धान घोटाले में 12 FIR, 75 अधिकारियों पर कार्रवाई और 28 निलंबित
कांग्रेस के अशोक अरोड़ा ने विधानसभा में धान घोटाले को लेकर रखा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

सत्य खबर हरियाणा
CM Nayab Saini : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि अक्टूबर 2025 में सभी जिलों में संयुक्त कमेटियों से राइस मिलों में भंडारित धान का सत्यापन कराया गया, जहां अनियमितताएं मिलीं, वहां 12 एफआईआर दर्ज की गईं हैं। नई व्यवस्था लागू होने के कारण ही फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष यदि कोई ठोस सुझाव देता है तो सरकार उसे शामिल करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों, राइस मिलरों, कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 75 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई, जबकि 28 को निलंबित किया गया है। राइस मिलरों से 6 करोड़ 37 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के विधायक अशोक द्वारा रखे गए विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि सरकार पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है और गड़बड़ी करने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जा रही है। धान घोटाले पर विपक्ष के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि धान पंजीकरण पोर्टल पर सत्यापन में गड़बड़ी उजागर होने के बाद सख्त कार्रवाई की गई है। 75 अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए 28 को निलंबित किया गया।
सदन में कार्यवाही के दौरान विधायक अशोक अरोड़ा ने धान घोटाला का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश व बिहार से सस्ता धान आयात कर नकली गेट पास तैयार कर पूरे घोटाले को अंजाम दिया है। राइस मिलों ने धान तो ले लिया है, लेकिन चावल नहीं लौटाया। प्रदेश में हो रहे धान घोटाले को रोकने के लिए सरकार कोई स्थाई समाधान निकालें। विधायक अशोक अरोड़ा ने विधानसभा में कहा कि इस साल किसानों का धान 500 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदा गया, लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ। उन्होंने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा में फर्जी डाटा डाला गया, और लोडिंग-अनलोडिंग के आंकड़े भी गढ़े गए। बरसात के कारण पैदावार कम होने के बावजूद, सरकारी लक्ष्य से ज्यादा धान दिखाया गया। अरोड़ा ने इसे बड़े घोटाले के रूप में बताया और कहा कि राजनीतिक संरक्षण के बिना ऐसा संभव नहीं। स्पीकर ने सदन में चेतावनी दी कि भाषण न दें, केवल सप्लीमेंटरी प्रश्न करें। वहीं, विधायक शैली चौधरी ने भी इस घोटाले पर सवाल उठाए। विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि यूपी-बिहार का धान हरियाणा में लाकर किसानों को लूटा गया। उन्होंने स्पीकर से चर्चा की अपील करते हुए कहा कि पंजाब की तरह पांच साल के धान घोटाले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए। अरोड़ा ने मंत्री से पूछा कि पीड़ित किसानों को मुआवजा कब मिलेगा। यह घोटाला इतना बड़ा है कि उचित न्याय और मुआवजा दोनों जरूरी हैं। सदन में धान घोटाले में हो रही बहस के बीच बीबी बत्रा ने कहा कि, यह घोटाला पिछले 10 साल से हो रहा है। मिल मालिक-आढ़तियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ है। क्या सरकार इसकी जांच सीबीआई से करवाएगी?
हरियाणा के मंत्री नागर ने कहा कि भविष्य में राइस मिलों और गोदामों की भौतिक जांच मोबाइल ऐप और जियो फेंसिंग के माध्यम से होगी, जिससे अनियमितताओं की संभावना कम होगी। कृषि कल्याण विभाग ने किसानों के बीमा में संशोधन किया है। भारत सरकार के 10% टूटे चावल के साथ 8 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को भी प्रदेश ने पूरा कर लिया है।
हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा कि फसल खरीद और आवक के आंकड़ों का अनुमान होता है। तुलाई के बाद ही सही आंकड़ा आता है। आवक और खरीद के आंकड़ों में कुछ जिलों में नहीं है। महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में धान खरीद का आंकड़ा जीरो है। जो ये दिखाता है कि सरकार के आंकड़े वास्तविक हैं, किसी प्रकार कृत्रिम वृद्धि नहीं है।
सीएम ने कहा कि “हमने बाजरा किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। बाजरा पर पहली बार सरकार भावांतर से भरपाई कर रही है। 575 रुपये का अंतर हम दे रहे हैं। एक लाख किसानों से 6 लाख एमटी बाजरा मंडियों में खरीदा गया है। अब किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। चिंता तो कांग्रेस को हो रही है। जहां-जहां कमियां आई हैं, वहां वेरिफिकेशन करवाई जा रही है। सीएम ने बताया कि 358 करोड़ 52 लाख रुपये की राशि सीधे किसानों के खाते में बाजरे की भेजी गई है।
सीएम ने बताया, “भविष्य में कोई गड़बड़ ना हो, उसके लिए ई खरीद पोर्टल अपग्रेड हो रहा है। वाहनों का ऑटोमैटिंग नंबर प्लेट कैचर, मंडियों-गोदामों की जियो फेंसिंग व मंडियों की दीवारों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन व भौतिक जांच लागू किए जाएंगें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रम ढुलाई और परिवहन ठेकेदारों की अदायगी पर रोक लगाई गई है तथा उनके रोल की जांच जारी है। राज्य में अनुमानित 97 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का आकलन किया गया है और तुलाई के बाद वास्तविक उत्पादन का अनुमान तय होता है। किसानों को ऑनलाइन गेट पास प्रणाली के जरिए सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। कुछ मंडियों में अनियमितताओं की शिकायतें मिलने पर सरकार ने उसी ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से गड़बड़ियों का पता लगाकर जांच शुरू की।
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