आज के दौर में जहां लोग अक्सर छोटे-छोटे उधार भी भूल जाते हैं, वहीं केरल के पलक्कड़ निवासी मुहम्मद इस्माइल ने ईमानदारी और दोस्ती की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। करीब 25 साल पहले सऊदी अरब में काम करने के दौरान उन्होंने अपने साथी एडला लचन्ना से आर्थिक मदद ली थी। भारत लौटने से पहले इस्माइल ने वादा किया था कि हालात बेहतर होने पर वह पैसे जरूर लौटाएंगे।
संपर्क टूट गया, लेकिन वादा नहीं भूले
भारत लौटने के बाद आर्थिक परेशानियों और समय के साथ दोनों दोस्तों का संपर्क पूरी तरह टूट गया। इस्माइल के पास न तो लचन्ना का फोन नंबर था और न ही उनका पता। उन्हें सिर्फ इतना याद था कि उनका दोस्त तेलंगाना के धर्मपुरी इलाके से था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और इंटरनेट तथा स्थानीय लोगों की मदद से अपने पुराने दोस्त को खोजने का फैसला किया।

सैकड़ों किलोमीटर का सफर कर पहुंचे दोस्त के घर
कई प्रयासों के बाद इस्माइल तेलंगाना पहुंचे और धर्मपुरी में लोगों से लचन्ना के बारे में पूछताछ शुरू की। आखिरकार उन्हें लचन्ना का घर मिल गया। उस समय लचन्ना खाड़ी देश में काम कर रहे थे, इसलिए उनके परिवार ने उनसे फोन पर बात करवाई। इतने वर्षों बाद अचानक दोस्त की आवाज सुनकर दोनों भावुक हो गए और सऊदी में साथ बिताए दिनों की यादें ताजा हो गईं।
25 हजार रुपये लौटाकर निभाया पुराना वादा
लचन्ना के परिवार के अनुसार, वह उस पुराने उधार को लगभग भूल चुके थे। लेकिन इस्माइल ने अपना वादा निभाते हुए उनके परिवार को 25,000 रुपये सौंप दिए। वर्षों से मन पर रखा कर्ज का बोझ आखिरकार उतर गया। यह कहानी सिर्फ पैसे लौटाने की नहीं, बल्कि ईमानदारी, भरोसे और सच्ची दोस्ती की मिसाल बन गई है, जिसे सोशल मीडिया पर भी लोग खूब सराह रहे हैं।