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भ्रष्टाचार पर मौन साधने वाले राव इंद्रजीत ईमानदार कैसे, क्या चुप्पी साध लेना भ्रष्टाचार नहीं ? सैनी

सत्य ख़बर,गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज :

शासन-प्रशासन के ईमानदार होने के लाख दावे पेश किए जाते रहे मगर पिछले दस वर्ष जबसे भाजपा सरकार अस्तित्व में आयी है तबसे तो भ्रष्टाचार सैंकड़ों गुना बढ़ गया है बावजूद इसके जनता को राहत नहीं जिसे देख स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि यह लोग कार्य करने की बजाय केवल धन कमाने की ही नियत रखते हैं, इनकी धन लोलुपता खुला अपराध करने से भी इन्हें नहीं रोकती कारण है मिलीभगत, अर्थात हमाम में सभी का नंगा होना अपितु क्या वजहें रही भ्रष्टाचार मामलों के खुलासे होने उपरांत भी आरोपियों को दोषी नहीं सिद्ध करा सकी भाजपा सरकार खैर उसके लिए साफ नियत से निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्यवाही करनी पड़ती है जो मौजूदा सरकार की नीयत देख नहीं लगता, चूंकि वह लगातार भृस्टाचारियों को आश्रय देती आ रही है और साफ है कि बगैर सरंक्षण के कैसे संभव है बड़े-बड़े स्कैम(घोटालों का होना ?

माईकल सैनी नेता ने प्रेस के नाम जारी विज्ञप्ति से माध्यम से कहा कि इसके लिए स्थानीय प्रतिनिधित्व ही जिम्मेदार हैं। वरना जो घपले-घोटाले स्पष्ट रूप से दृष्टिहीनों को भी दिख रहे हैं इन्हें नजर नहीं आ रहे हैं क्या ?

अब जनप्रतिनिधियों की हिस्सेदारी इनमें कितनी है यह तो जांच से ही खुलासा हो सकता है।

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उन्होंने कहा कि स्व.राव तुलाराम के वंशज एवं निवर्तमान गुरुग्राम सांसद भले रामपुरा परिवार मोदी परिवार का हिस्सा बने हों दीगर बात है परिवारजनों ने उन्हें कभी दिल से नहीं अपनाया हो परन्तु फिर भी गत वर्षों से वही गुरुग्राम से सांसद चुने जा रहे हैं और एमसीजी पर भी उन्हीं का प्रभाव देखा जाता है, जिसका प्रमाण है दोनों बार उन्हीं के आशीर्वाद से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर बने हैं। अर्थात एमसीजी हो या जिएमडीए दोनों से जुड़ा कोई भी निर्णय उनके बगैर लिया जाता हो असंभव सा लगता है !

निसंदेह सासद पर कोई आरोप नहीं लगा। मगर स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के नाते जो भृस्टाचार उनकी नजरों के सामने हुए क्या उन्होंने कभी संज्ञान लिया अथवा जांच कराने की कोई पहल की कथित लूट को रोकने का प्रयास किया ?

राव के वजूद में रहते पार्षदों के हस्ताक्षर कर आपराधिक प्रवृत्ति के अधिकारी पैसे निकाल लें और उनपर कोई कार्यवाही नहीं, यहां तक कि मामला ही दबा दिया गया, आखिर क्या वजह रही राव के मौन साध लेने की क्या वह बताएंगे और क्या यह भी बताएंगे कि भ्रष्टाचार होते देख चुप्पी साध लेना भ्रष्टाचार नहीं ?

एम सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में जमकर घपले-घोटाले हुए , नगर निगम के खजाने खाली कर एफडी तक तोड़ ली गई मगर चर्चित मामलों पर भी संज्ञान नहीं कोई कदम नहीं क्यों ? यदि राव इंद्रजीत सिंह का मानना है कि कोई घोटाला नहीं हुआ तो किन्हीं दो टेंडर्स की ही जांच करा लें ।

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स्वच्छता अभियान पर सैंकड़ों करोड़ खर्च मगर शहर फिर भी कचरा कचरा, कायदे से मानसून आने से पहले सीवरेज सफाई की व्यवस्था हो जानी चाहिए थी मगर लगता है सरकार के चुनावों में व्यस्त रहने के चलते फिर से जलमग्न होगा शहर गुरुग्राम करोडों रुपए खर्च करने के बावजूद, इनकी बात भी छोड़ो स्थानीय विधायक जो एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं तथा उनकी भी जिम्मेदारी बनती है संभवत उनके संज्ञान में भी हर विषय की जानकारी होती होगी हालांकि इसके आसार कम ही नजर आते हैं मगर फिर भी उन्हीं के द्वारा नारियल तोड़कर शुभारंभ किए हुए कोई दो टेंडर की जांच वास्ते उठा लें बड़े राव सैनी का दावा है कि उनमें भी अनियमितताएं मिल जाएगी ।

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