कुमारी शैलजा का किसानों पर संकट बयान! बाढ़ पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने सरकार पर दबाव

कुमारी शैलजा का किसानों पर संकट बयान! बाढ़ पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने सरकार पर दबाव

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस कठिन समय में किसानों को राहत पहुंचाने की बजाय सरकार उन्हें पोर्टल की उलझनों में फंसा रही है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह तत्काल किसान हित में कदम उठाए और जल्द से जल्द पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करे।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी शैलजा ने कहा है कि किसानों की ओर से शिकायतें मिल रही हैं कि बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए पोर्टल पर न तो समय पर इंटरनेट सुविधा मिल रही है और न ही पोर्टल सुचारु रूप से काम कर रहा है। कई स्थानों पर पोर्टल बंद मिला और अंतिम तिथि 17 सितम्बर होने के बावजूद किसान अपनी फसल दर्ज नहीं कर पाए।

कुमारी शैलजा का किसानों पर संकट बयान! बाढ़ पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने सरकार पर दबाव
कुमारी शैलजा का किसानों पर संकट बयान! बाढ़ पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने सरकार पर दबाव

15 सितंबर को तो सर्वर दिन भर डाउन रहा। कुमारी शैलजा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब किसानों को तुरंत सहायता और राहत की आवश्यकता है, तब सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की ओर पोर्टल तभी कामयाब हो सकते है जब इंटरनेट सुविधा बेहतर हो, शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र में तो इंटरनेट सुविधा का बुरा हाल होता है, किसान सुबह से शाम तक सीएससी सेंटर के चक्कर काटते रहते हैै और हर बार पता चलता है कि सर्वर डाउन है या इंटरनेट काम नहीं कर रहा।

सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि सरकार किसानों को परेशान न करने वाला कोई कदम न उठाए। बाढ़ से धान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और उसका ही मुआवजा देने में बीमा कंपनी आना कानी कर रही है, सरकार को इस दिशा में भी कदम उठाना चाहिए। सांसद कुमारी शैलजा ने सरकार से मांग की है कि सरकार स्वयं गिरदावरी करवाए और बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करे, किसानों को बिना देरी के तुरंत मुआवजा दिया जाए, प्रभावित किसानों के कर्ज़ की वसूली एक वर्ष के लिए स्थगित की जाए तथा इस अवधि का ब्याज सरकार स्वयं वहन करे और किसानों को पोर्टल की तकनीकी समस्याओं में उलझाने की बजाय राहत और सहायता उन तक सीधी पहुंचाई जाए। कुमारी शैलजा ने कहा कि बाढ़ ने किसानों की आजीविका को गहरी चोट दी है और सरकार का कर्तव्य है कि वह तुरंत व ठोस कदम उठाकर किसानों के जीवन और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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