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  • राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के एक प्रवक्ता द्वारा एक न्यूज चैनल पर लाइव कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई मौत की धमकी अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है।

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी और देश की जनता यह सवाल पूछ रही है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है जो राहुल गांधी जैसे जननेता के खिलाफ रची जा रही है? क्या भाजपा अब खुलेआम हिंसा और डराने-धमकाने की राजनीति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है? क्या प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी इस घृणित कृत्य की मौन स्वीकृति नहीं है? कुमारी शैलजा ने कहा कि अगर राहुल गांधी ने सरकार के समक्ष कुछ सवाल उठाए है तो सरकार को उनका जवाब देना चाहिए, केंद्र सरकार जनहित में उठाए गए सवालों से पल्ला नहीं झाड़ सकती। जब केंद्र सरकार राहुल गांधी के सवालों के जवाब नहीं दे रही है तो राहुल गांधी ने ये सवाल जनता की अदालत में रख दिए है। इसी से भाजपा बौखलाई हुई है।

    सासंद कुमारी शैलजा ने कहा है कि वे केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से मांग करती है कि राहुल गांधी को मौत की धमकी देने वाले भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई हो। भाजपा नेतृत्व को इस कुकृत्य के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। कुमारी शैलजा ने कहा कि यह याद रखना होगा कि राहुल गांधी का परिवार पहले ही राष्ट्र की एकता और लोकतंत्र की रक्षा में दो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को शहादत के रूप में खो चुका है। ऐसे में इस प्रकार की धमकियां केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी निडर होकर आरएसएस-भाजपा की विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और जनता की आवाज़ को उठा रहे हैं। उन्हें डराने या धमकाने से उनका संकल्प और मज़बूत ही होगा। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। जितना भाजपा वाले हमें डराएंगे उतना ही हमारा हौसला और मज़बूत होगा।

  • Waqf Amendment Act 2025: डिजिटल सुधार और महिला सशक्तिकरण के साथ वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी प्रबंधन संभव

    Waqf Amendment Act 2025: डिजिटल सुधार और महिला सशक्तिकरण के साथ वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी प्रबंधन संभव

    Waqf Amendment Act 2025: भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार के लिए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 एक क्रांतिकारी कानून है। यह अधिनियम वक्फ प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता लाने का प्रयास करता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय में न्यायालय ने अधिनियम को पूर्ण रूप से रोकने से इनकार कर दिया है, जो इसकी संवैधानिकता के पक्ष में एक महत्वपूर्ण संकेत है। वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका तकनीकी दृष्टिकोण है। यह अधिनियम वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करता है। एक केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल के माध्यम से सभी वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन और प्रबंधन होगा, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को भी रोकेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्ति की जानकारी, आय- व्यय का ब्योरा, और विकास परियोजनाओं की स्थिति सभी हितधारकों के लिए सुलभ होगी। यह तकनीकी सुधार वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा और समुदाय की भलाई के लिए संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा।

    Waqf Amendment Act 2025: डिजिटल सुधार और महिला सशक्तिकरण के साथ वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी प्रबंधन संभव

    अधिनियम में प्रशासनिक ढांचे में व्यापक सुधार किए गए हैं। वक्फ बोर्डों की संरचना में सुधार करके उनमें विविधता और विशेषज्ञता लाई गई है। यह सुनिश्चित करता है कि वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन केवल धार्मिक आधार पर नहीं बल्कि आधुनिक प्रबंधन सिद्धांतों के अनुसार हो। बोर्डों में गैर- मुस्लिम सदस्यों की सीमित संख्या में नियुक्ति से विविध दृष्टिकोण मिलेगा, जो बेहतर निर्णय लेने में सहायक होगा। नए अधिनियम में वक्फ बोर्डों और स्थानीय प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय की व्यवस्था है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। यह समुदाय के हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय विकास में वक्फ संपत्तियों के योगदान को बढ़ाएगा।

    15 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर महत्वपूर्ण निर्णय दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि “किसी भी कानून की संवैधानिकता के पक्ष में हमेशा अनुमान लगाया जाता है।” यह टिप्पणी अधिनियम की वैधता के पक्ष में एक मजबूत संकेत है। न्यायालय ने पूरे अधिनियम को रोकने से इनकार कर दिया, केवल कुछ विशिष्ट प्रावधानों को अस्थायी रूप से रोका। यह निर्णय अधिनियम के मूल ढांचे और उद्देश्यों की वैधता को स्वीकार करता है। कोर्ट ने माना कि सुधार की आवश्यकता है और अधिकांश प्रावधान समुदाय और राष्ट्र के हित में हैं। अधिनियम का एक विशेष पहलू मुस्लिम महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार है। नए नियमों से महिलाओं को वक्फ संपत्तियों से होने वाले लाभ में अधिक हिस्सेदारी मिलेगी। यह लैंगिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इस्लामिक न्याय के सिद्धांतों के अनुकूल भी है। वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग महिला शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जाएगा। यह समुदाय के सामाजिक विकास में योगदान देगा और लैंगिक असमानता को कम करने में सहायक होगा। वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन न केवल समुदाय के लिए बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी है। अधिनियम के तहत वक्फ संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग बढ़ेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि व्यापक समाज के लिए भी फायदेमंद होगा। संपत्तियों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और कृषि, व्यापार, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्रों में नए निवेश आएंगे। यह समुदायिक विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रगति में भी योगदान देगा।

    वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 भारत में धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन में एक नए युग की शुरुआत करता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका भी इस सुधार की आवश्यकता को समझती है। यह अधिनियम न केवल वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकेगा बल्कि उनका उपयोग समुदाय और राष्ट्र की भलाई के लिए सुनिश्चित करेगा। आधुनिक तकनीक, पारदर्शी प्रक्रियाओं, और जवाबदेह प्रशासन के साथ यह अधिनियम वक्फ व्यवस्था को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। यह समुदायिक सद्भावना बनाए रखते हुए राष्ट्रीय एकता में योगदान देगा और भारत के धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र को मजबूत बनाएगा। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के अनुसार, यह निर्णय वक्फ सुधारों के महत्व की पुष्टि करता है और यह आश्वासन देता है कि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, विकास और उपयोग समुदाय एवं राष्ट्र की भलाई के लिए होगा। यह 2025 के सुधारों के उद्देश्यों के अनुकूल है और भविष्य में वक्फ प्रबंधन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

  • प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर किया कड़ा प्रहार जींद-रोहतक मार्केटिंग बोर्ड के पांच अधिकारी सस्पेंड 10 करोड़ का विवाद

    प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर किया कड़ा प्रहार जींद-रोहतक मार्केटिंग बोर्ड के पांच अधिकारी सस्पेंड 10 करोड़ का विवाद

    प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की अपनी नीति पर चलते हुए जींद और रोहतक में मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ, जेई समेत 5 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें चार जींद के और एक रोहतक की एसडीई शामिल हैं। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में एक जींद की बड़ी भाजपा महिला नेत्री के पति हैं। सरकार ने अपनी ही महिला नेता के पति को सस्पेंड करके साफ संदेश दिया है कि वह करप्शन पर किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगी।

    प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर किया कड़ा प्रहार जींद-रोहतक मार्केटिंग बोर्ड के पांच अधिकारी सस्पेंड 10 करोड़ का विवाद

    आरोप है कि जींद के कर्मचारियों ने सब यार्ड और सड़कों का काम पूरा किए बिना ही 10 करोड़ रुपए पेमेंट कर दी। इसकी जांच हुई तो मामले का खुलासा हुआ और इसके बाद हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला मुख्य प्रशासक कार्यालय की तरफ से पांच कर्मचारियों के सस्पेंशन ऑर्डर जारी हुए। हालांकि रोहतक मार्केटिंग बोर्ड की एसडीई सीमा के सस्पेंशन का कारण तत्काल नहीं पता चल पाया है।

    मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा जींद मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ रवि प्रकाश, एसडीई रोशन लाल, जेई नरेश कुमार, जेई सुरेंद्र कुमार और रोहतक मार्केटिंग बोर्ड की एसडीई सीमा को सस्पेंड किया है। इस मामले में एसडीओ रवि प्रकाश से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

    सस्पेंशन अवधि के दौरान एसडीओ रवि प्रकाश नैन और जेई नरेश कुमार का मुख्यालय हिसार एसई कार्यालय और एसडीई रोशन लाल व जेई सुरेंद्र कुमार का मुख्यालय रोहतक एसई कार्यालय रहेगा। वहीं रोहतक की एसडीओ सीमा का निलंबन के दौरान मुख्यालय जींद एसई कार्यालय रहेगा।

  • हरियाणा सरकार ने 5 साल पुराने फैसले को पलटा, किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी और राहत

    हरियाणा सरकार ने 5 साल पुराने फैसले को पलटा, किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी और राहत

    हरियाणा सरकार ने किसानों की सुविधा और नहर जल प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने जून 2020 में जारी अपने ही उन आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनके तहत जुई, सिवानी और हिसार जल सेवाएं प्रभागों से कुछ नहर तंत्र लोहारू डिवीजन में स्थानांतरित किए गए थे। इससे किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल पाएगा और साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान भी समय पर हो पाएगा।

    पांच वर्ष पहले सरकार द्वारा जारी आदेशों के बाद बनी नई व्यवस्था के चलते कई व्यवहारिक कठिनाइयां सामने आईं। नहरों के केवल टेल हिस्से लोहारू डिवीजन में रहे, जबकि हेड हिस्से अपने मूल प्रभागों के पास ही थे। इस विभाजन से नहर जल का कुशल प्रबंधन नहीं हो पाया और खासतौर पर टेल एंड पर बसे किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ा। जिससे उनकी फसल प्रभावित हुई।

    सरकार ने किसानों की इन समस्याओं को देखते हुए नहरों को उनके मूल प्रभागों को लौटा दिया है। इस कदम से हेड से लेकर टेल तक बेहतर नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। पानी की आपूर्ति निष्पक्ष और भरोसेमंद ढंग से टेल एंड गांवों तक पहुंचेगी। फील्ड स्टाफ भी किसानों की शिकायतों के समाधान में अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार रहेगा। विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ और कार्य की दोहराव भी समाप्त हो जाएगी।

    हरियाणा सरकार ने 5 साल पुराने फैसले को पलटा, किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी और राहत

    सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को सुविधा में कोई कमी न आए। वर्ष 2023 में सरकार ने गांव खेड़ा, ब्लॉक सिवानी, जिला भिवानी में 17.54 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत कार्यालय परिसर, नहर विश्राम गृह और स्टाफ आवासीय भवन को मंजूरी दी थी। यह परियोजना अब 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसमें तीनों अहम कार्यालय—एसडीओ सिवानी (लोहारू डिवीजन, एलडब्ल्यूएस सर्किल), एसडीओ माइकाड़ा (माइकाड़ा डिवीजन) और एसडीओ सिवानी (सिवानी डिवीजन, वाईडब्ल्यूएस सर्किल)—एक ही छत के नीचे काम करेंगे। इससे किसानों को रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

    सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल नहर प्रबंधन सुचारू होगा बल्कि किसानों तक समय पर पानी पहुंच पाएगा। प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी और किसानों की संतुष्टि भी सुनिश्चित होगी। खासकर टेल एंड के किसान इस निर्णय से सीधा लाभ उठाएंगे और जल वितरण व्यवस्था में सुधार का अनुभव करेंगे।

    किसानों के प्रति प्रतिबद्ध : श्रुति चौधरी

    सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि यह फैसला हमारी सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और नहर जल प्रबंधन को सुधारने का प्रमाण है। हम जमीनी हालात को देखते हुए पुराने फैसलों की समीक्षा करने से हिचकिचाते नहीं हैं। नहर प्रबंधन को सही दिशा देने के साथ-साथ हम आधुनिक ढांचे में भी निवेश कर रहे हैं ताकि हर किसान को सेवाएं आसानी और बिना किसी झंझट के मिल सकें।

  • कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि सरकार और पुलिस की हीलाहवाली के चलते हरियाणा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। सोमवार को एक ही दिन में सोनीपत, पलवल, बहादुरगढ़ और पानीपत में हुई चार हत्याएं यह साबित करती हैं कि प्रदेश में अपराधियों के हौंसले कितने बुलंद हैं। लोग और व्यापारी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। भाजपा सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। प्रदेश की जनता को सुरक्षा देने की बजाय सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रदेश में नशे का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। हरियाणा के गांव-गांव और शहर-शहर में नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है और अपराध को बढ़ावा दे रहा है। सरकार की शह पर चल रहे इस नशे के धंधे ने समाज को खोखला कर दिया है।

    कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि हरियाणा में सरकार चल नहीं रही, बल्कि सोई हुई है। केंद्र सरकार की सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स (एसपीआई) रिपोर्ट में हरियाणा देश के सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अपराध बड़ी तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं और अपराधी बेखौफ हैं। राज्य सरकार का ध्यान अपराध रोकने पर नहीं है और पुलिस पर सरकार का कोई अंकुश नहीं रह गया, जिस कारण अपराधी निरंकुश हो चुके हैं। हरियाणा में लापता हो रहे हैं लोगों का आंकड़ा बहुत चिंताजनक है। अपहरण की वारदातें भी बढ़ रही है। इसके साथ ही हत्या और गैर इरादतन हत्या की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में चौंकाने वाली वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़े प्रदेश की बीजेपी सरकार के तहत आने वाले सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र के विफल होने की गंभीर स्थिति का स्पष्ट प्रमाण हैं।

    कुमारी शैलजा ने कहा कि प्रदेश में लूट, डकैती, चोरी, महिलाओं से छेडछाड, बलात्कार व फिरौती की बढ़ रही है। सांसद कुमारी सैैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि कानून-व्यवस्था को तुरंत सख्ती से लागू किया जाए और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो, नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कसकर पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाए, पुलिस प्रशासन को राजनीतिक दबाव से मुक्त करके निष्पक्ष और मजबूत बनाया जाए और आम जनता को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार का 11 साल का कार्यकाल अपराधों से रंगा हुआ है। हरियाणा की जनता अब और असुरक्षा व भय में नहीं जी सकती। भाजपा सरकार की विफलताओं ने प्रदेश को अपराध और नशे की गिरफ्त में धकेल दिया है। कांग्रेस पार्टी जनता के साथ खड़ी है और इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ेगी। सरकार के ये कहने से कि अपराधों में कमी दर्ज की जा रही है से काम चलने वाला नहीं है, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनतता को भयमुक्त वातावरण तैयार करे।

  • चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर करते हुए चार आईपीएस, दो एचपीएस और तीन इंस्पेक्टरों सहित कुल 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना कार्रवाई शुरू कर दी है। अवमानना नोटिस जिन अधिकारियों को जारी किया गया है, उनमें राकेश कुमार आर्य (पूर्व पुलिस आयुक्त, पंचकूला- वर्तमान में आईजीपी क्राइम), सिवाश कविराज (पुलिस आयुक्त पंचकूला), हिमाद्री कौशिक और मनप्रीत सिंह (पूर्व डीसीपी पंचकूला), विक्रम नेहरा और सुरेंद्र सिंह (एसीपी पंचकूला), इंस्पेक्टर हितेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह तथा एसआई प्रकाश चंद (आर्थिक अपराध शाखा पंचकूला) शामिल हैं।

    इन पुलिस अधिकारियों पर आठ माह तक धोखाधड़ी व ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन माना गया है।

    चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन ने स्वयं संज्ञान लेते हुए इन सभी अधिकारियों को 18 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। यह कार्रवाई जस्टिस सुमित गोयल द्वारा एक सितंबर को दिए आदेश के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने मामले को चीफ जस्टिस के पास संदर्भित किया था। चीफ जस्टिस ने नौ सितंबर को अवमानना कार्रवाई की अनुमति दी थी।

    हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2014) फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो एफआईआर तुरंत दर्ज करना अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच सात दिन से अधिक नहीं हो सकती और यदि देरी हो तो उसका कारण सामान्य डायरी में दर्ज होना चाहिए। यह मामला एफआईआर नंबर 265, दिनांक 19 जून 2025, थाना चंडीमंदिर, पंचकूला से संबंधित है।

    शिकायतकर्ता मलकीयत सिंह ने आरोप लगाया कि 23 जनवरी 2024 को ईडी की छापेमारी के बाद कुछ लोगों ने खुद को मोहाली जिले के एक विधायक के पीए के रूप में प्रस्तुत कर एक करोड़ रुपये मांगे और एफआईआर दर्ज नहीं होने का आश्वासन दिया। बाद में उन्होंने रकम हड़प ली और अतिरिक्त आठ करोड़ रुपये की मांग कर शिकायतकर्ता व उसके परिवार को धमकाया।

    शिकायत 23 अक्टूबर 2024 को दी गई थी, लेकिन एफआईआर आठ माह बाद 19 जून 2025 को दर्ज की गई। पुलिस द्वारा 30 जुलाई 2025 को दाखिल हलफनामे में देरी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया। इस पर जस्टिस गोयल ने पुलिस की कार्यप्रणाली को अड़ियल और हठी बताते हुए चीफ जस्टिस से अवमानना कार्रवाई की सिफारिश की थी। अब सभी आरोपी पुलिस अधिकारियों को अदालत में जवाब दाखिल करना होगा।

  • सिरसा में बाढ़ से बर्बाद धान की फसल पर कुमारी शैलजा का हमला, बीमा कंपनियों और सरकार को चेतावनी

    सिरसा में बाढ़ से बर्बाद धान की फसल पर कुमारी शैलजा का हमला, बीमा कंपनियों और सरकार को चेतावनी

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि सिरसा सहित प्रदेश के 12 जिलों में धान की फसल बाढ़ और जलभराव से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, लेकिन बीमा कंपनियां इसे नुकसान मानने से साफ इंकार कर रही हैं। जिन किसानों ने पूरी ईमानदारी से फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम भरा, परंतु जब मुआवज़ा देने की बारी आई तो कंपनियां और सरकार दोनों ही किसानों से मुंह मोड़ रही हैं। ऐसे में भाजपा सरकार बीमा कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी शैलजा ने कहा है कि यह किसानों के साथ खुला अन्याय है। बीमा कंपनियों को यह अधिकार किसने दिया कि वे डूबी हुई फसल को ‘नुकसान’ ही न मानें? उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार इन कंपनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है और आखिर इन्हें इस तरह की मनमानी करने की छूट क्यों दी जा रही है। ऐसा लग रहा है कि सरकार और बीमा कंपनियां आपस में मिली हुई है और किसानों को मुआवजे के नाम पर गुमराह कर रही है। सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि किसान इस विश्वास में प्रीमियम भरते हैं कि विपरीत परिस्थिति में उन्हें मुआवज़ा मिलेगा लेकिन भाजपा सरकार और बीमा कंपनियों की मिलीभगत से किसानों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। यह सरकार की किसान विरोधी मानसिकता का जीता-जागता उदाहरण है।

    सिरसा में बाढ़ से बर्बाद धान की फसल पर कुमारी शैलजा का हमला, बीमा कंपनियों और सरकार को चेतावनी

    सांसद कुमारी शैलजा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए और बर्बाद हुई फसल का उचित मूल्यांकन किया जाए, सभी प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी के मुआवज़ा दिया जाए, बीमा कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी और जब तक प्रभावित किसानों को उनका हक़ नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही सांसद ने कहा कि अगर सरकार संकट की घड़ी में किसानों की मदद करने से पीछे हट रही है तो उसे स्वयं को किसान हितेषी कहने को कोई हक नहीं है। किसान हितों को लेकर भाजपा सरकार की नीयत में शुरू से ही खोट दिखाई दे रहा है।

    सांसद कुमारी शैलजा 15 को ऐलनाबाद में

    सांसद कुमारी शैलजा 15 सितंबर को ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों शामिल होंगी। सोमवार सुबह 09.30 बजे सुनिल गोदारा के निवास स्थान नजदीक अशोका बेकरी, गांधी चौक, ऐलनाबाद जिला सिरसा पहुंचेगी, इसके बाद सुबह 10.00 बजे ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव गुडियाखेड़ा, लुदेसर, मानक दीवान, दड़बा कलां, शाहपुरिया और गांव शक्कर मंदोरी में जलभराव से प्रभावित गांवों का दौरा करेंगी।

  • 30 करोड़ रुपए के घोटाले में BDPO Pooja Sharma की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावटी, पूजा शर्मा को मिली सुविधाजनक पोस्टिंग पर उठे सवाल

    30 करोड़ रुपए के घोटाले में BDPO Pooja Sharma की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावटी, पूजा शर्मा को मिली सुविधाजनक पोस्टिंग पर उठे सवाल

    BDPO Pooja Sharma: पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने आज 30 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना था कि यह बड़ी हैरानी की बात है कि जिस मामले में वे वर्ष 2021 से लगातार सरकार को पत्राचार कर रहे थे और विधानसभा सत्र में आवाज उठा चुके थे, उसके बावजूद भ्रष्टाचार की जांच में सरकार ने केवल लीपा पोती की कार्रवाई की है।

    नीरज शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस, विजिलेंस सहित सरकार के हर विभाग को पत्र लिखकर इस मामले की जांच विजिलेंस से करवाने की मांग की थी। बावजूद इसके अब विजिलेंस को जांच सौंप दी गई, लेकिन एडीसी साहब की रिपोर्ट में ब्रह्मपाल, हरिंदर, जोगिंदर, पूजा शर्मा व अन्य के खिलाफ करीब 20 करोड़ रुपए के ऐसे लेनदेन सामने आए हैं, जिनके रिकॉर्ड आज तक गायब हैं।

    30 करोड़ रुपए के घोटाले में BDPO Pooja Sharma की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावटी, पूजा शर्मा को मिली सुविधाजनक पोस्टिंग पर उठे सवाल

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने सवाल उठाया कि वर्तमान सरकार नोटबंदी की वजह से एक साल में 2 लाख से ज्यादा का लेनदेन नहीं होने की बात कहती है, तो ऐसे में कोरोना संकट के समय, जब आमजन जीने के लिए संघर्ष कर रहे थे, यह लोग आपदा को अवसर बनाकर करोड़ों रुपए की लूट में लगे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 साल बाद ऐसे रिकॉर्ड कैसे मिलेंगे और जनता का हड़प लिया गया 30 करोड़ रुपए किस प्रकार वसूल किए जाएंगे।

    नीरज शर्मा ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ एडीसी रिपोर्ट व संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाए। दोषी अधिकारियों की सम्पत्ति जब्त की जाए और जनता का हक ग्राम पंचायतों के खातों में पुनः डलवाया जाए। साथ ही दोषियों को ऐसी सजा दी जाए, जिससे भविष्य में कोई भी अधिकारी इस प्रकार के भ्रष्टाचार की सोचे भी नहीं।

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने यह भी कहा कि बीडीपीओ पूजा शर्मा काफी समय से फरार है, और फरार होने के बावजूद उसे अच्छी पोस्टिंग दी गई है। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि किन नेताओं की सिफारिश पर यह सुविधा दी गई थी।

  • सोशल मीडिया परफॉर्मेंस के आधार पर BJP सांसदों को मिला रिपोर्ट कार्ड, इनएक्टिव वालों को लाल निशान

    सोशल मीडिया परफॉर्मेंस के आधार पर BJP सांसदों को मिला रिपोर्ट कार्ड, इनएक्टिव वालों को लाल निशान

    बीजेपी ने रविवार को आयोजित कार्यशाला में अपने सांसदों की सोशल मीडिया गतिविधियों का विवरण पेश किया। इस बैठक में सांसदों को पिछले छह वर्षों की सोशल मीडिया पर उनके प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड दिया गया। रिपोर्ट कार्ड में सांसदों को उनकी फेसबुक, ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर गतिविधियों के आधार पर रैंकिंग दी गई। इस रिपोर्ट का उद्देश्य सांसदों की डिजिटल उपस्थिति को मापना और सुधार की दिशा में सुझाव देना था।

    तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया प्रदर्शन

    रिपोर्ट में सांसदों के प्रदर्शन को तीन श्रेणियों में बांटा गया – इनएक्टिव (Inactive), बरेल्ली एक्टिव (Barely Active) और एक्टिव (Active)। इन श्रेणियों को प्रत्येक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग बनाया गया। जनवरी से अगस्त 2025 तक की गतिविधियों के आधार पर सांसदों की रैंकिंग तैयार की गई। सांसदों की पोस्टिंग की संख्या के अनुसार उन्हें विभिन्न रंगों से चिह्नित किया गया – इनएक्टिव के लिए लाल, बरेल्ली एक्टिव के लिए पीला और एक्टिव के लिए हरा।

    सोशल मीडिया परफॉर्मेंस के आधार पर BJP सांसदों को मिला रिपोर्ट कार्ड, इनएक्टिव वालों को लाल निशान

    रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का तरीका

    रिपोर्ट में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अगर किसी सांसद ने महीने में एक भी पोस्ट नहीं की, तो उन्हें इनएक्टिव श्रेणी में रखा गया। वहीं, यदि किसी सांसद ने महीने में 1 से 60 पोस्ट की, तो उन्हें बरेल्ली एक्टिव श्रेणी में रखा गया। और जो सांसद महीने में 60 से अधिक पोस्ट करते थे, उन्हें एक्टिव श्रेणी में रखा गया। इस तरह यह रिपोर्ट कार्ड सांसदों की नियमितता और सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

    पीएम मोदी ने बढ़ाने की दी सलाह

    कार्यशाला में पीएम मोदी ने सांसदों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने से मतदाताओं और खासकर युवाओं से संवाद करना आसान होता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि केवल विकास कार्यों से चुनाव नहीं जीते जा सकते, इसके लिए लोगों से संवाद और जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

    सोशल मीडिया की भूमिका पर चर्चा

    कार्यशाला में बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सुर्या ने भी सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया केवल प्रचार का साधन नहीं है, बल्कि यह मतदाताओं के साथ जुड़ने और उनकी राय जानने का एक प्रभावी माध्यम है। सांसदों को नियमित रूप से सक्रिय रहने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संवाद बनाए रखने की सलाह दी गई। इस पहल से बीजेपी सांसदों की डिजिटल उपस्थिति मजबूत होगी और वे मतदाताओं के करीब रह सकेंगे।

  • कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कैग की ताज़ा रिपोर्ट में सामने आई भारी लापरवाहियों और अनियमितताओं को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि इस रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि 64.86 लाख टन कचरा बिना निस्तारण डंप साइटों पर फेंका गया 79,967 मीट्रिक टन गेहूं खराब हुआ, और महिलाओं की योजनाओं में पुरुषों ने लाभ लिया। यह सब प्रदेश सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस ने बार-बार प्रदेश में कचरा प्रबंधन से लेकर स्मार्ट सिटी और अमृत योजना में हुए घोटालों पर जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। अब कैग की यह रिपोर्ट सरकार की कार्यप्रणाली का आईना है। कुमारी सैलजा ने विशेष रूप से कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सिरसा, रोहतक, हिसार, अंबाला, यमुनानगर जैसे शहरों में कचरा प्रबंधन और जलभराव की समस्या ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग में सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट को लेकर 2017-18 से 2021-22 का ऑडिट किया गया। इसके लिए सूबे के 18 शहरी स्थानीय निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के डॉक्यूमेंट की जांच की गई। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट की पॉलिसी और प्लानिंग में 15 महीने की देरी की गई। जांच में इसके अलावा भी कई खामियां मिलीं। 2017 से लेकर 2022 के दौरान टोटल वेस्ट 103.58 लाख टन बताया गया, जिसमें से 64.86 लाख टन अपशिष्ट (63 फीसदी) बिना किसी प्रोसैस के डंप साइटों पर फेंक दिया गया। निकाय विभाग द्वारा नगर निगम गुरुग्राम ने नवम्बर 2021 से मार्च 2022 तक प्रोजैक्ट में देरी के लिए 4.92 करोड़ रुपए की कंपनसैशन नहीं लगाया। गुरुग्राम और फरीदाबाद को तय समय पर लागू न होने के कारण 108.93 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। एन.जी.टी. ने बंधवाडी साइट पर लिगेसी वेस्ट का बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट न करने के लिए नगर निगम, गुरुग्राम पर 100 करोड़ का जुर्माना लगाया।

    कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    गेहूं खरीद से लेकर कई मामलों में मिलीं गड़बड़ियां

    गेहूं की खरीद, स्टोरेज और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई.) को डिलीवरी परफॉर्मेंस ऑडिट अप्रैल 2017 से मार्च 2022 तक 5 सालों में राज्य खरीद एजेंसियों (गेहूं के लिए) की जांच की गई। कुल 22 जिलों में से 8 जिलों की मंडियों को जांच के लिए चुना गया। जांच में पाया गया कि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं जैसे तौल कांटे, अग्निशमन व्यवस्था, किसान विश्राम गृह, कैंटीन पर्याप्त नहीं थी। कुछ मंडियों में तौल कांटे नहीं होने के कारण हैफेड द्वारा मंडियों के बाहर स्थित तौल कांटों तक गेहूं के परिवहन पर 2.93 करोड खर्च किया गया। इसके अलावा विभाग ने गेहूं की खरीद के लिए ऊंची दरों पर फंड्स की व्यवस्था की थी, जिसके कारण 222.24 करोड़ का ज्यादा ब्याज देना पड़ा। किसानों को भुगतान में देरी हुई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में गेहूं को ओपन प्लिंथ किराए पर लेकर अवैज्ञानिक तरीके से भंडारित किया गया, जिससे गेहूं का स्टॉक खराब हुआ। मंडियों में आढ़तियों को 48,12 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन दिया गया, जबकि निगम ने 46 प्रति क्विंटल कमीशन तय किया, जिससे एजेंसियों को 14.27 करोड़ नुकसान हुआ। इसके अलावा रखरखाव प्रभार को लागत शीट में शामिल न किए जाने के कारण खरीद एजेंसियों को 90.30 करोड़ का नुकसान हुआ।

    आपकी बेटी, हमारी बेटी योजना में अतिरिक्त भुगतान

    महिला एवं बाल विकास विभाग में आपकी बेटी हमारी बेटी योजना के तंत्र में स्वीकृति के लिए आवेदनों के चयन और फंड की मंजूरी की प्रक्रिया के दौरान, डबल आवेदनों को पहचानने और उन्हें हटाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण जीवन बीमा निगम को 15.54 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया। सांसद कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए तो जनता आंदोलन के लिए विवश होगी और कांग्रेस जनता के साथ खड़ी रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए।

    सांसद कुमारी सैलजा 29 अगस्त को रानियां में

    सांसद कुमारी सैलजा 29 अगस्त, 2025 को रानियां विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी, लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं जानेगी साथ ही पार्टी की नीतियों से उन्हें अवगत करवांएगी। सांसद 29 अगस्त की सुबह 10:00 बजे गांव सहुवाला प्रथम मे सुबह 11:00 बजे गांव खारियां में दोपहर 12:00 बजे गांव चक्कां में दोपहर 1: 00 बजे गांव मम्मड़ खेड़ा में दोपहर 2:00 बजे गांव ढुडियांवाली में, दोपहर 3:00 बजे जीवन नगर (पेट्रोल पम्प), शाम 4:00 बजे गांव नकौड़ा में और शाम 5:00 बजे रानियां में पहुंचेंगी।