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  • CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस को ही वोट कर बताया है। राहुल गांधी के आरोपी के खिलाफ मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभालते हुए हरियाणा के कई उदाहरण देकर कहा कि वोट चोरी करने का काम कांग्रेस का रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित, कुछ असफल लोग अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अराजकता फैलाकर इसे खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर कैसा लोकतंत्र है, यह सब लोग देख रहे हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनावों को लगभग 1 साल होने को है, इसके बावजूद भी ये नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं कर पाए हैं।

    हरियाणा में कांग्रेस के वोट चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2009 के विधानसभा चुनावों में सुखबीर कटारिया बोगस वोटिंग मामला खूब चर्चा में रहा था। आरोप मुख्य रूप से फर्जी वोटर आई.डी. कार्ड और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में हेरफेर करने पर आधारित थे। मतदाता जागरूक मंच नाम के एनजीओ ने मतदान में हेरफेर के आरोप लगाए। इसी मामले में, 2013 में एक जिला अदालत के निर्देश पर कटारिया के खिलाफ दो FIR दर्ज हुई।

    CM नायब सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 में नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना में फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे थे। इस क्षेत्र में मतदान 78 प्रतिशत दर्ज किया गया। विशेषकर जिला मुख्यालय नूंह में, जिसमें रैना गांव जैसे इलाके शामिल थे। जब लोगों से उनकी अंगुलियों पर इंक मार्क दिखाने को कहा गया, तो बहुत कम मतदाताओं की अंगुलियों पर इंक मार्क थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कैथल के पारस मित्तल ने 6 मई, 2014 को 10 हजार फर्जी वोटरों की लिस्ट भी निर्वाचन अधिकारी को सौंपी। कई लोगों की लिस्ट उच्च न्यायालय को सौंपी जिनके वोट कैथल और नरवाना दोनों विधानसभा में थे। जांच के बाद 7447 मतदाताओं को फर्जी मानते हुए मतदाता सूची से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से पूछा कि हरियाणा में जब यह सब हुआ उस समय प्रदेश में किसकी सरकार थी?

    नायब सैनी ने कहा कि जिस एजेंसी ‘सेंटर फॉर दा स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज’ की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने आरोप लगाए, उस एजेंसी ने 17 अगस्त को अपनी रिपोर्ट ही वापिस ले ली। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि न तो संविधान खतरे में है, न ही लोकतंत्र खतरे में है, अगर खतरे में है तो कांग्रेस की राजनीति खतरे में है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा का हवाला राहुल गांधी दे रहे हैं, वहां से 2023 में कांग्रेस जीती थी और भाजपा हार गई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर सच को तोड़-मरोड़ कर पेश कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा इस मामले में पहले ही एफ.आई.आर. दर्ज हो चुकी है। चुनाव आयोग ने उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और आई.पी. पते भी उपलब्ध कराए थे। इसकी जांच कर्नाटक में सी.आई.डी. कर रही है, जहां कांग्रेस की ही सरकार है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्हें अपनी ही पार्टी की सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है।

  • Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    कांग्रेस नेता Rahul Gandhi लंबे समय से वोट चोरी के आरोप लगाते आ रहे हैं। 7 अगस्त को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से बताया कि किस तरह से चुनाव आयोग वोटों की हेराफेरी कर रहा है। इसी क्रम में 18 सितंबर को उन्होंने एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हाइड्रोजन बम नहीं है, वह जल्द आएगा। उन्होंने वोट डिलीट होने के सबूत पेश किए और समझाया कि चुनाव आयोग किस तरह वोटों को हटा रहा है।

    कर्नाटक CID ने भेजे 18 पत्र

    राहुल गांधी ने बताया कि कर्नाटक CID ने इस वोट डिलीशन मामले को लेकर चुनाव आयोग को 18 पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में CID ने चुनाव आयोग से तीन सवाल पूछे। बावजूद इसके, इतने पत्रों के बाद भी चुनाव आयोग की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। राहुल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने वालों की रक्षा कर रहे हैं। यही कारण है कि इतने पत्रों के बाद भी कोई उत्तर नहीं मिल पाया।

    Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    वोट चोरी के सबूत और आरोप

    राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत पेश करते हुए कहा कि हाइड्रोजन बम आने वाला है। उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्होंने वोटों के जोड़ने की जानकारी दी थी, आज उन्होंने वोटों के हटाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। यह सब केंद्रीकरण और कॉल सेंटर के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जानकारी ठोस सबूतों के साथ प्रस्तुत की जा रही है। उनका कहना था कि ECI के प्रमुख ज्ञानेश कुमार वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं।

    राज्यवार वोट हेराफेरी

    राहुल ने कहा कि कर्नाटक CID ने वोट डिलीट मामले की जांच शुरू की थी। CID ने चुनाव आयोग को कई सवालों के साथ पत्र भेजे, जिसमें OTP और मोबाइल नंबरों की जानकारी मांगी गई। फरवरी 2023 में जांच शुरू हुई। मार्च में पहला पत्र भेजा गया, जिसमें कई सवालों के जवाब मांगे गए। अगस्त में अधूरी जानकारी दी गई, जबकि आवश्यक जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कर्नाटक में नहीं हुआ, महाराष्ट्र के राजुरा में नाम जोड़े गए और कर्नाटक में नाम हटाए गए।

    चुनाव आयोग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम

    राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। उनका कहना था कि जनता को पूरी जानकारी एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी। तभी चुनाव आयोग पर विश्वास कायम रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो लोकतंत्र की प्रक्रिया पर सवाल उठेंगे। राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक बार फिर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • दो साल का रिश्ता, धोखा और जबरदस्ती! वन्नू ने मनी मिराज के खिलाफ किया चौंकाने वाला खुलासा

    दो साल का रिश्ता, धोखा और जबरदस्ती! वन्नू ने मनी मिराज के खिलाफ किया चौंकाने वाला खुलासा

    सोशल मीडिया पर वन्नू दी ग्रेट नाम से फेमस कॉन्टेंट क्रिएटर का वीडियो सामने आया है। उसका दावा है कि बिहार के यूट्यूबर मनी मिराज ने उसके साथ शादी की, उनका यूज किया और अब छोड़ दिया है। वन्नू मनी मिराज नाम के मुस्लिम यूट्यूबर के साथ काम करती थीं और दोनों ने निकाह किया। वन्नू ने कहा कि मिराज उनके साथ जबरदस्ती करता था। जब वह इनकार करती थीं तो उसे प्रताड़ित करता था। अब वह छोड़कर चला गया है। वन्नू का रोते-बिलखते हुए वीडियो सामने आने के बाद एक बाद फिर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

    Vannu DGreat पंजाब के लुधियाना की रहने वाली हैं। उनका जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह कह रही हैं कि मैं सोच रही हूं कि बोलूं या न बोलूं…. यह दिन भी आएगा, मैंने कभी नहीं सोचा था। सब बोलते थे तुम एक दिन लाइव आकर रोओगी। मैं नहीं मानती थी। आज वह बात सच हो गई है।

    दो साल का रिश्ता, धोखा और जबरदस्ती! वन्नू ने मनी मिराज के खिलाफ किया चौंकाने वाला खुलासा

    वन्नू ने कहा कि मैं अब भी कुछ नहीं बोल रही। बस मिराज आप जहां भी हैं, आपसे रिक्वेस्ट है, वापस आ जाएं। आपके परिवार ने आपकी मां ने और पिता ने कहा था इसलिए मैंने अपना रिलेशन छिपाकर रखा। आप मेरे पति हैं। इस तरीके से आप करेंगे, मैने नहीं सोचा था। वन्नू ने दावा किया कि उसके पास मिराज के साथ साथ और उसके साथ रिलेशन के सारे सबूत हैं।

    फूट-फूट कर रोई वन्नू

    वन्नू कह रहती हुई सुनाई दे रही हैं कि लोग बोलते थे, यह जिहादी है, मुसलमान है। यह कभी सच्चा नहीं है। यह एक न एक दिन तुम्हे छोड़ देगा। तुम तब रोओगी। यह तुम्हे धोखा देगा लेकिन मैं नहीं मानती थी। मैं आज भी यह सब नहीं मानती, लेकिन मिराज मेरे साथ ऐसा करेगा, मैंने नहीं सोचा था। आज मिराज बोल रहे हैं कि मैं मनु दी ग्रेट को पहचानता तक नहीं। दो- ढाई साल से हम रिलेशनशिप में हैं।

    वन्नू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मनु मिराज के साथ कई तस्वीरें पोस्ट की हैं। एक तस्वीर में मिराज उसे किस करते हुए नजर आ रही है। उसने लिखा कि सब कुछ बर्बाद कर दिया, वो रात में कभी नहीं भूलूंगी, 9 सितंबर रात के 3 बजे। उसने एक और तस्वीर मिराज के साथ पोस्ट की और लिखा दे दिया धोखा। उसने एक और पोस्ट में लिखा मुझे और मजबूर मत कीजिए कि मैं पर्सनल और प्राइवेट चीज बाहर लाऊं। हमारे रिश्ते को प्रूफ करने के लिए, बाकी फैसला तो जनता और कानून करेगा।

    वन्नू का आरोप है कि मिराज उनके साथ जबरदस्ती करता था। वह विरोध करती थीं तो कहता था कि तुम मेरी बीवी हो, तुम्हारे साथ जबरदस्ती नहीं करूंगा तो किसके साथ करूंगा। वह मेरे साथ जबरदस्ती करता था, मुझे प्रताड़ित करता था। अब वह दूसरी शादी करने जा रहा है। वन्नू ने कहा कि चाहे पर परिवार के दबाव में ऐसा बोले रहा हो या अपने माता-पिता के दबाव में लेकिन वह फरार हो गया है।
    वन्नू ने कहा कि मिराज को भगाने में उसके माता-पिता, उसकी टीम और उसके ड्राइवर दानिश का हाथ है। मिराज का फोन बंद है। वन्नू ने कहा कि पुलिस भी उसकी नहीं सुन रही है। उसने आरोप लगाया कि उसकी ससुरालवालों ने कहा कि चाहे जितना जोर लगा लो पुलिस कुछ नहीं करेगी। रुपये दिए हैं, तुम कुछ नहीं कर पाओगी। उसने कहा कि इसलिए वह मजबूर होकर लाइव आई है।

  • वायनाड में प्रियंका गांधी के दौरे के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका, दो साल में तीसरा पार्टी कार्यकर्ता सुसाइड

    वायनाड में प्रियंका गांधी के दौरे के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका, दो साल में तीसरा पार्टी कार्यकर्ता सुसाइड

    केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वर्तमान में अपनी संसदीय सीट पर हैं। लेकिन इस दौरान इलाके में कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं की कथित आत्महत्याओं ने पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार पिछले साल एक कार्यकर्ता ने आत्महत्या की थी और हाल ही में एक और कार्यकर्ता ने ऐसा किया। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं, सीपीएम ने वायनाड में कांग्रेस के आंतरिक समस्याओं पर तीखा हमला बोला है।

    एन.एम. विजयन और परिवार की त्रासदी

    पिछले साल वायनाड में पूर्व जिला कांग्रेस समिति (DCC) कोषाध्यक्ष एन.एम. विजयन और उनके बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या की थी। परिवार के अनुसार उन्होंने पार्टी के लिए भारी ऋण लिया था और चुकता न कर पाने पर उन्होंने यह कदम उठाया। इसके बाद परिवार को कांग्रेस ने सहायता का वादा किया था। लेकिन हाल ही में विजयन की बहू पद्मजा ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया। पद्मजा का कहना है कि पार्टी ने अब तक परिवार के 2 करोड़ रुपए से अधिक ऋण का भुगतान नहीं किया है।

    वायनाड में प्रियंका गांधी के दौरे के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका, दो साल में तीसरा पार्टी कार्यकर्ता सुसाइड

    जोस नेल्लेदम की आत्महत्या और राजनीतिक विवाद

    हाल ही में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मुल्लनकोली पंचायत सदस्य जोस नेल्लेदम ने भी आत्महत्या की। नेल्लेदम का शव उनके घर के पास एक तालाब में पाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने जहर खाया और अपनी कलाई काटी। नेल्लेदम ने एक वीडियो में कहा कि उन्हें गलत आरोपों के चलते निशाना बनाया गया। यह आरोप साथी नेता कनत्तुमलायल धान्यन के गिरफ्तारी से जुड़े थे, जिसमें शराब और विस्फोटक उनके घर से पाए गए लेकिन बाद में यह साबित हुआ कि यह किसी और पार्टी कार्यकर्ता ने लगाया था।

    कांग्रेस पर सीपीएम की तीखी प्रतिक्रिया

    सीपीएम ने वायनाड में कांग्रेस के आंतरिक विवादों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मंत्री वी. शिवांकुट्टी ने कहा कि कांग्रेस केरल में माफिया बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब हत्याओं, आत्महत्या के उकसाने और अन्य सामाजिक समस्याओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं और कांग्रेस नेताओं ने दोषियों की रक्षा करने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि पार्टी की आंतरिक समस्याएँ अब सामाजिक समस्याएँ बन गई हैं।

    राजनीतिक और सामाजिक नतीजे

    वायनाड में लगातार हो रही आत्महत्याओं और आंतरिक विवादों ने कांग्रेस के लिए संकट पैदा कर दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के वित्तीय और राजनीतिक मुद्दे अब प्रमुख मुद्दे बन गए हैं। पुलिस जांच और पार्टी की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक संगठन की आंतरिक समस्याएँ सीधे समाज और स्थानीय लोगों पर प्रभाव डाल रही हैं। वायनाड में कांग्रेस की छवि पर गहरा असर पड़ा है और विपक्षी पार्टियाँ इसका राजनीतिक लाभ उठा रही हैं।

  • पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल,  बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल, बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    पंजाब की राजनीति में भूचाल मचाने वाली घटना में सनौर से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस ने करनाल से गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, पटियाला पुलिस ने उन्हें हरियाणा के करनाल से हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक उनकी गिरफ्तारी या दर्ज मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    पठानमाजरा ने खुद सोशल मीडिया पर लाइव आकर गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें चुप कराने के लिए की गई है।

    पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल,  बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि मुझे सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी है। बाढ़ संकट के लिए आईएएस कृष्ण कुमार जिम्मेदार हैं, लेकिन उनकी गलती उजागर करने पर मुझे निशाना बनाया गया।

    दिल्ली के लोग पंजाब को लूट रहे हैं और इस घमंड में हैं कि पंजाब के 94 विधायक उनके साथ हैं। जो सच बोलता है, उसे जेल में डाल दिया जाता है। हाल ही में पठानमाजरा ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर सरकार की आलोचना की थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा (गनमैन) वापस ले ली गई थी। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली नेतृत्व के खिलाफ उनकी मुखर आलोचना ने ही गिरफ्तारी का रास्ता तैयार किया।

    इस गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दलों के तेवर और सरकार की सफाई अब अगला बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होंगे। पठानमाजरा ने कहा है कि उन्हें सच बोलने की सजा मिल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता।

  • फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    फतेहाबाद में मुख्यमंत्री नायब सैनी के आगमन से पहले तीन BJP अधिकारियों और दो समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। यह FIR CJM सुषा जावा की अदालत के आदेश पर दर्ज की गई। हालांकि साइबर थाना पुलिस को FIR दर्ज करने में एक सप्ताह का समय लगा।

    विनय शर्मा की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

    पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ता विनय शर्मा ने SP को शिकायत दी थी। विनय शर्मा ने आरोप लगाया कि देशद्रोह के आरोपी ताज मोहम्मद के केस को लेने के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्हें ‘सेटिंग बाज’ कहा गया और फेसबुक पर कई आपत्तिजनक पोस्ट लिखे गए।

    फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    BJP अधिकारियों और समर्थकों के खिलाफ धाराएं

    साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में जिला कार्यकारिणी सदस्य धानंजय अग्रवाल, किसान मोर्चा के जिला सचिव लायक राम गढ़वाल, CA सेल के जिला प्रमुख CA ललित जगा और समर्थक सज्जन गोदारा और दीपक सोनी के खिलाफ धारा 196(1), 197(1), 391(2), 356(2) और 46 BNS के तहत FIR दर्ज की।

    ताज मोहम्मद का फेसबुक पोस्ट विवाद

    इस मामले की पृष्ठभूमि में 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बाद फतेहाबाद के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद ने अपने फेसबुक अकाउंट पर तीन वीडियो पोस्ट किए थे। इन वीडियो में पीएम मोदी को बड़ी गलती करते दिखाया गया और पाकिस्तान की जीत दर्शाई गई। इसके बाद BJP नेताओं ने ताज मोहम्मद के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराया।

    विधिक लड़ाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

    ताज मोहम्मद का केस अधिवक्ता विनय शर्मा लड़ रहे हैं। वहीं BJP जिला उपाध्यक्ष जगदीश राय शर्मा, मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा और मंडल उपाध्यक्ष परम् जीत बेनीवाल ने शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से काफी संवेदनशील बन गया है।

  • Satyendra Jain को भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत! अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को दी मंजूरी

    Satyendra Jain को भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत! अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को दी मंजूरी

    दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री Satyendra Jain को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। भ्रष्टाचार के जिस मामले में वे लंबे समय से जांच के घेरे में थे, उस केस को अब बंद कर दिया गया है। दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई द्वारा दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत लगे आरोपों को साबित करने के लिए कोई भी ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबी और विस्तृत जांच के बाद भी यदि कोई सबूत न मिले, तो ऐसे मामलों में आगे की कार्यवाही का कोई औचित्य नहीं बनता।

    2018 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी, लगे थे गंभीर आरोप

    सत्येंद्र जैन के खिलाफ वर्ष 2018 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप था कि लोक निर्माण विभाग (PWD) में नियमों को ताक पर रखकर सलाहकारों की एक “क्रिएटिव टीम” की अनियमित नियुक्ति की गई। इस भर्ती में मानक प्रक्रिया की अनदेखी की गई और वित्त विभाग से मंजूरी लिए बिना फंड का इस्तेमाल बारापुला फेज-3 जैसी परियोजनाओं में किया गया। शिकायत में कहा गया था कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है।

    Satyendra Jain को भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत! अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को दी मंजूरी

     सीबीआई को नहीं मिले रिश्वत या निजी लाभ के प्रमाण

    करीब चार साल तक चली जांच के दौरान सीबीआई ने गहनता से सभी पहलुओं की जांच की, लेकिन उसे सत्येंद्र जैन या अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोई भी आपराधिक प्रमाण, रिश्वत लेने या निजी लाभ प्राप्त करने का कोई सबूत नहीं मिला। यही कारण रहा कि एजेंसी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दायर की और अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया।

    अदालत ने कहा – नई सामग्री मिले तो हो सकती है पुनः जांच

    हालांकि अदालत ने यह रास्ता भी खुला रखा है कि यदि भविष्य में सत्येंद्र जैन या अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई नई सामग्री या साक्ष्य सामने आते हैं, तो सीबीआई उन पर पुनः जांच कर सकती है और आवश्यक कानूनी कदम उठा सकती है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल तो सत्येंद्र जैन को राहत मिल गई है, लेकिन भविष्य की स्थितियों पर अदालत की नजर बनी रहेगी।

    राजनीतिक गलियारों में तेज हुई प्रतिक्रियाएं

    सत्येंद्र जैन के पक्ष में आए इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी और उसके समर्थकों ने इसे ‘सच्चाई की जीत’ बताया है। वहीं विपक्ष ने अब तक इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह फैसला न केवल सत्येंद्र जैन के लिए, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के दौर पर असर पड़ सकता है।