Tag: Accountability

  • यमुनानगर फूड सप्लाई विभाग में रिश्वत का बड़ा खुलासा, 7100 रुपये की मांग पर कार्रवाई

    यमुनानगर फूड सप्लाई विभाग में रिश्वत का बड़ा खुलासा, 7100 रुपये की मांग पर कार्रवाई

    यमुनानगर जिले के फूड सप्लाई विभाग के अधिकारी अपने वेतन के बावजूद बिना पैसे काम करने को तैयार नहीं थे। ऐसे ही एक मामले में विभाग के इंस्पेक्टर और एएफएसओ ने 15 अगस्त को जिले के सभी डिपो संचालकों से 7100 रुपये मासिक और 500 रुपये लड्डू के नाम पर मांग की। आरोप है कि बैठक में प्रति क्विंटल गेहूं 10 रुपये का कमीशन भी तय किया गया और बाकी खर्च अलग था।

    गुलाब सिंह को दी गई राशि इकट्ठा करने की जिम्मेदारी

    बैठक में तय राशि को इकट्ठा करने का काम डिपो प्रमुख गुलाब सिंह को सौंपा गया। अधिकांश डिपो संचालकों ने अपनी हिस्सेदारी भेज दी, लेकिन बिलासपुर के डिपो संचालक नितिन ने इस अवैध मांग के खिलाफ DFSC में शिकायत दर्ज कराई। वहाँ उसे अपमान का सामना करना पड़ा, लेकिन नितिन ने बैठक की रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल में कर ली।

    यमुनानगर फूड सप्लाई विभाग में रिश्वत का बड़ा खुलासा, 7100 रुपये की मांग पर कार्रवाई

    मोबाइल रिकॉर्डिंग से खुला सच

    नितिन ने मोबाइल रिकॉर्डिंग के आधार पर Vigilance ऑफिस का रुख किया। इस रिकॉर्डिंग ने साबित कर दिया कि अधिकारी अवैध तरीके से राशि की मांग कर रहे थे और डिपो संचालकों को धमकी दी जा रही थी। इंस्पेक्टर ने धमकी दी कि यदि नितिन पैसे नहीं देगा तो डिपो को सस्पेंड कर दिया जाएगा।

    Vigilance ने जाल बिछाकर कार्रवाई की

    जांच टीम ने पूरी योजना बनाई और जाल बिछाया। जैसे ही इंस्पेक्टर राजेश यादव और गुलाब सिंह 7100 रुपये लेने पहुंचे, Vigilance ने गुलाब सिंह को पकड़ लिया, जबकि इंस्पेक्टर राजेश यादव मौके से फरार हो गए। टीम ने 7100 रुपये बरामद किए और गुलाब सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

    आगे की कार्रवाई और संदेश

    Vigilance ने कहा कि राजेश यादव को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन अधिकारी शामिल थे और उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार पर नज़र रखी जा रही है और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रखा जाएगा।

  • शिकायत लेकर आया था हमलावर, सीएम रेखा गुप्ता पर कर दिया हमला! गुजरात के राजकोट का रहने वाला है सीएम पर हमला करने वाला शख्स

    शिकायत लेकर आया था हमलावर, सीएम रेखा गुप्ता पर कर दिया हमला! गुजरात के राजकोट का रहने वाला है सीएम पर हमला करने वाला शख्स

    दिल्ली की राजनीति मंगलवार को उस वक्त गरमा गई, जब सीएम रेखा गुप्ता पर साप्ताहिक ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान हमला हो गया। राजकोट, गुजरात का रहने वाला 41 वर्षीय शख्स राजेश खिमजी सकरिया अचानक भीड़ से निकलकर सीएम के नजदीक पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने पहले कुछ कागजात दिए, फिर अचानक चिल्लाते हुए मुख्यमंत्री पर भारी वस्तु फेंकी और थप्पड़ भी मारा। इस हमले में सीएम रेखा गुप्ता जमीन पर गिर पड़ीं और उन्हें तुरंत मेडिकल निगरानी में ले जाया गया।

    हमलावर की पहचान और हिरासत

    हमलावर की पहचान राजेश खिमजी सकरिया के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 41 साल बताई जा रही है। उसकी तस्वीर भी सामने आ चुकी है। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी अपनी शिकायत लेकर ‘जनसुनवाई’ में आया था। गुस्से और उत्तेजना में उसने यह हमला किया। पुलिस उसके दस्तावेज और पते की भी पुष्टि कर रही है।

    शिकायत लेकर आया था हमलावर, सीएम रेखा गुप्ता पर कर दिया हमला! गुजरात के राजकोट का रहने वाला है सीएम पर हमला करने वाला शख्स

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    इस घटना को मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक के तौर पर देखा जा रहा है। जिस जगह यह ‘जनसुनवाई’ आयोजित की गई थी, वहां पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद आरोपी सीधे मुख्यमंत्री तक कैसे पहुंच गया, यह सबसे बड़ा सवाल है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे और मौके की जांच शुरू की। घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास और आसपास की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।

    राजनीतिक हलकों में हलचल

    सीएम रेखा गुप्ता पर हुए हमले की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। विपक्ष ने इस घटना को सरकार की सुरक्षा व्यवस्थाओं की नाकामी बताया, वहीं मुख्यमंत्री समर्थकों ने इस हमले को ‘लोकतंत्र पर हमला’ करार दिया। सीएम रेखा गुप्ता को फिलहाल डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस जांच तेज, कई सवाल बाकी

    दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ हो रही है और उसकी पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि हमलावर ने हमला योजना बनाकर किया था या यह गुस्से में उठाया गया कदम था। इस घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है और पुलिस पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया है।

  • हरियाणा चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई! 15 दलों के रजिस्ट्रेशन पर लटकी तलवार, 10 साल से नहीं लड़े इलेक्शन, 28 अगस्त तक डॉक्यूमेंट जमा करने के आदेश

    हरियाणा चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई! 15 दलों के रजिस्ट्रेशन पर लटकी तलवार, 10 साल से नहीं लड़े इलेक्शन, 28 अगस्त तक डॉक्यूमेंट जमा करने के आदेश

    भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा के उन राजनीतिक दलों पर सख्ती शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले 10 सालों में कोई चुनाव नहीं लड़ा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1961 के तहत इन दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी कागजात जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने सभी दलों को सुनवाई का मौका देते हुए अलग-अलग तारीख और समय तय किए हैं।

    15 राजनीतिक दलों को आखिरी मौका

    हरियाणा में ऐसे 15 राजनीतिक दलों की सूची जारी की गई है। इनमें फरीदाबाद, सिरसा, हिसार, करनाल, रेवाड़ी, अंबाला, गुड़गांव, यमुनानगर, मेवात और भिवानी के दल शामिल हैं। सभी दलों को 28 अगस्त, 2025 तक आवश्यक दस्तावेज और लिखित आवेदन जमा करने के लिए कहा गया है। अगर ये दल समय पर अपना पक्ष नहीं रखते, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    हरियाणा चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई! 15 दलों के रजिस्ट्रेशन पर लटकी तलवार, 10 साल से नहीं लड़े इलेक्शन, 28 अगस्त तक डॉक्यूमेंट जमा करने के आदेश

    सुनवाई की प्रक्रिया और समय

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा ए. श्रीनिवास ने बताया कि सुनवाई 2 से 3 सितंबर, 2025 के बीच चंडीगढ़ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में होगी। प्रत्येक दल के लिए अलग-अलग तिथि और समय निर्धारित किया गया है। यह सुनवाई इन दलों को अपने पक्ष को प्रस्तुत करने का आखिरी अवसर है।

    कारण बताओं नोटिस का मकसद

    हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह कदम उन दलों को हटाने के लिए उठाया गया है, जो केवल कागजों पर मौजूद हैं और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय नहीं हैं। यह राजनीतिक दलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले 21 गैर मान्यता प्राप्त दलों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 6 ने आवश्यक कागजात जमा करवा दिए थे।

    जवाब न देने वालों की मान्यता रद्द

    जिन 15 दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें अपना राज फ्रंट झज्जर, हरियाणा स्वतंत्र पार्टी झज्जर, राष्ट्रीय बुजुर्ग शक्ति पार्टी झज्जर, भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक दल गुड़गांव, भारतीय जनहित विकास पार्टी गुड़गांव, गुड़गांव रेजिडेंट पार्टी गुड़गांव, हिन्द समदर्शी पार्टी गुड़गांव, कर्मा पार्टी गुड़गांव, मेरा गांव मेरा देश पार्टी गुड़गांव, नेशनल जनहित कांग्रेस (AB) गुड़गांव, समरस समाज पार्टी गुड़गांव, टोटल विकास पार्टी गुड़गांव, जनता उदय पार्टी फरीदाबाद, बेरोजगार आदमी अधिकार पार्टी फरीदाबाद, राष्ट्रीय आर्य राज सभा रोहतक, सेवा दल रोहतक, लोक परिवर्तन पार्टी (डीसी) पानीपत, हरियाणा जनरक्षक दल सोनीपत, हरियाणा कान्ति दल कुरुक्षेत्र, राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी करनाल और सुशासन पार्टी भिवानी शामिल हैं। यदि ये दल अपना जवाब नहीं देंगे, तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

  • असौड़ा के बालिका स्कूल में छत गिरने का हादसा, 250 छात्राओं की सुरक्षा पर संकट, प्रधानाचार्य की गुमशुदगी से जांच में बढ़ी परेशानी

    असौड़ा के बालिका स्कूल में छत गिरने का हादसा, 250 छात्राओं की सुरक्षा पर संकट, प्रधानाचार्य की गुमशुदगी से जांच में बढ़ी परेशानी

    असौड़ा की सरकारी बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की जर्जर बिल्डिंग में एक कमरे की छत गिर गई। सौभाग्य से उस समय वहां कोई कक्षा नहीं चल रही थी। बीईओ निरीक्षण के लिए पहुंचे तो प्रधानाचार्य वहां नहीं मिले। इसके बाद बीईओ ने प्रधानाचार्य के कार्यकाल में मिले अनुदान की जांच के लिए समिति का गठन किया।

    छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए शिफ्ट किया स्कूल

    बीईओ ने स्कूल की स्थिति देखकर वहां पढ़ाई कर रही छात्राओं को गांव के दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने का आदेश दिया। अब बालिकाओं की कक्षाएं शाम के समय वहां आयोजित की जाएंगी। असौड़ा गांव का यह बालिका विद्यालय 40 साल से अधिक पुराना है। गुरुवार दोपहर को स्कूल के मध्य हिस्से की छत गिर गई, जिससे वहां खड़े कर्मचारियों और छात्राओं में डर फैल गया।

    असौड़ा के बालिका स्कूल में छत गिरने का हादसा, 250 छात्राओं की सुरक्षा पर संकट, प्रधानाचार्य की गुमशुदगी से जांच में बढ़ी परेशानी

    प्रधानाचार्य की अनुपस्थिति पर सवाल

    छत गिरने की जानकारी मिलने के बाद बीईओ शेर सिंह मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। बीईओ ने स्कूल के कर्मचारियों से बात कर इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने की व्यवस्था की। बालिका विद्यालय में 250 से अधिक छात्राएं पढ़ती हैं, इस स्थिति में ग्रामीण भी चिंतित हैं कि कितनी देर तक दोनों स्कूल एक ही भवन में चल पाएंगे।

    छह वर्षों से कार्यरत प्रधानाचार्य पर जांच शुरू

    छह साल से यहां कार्यरत प्रधानाचार्य के कार्यकाल में स्कूल की स्थिति देखकर बीईओ ने समिति का गठन किया। समिति यह जांचेगी कि पिछले छह वर्षों में स्कूल को कितनी धनराशि मिली और उसे कितने मरम्मत और रखरखाव के कार्यों में सही तरीके से खर्च किया गया। विद्यालय की जर्जर स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि सरकारी बजट के अनुसार काम नहीं किया गया।

    स्कूल की मरम्मत और बजट की जांच

    बीईओ शेर सिंह ने बताया कि जिस कमरे की छत गिरी, वह पहले से ही खतरनाक स्थिति में था और वहां कोई कक्षा नहीं होती थी। प्रधानाचार्य की अनुपस्थिति और स्कूल की स्थिति को देखते हुए समिति बनाई गई है। यह समिति जांचेगी कि वर्तमान प्रधानाचार्य ने अपने कार्यकाल में स्कूल की मरम्मत के लिए मिले बजट का सही उपयोग किया या नहीं।

  • Haryana News: श्रुति चौधरी बनी लेडी सिंघम! जल भराव पर अधिकारियों को हड़काया, कहा- जिम्मेदारी तय होगी, जनता की सुविधा का सबसे पहले ध्यान रखा जाएगा

    Haryana News: श्रुति चौधरी बनी लेडी सिंघम! जल भराव पर अधिकारियों को हड़काया, कहा- जिम्मेदारी तय होगी, जनता की सुविधा का सबसे पहले ध्यान रखा जाएगा

    Haryana News: हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल विज को गब्बर सिंह के नाम से जाना जाता है वहीं अब प्रदेश की महिला एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी लेडी सिंघम की भूमिका में नजर आने लगी हैं।

    महिला एवं सिंचाई मंत्री ने भिवानी में जलभराव की समस्या को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने जल भराव को लेकर कहा है कि विभाग के अधिकारी तय करें कि किनकी जिम्मेदारी बनती थी। जिनके कारण यह हालात हुए हैं।

    मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देती दिख रहीं हैं। साथ ही अधिकारियों को फटकार लगा रही है। उन्होंने लिखा, “आमजन की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

    Haryana News: श्रुति चौधरी बनी लेडी सिंघम! जल भराव पर अधिकारियों को हड़काया, कहा- जिम्मेदारी तय होगी, जनता की सुविधा का सबसे पहले ध्यान रखा जाएगा

    मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि उनको यह पता था और उन्होंने सफाई भी नहीं की। हर साल यह दिक्कत आती है, इसके बाद भी लापरवाही बरती। वीडियो के साथ सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि “आमजन की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।”

    बता दें कि मंत्री श्रुति चौधरी ने शुक्रवार को भिवानी की तोशाम विधानसभा के गांव दांग खुर्द, दांग कलां, सागवान, बीरण व बापोड़ा आदि गांवों का दौरान किया था। जहां पर जलभराव हो रखा था। वहीं जलभराव के कारण किसानों की फसलें खराब हो रखी हैं और पानी गांव में घुस गया। इस स्थिति को देखकर उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की क्लास लगाई। साथ ही कहा कि इस तरह की दिक्कत आने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए।

    सिंचाई और महिला एवं विकास विभाग मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा था कि बरसाती पानी का स्थायी समाधान किया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार करके जिला के जलभराव से प्रभावित क्षेत्र में समस्या का स्थायी निवारण करेंगे। गांव में बरसाती पानी के कारण फसलें खराब हो गई है और बस्तियों में भी बरसाती पानी घुस आया है। जिसका समाधान यथाशीघ्र करवाया जाए।

    यहां बता दें कि अंबाला छावनी का इलाका हर साल टांगरी नदी में आने वाली बाढ़ से प्रभावित होता था लेकिन इस बार मंत्री श्रुति चौधरी ने टांगरी नदी की ऐसी सफाई करवाई कि बाढ़ ने इस इलाके को प्रभावित नहीं किया है। गब्बर सिंह भी लेडी सिंघम मंत्री की कार्यशैली से काफी खुश नजर आते हैं।

  • Haryana News: हरियाणा को मिले 15 नए IAS अफसर, HCS अधिकारियों को मिली पदोन्नति की सौगात

    Haryana News: हरियाणा को मिले 15 नए IAS अफसर, HCS अधिकारियों को मिली पदोन्नति की सौगात

    Haryana News: हरियाणा राज्य में प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देते हुए केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 15 हरियाणा सिविल सेवा (HCS) अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति की मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार की ओर से भेजे गए कुल 27 नामों में से फिलहाल 15 अधिकारियों को ही IAS का दर्जा दिया गया है। इस फैसले से राज्य में कार्यरत IAS अधिकारियों की कुल संख्या 169 से बढ़कर 184 हो गई है।

    9 अधिकारियों को मिली प्रोविजनल पदोन्नति, कोर्ट केसों का है इंतज़ार

    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने जिन 27 अधिकारियों के नाम पदोन्नति के लिए भेजे थे, उनमें से 9 अधिकारियों को प्रोविजनल पदोन्नति दी गई है। इन अधिकारियों के विरुद्ध अदालत में मामले लंबित हैं, जिसके चलते अंतिम निर्णय लंबित है। जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इनकी नियुक्ति अस्थायी मानी जाएगी। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत बनी रहे।

    Haryana News: हरियाणा को मिले 15 नए IAS अफसर, HCS अधिकारियों को मिली पदोन्नति की सौगात

    ये हैं हरियाणा के नए IAS अधिकारी

    जिन अधिकारियों को IAS में प्रमोट किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
    विवेक पदम सिंह, डॉ. मुनीष नागपाल, महेंद्र पाल, सतपाल शर्मा, सुशील कुमार (प्रथम), वर्षा खनगवाल, वीरेंद्र सिंह सहरावत, सत्येंद्र दूहन, मनिता मलिक, सतबीर सिंह, अमृता सिंह, योगेश कुमार, वंदना दिसौदिया, जयदीप कुमार और समवर्तक सिंह खनगवाल।
    इन सभी अधिकारियों का प्रशासनिक अनुभव राज्य के विभिन्न विभागों में रहा है, और अब इनका अनुभव IAS स्तर पर भी योगदान देगा।

    प्रशासनिक मजबूती की ओर एक और कदम

    हरियाणा में यह निर्णय ऐसे समय आया है जब राज्य को कुशल और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की ज़रूरत है। इन नए IAS अधिकारियों के आने से शासन व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन को नया बल मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण और शहरी विकास योजनाओं को बेहतर गति देने में भी ये अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    भविष्य के लिए संकेत: योग्य अधिकारियों को मिलेगा सम्मान

    इस पदोन्नति प्रक्रिया से स्पष्ट संकेत मिला है कि योग्य, अनुशासित और मेहनती अधिकारियों को समय पर उनका हक दिया जाएगा। यह न केवल अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाता है बल्कि सेवाओं में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को भी बढ़ावा देता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बाकी बचे HCS अधिकारियों का क्या भविष्य तय होता है, जिनके नाम फिलहाल लंबित हैं।

  • सत्येंद्र जैन केस बंद होने पर अरविंद केजरीवाल का फूटा गुस्सा! अब केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल – कौन है असली गुनहगार?

    सत्येंद्र जैन केस बंद होने पर अरविंद केजरीवाल का फूटा गुस्सा! अब केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल – कौन है असली गुनहगार?

    दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले को बंद कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को झूठे केसों में फंसाया गया है।

     ‘सभी केस झूठे, समय बताएगा सच्चाई’

    अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में साफ कहा कि आप नेताओं पर लगाए गए सारे केस झूठे थे। उन्होंने विश्वास जताया कि समय के साथ सभी मामलों में सच्चाई सामने आ जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि उनके खिलाफ जितने भी मामले दर्ज हुए वे सब झूठे साबित होंगे और एक-एक कर सभी बंद होंगे। उन्होंने इसे “सच की जीत” बताया और कहा कि न्याय व्यवस्था पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।

    सत्येंद्र जैन केस बंद होने पर अरविंद केजरीवाल का फूटा गुस्सा! अब केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल – कौन है असली गुनहगार?

    ‘झूठे केस लगाने वालों को कौन सज़ा देगा?’

    केजरीवाल ने सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब आम आदमी पार्टी के नेताओं पर झूठे केस लगाए गए तो उन मामलों को गढ़ने वाले अधिकारियों और नेताओं को सज़ा कौन देगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चाहा झूठा केस बना दिया, जब चाहा जेल भेज दिया और फिर जब मन किया क्लोजर रिपोर्ट लगा दी। उन्होंने इसे न्याय के साथ खिलवाड़ बताया।

     ‘परिवारों को दी गई पीड़ा की भरपाई कैसे होगी?’

    केजरीवाल ने कहा कि इन झूठे केसों ने न सिर्फ नेताओं को बदनाम किया बल्कि उनके परिवारों को भी गहरी तकलीफ दी। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्दोष व्यक्ति जेल जाता है तो उसका पूरा परिवार मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरता है। उन्होंने पूछा कि इस दर्द और अपमान की भरपाई कौन करेगा। क्या इस पूरे प्रकरण में किसी की जवाबदेही तय की जाएगी?

    राजनीति में बदले की भावना पर चिंता

    अपने बयान के अंत में केजरीवाल ने राजनीति में बढ़ती बदले की भावना पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें खतरनाक होती हैं। अगर राजनीतिक विरोधियों को जेल भेजना ही मकसद बन जाए तो फिर लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखे और कानून का दुरुपयोग बंद करे।

  • Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह जिले में ओवरलोडेड डंपरों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। कुछ डंपर मालिकों ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी अमन यादव हर महीने उनसे पैसे वसूलता था। इसके बदले में उन्हें अपने ओवरलोडेड वाहनों को बेरोकटोक चलाने की छूट दी जाती थी। यह लेन-देन महीने दर महीने चलता रहा और किसी ने कुछ नहीं कहा। लेकिन जब हदें पार हुईं तो मामला आखिरकार अदालत तक पहुंचा।

    हाईकोर्ट की सख्ती से टूटी चुप्पी

    डंपर मालिकों ने जब देखा कि पुलिस विभाग खुद इस भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में स्पष्ट आरोप लगाए गए कि SHO अवैध वसूली करता है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया।

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

     अमन यादव समेत कई पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। फिरोजपुर झिरका थाना के तत्कालीन प्रभारी अमन यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों और दलालों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के तहत केस दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है।

    टायर फाड़कर भड़की आग

    मामला उस समय और गर्मा गया जब 5 अप्रैल की रात SHO अमन यादव ने एक डंपर के सामने जानबूझकर कांटे डाल दिए जिससे उसके टायर फट गए। इस घटना ने डंपर मालिकों में आक्रोश भर दिया और उन्होंने मीडिया व अधिकारियों के सामने पूरी कहानी रख दी। लेकिन जब पुलिस ने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूरी में मामला हाईकोर्ट में ले जाया गया।

    अब जांच और सजा की उम्मीद

    इस मामले के सामने आने के बाद नूंह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई चेतना जगी है। स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस विभाग भी अब गंभीरता से जांच में जुट गया है और उम्मीद की जा रही है कि इस बार दोषियों को कानून का डर जरूर दिखेगा।

  • Haryana News: फरीदाबाद में 200 करोड़ के घोटाले पर नीरज शर्मा का हमला, कहा – CBI जांच हो पूरी सच्चाई सामने आए

    Haryana News: फरीदाबाद में 200 करोड़ के घोटाले पर नीरज शर्मा का हमला, कहा – CBI जांच हो पूरी सच्चाई सामने आए

    Haryana News: फरीदाबाद नगर निगम में हुए बिना काम 200 करोड़ रूपए के घोटाले में राज्य सतर्कता एंव भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो फरीदाबाद ने 20 लोगो के खिलाफ चालान पेश किया, जिसमें नगर निगम फरीदाबाद की अलग अलग शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों सहित ठेकेदार का नाम शामिल है। एनआईटी-86 फरीदाबाद से पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने इस मामले पर पत्रकारांे से बातचीत करते हुए कहा कि मुझे बहुत दुख हुआ कि चार्जशीट के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है क्योकि चार्जशीट में सिर्फ इंजीनियरिंग ब्रांच, क्लर्क, ठेकेदार, आउटसोसिग कर्मचारी एंव कुछ मृत व्यक्तियों के नाम सम्मिलित है।

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा का कहना था कि क्या इन छोटे प्यादो की हिम्मत है कि यह 200 करोड का धोटाला कर सके, क्या इन छोटे प्यादो ने जहाजो में बिजनेस क्लास की टिकट पर यात्रा की, क्या इन्होने मंहगी-2 गडिया खरीदी थी, क्या चेक पर हस्ताक्षार की पावर इन छोटे प्यादो की थी। नीरज शर्मा ने कहा कि मैने पहले भी कहा है कि यह सिर्फ 200 करोड का धोटाला नही कम सें कम 2000 करोड का धोटाला है। लेकिन अब सरकार इस धोटाले की जांच को खत्म करना चाह रही है।

    Haryana News: फरीदाबाद में 200 करोड़ के घोटाले पर नीरज शर्मा का हमला, कहा – CBI जांच हो पूरी सच्चाई सामने आए

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने सरकार से प्रश्न किया कि जो इस धोटाले में गाडिया पकडी गई थी वह कहा गई, जब इस धोटाले में मुख्य सचिव ने सरकार से आईएएस अधिकारियों की जांच करने कि अनुमति मांगी थी और अधिकारी माननीय न्यायलय की शरण में चले गए थे तो क्या उन अधिकारियों का इस 200 करोड के धोटाले का कोई लेना देना नही था। जिस सतबीरा ठेकेदार के आकंउट में करोड रू गए क्या उन चैको पर इन छोटे प्यादो ने हस्ताक्षर किए थे। जब यह पेमेंट फाइनस कमेटी में गई थी तो उन अधिकारियों ने इस पर सज्ञंान क्यो नही लिया।

    नीरज शर्मा का कहना था कि मैने पहले भी सदन में कई बार मांग करी थी कि इस धोटाले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए और मै फिर भाजपा सरकार से मांग करता हूँ कि इस धोटाले की पूर्ण जांच सीबीआई से करवाई जांए।

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को ड्रमी मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि आज प्रदेश में ऐसा मुख्यमंत्री है जिसको काम करने की समझ नही, जिसका परिणाम है कि अपराधियों के इतने हौसले बुलंद है कि आज प्रदेश में सरेआम मर्डर, अवैध वसूली, डकैती जैसी धाटनांए प्रतिदिन हो रही है।

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने भाजपा सरकार से कहा कि भष्ट्राचार रूपी रक्षक को मिटाने की कोशिश करो बढाने की नही।