Haryana News: हरियाणा के यमुनानगर जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है और इसका सबसे बड़ा झटका एशिया की सबसे बड़ी सरस्वती शुगर मिल को लगा है। बीती रात हुई भारी बारिश के कारण मिल के पास से गुजरने वाला नाला उफान पर आ गया और उसका गंदा पानी सीधे चीनी गोदाम में घुस गया। नतीजा ये हुआ कि करीब 2 लाख 20 हजार क्विंटल चीनी पानी में भीग गई और करोड़ों की संपत्ति पलभर में मिट्टी हो गई।
नाले की गंदगी बनी 50 करोड़ के नुकसान की वजह
मिल के तकनीकी प्रमुख सत्यवीर सिंह के मुताबिक, नाले में जाम और सफाई न होने के कारण शहर की गंदगी मिल में घुस गई। करीब 1 लाख 25 हजार क्विंटल चीनी तो पूरी तरह से पानी में खराब हो चुकी है और बाकी पर मौसम की मार पड़ी है। इस सबके कारण मिल को लगभग 50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। चीनी के पहाड़ पर अब कीचड़ की मोटी परत जम गई है और स्थिति इतनी खराब है कि गोदाम में कई फीट पानी भरा हुआ है जिसे निकालना भी आसान नहीं है।

प्रशासन की पोल खोल रहा ये पानी
यमुनानगर प्रशासन ने मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे कि नालों की सफाई कर दी गई है और किसी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं होगी। लेकिन सरस्वती शुगर मिल का ये हाल देखकर उन सभी दावों की पोल खुल गई है। न केवल आम जनता बल्कि अब उद्योग भी प्रशासन की लापरवाही के शिकार हो रहे हैं। पानी अभी भी पूरी तरह से निकला नहीं है और JCB मशीनों की मदद से मलवा हटाने की कोशिश की जा रही है।
अब सवाल है कि जिम्मेदार कौन?
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा। क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा या फिर ये नुकसान मिल को ही सहना पड़ेगा। करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान किसी भी उद्योग के लिए भारी होता है और इस घटना ने न केवल उद्योग को बल्कि हजारों मजदूरों के रोजगार को भी खतरे में डाल दिया है। अगर समय रहते नाले की सफाई होती और बारिश के पानी की निकासी का इंतजाम होता, तो आज ये हाल न होता।