्ज है।

    माजरा ने कहा कि हुड्‌डा सरकार में CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज़) को “उ‌द्योग” बना दिया गया था और उसी दौरान राव नरेंद्र सिंह ने कथित तौर पर 30 से 50 करोड़ रुपये की मांग की थी। इस मामले से जुड़ी एक पुरानी सीडी वीडियो को इनेलो ने एक बार फिर सार्वजनिक किया है।

    Haryana: CLU घोटाले की सीडी को फिर से जारी किया इनेलो ने, 50 करोड़ के घोटाले के आरोपी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का आरोप

    उन्होंने दावा किया कि यह मामला हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ FIR भी दर्ज है। साथ ही, माजरा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता विपक्ष और राव नरेंद्र सिंह को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर कांग्रेस और भाजपा दोनों पर “सांठगांठ” का आरोप लगाया।

    प्रेस को संबोधित करते हुए माजरा ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता विपक्ष और राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर वह दोनों को शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन बधाई भाजपा को भी देनी चाहिए, क्योंकि यही नियुक्तियां भाजपा चाहती थी। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा के बीच गुप्त सहमति का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि दोनों दल असल में एक ही सोच से संचालित हो रहे हैं।

    रामपाल माजरा ने प्रेस के सामने एक बार फिर वह सीडी वीडियो जारी किया, जिसे इनेलो पहले भी 2013 में सार्वजनिक कर चुकी है। उनका दावा है कि वीडियो में राव नरेंद्र सिंह एक व्यक्ति से CLU मंज़ूरी के बदले 30 से 50 करोड़ रुपये की मांग करते दिख रहे हैंमाजरा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पिछली सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में CLU एक उद्योग बन चुका था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हुड्डा सरकार ने स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी जैसी कंपनियों को बेशकीमती जमीनें सस्ते दामों पर अलॉट की थीं।

  • Haryana News: भिवानी के रोजगार मेले में युवाओं की भीड़, कंपनियों ने पेश किए ऐसे अवसर जो बदल सकते हैं जिंदगी!

    Haryana News: भिवानी के रोजगार मेले में युवाओं की भीड़, कंपनियों ने पेश किए ऐसे अवसर जो बदल सकते हैं जिंदगी!

    Haryana News: भिवानी में रोजगार विभाग ने सेवा पखवाड़ा (Seva Pakhwada) के अंतर्गत एक रोजगार मेला आयोजित किया, जिसमें लगभग 120 युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर असिस्टेंट रोजगार अधिकारी दीपक शर्मा ने युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और व्यावसायिक मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह मेला उपायुक्त साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार आयोजित किया गया था। इस रोजगार मेले में श्री श्याम बायो फर्टिलाइज़र और CIS सिक्योरिटी जैसी कंपनियों ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।

    रोजगार मेला का आयोजन और उद्देश्य

    रोजगार विभाग ने अपने कार्यालय परिसर में रोजगार मेला आयोजित किया, जिसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी के अवसरों से जोड़ना और उनके कौशल विकास में मदद करना था। इस मेले में युवाओं ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ इंटरव्यू किए और अपनी योग्यताओं के अनुसार रोजगार पाने का प्रयास किया। मेला असिस्टेंट रोजगार अधिकारी दीपक शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस तरह के रोजगार मेले युवाओं को मार्गदर्शन देने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।

    Haryana News: भिवानी के रोजगार मेले में युवाओं की भीड़, कंपनियों ने पेश किए ऐसे अवसर जो बदल सकते हैं जिंदगी!

    रोजगार, कौशल और व्यावसायिक मार्गदर्शन

    रोजगार मेले के दौरान जिला रोजगार अधिकारी युवाओं को रोजगार से संबंधित जानकारी, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के अवसरों के बारे में विस्तार से बता रहे थे। दीपक शर्मा ने युवाओं को बताया कि कैसे वे विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ लेकर रोजगार के लिए तैयार हो सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी समझाया कि रोजगार मेले में भाग लेकर युवा कंपनियों के साथ नेटवर्किंग कर सकते हैं और अपने कैरियर को बेहतर दिशा दे सकते हैं।

    कंपनियों द्वारा रोजगार अवसर और भागीदारी

    इस रोजगार मेले में श्री श्याम बायो फर्टिलाइज़र और CIS सिक्योरिटी जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। उन्होंने युवाओं के कौशल और योग्यताओं के अनुसार विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की। दीपक शर्मा ने कहा कि इस तरह के रोजगार मेले युवाओं के लिए बहुत लाभकारी हैं, क्योंकि यह उन्हें न केवल नौकरी पाने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उनके कौशल और पेशेवर विकास में भी मदद करते हैं। इस प्रकार, रोजगार मेला युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ और उनका उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की।

  • Haryana: जींद रोड के नए अनाज बाजार में पके हुए धान की व्यवस्था हुई नई, किसानों के लिए समय तय, अब नहीं होगा हंगामा!

    Haryana: जींद रोड के नए अनाज बाजार में पके हुए धान की व्यवस्था हुई नई, किसानों के लिए समय तय, अब नहीं होगा हंगामा!

    Haryana: शहर के जींद रोड स्थित नए अनाज बाजार में धान की आवक बढ़ने के साथ, श्री कृष्णा फूडग्रेन डीलर्स एसोसिएशन ने धान की खरीद और उठान के लिए नए प्रबंध किए हैं। अब किसान सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने वाहनों में लदे धान के साथ बाजार में प्रवेश कर सकते हैं। इसके बाद बाजार किसानों के लिए बंद रहेगा और खरीदे गए धान की उठान शुरू होगी। धान की उठान अगले दिन सुबह 5 बजे तक जारी रहेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सुविधा प्रदान करना और बाजार में अराजकता से बचना है।

    एसोसिएशन की बैठक और निरीक्षण

    सोमवार को एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामलाल वशिष्ठ और वरिष्ठ कमीशन एजेंट रामधारी जिंदल ने की। बैठक के दौरान एसोसिएशन की टीम ने बाजार का दौरा किया और धान की खरीद, उठान और व्यवस्था की समीक्षा की। प्रतिनिधियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को धान की खरीद में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो और उनकी सुविधा को पूरी तरह ध्यान में रखा जाए। अध्यक्ष वशिष्ठ ने बताया कि बाजार में धान की आवक बढ़ने लगी है और अगले सप्ताह दैनिक आवक और बढ़ेगी।

    Haryana: जींद रोड के नए अनाज बाजार में पके हुए धान की व्यवस्था हुई नई, किसानों के लिए समय तय, अब नहीं होगा हंगामा!

    धान की खरीद और उठान का समय निर्धारित

    एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन, जिनमें धान लदा हो, केवल सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे तक बाजार में प्रवेश कर सकेंगे। इसके बाद खरीदे गए धान की उठान शुरू होगी। धान की उठान रोजाना दोपहर 3 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक की जाएगी। कमीशन एजेंट यह सुनिश्चित करेंगे कि खरीदी गई धान की पूरी मात्रा उसी दिन उठाई जाए। इससे किसानों को अगले दिन अपने उत्पादन को बाजार में जमा करने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी और बाजार में भी अराजकता नहीं होगी।

    उपस्थित सदस्य और सहयोग

    बैठक में कई प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें गुलशन बजाज, रमेश अग्रवाल, राममहार रोहिल्ला, सुरेंद्र गर्ग, सूरज भान बंसल, संतलाल बजाज, मनोज बजाज, सत्यनारायण मित्तल, बालकृष्ण मंगल, संदीप छपरा, सुशील जैन, मिंटू पहलवान, हैप्पी जैन, बिजेंद्र देशवाल और कृष्ण शर्मा शामिल थे। सभी उपस्थित सदस्यों ने धान की उचित खरीद और उठान व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस नए समय सारिणी के लागू होने से किसानों को सुविधा मिलेगी और बाजार में व्यवस्थित धान की आवक और उठान सुनिश्चित होगी।

  • Haryana: पोस्टल बैलेट पर EC का बड़ा ऐलान, विपक्ष ने किया स्वागत – पांच राज्यों में क्यों घटे आंकड़े?

    Haryana: पोस्टल बैलेट पर EC का बड़ा ऐलान, विपक्ष ने किया स्वागत – पांच राज्यों में क्यों घटे आंकड़े?

    Haryana: डाक मतपत्रों को लेकर निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा फैसला किया है। निर्वाचन आयोग ने निश्चित किया है कि मतों की गिनती के आखिरी राउंड से पहले हर हाल में डाक मत पत्रों की गिनती सुनिश्चित की जाएगी। बता दें कि डाक मत पत्रों की गिनती को लेकर राजनीतिक दलों में काफी विवाद रहता है और इनको लेकर कई बार अनेक मामले भी अदालतों में चलते हैं। डाक मत पत्रों की गिनती को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए नई दिशा निर्देशों का विपक्ष ने भी स्वागत किया है। विपक्ष का स्वागत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान में विभिन्न मुद्दों को लेकर निर्वाचन आयोग विपक्ष के निशाने पर है।

    1990 के दशक में जब से चुनाव आयोग ने डाक मतपत्रों पर सम्पूर्ण डेटा प्रकाशित करना शुरू किया है, तब से लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों में इस सेवा का लाभ उठाने वाले मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। 1996 के लोकसभा चुनावों में 3.6 लाख डाक मतपत्र डाले गए थे। जो उस वर्ष डाले गए कुल मतों का केवल 0.1% था। जबकि 2024 में 42.82 लाख लोगों ने डाक द्वारा मतदान किया। जो कुल मतों का 0.66% है। ये संख्या आम चुनावों में डाक मतपत्रों का अब तक का सबसे बड़ा हिस्सा है।

    अकेले 2019 और 2024 के बीच डाक मतपत्रों की संख्या में 53% की वृद्धि हुई। हालांकि सबसे ज्यादा वृद्धि 2014 और 2019 के बीच देखी गई। जब डाक मतपत्रों की संख्या में 143% की वृद्धि हुई, जो अब तक की सबसे ज्यादा वृद्धि है।

    2024 के चुनावों में आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक 5.12 लाख डाक मतपत्र देखे गए। इसके बाद दूसरे नंबर पर राजस्थान में 3.76 लाख, जबकि तीसरे पर तमिलनाडु में 3.11 लाख, चौथे पर गुजरात में 3.08 लाख और पांचवें पर पश्चिम बंगाल में 2.93 लाख डाक मतपत्र रहे।
    पांच राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार को छोड़कर सभी में 2019 की तुलना में 2024 में डाक मतपत्रों की संख्या में वृद्धि देखी गई। तेलंगाना में डाक मतों की संख्या में सबसे बड़ी वृद्धि देखी गई। जो 2019 में 20,603 से 959% बढ़कर 2024 में 2.18 लाख हो गई। दूसरी ओर महाराष्ट्र में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। जो 2019 में 2.73 लाख से 2024 में 2.39 लाख तक 12% की गिरावट है।

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    इसी तरह 2014 से 2019 तक केवल तीन राज्यों- गोवा, मिजोरम और त्रिपुरा में डाक मतपत्रों की संख्या में गिरावट देखी गई। इस अवधि में सबसे ज्यादा वृद्धि मणिपुर में दर्ज की गई, जहां डाक मतपत्रों में 2,081% की वृद्धि हुई। उसके बाद झारखंड में 1,435% और पंजाब में 1,434% की वृद्धि हुई।

    2004 से जब चुनाव आयोग ने डाक मतदान का विस्तृत विवरण प्रकाशित करना शुरू किया, तब से आंकड़े दर्शाते हैं कि अस्वीकृत डाक मतपत्रों की संख्या पांच गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। लेकिन डाक मतपत्रों में उनकी हिस्सेदारी में काफी कमी आई है। 2004 में 95,459 डाक मतपत्र अस्वीकृत हुए। जो कुल डाक मतपत्रों का 15.77% था। 2024 में 5.36 लाख डाक मतपत्र अस्वीकृत हुए। लेकिन वे कुल डाक मतपत्रों का 12.51% थे। अपवाद 2009 था जब अस्वीकृत डाक मतपत्रों की हिस्सेदारी 21.54% के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।

    दर्ज की गई गिरावट

    डाक मतपत्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी बिहार सहित राज्य विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिल रही है। ये बात इसलिए क्योंकि विभिन्न राज्यों में हाल ही में हुए दो विधानसभा चुनावों के दौरान केवल गुजरात और उत्तर प्रदेश में ही डाक मतपत्रों की हिस्सेदारी में गिरावट देखी गई है। 2020 और 2025 के बीच हुए विधानसभा चुनावों के सबसे हालिया सेट में अरुणाचल प्रदेश में डाक मतपत्रों का सबसे अधिक हिस्सा दर्ज किया गया। जो कुल मतों का 5.3% था। इसके बाद सिक्किम में 4.8%, गोवा में 2.81%, केरल में 2.77% और हिमाचल प्रदेश में 2.74% रहा।

    बिहार में 1995 से 2005 तक लगातार तीन विधानसभा चुनावों में गिरावट के बाद हर चुनाव में डाक मतपत्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 1995 में 2,209 डाक मत डाले गए थे, जो कुल मतों का 0.01% था। 2020 तक डाक मतपत्रों की संख्या बढ़कर 2.68 लाख या कुल मतों का 0.63% हो गई। 2005 से 2010 के बीच डाक मतपत्रों की संख्या 2,896% बढ़कर, केवल 951 से 28,493 हो गई।

  • Haryana News: हरियाणा-राजस्थान में अरब स्टाइल मुर्गा फाइट, करोड़ों का दांव – मास्टरमाइंड अब भी फरार!

    Haryana News: हरियाणा-राजस्थान में अरब स्टाइल मुर्गा फाइट, करोड़ों का दांव – मास्टरमाइंड अब भी फरार!

    Haryana News: अभी तक आपने अरब देशों में मुर्गों की लड़ाई देखी होगी। पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, सऊदी अरब सहित मुस्लिम देशों में मुर्गों की लड़ाई के मामले सामने आते हैं, लेकिन अब मुर्गों की लड़ाई हरियाणा और राजस्थान में भी पहुंच गई है।

    भिवाड़ी पुलिस ने लादिया गांव के पास मुर्गों की लड़ाई पर जुआ खेलते हुए 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 1 लाख 40 हजार 790 रुपए नकद और 9 मुर्गे जब्त किए हैं। ये कार्रवाई जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश के निर्देश पर भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण के सुपरविजन में तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह के नेतृत्व में हुई। गिरफ्तार किए गए लोगों में अधिकांश हरियाणा के रहने वाले हैं और यह मेवात के बताए जाते हैं।

    तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को पेटा ऑर्गेनाइजेशन से पुलिस को लादिया गांव की पहाड़ी के पास मुर्गों की लड़ाई पर जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए सी.डी.टी तिजारा की टीम ओमप्रकाश, कुलवीर, विष्णु, इकबाल को मौके पर भेजा गया। सूचना सही पाए जाने पर थाना टपूकड़ा पुलिस हनुमान सहाय के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर 20-30 लोगों को घेरा बनाकर मुर्गों की लड़ाई पर दांव लगाते देखा। पुलिस को देखकर कई लोग भाग गए, लेकिन 17 आरोपियों को पकड़ लिया गया।

    Haryana News: हरियाणा-राजस्थान में अरब स्टाइल मुर्गा फाइट, करोड़ों का दांव – मास्टरमाइंड अब भी फरार!

    मौके से 1,40,790 रुपए नकद और 9 मुर्गे बरामद कर जब्त किए गए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में असलम, जुबेर, इकराम, अहमद, लियाकत, इलियास, सुब्बन, जुन्नी, गौरव, सूरज, सचदेव, शशिकांत, जमील, इन्नस, कासम, निक्कू और जीते शामिल हैं। ये सभी राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों के निवासी हैं।

    गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना टपूकड़ा में बीएनएस और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मौके से लावारिस मिली 7 चार पहिया वाहन और 11 मोटरसाइकिलों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, इस जुआ रैकेट का मास्टरमाइंड तौफीक निवासी लादिया मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
    तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि कॉक फाइट करने से पहले मुर्गों को पानी में कुछ पदार्थ मिलाकर पिलाया जाता है। जिससे वो एग्रेसिव हो जाते हैं और उसके बाद एक 20×20 के कमरे में उनको लड़ने के लिए छोड़ते हैं। साथ में ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड और मुर्गों पर दांव लगाने वाले लोग भी होते हैं। इसी दौरान दो मुर्गों की आपस में फाइट कराई जाती है, जो मुर्गा फाइट से बाहर हो जाता है, उसको हारा हुआ मान लिया जाता है और उस मुर्गे पर लगाए गए दांव की रकम जीते हुए मुर्गे के मालिक को देनी पड़ती है। इस तरह इस खेल में एक कॉक फाइट पर लाखों रुपए का दांव खेला जाता है।

  • Haryana: हरियाणा कांग्रेस में घमासान! अध्यक्ष की कुर्सी पर विवाद, अजय यादव ने क्यों साधा निशाना?

    Haryana: हरियाणा कांग्रेस में घमासान! अध्यक्ष की कुर्सी पर विवाद, अजय यादव ने क्यों साधा निशाना?

    Haryana: पंजाब और हरियाणा से कांग्रेस सत्ता से दूर है। पंजाब में तो अगले डेढ़ साल में ही चुनाव होने वाले हैं, जबकि हरियाणा में वह लगातार तीन हार झेल चुकी है। इस बीच पार्टी ने संगठन के पेंच कसने के लिए कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन उसे लेकर बवाल शुरू हो चुका है। हरियाणा में पार्टी ने राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है तो सीनियर नेता कैप्टन अजय यादव ने सवाल उठा दिए हैं। उनका कहना है कि किसी साफ छवि के नेता को कमान मिलनी चाहिए थी। राहुल गांधी की ऐसी इच्छा भी थी, लेकिन प्रदेश में उससे उलट फैसला लिया गया है। इस बीच आज हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने रणदीप सुरजेवाला और बीरेंद्र सिंह समेत पार्टी के अनेक नेताओं से मुलाकात की है। कैप्टन अजय यादव के विरोध को इस अंदाज में भी देखा जा रहा है कि वह खुद भी दावेदार थे।

    हरियाणा के साथ-साथ पंजाब में भी बवाल खड़ा हो गया है। पटियाला से पार्टी के सांसद धर्मवीर गांधी ने मंगलवार को नेतृत्व पर सवाल उठाए और कहा कि हलका इंचार्ज के तौर पर जिन नेताओं को कमान मिली है, वे तो खुद ही हारे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में ऐसे लोगों को हलका इंचार्ज बना दिया गया है, जो विधानसभा चुनाव में जमानतें जब्त करवा चुके हैं। धर्मवीर गांधी ने फेसबुक पर लिखा, ‘कांग्रेस में हलका इंचार्ज क्या होते हैं और किन लोगों को यह जिम्मेदारी मिली है। ये ऐसे लोग हैं, जो विधानसभा में हार गए थे। कुछ की तो जमानत ही जब्त हो गई थी। आखिर इन्हें किसने हलका इंचार्ज बनाया है। उस नेता का नाम बताएं और नियुक्ति का आदेश सार्वजनिक किया जाए।’

    उन्होंने पटियाला लोकसभा क्षेत्र की 8 विधानसभाओं में आयोजित कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का जिम्मा हलका इंचार्जों ने ले रखा था, जबकि युवा नेता और कार्यकर्ता साइडलाइन ही कर दिए गए। गांधी का खुला आरोप है कि पंजाब में सीनियर नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके अलावा मजबूत युवा नेता भी साइडलाइन लगे हैं। कुछ चुनिंदा लोगों को हलका इंचार्ज बनाकर थोप दिया गया है। 2022 की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा इलेक्शन है। उससे पहले इस तरह संगठन में विवाद होना पार्टी की सेहत के लिए अच्छा नहीं है।

    Haryana: हरियाणा कांग्रेस में घमासान! अध्यक्ष की कुर्सी पर विवाद, अजय यादव ने क्यों साधा निशाना?

    एक साल बाद फैसला और फिर भी विवाद

    ऐसा ही विवाद राव नरेंद्र सिंह को लेकर हरियाणा में कैप्टन अजय सिंह यादव ने उठा दिया है। ऐसे में देखना होगा कि हुड्डा खेमा कैसे हरियाणा में पार्टी को मजबूत करता है। एक साल के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने हरियाणा में हुड्डा को नेता विपक्ष बनाया है, जबकि राव नरेंद्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। इसी को लेकर कैप्टन अजय यादव का ऐतराज है। उन्होंने बिना नाम लिए ही ट्वीट किया कि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर ईमानदार नेता की जरूरत थी।

    उन्होंने लिखा, ‘हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के लगातार गिरते ग्राफ को देखते हुए आज लिए गए निर्णय पर पार्टी को आत्म निरीक्षण करने की आवश्यकता है। राहुल गांधी जी की इच्छा थी कि हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष एक ऐसे व्यक्ति को बनाया जाए जिसकी छवि पूरी तरह साफ-सुथरी, बेदाग और युवा नेतृत्व की पहचान रखने वाली हो। लेकिन आज का निर्णय इसके ठीक उलट दिखाई देता है। इस वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडर का मनोबल बिलकुल गिर गया है। पार्टी को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।’

  • Gopal Kanda के घर ED की रेड में बड़ी मात्रा में कैश और विदेशी डॉलर मिले

    Gopal Kanda के घर ED की रेड में बड़ी मात्रा में कैश और विदेशी डॉलर मिले

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पणजी क्षेत्रीय कार्यालय ने हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री Gopal Kanda और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है। रविवार और सोमवार को दिल्ली, गुरुग्राम, गोवा, मुंबई और राजकोट में तलाशी ली गई।

    जानकारी के अनुसार, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के प्रावधानों के तहत ईडी की लगभग 20 टीमों द्वारा 15 परिसरों में की गई छापेमारी में 2.25 करोड़ रुपये की नकदी, 14,000 डॉलर, 9 लाख रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा और आपत्तिजनक दस्तावेजों के बंडल बरामद किए गए।

    ईडी अधिकारियों द्वारा लक्षित परिसरों में मेसर्स गोल्डन ग्लोब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स वर्ल्डवाइड रिसॉर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और बिग डैडी कैसीनो, गोवा से संबंधित परिसर शामिल थे।

    ईडी की जांच से पता चला कि ग्राहकों को विदेशी मुद्रा के बदले पोकर चिप्स उपलब्ध कराए जा रहे थे, और ग्राहकों की आवश्यकताओं के आधार पर जीत की राशि विदेशी मुद्रा में वितरित की जा रही थी।

    Gopal Kanda के घर ED की रेड में बड़ी मात्रा में कैश और विदेशी डॉलर मिले

    इसके अलावा, यह पाया गया कि कई ऑनलाइन कैसीनो प्लेटफॉर्म, जैसे rolex777.co, iCasino247.com, play247s.com, Win Daddy, Poker Daddy, आदि को मेसर्स गोल्डन ग्लोब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत कैसीनो के स्टाफ सदस्यों द्वारा सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया गया था।

    यह भी पता चला कि पोकर खिलाड़ियों के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट का इस्तेमाल वित्तीय लेन-देन के लिए किया जाता था। दुबई और दुनिया भर के विभिन्न स्थानों पर यूएसडी टेथर (एक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी) हस्तांतरण की सुविधा के लिए क्रिप्टो वॉलेट के माध्यम से अंगडिया सेवाओं के उपयोग का भी पता चला। इसके अलावा, ईडी अधिकारियों ने बताया कि जुए की जीत की राशि जमा करने और निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले और बाद में विदेशों में विभिन्न व्यक्तियों को हस्तांतरित किए जाने वाले कई खच्चर खातों की भी पहचान की गई है।

    संपर्क करने पर गोपाल कांडा के परिजनों ने इसकी पुष्टि की, लेकिन विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि गोपाल कांडा भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री थे। अब उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है और भाजपा नेताओं से नजदीकियां बढ़ा ली हैं। 2012 में विमान परिचारिका गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में भी उनका नाम आया था।