अंबाला और मानेसर नगर निगम को लेकर उनकी वैधानिकता पर उठे सवाल

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चुनाव के समय नहीं थी दोनों स्थानों पर नियमों के अनुरूप आबादी

सत्य खबर हरियाणा

Ambala and Manesar municipal Corporation dispute : अंबाला और मानेसर नगर निगम के वैधानिक अस्तित्व पर विवाद छिड़ गया है। हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के अनुसार किसी क्षेत्र को नगर निगम का दर्जा देने के लिए वहां न्यूनतम तीन लाख जनसंख्या होनी चाहिए। इसके विपरीत मानेसर नगर निगम की जनसंख्या मात्र 1.62 लाख है। इसी तरह अंबाला नगर निगम में 2.58 लाख लोग रहते हैं।

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट एवं म्यूनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने बताया कि उन्होंने मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम के पहले आम चुनाव तथा मई 2026 में अंबाला नगर निगम के चुनाव से पहले भी राज्य निर्वाचन आयोग तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में कानूनी नोटिस भेजा था।

चुनाव से पहले दोनों नगर निगमों की आधिकारिक जनसंख्या कानून के अनुरूप न्यूनतम तीन लाख सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। आज तक न तो इस संबंध में कोई कार्रवाई की गई और न ही उनके नोटिस का कोई उत्तर दिया गया।

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इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट एवं म्यूनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। कहा जा रहा है कि अगर मानेसर की आबादी के अनुरूप नगर निगम बनने लगे तो हरियाणा में नगर निगमों की संख्या 11 से बढ़कर 25 से ज्यादा हो जाएगी।

वर्तमान में फरीदाबाद नगर निगम क्षेत्र की आबादी 20,42,186 है। गुरुग्राम की 11,31,859, पानीपत की 6,97,159, यमुनानगर की 5,47,091, रोहतक की 4,66,254, करनाल की 4,12,933, हिसार की 3,86,112, सोनीपत की आबादी 3,79,994 है।पंचकूला नगर निगम क्षेत्र की आबादी 3,01,568 है, जो नियमों को पूरा करती है।अंबाला की आबादी 2,57,942 और मानेसर की आबादी 1,62,617 है। जो नियमों को किसी भी सूरत में पूरा नहीं करती है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट एवं म्यूनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार क्या कहना है कि उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को पत्र लिखा था और कानूनी नोटिस भी दिया था लेकिन उसे नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया गया। इस मामले को लेकर अब वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

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