Panipat Rape Case: पानीपत रेलवे स्टेशन पर गैंगरेप की दर्दनाक घटना! CCTV फुटेज में नहीं दिखी पीड़िता, SIT कर रही बारीकी से जांच

Panipat Rape Case: पानीपत रेलवे स्टेशन पर गैंगरेप की दर्दनाक घटना! CCTV फुटेज में नहीं दिखी पीड़िता, SIT कर रही बारीकी से जांच

Panipat Rape Case : पानीपत रेलवे स्टेशन पर मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के साथ गैंगरेप की दर्दनाक घटना ने पूरे हरियाणा को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले की जांच के लिए रेलवे पुलिस अधीक्षक (एसपी) निकिता गहलोत ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम की कमान अंबाला के डीएसपी राजेश कुमार को सौंपी गई है। SIT अब मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज से सुराग तलाशती SIT, 20 कैमरों की जांच

SIT ने पीड़िता की गवाही के आधार पर पानीपत से लेकर सोनीपत तक की रेल पटरियों और प्लेटफॉर्म पर लगे 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। हालांकि, अब तक उस समय की कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है जब महिला के साथ यह घटना हुई थी। इसके बावजूद पुलिस टीम का दावा है कि वह हर दिशा में जांच कर रही है। साथ ही खाद्य विक्रेताओं और यात्रियों से भी पूछताछ की गई है।

Panipat Rape Case: पानीपत रेलवे स्टेशन पर गैंगरेप की दर्दनाक घटना! CCTV फुटेज में नहीं दिखी पीड़िता, SIT कर रही बारीकी से जांच

पीड़िता की दर्दनाक आपबीती: खाली ट्रेन में हुआ गैंगरेप

महिला ने रोहतक पीजीआई में दिए गए अपने बयान में बताया कि वह पानीपत रेलवे स्टेशन पर एक बेंच पर बैठी थी। तभी एक युवक आया और उसे बुलाकर एक खाली ट्रेन के डिब्बे में ले गया जहां उसके साथ बलात्कार किया गया। इसके बाद तीन-चार और युवक आए और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। भागने की कोशिश में उसका पैर केमिकल में फिसला और वह पटरी पर गिर गई, जहां ट्रेन की चपेट में आने से उसका एक पैर कट गया।

महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट, किला थाना भी घिरे सवालों में

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पानीपत और सोनीपत जीआरपी से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पानीपत के किला थाने से भी यह पूछा गया है कि लापता होने की शिकायत के बाद क्या कदम उठाए गए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

मनोचिकित्सक की रिपोर्ट का इंतजार, दोबारा दर्ज होगा बयान

पीड़िता की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई के मनोचिकित्सक से इलाज दिलाया जा रहा है। SIT की टीम का कहना है कि जैसे ही महिला की मानसिक हालत में सुधार होगा, उसका बयान दोबारा दर्ज किया जाएगा ताकि केस में सटीकता लाई जा सके। जांच टीम ने दावा किया है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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