झींडा बोले, देश भर में ‘जेल भरो आंदोलन’ चलाने की आवश्यकता,
कहा, केवल बंद से काम चलने वाला नहीं
सत्य खबर हरियाणा
Haryana Sikh Gurudwara prabandhan commity : सिख बंदियों की रिहाई के मुद्दे को लेकर एक बार फिर आवाजें बुलंद हो रही हैं। इस मामले को लेकर आज पंजाब बंद रहा। हरियाणा में हालांकि बंद नहीं था लेकिन पंजाब बंद का असर हरियाणा पर साफ देखा गया।

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने देश भर में ‘जेल भरो आंदोलन’ चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि जेलों में बंद सिखों को रिहा किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हर स्तर पर संघर्ष करना आवश्यक है।
जत्थेदार झींडा ने यह भी बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले में संघर्ष कर रही अन्य समितियों से मुलाकात करेगा। इस मुलाकात का उद्देश्य आगे की रणनीति और रूपरेखा तैयार करना होगा। यह कदम सिख समुदाय के भीतर एकजुटता और सामूहिक प्रयास को दर्शाता है।
गुरुद्वारा छठी पातशाही में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, जत्थेदार झींडा ने कहा कि सिख बंदियों की रिहाई के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद, आज तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल कदम उठाने और बंदी सिखों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की।
जत्थेदार झींडा ने पंजाब में इसी मांग को लेकर किए जा रहे बंद का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम उचित है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि केवल बंद से काम नहीं चलेगा, बल्कि एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता है ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
श्री पंजोखड़ा साहिब विवाद को लेकर जगदीश सिंह झिंडा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर कमेटी का पक्ष रखते हुए कहा कि न्याय की मांग को लेकर संगत को सड़क पर उतरना पड़ा। 7 अगस्त से 307 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की जा रही थी, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। 13 अगस्त को हजारों की संख्या में संगत एकत्र हुई और जीटी रोड जाम करने का फैसला लिया गया। HSGPC अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जीटी रोड जाम होने के करीब दो घंटे के भीतर ही दो लोगों के खिलाफ 307 समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जब सड़क जाम के बाद इतनी जल्दी केस दर्ज हो सकता है तो सामान्य परिस्थितियों में न्याय के लिए इतना इंतजार क्यों करना पड़ा?
अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के बाद विवाद सुलझाने को लेकर कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। 23 अगस्त तक गिरफ्तार युवकों की जमानत, दर्ज मामलों को रद्द करने की प्रक्रिया और अस्पताल में उपचाराधीन युवक के इलाज का खर्च उठाने समेत अन्य मुद्दों पर सहमति बनी है। वहीं, झिंडा ने गुरसिमरन मंड और उसके बेटे की गिरफ्तारी की मांग दोहराई। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि संबंधित पक्ष लिखित रूप से माफी मांगता है तो गिरफ्तारी की मांग पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
पंजाब बंद का असर हरियाणा पर भी देखने को मिला है। हरियाणा रोडवेज की कोई भी बस आज पंजाब नहीं गई। पंजाब जाने वाले यात्री भी परेशान होते हुए नजर आए। दरअसल, सिख बंदियों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा ने शुक्रवार को बंद का ऐलान किया था। इस वजह से हरियाणा रोडवेज की बस सेवा पंजाब के लिए बंद रही।पटियाला, लुधियाना, अमृतसर, श्रीगंगानगर, जालंधर पंजाब में जाने वाले लोग परेशान नजर आए। एक महिला ने कहा कि उसे पटियाला जाना है, लेकिन जाने का कोई साधन नहीं है।
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