Haryana: ICICI बैंक में डेटा लीक, ग्राहक का निजी डेटा बेचा गया, सहायक मैनेजर गिरफ्तार, जांच जारी

Haryana: ICICI बैंक में डेटा लीक, ग्राहक का निजी डेटा बेचा गया, सहायक मैनेजर गिरफ्तार, जांच जारी

Haryana: नई गुरुग्राम में रहने वाले एक युवक ने जनवरी 2025 में ICICI बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाया था। इसके बाद उसे कई बैंकों और कॉल सेंटरों से क्रेडिट कार्ड और अन्य बैंकिंग सुविधाओं के लिए लगातार कॉल आने लगे। परेशान होकर युवक ने साइबर थाना ईस्ट में मामला दर्ज कराया। जांच में पता चला कि ICICI बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से सैकड़ों ग्राहकों का डेटा बेच दिया गया। गुरुवार को पुलिस ने पुणे स्थित मुख्य शाखा में कार्यरत क्रेडिट कार्ड विभाग के सहायक प्रबंधक को गिरफ्तार किया। फिलहाल उसके साथ पूछताछ जारी है।

मामले की पृष्ठभूमि और प्रारंभिक गिरफ्तारी

ACP साइबर क्राइम प्रियांशु दिवान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम वेद प्रकाश है, जो मूल रूप से उत्तराखंड के झूमरी तलाईया का रहने वाला है। उसने MBA की पढ़ाई की है। इस मामले में युवकों ने 13 जनवरी को साइबर थाना ईस्ट में डेटा लीक का मामला दर्ज कराया था। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने जांच शुरू की। पहले पुणे में कॉल सेंटर चलाने वाले शरद को पकड़ा गया। शरद ने उन लोगों की जानकारी दी, जो उसे क्रेडिट कार्ड डेटा उपलब्ध कराते थे। इसके बाद सौरभ द्विवेदी, जो HDFC बैंक में काम करता है, को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया।

Haryana: ICICI बैंक में डेटा लीक, ग्राहक का निजी डेटा बेचा गया, सहायक मैनेजर गिरफ्तार, जांच जारी

आरोपियों की कार्यप्रणाली और डेटा की बिक्री

जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने कुछ दिन पहले वेद प्रकाश से पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह पुणे की मुख्य शाखा में क्रेडिट कार्ड विभाग में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत है और पिछले तीन वर्षों से बैंक में काम कर रहा है। सौरभ द्विवेदी और वेद प्रकाश दोस्त हैं और उनके बीच ग्राहक डेटा का आदान-प्रदान होता था। दोनों मिलकर ग्राहक डेटा कॉल सेंटरों को बेचते थे। अब तक वेद प्रकाश ने कुल 250 ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड डेटा की बिक्री की जानकारी पुलिस को दी है।

जांच और आगे की कार्रवाई

ACP प्रियांशु दिवान ने कहा कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके बैंक खाते भी जांचे जाएंगे ताकि पता चल सके कि उसने डेटा बेचकर कितनी रकम कमाई। इसके अलावा, इस संबंध में बैंक मुख्यालय से भी पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न मामलों की जांच के दौरान अब तक 39 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला बैंकों में डेटा सुरक्षा और ग्राहकों की गोपनीयता पर चिंता की एक बड़ी चेतावनी है।

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