Delhi Fire News: दिल्ली के नेहरू प्लेस में भीषण आग, ट्रैफिक पुलिस के जब्त 400 वाहन जलकर खाक!

Delhi Fire News: दिल्ली के नेहरू प्लेस स्थित पुलिस स्टोरहाउस में गुरुवार (3 अप्रैल) दोपहर अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें ट्रैफिक पुलिस द्वारा जब्त किए गए 400 से अधिक वाहन जलकर खाक हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग किसी साजिश का हिस्सा थी या नहीं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे पुलिस स्टोरहाउस में आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दूर से ही धुएं का घना गुबार नजर आ रहा था और आग ने बहुत तेजी से वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुझी आग
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, शुरू में यह बताया गया कि करीब 50 वाहन, जिनमें दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया शामिल थे, आग की चपेट में आए हैं। लेकिन बाद में दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि इस आग में 400 से अधिक वाहन जलकर राख हो गए। पुलिस ने कहा, “घटनास्थल पर कुल 2,667 जब्त वाहन खड़े थे, जिनमें से 400 पूरी तरह जल गए। आग लगने की सही वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।” फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन इसमें तीन घंटे से अधिक का समय लग गया।
गाड़ियों के मालिकों को नहीं मिलेगा मुआवजा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह स्टोरहाउस दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का है, जहां बड़ी संख्या में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले जब्त किए गए दोपहिया और चारपहिया वाहन रखे जाते हैं। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में लपटों ने कई गाड़ियों को चपेट में ले लिया। आसपास के लोगों ने भी आग की भयावहता को देखा और बताया कि पूरे इलाके में धुआं फैल गया था। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में जिन लोगों की गाड़ियां जल गई हैं, उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस के नियमों के अनुसार, इस तरह के मामलों में केवल बीमा कंपनियों से मुआवजे का दावा किया जा सकता है।
आग लगने की वजह अब तक रहस्य
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि यह हादसा था या किसी साजिश के तहत आग लगाई गई थी। फायर ब्रिगेड की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, गर्मी और वाहनों में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों की वजह से आग तेजी से फैल सकती है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है और जांच जारी है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी पुलिस स्टोरहाउस और ऐसे अन्य यार्ड में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।