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Punjab News: विपक्षी पार्टियों की चुनावी तैयारी, राजा वारिंग के लिए चुनौती अपने घर को बचाने की

Punjab News: पंजाब की राजनीति में इन दिनों गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी पार्टियां अपनी ताकत जुटाने में लगी हुई हैं, खासकर पंचायत चुनावों के संदर्भ में, जहाँ कांग्रेस ने पंचायत चुनावों में धांधली के आरोप लगाते हुए गिद्दड़बाहा में धरना प्रदर्शन किया। इस धरने का नेतृत्व किया कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने।

पंचायत चुनाव में धांधली के आरोप

गिद्दड़बाहा में पंचायत चुनाव के दौरान धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। राजा वारिंग ने आरोप लगाया कि चुनाव में कई irregularities हुई हैं, जिससे लोकतंत्र की हत्या हुई है। धरने में शामिल अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जोरदार नारेबाजी की और चुनाव आयोग से मांग की कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई करे।

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सुखबीर बादल की सक्रियता

इस बीच, सुखबीर बादल, जो श्री अकाल तख्त द्वारा टंकेईया घोषित होने के बाद से राजनीतिक दृश्य से गायब थे, भी इस धरने में पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हर परिस्थिति में गिद्दड़बाहा सीट को फिर से हासिल करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, भाजपा नेता मनप्रीत बादल भी गिद्दड़बाहा में सक्रिय हो गए हैं और लोगों से मिलकर पंचायत चुनावों में धांधली के आरोपों पर चर्चा कर रहे हैं।

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चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव

गौरतलब है कि राज्य में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिनमें बर्नाला, गिद्दड़बाहा, चब्बेवाल और dera बाबा नानक शामिल हैं। इन सभी सीटों में गिद्दड़बाहा सबसे अधिक गर्म सीट है क्योंकि वडिंग यहां से विधायक रह चुके हैं। वडिंग यहां से तीन बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं और वह किसी भी कीमत पर अपने घर  को बचाने के लिए तैयार हैं।

मनप्रीत बादल की राजनीति

गिद्दड़बाहा सीट पहले मनप्रीत बादल के कब्जे में थी। मनप्रीत पहले शिरोमणि अकाली दल के सदस्य थे। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों में हारने के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि, वह खुद लोकसभा चुनाव में सक्रिय नहीं रहे, जिसका कारण बताया गया कि उन्होंने कोई बड़ा कदम नहीं उठाया।

भाजपा की रणनीति

भाजपा अब गिद्दड़बाहा में मनप्रीत के माध्यम से अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यह पहली बार है जब भाजपा ने गिद्दड़बाहा में विधानसभा चुनावों में हिस्सा लेने का फैसला किया है। वहीं, SAD भी इस सीट को वापस पाने के लिए सक्रिय है और सुखबीर बादल खुद इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।

AAP की चुनावी तैयारी

सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी उपचुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। AAP ने सुखबीर बादल के करीबी सहयोगी हरदीप सिंह डिम्पी ढिल्लों को पार्टी में शामिल किया है। हालाँकि चुनाव आयोग ने अभी उपचुनाव की घोषणा नहीं की है, लेकिन सभी पार्टियों ने गिद्दड़बाहा में AAP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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स्थानीय मुद्दों पर ध्यान

गिद्दड़बाहा में स्थानीय मुद्दों पर भी सभी पार्टियों की नजर है। जैसे ही चुनाव नजदीक आ रहे हैं, स्थानीय समस्याओं पर भी जोर दिया जाएगा। भाजपा और SAD ने अपने-अपने कार्यक्रमों में यह सुनिश्चित किया है कि वे स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच अधिक सक्रिय रहें।

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