उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई शिक्षकों को योजना के कार्ड भी वितरित किए।
10 लाख लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस योजना के माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों सहित लगभग 10 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरुआत उच्च शिक्षा मंत्री के गृह जनपद आगरा से की गई है।
पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुआ समझौता
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के सफल संचालन के लिए पंजाब नेशनल बैंक और उच्च शिक्षा विभाग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उनका कहना था कि यह व्यवस्था शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी, ताकि किसी आपात स्थिति में उन्हें आर्थिक चिंता का सामना न करना पड़े।

शिक्षकों की भूमिका को बताया सर्वोच्च
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में शिक्षक का स्थान हमेशा सर्वोच्च रहा है। उन्होंने तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था विश्वभर के लिए प्रेरणा रही है और शिक्षकों ने समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सोशल मीडिया और एआई पर भी बोले मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधुनिक समय की आवश्यकता हैं, लेकिन इनके उपयोग में सावधानी भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को सही और गलत जानकारी की पहचान करना सिखाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट जानकारी समाज में भ्रम और अव्यवस्था पैदा कर सकती है।
पढ़ने और शोध की संस्कृति को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों में पढ़ने, लाइब्रेरी जाने और संदर्भ पुस्तकों के अध्ययन की आदत को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर उपलब्ध हर जानकारी सही नहीं होती, इसलिए तथ्य आधारित अध्ययन और शोध की संस्कृति को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार इस दिशा में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।