Haryana News: हरियाणा में आयुष्मान योजना की बिगड़ती तस्वीर! 7 अगस्त से ठप हो सकता है गरीबों का इलाज

Haryana News: हरियाणा में आयुष्मान योजना की बिगड़ती तस्वीर! 7 अगस्त से ठप हो सकता है गरीबों का इलाज

Haryana News: हरियाणा प्रदेश कांग्रेस उद्योग सैल के चेयरमैन अशोक बुवानीवाला ने कहा है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पहले ही स्वास्थ्य सेवाऐं चरमराई हुई है और अब प्राईवेट अस्पतालों में भी प्रदेश सरकार द्वारा भुगतान न होने की वजह से आयुष्मान कार्ड धारको का ईलाज बंद होने के कगार पर है। ज्ञात रहे कि हरियाणा में करीब 650 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत कार्ड धारकों का इलाज कर रहे हैं।

इनका करीब 400 करोड़ रुपये का बिल बकाया चल रहा है। जिसके चलते आईएमए हरियाणा ने आयुष्मान प्राधिकरण को पत्र लिखकर 7 अगस्त से कार्डधारकों का इलाज नहीं करने का ऐलान किया है। जिस पर अशोक बुवानीवाला ने प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि भाजपा शासित प्रदेश सरकार गरीबों के भरोसे से खिलवाड़ कर रही है। क्योंकि चुनाव से पहले इस योजना को लेकर प्रदेश की गरीब जनता के बीच खुब भ्रम फैलाया गया था लेकिन आज सच्चाई ये है कि प्राइवेट अस्पतालों का लगभग 400 करोड़ रुपये बकाया पड़ा है।

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प्रदेश सरकार ने अभी तक इस योजना के पैसे ही नहीं दिए हैं। जिसके चलते प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड के जरिए हो रहे गरीबों का इलाज न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। गरीब, मजदूर और निम्न आय वर्ग के लोग आयुष्मान कार्ड के भरोसे अस्पतालों का रुख करते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार उनके भरोसे को तोडऩे पर लगी है।

बुवानीवाला ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी है। मरीजों को घंटों कतारों में लगना पड़ता है और सही समय पर जांच या इलाज तक नहीं मिल पाता। वहीं दूसरी ओर प्राईवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाखों मरीजों को इलाज दिया, लेकिन सरकार की ओर से करीब 400 करोड़ का भुगतान लंबित है, जिससे अस्पतालों की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार के रवैये को लेकर ऐसा लग रहा है कि प्रदेश सरकार गरीबों पर पैसा खर्च नहीं करना चाहती, आयुष्मान योजना तो केवल गरीब जनता को बरगलाकर उनका वोट हथियाने के लिए थी। असल में सरकार को गरीबों से कोई मतलब नहीं है क्योंकि चुनाव के दौरान लागू की गई सभी योजनाओं का यही हॉल है। मौजूदा हालात में गरीबों को न तो सरकारी अस्पतालों से राहत मिल रही है, न ही प्राईवेट अस्पतालों से।

यह हालात दर्शाते हैं कि सरकार नीतियों को जमीन पर लागू करने में नाकाम है। सरकार को यह समझना होगा कि स्वास्थ्य आम जनता का एक मौलिक अधिकार है। गरीबों को इलाज से वंचित करना संविधान और मानवता दोनों के खिलाफ है। अशोक बुवानीवाला ने मांग की कि प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से प्राईवेट अस्पतालों का लंबित भुगतान करे ताकि आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बाधित न हो।

इस दौरान अशोक बुवानीवाला ने भिवानी में बने मैडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए कहा नागरिक अस्पताल के स्टाफ, ओपीडी, लैब व अन्य उपकरणों को ही उठाकर मैडिकल कॉलेज में डाल दिया गया है। जो कि आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है क्योंकि पहले मरीजों को मैडिकल कॉलेज की बिल्डिंग में जाना पड़ रहा हैं और फिर वहां से उन्हें वापिस नागरिक अस्पताल की 4 मंजिला बिल्डिंग में घुमाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल के स्टॉफ, ओपीडी और लैबों को फिर से यहां स्थानानंरित कर चालू किया जाए और मैडिकल कॉलेज को रोहतक मैडिकल कॉलेज की तर्ज पर नए सिरे से चालू किया जाएं।

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