ढाका में सोमवार दोपहर एक भयानक हादसा हुआ जब Bangladesh Air Force का F-7BGI ट्रेनर विमान सीधे एक स्कूल की इमारत पर गिर गया। उस समय स्कूल में पढ़ाई चल रही थी और सैकड़ों बच्चे क्लास में मौजूद थे। हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 16 छात्र, 2 शिक्षक, एक पायलट और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। यह हादसा दोपहर 1:18 बजे हुआ और चंद मिनटों में स्कूल का नजारा मलबे और धुएं में बदल गया।
171 से ज्यादा घायल, दर्जनों की हालत गंभीर
इस दुखद दुर्घटना में 171 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें से 60 से ज्यादा लोगों को बर्न इंस्टीट्यूट भेजा गया है, जबकि 25 से ज्यादा छात्र गंभीर हालत में ICU में भर्ती हैं। कई घायलों को हाथठेले और हेलिकॉप्टर की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद स्कूली बच्चों को बसों से उनके घर भेजा गया, लेकिन चारों ओर अफरातफरी और डर का माहौल छाया रहा।

परिजनों की चीखें, अल्लाह ने मेरे बच्चे छीन लिए
माइलस्टोन स्कूल में पढ़ने वाले दो चचेरे भाई इस हादसे का शिकार हो गए। परिजन इमारत के अंदर जाकर बच्चों को ढूंढते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ लाशें ही मिलीं। एक चाचा की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे, उन्होंने कहा, “अल्लाह ने मेरे दोनों बच्चों को छीन लिया।” यह दृश्य दिल दहला देने वाला था। कई अन्य परिवारों की भी यही कहानी थी – बिछुड़े बच्चे, टूटी उम्मीदें।
देशभर में शोक, मदद के लिए उमड़े लोग
बांग्लादेश सरकार ने इस हादसे पर एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। वहीं, अस्पतालों के बाहर लोग ब्लड डोनेट करने के लिए लाइन में खड़े दिखे। एक महिला ने कहा, “हम कुछ नहीं कर सकते, बस थोड़ा खून देकर मदद कर सकते हैं।” इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। राहत और बचाव कार्य में सेना, फायरब्रिगेड और स्थानीय लोग लगातार जुटे हुए हैं।
हादसे की जांच शुरू, नेताओं ने जताया दुख
बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त करते हुए बांग्लादेश को हरसंभव मदद की पेशकश की है। पाकिस्तान और अन्य देशों के नेताओं ने भी संवेदनाएं जताईं। यह हादसा बताता है कि सैन्य अभ्यास और ट्रेनिंग में कितनी सावधानी जरूरी है, खासकर रिहायशी इलाकों के पास।