हरियाणा और पंजाब में अब तक अच्छी नजर आ रही बारिश अब कहर बरपाने लगी है। हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में अब बाढ़ की स्थिति है। पहाड़ों में हो रही बारिश और हरियाणा और पंजाब में बारिश के अलर्ट अब लोगों को डराने लगे हैं। हरियाणा में कम से कम छह लोगों की मौत होने की खबर है जिनमें अधिकांश मौतें करंट लगने से हुई हैं।
मंगलवार को हुई वर्षा में राजौंद व कलायत में कपास की फसल और सीवन क्षेत्र में सब्जी की फसलों को ज्यादा नुकसान है। गांव ग्योंग के नजदीक रेलवे अंडरपास में पानी भर गया। गांव रोहेड़ियां के राजकीय प्राथमिक पाठशाला की दीवार सोमवार शाम को गिर गई। घग्गर में जलस्तर 13,090 क्यूसेक से बढ़कर 14,630 क्यूसेक हो गया है।
हरियाणा के ही ऐलनाबाद इलाके के नाथुसरी चोपटा क्षेत्र से गुजरने वाली कुतियाना माइनर देश रात अचानक टूट गई और इसमें 30 फुट जोड़ी दरार आ गई जिससे नरमा, मूंगफली, मूंग की फसल जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को इसकी सूचना दी है और सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नहर को सिर से बंद करवाकर दरार को भरने का काम शुरू किया जाएगा।

हरियाणा के कई अन्य इलाकों करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला में भी कई जगह बाढ़ की स्थिति है। हरियाणा में हालांकि अभी स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुई है लेकिन फिर भी अगर तेज बारिश होती है तो हरियाणा में बाढ़ के हालात बनते देर नहीं लगेगी।
कैथल के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। कलायत में लगातार तीसरे दिन बारिश से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त रहा। कपिल मुनि रोड पर पानी भरने से दुकानें बंद रहीं। सरकारी स्कूलों, महिला कॉलेज, कृषि व बागवानी विभाग तथा पटवार खाने में पानी घुस गया। हालांकि, किसानों को धान की फसल में फायदा हो रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
पंजाब में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है लगातार बारिश और नदियों के तूफान के कारण कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र में रावी नदी का बांध टूटने से आसपास के गांव जलमग्न हो गए हैं। रवि नदी में आज सुबह 4.60 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी दर्ज किया गया। इसके चलते अमृतसर के साथ-साथ गुरदासपुर और पठानकोट में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। रणजीत सागर डैम का पानी खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। ब्यास और सतलुज नदियों के उफान से होशियारपुर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
जम्मू कश्मीर के लखनपुर की सीमा से लगे पंजाब के माधोपुर हेड वर्क्स के पास भाड़ में फंसे 25 लोगों को आर्मी एविएशन ने निकाला है। इसमें 22 सेना के जवान शामिल थे। मनाली बाईपास का नेशनल हाईवे वॉल्वो बस स्टैंड के समीप बह गया, जिसके चलते मनाली से कुल्लू का ट्रैफिक नग्गर होकर डायवर्ट किया गया है। ब्यास नदी का जलस्तर लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। करीब तीन किलोमीटर दूर शेर-ए-पंजाब रेस्टोरेंट, अन्नपूर्णा ढाबा और अन्य दुकानें भी ब्यास के बहाव की भेंट चढ़ गईं। ओल्ड मनाली का 40 वर्ष पुराना पुल भी बाढ़ की भैंट चढ़ गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। बावजूद इसके, जगह-जगह सड़कों और हाईवे के बह जाने से मनाली से लाहौल घाटी का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।