Category: ताजा समाचार

  • IND vs BAN: 24 सितंबर को दुबई में होगा मुकाबला, बांग्लादेश के प्लेइंग XI में हो सकता है बड़ा सरप्राइज

    IND vs BAN: 24 सितंबर को दुबई में होगा मुकाबला, बांग्लादेश के प्लेइंग XI में हो सकता है बड़ा सरप्राइज

    IND vs BAN: एशिया कप 2025 में भारत और बांग्लादेश 24 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। इस मैच में बांग्लादेश की प्लेइंग इलेवन एक बड़ा सवाल है। टीम अपने अगले मैच में एक घातक तेज गेंदबाज को शामिल कर सकती है, जिसने टी20 अंतरराष्ट्रीय में अभिषेक शर्मा और विराट कोहली जैसे बल्लेबाजों को आउट किया है। हम बात कर रहे हैं तन्ज़िम हसन शाकिब की।

    तन्ज़िम हसन शाकिब की संभावना

    भारत के खिलाफ मैच में बांग्लादेश तेज गेंदबाज तन्ज़िम हसन शाकिब को शोरीफुल इस्लाम की जगह शामिल कर सकता है। तन्ज़िम हसन ने अब तक भारत के खिलाफ तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने सात विकेट 21.14 की औसत से लिए हैं। उन्होंने 2024 की टी20 सीरीज में अभिषेक शर्मा को दो बार आउट किया और टी20 वर्ल्ड कप 2024 में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव को भी पवेलियन भेजा। तन्ज़िम हसन अपनी तेज गति से अक्सर बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी करते हैं।

    IND vs BAN: 24 सितंबर को दुबई में होगा मुकाबला, बांग्लादेश के प्लेइंग XI में हो सकता है बड़ा सरप्राइज

    सैफ हसन और तोहिद हृदय का शानदार प्रदर्शन

    बांग्लादेश की प्लेइंग इलेवन में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। पिछले मैच में श्रीलंका के खिलाफ सैफ हसन और तोहिद हृदय ने शानदार बल्लेबाजी की थी और दोनों ने अर्धशतक बनाए। इसलिए, संभावना है कि बांग्लादेश इसी संयोजन के साथ इस मैच में उतरे। हालांकि, अगले मैच में भारत से बांग्लादेश को कड़ी चुनौती मिलने वाली है।

    लिटन दास की चोट और संभावित प्लेइंग इलेवन

    महत्वपूर्ण मैच से पहले बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा है। टीम के कप्तान लिटन दास अभ्यास सत्र के दौरान बल्लेबाजी करते हुए घायल हो गए। इसलिए, यह स्पष्ट नहीं है कि वह अगले मैच में खेलेंगे या नहीं। अगर लिटन भारत के खिलाफ मैच में नहीं खेलते हैं, तो यह उनकी टीम के लिए बड़ा नुकसान होगा। बांग्लादेश की संभावित प्लेइंग इलेवन इस प्रकार है: सैफ हसन, तन्ज़िद हसन, लिटन दास (कप्तान और विकेटकीपर), तोहिद हृदय, शमिम हुसैन, जाकेअर अली, महेदी हसन, नसुम अहमद, तस्किन अहमद, तन्ज़िम हसन शाकिब, मुस्ताफिजुर रहमान।

  • Lawrence Bishnoi गैंग हुआ दो-फाड़, अलग हुए रोहित गोदारा ने बताया लॉरेंस देश का सबसे बड़ा गद्दार

    Lawrence Bishnoi गैंग हुआ दो-फाड़, अलग हुए रोहित गोदारा ने बताया लॉरेंस देश का सबसे बड़ा गद्दार

    देश का सबसे कुख्यात Lawrence Bishnoi गैंग अब दो फाड़ हो चुका है। दोनों पक्ष एक दूसरे के विरोध में हैं। बात यहां तक आ गई है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा ने लॉरेंस को अमेरिकी एजेंसियों का मुखबिर तक बता दिया है।

    रोहित और गोल्डी बराड़ की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल की गई है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि लॉरेंस देश का सबसे बड़ा गद्दार है। वह अपने भाई अनमोल बिश्नोई को बचाने के लिए विदेशी एजेंसियों को देश की खुफिया जानकारी लीक कर रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि लॉरेंस बाहर बैठे अन्य अपराधियों की गतिविधियों की मुखबिरी करता है। साथ ही सलमान खान के नाम पर फेम ले रहा है।

    पोस्ट में लिखा है, मैं रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़, भाइयों मैं आपको बता दूं, ये जो हमारे खिलाफ फेसबुक पोस्ट मीडिया में चल रही है, ये (हरी बॉक्सर) शराब पीकर उस कुत्ते के कहने पर गलत पोस्ट करता है। सुबह ये हमसे माफी मांगता है। इसकी रिकॉर्डिंग है हमारे पास, जो हमने आपको भेज दी है। ये मोटरसाइकिल चोर है।

    Lawrence Bishnoi गैंग हुआ दो-फाड़, अलग हुए रोहित गोदारा ने बताया लॉरेंस देश का सबसे बड़ा गद्दार

    पोस्ट में आगे लिखा है, उस कुत्ते (लॉरेंस बिश्नोई) की औकात नहीं हमसे लड़ने की। इससे बड़ा चोर और गद्दार तो पूरे विश्व में नहीं है। इसने देश के साथ गद्दारी की है। अमेरिका एजेंसी से मिलकर अपने भाई (अनमोल) को बचाया। और अब देश की खुफिया बातें उनको बताता है। और हम जितने भी भाई बाहर बैठे हैं, उन सबकी मुखबिरी करता है।

    गैंगस्टरों की पोस्ट में लिखा है, सलमान खान के नाम का फेम लेता रहता है। लॉरेंस खुद हमको कहता आया है कि भाई फेम के लिए इसे मारना है और जिस चीनू बहन (आनंदपाल की बेटी) के लिए ये गलत बोल रहा है, उसे ये बहन कहता था। वह हमारी छोटी बहन है।

    पोस्ट में लिखा है- इसे (लॉरेंस को) सनातन नाम का अर्थ भी नहीं पता। ये 9 दिन के नवरात्र करने से पहले तो मीडिया को फोन कर बताता है। ये (लॉरेंस) गद्दार और कुत्ता है। मेरा निवेदन है कि इस कुत्ते के साथ हमारी कोई फोटो और हमारा नाम न जोड़ें। ये (लॉरेंस) अपनी पोस्ट में जो गोगी ग्रुप, काला जठेरी, काला राणा, नरेश सेतिया, टीनू हरियाणा, पवन नेहरा, सचिन भिवानी और अन्य सभी भाइयो का नाम लेता है, सबने इसके लात मार रखी है। वे हमारे भाई हैं।

  • H-1B वीज़ा और टैरिफ विवाद पर थरूर बोले, भारत-अमेरिका रिश्ते अभी टूटे नहीं, भविष्य में सामान्य आधार मिलेगा

    H-1B वीज़ा और टैरिफ विवाद पर थरूर बोले, भारत-अमेरिका रिश्ते अभी टूटे नहीं, भविष्य में सामान्य आधार मिलेगा

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में हालिया घटनाओं से शॉर्ट-टर्म झटका जरूर आया है, लेकिन दोनों देशों के दीर्घकालीन हित अंततः उन्हें आम जमीन पर ले आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ और H-1B वीज़ा शुल्क में बढ़ोतरी के बावजूद दोनों देश कई स्तरों पर सहयोग जारी रख रहे हैं।

    अल्पकालिक झटका और नुकसान

    थरूर ने कहा, “यह निश्चित रूप से अल्पकालिक रूप में एक बड़ा झटका है। इससे भारत को नुकसान हो रहा है और नौकरियां प्रभावित हो रही हैं। यह निश्चित रूप से इस साल भारत के लिए बुरी खबर है। लेकिन बड़े चित्र को देखें तो दीर्घकालीन हित दोनों देशों को सहयोग की राह पर ले जाएंगे।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह कोई ऐसा बिंदु नहीं है जहाँ से वापसी संभव न हो।

    H-1B वीज़ा और टैरिफ विवाद पर थरूर बोले, भारत-अमेरिका रिश्ते अभी टूटे नहीं, भविष्य में सामान्य आधार मिलेगा

    सहयोग के क्षेत्र: रक्षा से लेकर एआई तक

    पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि भारत और अमेरिका रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। “अमेरिका पूरी तरह से भारत को नुकसान पहुंचाने की तैयारी नहीं कर रहा है। वर्तमान में कोई कारण नहीं है कि दोनों देशों का सहयोग रुके।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के शीर्ष स्तर से लेकर अन्य विभागों तक कई क्षेत्रों में सहयोग जारी है।

    अमेरिकी मूल के भारतीय और उनकी भूमिका

    थरूर ने बताया कि अमेरिका में 40 लाख से अधिक लोग भारतीय मूल के हैं। इसके अलावा, अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय में भारतीय सबसे बड़ी संख्या में हैं। गैर-अमेरिकी जन्म के CEOs में भी भारतीय सबसे अधिक हैं। US Census Bureau और ACS 2023 के अनुसार लगभग 5.9 मिलियन लोग अमेरिका में भारतीय पहचान रखते हैं, जो एशियाई आबादी का 21 प्रतिशत से अधिक हैं।

    तीन दशक पुराने साझेदारी पर सवाल

    थरूर ने सवाल उठाया कि चीन पर समान टैरिफ न लगाने के बावजूद भारत पर ऐसा कदम क्यों उठाया गया। उन्होंने कहा, “तीन दशक पुरानी साझेदारी को अचानक क्यों बाधित किया गया? ट्रम्प और उनके सलाहकार ने जो अपमानजनक बयान दिए, उसने भारत में गुस्सा और नाराजगी पैदा की है। अगर रिश्ते पहले से ही गर्म और निकट थे, तो अचानक ऐसी भाषा क्यों प्रयोग की गई, यह स्वीकार्य नहीं है।”

  • R. Ashwin को BBL के चार फ्रेंचाइजी ने ऑफर भेजा, ILT20 ऑक्शन में भी रखा नाम, अगले कदम पर सबकी नजर

    R. Ashwin को BBL के चार फ्रेंचाइजी ने ऑफर भेजा, ILT20 ऑक्शन में भी रखा नाम, अगले कदम पर सबकी नजर

    भारतीय क्रिकेट के अनुभवी स्पिनर R. Ashwin ने दिसंबर पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद उन्होंने IPL 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेला, लेकिन गेंद से खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। उन्होंने 9 मैचों में केवल 7 विकेट लिए। कुछ महीनों बाद अश्विन ने IPL से भी संन्यास ले लिया ताकि विदेशी लीग्स के लिए रास्ता साफ हो सके। अब उनके मैदान में वापसी की खबर सामने आई है।

    BBL और ILT20 में खेलने के मौके

    अश्विन को इस बार दुनिया की दो लोकप्रिय टी20 लीगों में देखा जा सकता है: UAE की International League T20 (ILT20) और ऑस्ट्रेलिया की Big Bash League (BBL)। Cricbuzz की रिपोर्ट के अनुसार, अश्विन ने ILT20 की नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है और BBL में खेलने के भी मजबूत संकेत हैं। उन्हें BBL की चार फ्रेंचाइजी से ऑफर मिले हैं, जिनमें सिडनी सिक्सर्स, सिडनी थंडर, रिकी पॉंटिंग की होबार्ट हरिकेन्स और टिम पेन की एडिलेड स्ट्राइकर्स शामिल हैं। उन्हें इनमें से किसी एक टीम को चुनना होगा।

    R. Ashwin को BBL के चार फ्रेंचाइजी ने ऑफर भेजा, ILT20 ऑक्शन में भी रखा नाम, अगले कदम पर सबकी नजर

    विदेशी लीग्स का शेड्यूल

    अश्विन पिछले कुछ सालों से विदेशी लीग्स में खेलने पर चर्चा में रहे हैं। इस बार उनके शेड्यूल को इस तरह से व्यवस्थित किया गया है कि वह UAE और ऑस्ट्रेलिया दोनों में खेल सकें। हालांकि दोनों लीग्स की तारीखें कुछ हद तक टकराती हैं, लेकिन उनके लिए समाधान निकाल लिया गया है। BBL 2025-26 14 दिसंबर से शुरू होकर 25 जनवरी को समाप्त होगी, जबकि ILT20 10 जनवरी से 11 फरवरी तक खेली जाएगी। अश्विन पहले ILT20 में खेलेंगे और फिर BBL के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएँगे।

    ILT20 नीलामी में पंजीकरण

    अश्विन ने चार सीज़न में पहली बार UAE लीग की नीलामी के लिए पंजीकरण करवा लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छह फ्रेंचाइजी में से कोई उनकी बोली लगाएगी। BBL से जुड़ी खबरों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन संकेत हैं कि अगले कुछ दिनों में निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा, अश्विन US की Major League Cricket (MLC) या UK की The Hundred में भी खेल सकते हैं।

    T20 में विशाल अनुभव

    अश्विन का अनुभव और गेंदबाजी कौशल उन्हें इन लीग्स का अहम खिलाड़ी बना सकता है। फ्रेंचाइजी उनकी मौजूदगी से अपनी टीम को मजबूत करना चाहती हैं। 333 T20 मैचों में अश्विन ने 317 विकेट लिए हैं और बल्लेबाजी में 1233 रन बनाए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि BBL में अश्विन किस टीम के लिए खेलेंगे और विदेशी लीग्स में उनका प्रदर्शन कैसा रहेगा।

  • अमित शाह ने कहा, पीएम मोदी ने भारत की विदेश नीति को मजबूत किया और कांग्रेस सरकारों से बेहतर साबित हुए

    अमित शाह ने कहा, पीएम मोदी ने भारत की विदेश नीति को मजबूत किया और कांग्रेस सरकारों से बेहतर साबित हुए

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विदेश नीति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना पहले के कांग्रेस नेतृत्व वाले सरकारों और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से की। शाह ने कहा कि इतिहासकार जब मोदी के कार्यकाल की तुलना अन्य प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल से करेंगे, तो परिणाम प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में जाएगा।

    गरीबी उन्मूलन और आर्थिक उन्नति

    अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के एक दशक में 2.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। देश की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि केवल दस साल में अनुच्छेद 370, राम मंदिर, तिलक संकल्प, नागरिकता की परिभाषा को स्पष्ट करना और भारतीय पासपोर्ट के सम्मान को बढ़ाना जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन उपलब्धियों ने देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत किया है।

    अमित शाह ने कहा, पीएम मोदी ने भारत की विदेश नीति को मजबूत किया और कांग्रेस सरकारों से बेहतर साबित हुए

    विदेश नीति में मजबूती

    शाह ने बताया कि पीएम मोदी ने भारत की विदेश नीति को पहले के मुकाबले मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि पहले भारत की विदेश नीति में रीढ़ की कमी थी और नरेंद्र मोदी ने इसमें मजबूती जोड़ दी। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को मजबूती से स्थापित किया और देश की कूटनीतिक छवि को नई ऊँचाई दी।

    पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता

    अमित शाह ने पीएम मोदी की व्यक्तिगत और नेतृत्व क्षमता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को करीब से देखा है और उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे हर भूमिका को सफलता से निभाने में सक्षम हैं। शाह ने कहा कि मोदी सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और सफलता के साथ निभाते हैं, जो उनकी एक बड़ी विशेषता है।

    एक दशक में बड़े बदलाव

    अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में सिर्फ प्रशासनिक या आर्थिक सुधार नहीं किए, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाए। उन्होंने देशवासियों को एकजुट किया और भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिलाई। शाह के अनुसार, पीएम मोदी का कार्यकाल भारतीय राजनीति और कूटनीति में एक नया अध्याय साबित हुआ है।

  • सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ पुणे की अदालत में एक नया विवाद सामने आया है। मामला उस कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है जो राहुल गांधी ने वी.डी. सावकर के बारे में एक भाषण में कही थी। सावकर के पोते, सत्यकी सावकर ने एक याचिका दाखिल कर अदालत से अनुरोध किया कि राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के दौरान उपस्थित होना चाहिए।

    याचिका का विरोध

    राहुल गांधी के वकील, मिलिंद पवार ने सत्यकी सावकर की याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को अदालत में उपस्थित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। वकील का कहना था कि इस अपील का कोई कानूनी आधार नहीं है और शिकायतकर्ता ने गांधी की उपस्थिति को न्यायसंगत ठहराने के लिए कोई ठोस कारण भी नहीं दिया।

    सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    पहले की याचिका पर विवाद

    सत्यकी सावकर ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पहले दाखिल की गई याचिका, जिसमें उनके जीवन को खतरे की बात कही गई थी, राहुल गांधी की अनुमति से ही दाखिल की गई थी। राहुल गांधी के वकील ने पहले यह याचिका वापस ले ली थी और अदालत को बताया कि यह बिना उनके मुवक्किल की सहमति के दाखिल की गई थी।

    मामला क्या है

    सत्यकी सावकर ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में कहा कि वी.डी. सावकर ने अपनी किताब में लिखा कि उन्होंने और उनके कुछ दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था, जिसे सावकर ने बहुत सराहा। सत्यकी सावकर का कहना है कि ऐसा कोई भी घटना कभी नहीं हुई और सावकर ने किसी किताब में ऐसा कुछ भी लिखा ही नहीं।

    अगली सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया

    मिलिंद पवार ने अदालत में यह भी कहा कि याचिका एकतरफा है और इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि शिकायतकर्ता को यह स्पष्ट करने के लिए कहा जाए कि यह याचिका किस कानूनी धाराओं के तहत दाखिल की गई है। अदालत ने अगली सुनवाई 3 अक्टूबर के लिए निर्धारित की है। इस मामले में कानूनी बहस और राजनीतिक बयानबाजी दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • Navratri Special: गाय की अनोखी आस्था से बना मनसा देवी मंदिर, 100 एकड़ में फैला 210 साल पुराना अद्भुत धाम

    Navratri Special: गाय की अनोखी आस्था से बना मनसा देवी मंदिर, 100 एकड़ में फैला 210 साल पुराना अद्भुत धाम

    Navratri Special: शिवालिक की तलहटी में स्थित माता मनसा देवी मंदिर को वर्तमान में माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड चलाता है। इस मंदिर में हर नवरात्रों में हरियाणा के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मंत्री और दूसरे नेता और अधिकारी विशेष दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।

    मंदिर की कहानी

    कहा जाता है कि, शिवालिक पहाड़ियों में, एक गाय प्रतिदिन आती थी और पहाड़ी की चोटी पर तीन सटे पत्थरों (पिंडियों) पर दूध चढ़ाती थी। स्थानीय निवासियों ने यह देखा तो पाया कि वहां तीन पवित्र  शिलाएं थीं। इसके बाद उनकी पूजा की जाने लगी और यह श्री सती का मस्तक निकला। श्री सती का मस्तक निकलने की बात कही जरूर जाती है, लेकिन इसके प्रमाण नहीं हैं। ऐसा कहा जाता है कि जिस स्थान पर आज माता मनसा देवी मंदिर है, यहां सती माता के सिर का अगला भाग गिरा था। मनसा देवी का मंदिर पहले माता सती के मंदिर के रूप में जाना जाता था।

    मंदिर का निर्माण

    मनीमाजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने श्री मनसा देवी का वर्तमान मुख्य मंदिर 1811 से 1815 की अवधि के दौरान बिलासपुर गांव, तहसील और जिला पंचकूला में बनवाया। शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बने इस मुख्य मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर पटियाला मंदिर है जिसका निर्माण वर्ष 1840 में तत्कालीन महाराजा पटियाला श्री करम सिंह ने करवाया था। इस मंदिर को मनीमाजरा राज्य का संरक्षण प्राप्त था। मनीमाजरा के राजा ने तब इस मंदिर के लिए पुजारी को ‘खिदमतगार’ नियुक्त किया, जिनका कर्तव्य मंदिर के देवता की पूजा करना था। रियासत के पेप्सू में विलय के बाद, ये पुजारी मंदिर और मंदिर से जुड़ी भूमि के मामलों के नियंत्रण और प्रबंधन के मामले में स्वतंत्र हो गए। वे न तो इस मंदिर का रखरखाव कर सकते थे और न ही आने वाले भक्तों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर सकते थे और इस प्रकार मंदिर की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती गई। इतना अधिक कि तीर्थयात्रियों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं थी।

    Navratri Special: गाय की अनोखी आस्था से बना मनसा देवी मंदिर, 100 एकड़ में फैला 210 साल पुराना अद्भुत धाम

    महल से मंदिर तक गुफा

    मनीमाजरा के राजा गोपालदास ने अपने किले से मंदिर तक एक गुफा बनवाई थी, जो लगभग 3 किलोमीटर लंबी है। वह अपनी रानी के साथ प्रतिदिन इस गुफा से माता सती के दर्शन करने जाते थे। जब तक राजा प्रकट नहीं होते थे, तब तक मंदिर का कपाट नहीं खुलता था।

    ब्रह्मांडीय ऊर्जा का दिव्य रूप

    बिलासपुर गांव की सीमा से लगे 100 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। मनसा देवी मंदिर ने शक्ति (मनसा देवी) की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल होने की पवित्रता बनाए रखी है, जो कि जन्मजात ब्रह्मांडीय ऊर्जा का दिव्य रूप है, जिसे हिंदू धर्म और शक्तिवाद में ब्रह्मांड की शक्तियों का प्रतीक और शासन करने वाला कहा जाता है। पूरा मंदिर परिसर शिवालिक तलहटी के लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। मंदिर का मुख्य आकर्षण एक वृक्ष है जिसके चारों ओर भक्त अपनी प्रार्थनाओं का उत्तर पाने के लिए पवित्र धागे बांधते हैं।

    मंदिर में अद्भुत कारीगरी

    यह मंदिर अद्भुत रूप से डिज़ाइन किया गया है, जिसमें मुख्य मंदिर में दीवार चित्रों के अड़तीस पैनल हैं, इसके अलावा दीवारों और छत पर पुष्प डिजाइन हैं। 19वीं शताब्दी के प्रारंभ में महाराजा गोपाल सिंह द्वारा निर्मित, यह उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध शक्ति मंदिरों में से एक है। देश के इस हिस्से में शक्तिवाद सबसे ज़्यादा प्रचलित मान्यताओं में से एक है, और उत्तरी राज्यों के कई राज्यों में मनसा देवी के महत्वपूर्ण मंदिर हैं। इस मंदिर का रखरखाव अब सरकार द्वारा एक धरोहर स्थल के रूप में किया जाता है।

    मंदिर का प्रबंधन

    हरियाणा सरकार ने 9 सितंबर 1991 में मंदिर के प्रबंधन और रखरखाव के लिए श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड का गठन कर इस मनसा देवी परिसर को अपने हाथों में ले लिया था। अब यह श्राइन बोर्ड ही मंदिर के सारे कार्य को देखता है।

    नवरात्र मेला

    पंचकूला का माता मनसा देवी मंदिर बेहद खास है। इस मंदिर का इतिहास बड़ा ही प्रभावशाली है। माता मनसा देवी मंदिर में चैत्र और आश्विन मास के नवरात्रों में मेला लगता है। जिसके चलते यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं। यहां लोग माता से अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए आशीर्वाद लेते हैं। माना जाता है कि माता मनसा देवी से मांगी गई हर मुराद माता पूरी करती है।

    मंदिर की मूर्ति

    मनसा देवी के मुख्य मंदिर में माता की मूर्ति स्थापित है। मूर्ति के आगे तीन पिंडियां हैं, जिन्हें मां का रूप ही माना जाता है। ये तीनों पिंडियां महालक्ष्मी, मनसा देवी और सरस्वती देवी के नाम से जानी जाती हैं। मंदिर की परिक्रमा पर गणेश, हनुमान, द्वारपाल, वैष्णों देवी, भैरव की मूर्तियां एवं शिवलिंग स्थापित है।

    कौन है मनसा देवी ?

    इस मंदिर को लेकर एक कथा यह भी है कि भगवान शिव और माता पार्वती की छोटी पुत्री माना जाता है। इनका प्रादुर्भाव मस्तक से हुआ है इस कारण इनका नाम मनसा पड़ा। महाभारत के अनुसार इनका वास्तविक नाम जरत्कारु है और इनके समान नाम वाले पति महर्षि जरत्कारु तथा पुत्र आस्तिक जी हैं। इन्हें शिव और पार्वती की पुत्री तथा विष की देवी के रूप में भी माना जाता है। 14वीं सदी के बाद इन्हे शिव के परिवार की तरह मंदिरों में आत्मसात किया गया। यह मान्यता भी प्रचलित है कि इन्होने शिव को हलाहल विष के पान के बाद बचाया था, परंतु यह भी कहा जाता है कि मनसा का जन्म समुद्र मंथन के बाद हुआ।

  • Haryana News: कर्ज के भरोसे चलते राज्य, 10 साल में साढ़े तीन गुना हुआ कर्ज

    Haryana News: कर्ज के भरोसे चलते राज्य, 10 साल में साढ़े तीन गुना हुआ कर्ज

    Haryana News: देश की राज्य सरकारों को अपने चुनावी वायदे पूरे करने के लिए किस प्रकार से अपने प्रदेश को कर्ज की दलदल में धकेलने पर मजबूर होना पड़ रहा है इसका ताजा उदाहरण कैग की रिपोर्ट में देखने को मिला है।

    भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की नई रिपोर्ट सामने आई है। यह रिपोर्ट न केवल चौंकाने वाली है बल्कि डराने वाली भी है। CAG के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 10 सालों में सभी 28 राज्यों का कुल कर्ज साढ़े तीन गुना बढ़ गया है। 2013-14 में यह कर्ज 17.57 लाख करोड़ रुपये था। 2022-23 में यह बढ़कर 59.60 लाख करोड़ रुपये हो गया। CAG के के. संजय मूर्ति ने यह रिपोर्ट राज्यों के वित्त सचिवों की कॉन्फ्रेंस में जारी की। रिपोर्ट में राज्यों की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार, 2022-23 के अंत तक 28 राज्यों पर कुल 59,60,428 करोड़ रुपये का कर्ज था। यह कर्ज उनके कुल सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का 22.96 फीसदी है। सबसे ज्यादा कर्ज पंजाब पर है। वहीं, ओडिशा पर सबसे कम कर्ज है। 11 राज्यों ने अपने खर्चों को पूरा करने के लिए उधार लिए पैसे का इस्तेमाल किया है।

    GSDP का मतलब है कि एक राज्य के अंदर एक साल में जितनी भी चीजें और सेवाएं बनाई जाती हैं, उनकी कुल कीमत कितनी है। 2013-14 में राज्यों का कुल कर्ज 17,57,642 करोड़ रुपये था। यह GSDP का 16.66 फीसदी था। रिपोर्ट बताती है कि 2022-23 में यह कर्ज 3.39 गुना बढ़ गया। यह GSDP का 22.96 फीसदी हो गया।

    रिपोर्ट के अनुसार, 2022-23 के अंत में पंजाब का कर्ज सबसे ज्यादा था। यह उसके GSDP का 40.35 फीसदी था। इसके बाद नागालैंड (37.15 फीसदी) और पश्चिम बंगाल (33.70 फीसदी) का नंबर आता है। सबसे कम कर्ज ओडिशा (8.45 फीसदी), महाराष्ट्र (14.64 फीसदी) और गुजरात (16.37 फीसदी) पर था।

    Haryana News: कर्ज के भरोसे चलते राज्य, 10 साल में साढ़े तीन गुना हुआ कर्ज

    रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 मार्च 2023 तक आठ राज्यों पर उनके GSDP का 30 फीसदी से ज्यादा कर्ज था। छह राज्यों पर उनके GSDP का 20 फीसदी से कम कर्ज था। बाकी 14 राज्यों पर उनके GSDP का 20 से 30 फीसदी के बीच कर्ज था।

    राज्यों का कुल कर्ज 2022-23 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 22.17 फीसदी था। उस समय देश की GDP 2,68,90,473 करोड़ रुपये थी।

    राज्यों के कर्ज में कई चीजें शामिल हैं। मसलन, बाजार से लिए गए लोन, ट्रेजरी बिल, बॉन्ड, भारतीय स्टेट बैंक और दूसरे बैंकों से लिए गए लोन। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक से लिए गए लोन और एलआईसी और नाबार्ड जैसी वित्तीय संस्थाओं से लिए गए लोन भी शामिल हैं।

    राज्यों का कुल कर्ज उनकी कमाई का 128 फीसदी (2014-15) से लेकर 191 फीसदी (2020-21) तक रहा है। इसी अवधि में यह कर्ज उनकी गैर-कर्ज आय का 127 फीसदी से 190 फीसदी तक रहा है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्यों का कर्ज औसतन उनकी कमाई या गैर-कर्ज आय का लगभग 150 फीसदी रहा है। इसी तरह, कर्ज GSDP का 17 से 25 फीसदी रहा है। यह औसतन 20 फीसदी है। 2019-20 में यह GSDP का 21 फीसदी था, जो 2020-21 में बढ़कर 25 फीसदी हो गया। यह 4 फीसदी की बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि 2020-21 में कोरोना के कारण GSDP कम हो गया था। 2020-21 से 2022-23 के दौरान केंद्र सरकार से मिलने वाले लोन इसलिए बढ़े क्योंकि जीएसटी मुआवजे की कमी को पूरा करने के लिए राज्यों को लोन दिए गए थे। साथ ही, राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता के तौर पर लोन दिया गया था।

  • हिमाचल के मंत्री Vikramaditya Singh ने रचाई दूसरी शादी, चंडीगढ़ में अमरीन कौर शेखों संग लिए सात फेरे

    हिमाचल के मंत्री Vikramaditya Singh ने रचाई दूसरी शादी, चंडीगढ़ में अमरीन कौर शेखों संग लिए सात फेरे

    हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री और छह बार के मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के बेटे Vikramaditya Singh ने शादी कर ली है। सोमवार को चंडीगढ़ में वह अमरीन कौर शेखों के साथ परिणय सूत्र में बंधे। विक्रमादित्य की यह दूसरी शादी है।

    दुल्हन अमरीन कौर शेखों पंजाब यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने अंग्रेजी और मनोविज्ञान में डबल मास्टर डिग्री ली है। साथ ही मनोविज्ञान में पीएचडी भी की है। वह विक्रमादित्य सिंह की पुरानी दोस्त हैं। शेखों भी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करक चुकी हैं। अमरीन सरदार जोतिंदर सिंह शेखों और ओपिंदर कौर की बेटी हैं।

    उनकी शादी की रस्में चंडीगढ़ में शुरू हुई। विवाह समारोह चंडीगढ़ स्थित अमरीन के निवास, हाउस नंबर-38, सेक्टर-2 में हुआ। शाम को विक्रमादित्य सिंह दुल्हन लेकर शिमला पहुंचेंगे और हॉलीलॉज में वधु प्रवेश होगा, जिसके लिए हॉली लॉज को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

    हिमाचल के मंत्री Vikramaditya Singh ने रचाई दूसरी शादी, चंडीगढ़ में अमरीन कौर शेखों संग लिए सात फेरे

    राजनीति में आने से पहले, विक्रमादित्य सिंह का चंडीगढ़ आना-जाना लगा रहता था। इस दौरान, उनकी चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रही अमरीन कौर से दोस्ती हुई। यह दोस्ती आठ–नौ साल पुरानी बताई जा रही है। हिमाचल के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के बेटे, विक्रमादित्य सिंह, की यह दूसरी शादी है।

    इससे पहले, उनकी मैरिज सुदर्शना से 8 मार्च 2019 को हुई थी। सुदर्शना चूंडावत, राजसमंद की आमेट रियासत से संबंध रखती हैं। मनमुटाव के चलते, दोनों का करीब दो महीने पहले तलाक हो गया है। इस तलाक के बाद, विक्रमादित्य सिंह ने दोबारा शादी करने का फैसला किया है।

  • Arshad Warsi के पर्सनल जीवन की ये कहानी नहीं सुनी होगी आपने, पत्नी से जुड़े रोमांचक किस्से

    Arshad Warsi के पर्सनल जीवन की ये कहानी नहीं सुनी होगी आपने, पत्नी से जुड़े रोमांचक किस्से

    बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता Arshad Warsi अपनी हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म “जॉली एलएलबी 3” की शानदार सफलता का आनंद ले रहे हैं। यह कोर्टरूम ड्रामा फिल्म दर्शकों और आलोचकों दोनों से शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त कर रही है। फिल्म ने मात्र तीन दिनों में ₹50 करोड़ से अधिक की कमाई की है। अर्ज़ाद वारसी की फिल्मी करियर हमेशा सुर्खियों में रही है, लेकिन उनकी व्यक्तिगत जिंदगी अक्सर मीडिया की नजरों से दूर रही है। उनकी पर्सनल लाइफ में उनकी पत्नी के बारे में जानना भी कई लोगों के लिए रोमांचक हो सकता है। आइए जानते हैं कि अर्ज़ाद वारसी की पत्नी कौन हैं और उनकी प्रेम कहानी कैसी रही।

    Arshad Warsi की पत्नी कौन हैं?

    Arshad Warsi की पत्नी का नाम मारिया गोरैती है। मारिया 90 के दशक में टीवी की दुनिया में एक जाना-माना नाम थीं। वह एमटीवी की प्रसिद्ध वीजे रह चुकी हैं और उस समय टेलीविजन की चमकती हुई सितारा मानी जाती थीं। मारिया ने कई फिल्मों और टीवी शोज़ में भी काम किया, लेकिन बाद में उन्होंने अपने करियर का रुख बदलकर शेफ, लेखक और सोशल मीडिया क्रिएटर के रूप में खुद को स्थापित किया। मारिया सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं, लेकिन लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं। वे अक्सर अर्ज़ाद के फिल्म स्क्रीनिंग कार्यक्रमों में उनके साथ दिखाई देती हैं।

    Arshad Warsi के पर्सनल जीवन की ये कहानी नहीं सुनी होगी आपने, पत्नी से जुड़े रोमांचक किस्से

    अर्ज़ाद और मारिया की प्रेम कहानी

    अर्ज़ाद और मारिया की मुलाकात 1991 में मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में आयोजित मल्हार महोत्सव के दौरान हुई। उस समय अर्ज़ाद डांस प्रतियोगिता के जज थे और मारिया प्रतियोगी के रूप में भाग ले रही थीं। हालांकि यह पहली नजर में प्यार नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। लगभग आठ साल तक अच्छे दोस्त रहने के बाद उन्होंने शादी करने का फैसला किया। उनकी शादी दो चरणों में हुई—पहले चर्च वेडिंग और फिर 19 फरवरी 1999 को पारंपरिक निकाह समारोह।

    दो बच्चों के माता-पिता

    आज अर्ज़ाद और मारिया अपनी खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं और उनके दो बच्चे हैं—बेटा ज़ीक और बेटी ज़ीने ज़ोई। अर्ज़ाद अपनी फिल्मों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीतते रहते हैं, वहीं मारिया भी कुकिंग और सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। हाल ही में उन्हें फिल्म “बैड्स ऑफ बॉलीवुड” के प्रीमियर पर साथ में देखा गया, जहां उनकी जोड़ी चर्चा का विषय बनी। इस जोड़ी की कहानी यह साबित करती है कि प्यार और समझदारी दोनों ही रिश्ते को मजबूत बनाते हैं।