पुरी के प्रसिद्ध स्वर्गद्वार में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को झकझोर दिया। एक शव की अंतिम यात्रा के साथ संकीर्तन करते हुए पहुंचे कलाकार प्रभात साहू की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना से मंडली के सदस्यों और वहां मौजूद लोगों में शोक फैल गया।
अंतिम संस्कार के लिए पहुंचा था परिवार
जानकारी के अनुसार, गजपति नगर निवासी बसंत कुमार दास का निधन हो गया था। उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पुरी के स्वर्गद्वार पहुंचे थे। अंतिम यात्रा में परंपरा के अनुसार संकीर्तन मंडली भी साथ थी। मंडली के सदस्य रास्ते भर भजन और धार्मिक गीत गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। प्रभात साहू भी इसी मंडली का हिस्सा थे।
प्रतीक्षालय में अचानक बिगड़ी तबीयत
स्वर्गद्वार पहुंचने के बाद प्रभात साहू कुछ समय के लिए प्रतीक्षालय में बैठे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश होकर गिर पड़े। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और इलाज के लिए पुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया।
हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी अचानक मौत ने वहां मौजूद लोगों को कुछ पल के लिए स्तब्ध कर दिया।

संकीर्तन मंडली में छाया मातम
प्रभात साहू की पहचान संकीर्तन कलाकार के रूप में बताई गई है। वह जिस अंतिम यात्रा में दूसरों को धार्मिक गीतों के जरिए अंतिम विदाई का हिस्सा बनने पहुंचे थे, उसी दौरान उनकी जिंदगी भी अचानक थम गई। घटना की खबर मिलते ही मंडली के सदस्यों और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
एक जगह, दो परिवारों का दर्द
स्वर्गद्वार में उस समय एक परिवार अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच दूसरे परिवार के लिए भी दुखद खबर आ गई। ऐसी घटनाएं जीवन की अनिश्चितता को बेहद करीब से महसूस करा देती हैं। हालांकि प्रभात साहू की मौत की सटीक वजह सामने नहीं आई है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अचानक होने वाली घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ समय में सार्वजनिक स्थानों, समारोहों और अन्य मौकों पर अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत की कई घटनाएं चर्चा में रही हैं। पुरी की यह घटना भी इसी वजह से लोगों के बीच चिंता पैदा कर रही है। प्रभात साहू की मौत ने अंतिम यात्रा जैसे गंभीर और भावुक माहौल में मौजूद लोगों को अचानक गहरे सदमे में डाल दिया। यह घटना याद दिलाती है कि जीवन कितना अप्रत्याशित हो सकता है और किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या में तत्काल चिकित्सकीय मदद लेना बेहद जरूरी है।