हरियाणा

गुरुग्राम में HSVP अधिकारी अपनी जमीन बचाने में विफल साबित 

 

सत्य ख़बर,गुरुग्राम,सतीश भारद्वाज :HSVP officials proved unsuccessful in saving their land in Gurugram

गुरुग्राम में एचएसवीपी की खाली पड़ी हजारों एकड़ जमीनों पर दबंग रसूखदार लोगों ने अपनी राजनेतिक पहुंच के चलते अधिकारियों पर दबाव बनाकर अवैध कब्जा जमाया हुआं है। जिसकी समाज सेवकों द्वारा शिकायतें करने के बाद भी अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं।

 

Haryana News: हरियाणा में पानी की कमी के कारण संयुक्त जल संघर्ष समिति ने सड़क पर उतरने का किया फैसला
Haryana News: हरियाणा में पानी की कमी के कारण संयुक्त जल संघर्ष समिति ने सड़क पर उतरने का किया फैसला

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एचएसवीपी द्वारा अधिग्रहण की गई जमीनों पर दबंग लोग कब्जा करके जमकर चांदी कुट रहे हैं। वहीं आए दिन किसी ना किसी क्षेत्र से अवैध कब्जा करने की शिकायतें पहुंच रही हैं। लेकिन फिर भी विभाग में बैठे अधिकारी केवल अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में दबंग राजनेतिक पहुंच वाले भूमाफियाओं पर कोई भी सख्त कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। वहीं बताया गया है कि इन दिनों विभाग की सैक्टर 14, 21,22,23 व पालम विहार, डीएलएफ, नाथूपुर, वजीराबाद जैसे दर्जनों जगहों पर मिलीभगत से अवैध कब्जे हो रहे हैं। जिसमें कई मामले अदालतों में भी विचाराधीन है

 

फिर भी नियम और कानून को ताक पर रखकर अभी कब्जे करने का खेल चल रहा है। वहीं एक जागरूक शहरवासी ने बताया कि विभाग के दफ्तर सेक्टर 14 के पास एससीओ के बीच में छोड़ी गई सरकारी जमीन पर दबंग भूमाफियाओं की नजर पड़ी हुई है। जहां पर पिछले कई दिनों से अवैध कब्जा लोगों द्वारा किया जा रहा है। वहीं सैक्टर 21 और 23 के मध्य पुलिस रेस्ट हाउस के सामने एक दबंग पार्षद ने करीब एक हजार जमीन पर कई वर्षों से कब्जा जमाया हुआ है। जिसकी शिकायत भी कई दफा हो चुकी है मगर अधिकारी मौन बने हुए है। हालांकि पिछले दिनों ही एसपीपी विभाग की इंफोर्समेंट टीम ने उसके आसपास कुछ अवैध निर्माण को धराशाही भी किया था।

 

Hisar News: हिसार यूनिवर्सिटी में मौत का खुलासा, क्या वाकई खुद जल गई थीं डॉक्टर भवना?
Hisar News: हिसार यूनिवर्सिटी में मौत का खुलासा, क्या वाकई खुद जल गई थीं डॉक्टर भवना?

मगर पूर्णता कार्यवाही किसी राजनीतिक दबाव के कारण नहीं कर पाए। जिससे एचएसवीपी अधिकारियों पर लगातार उंगली उठ रही है। वही बताया जा रहा है कि जिले में वर्षों से बैठे अधिकारी किसी भी राजनीतिक रसूखदार लोगों से कोई पंगा नहीं लेना नहीं चाहता। अगर उन्होंने उनके द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जो पर कार्रवाई की तो वह अपनी ऊंची पहुंच के कारण उनके यहां से तबादला करवा सकते हैं। जिसके डर से अधिकारी भी मौन बने हुए हैं। क्योंकि गुरुग्राम की मलाईदार सीट छोड़ने को कोई भी अधिकारी तैयार नहीं है।

Back to top button