हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस को ही वोट कर बताया है। राहुल गांधी के आरोपी के खिलाफ मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभालते हुए हरियाणा के कई उदाहरण देकर कहा कि वोट चोरी करने का काम कांग्रेस का रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित, कुछ असफल लोग अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अराजकता फैलाकर इसे खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर कैसा लोकतंत्र है, यह सब लोग देख रहे हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनावों को लगभग 1 साल होने को है, इसके बावजूद भी ये नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं कर पाए हैं।
हरियाणा में कांग्रेस के वोट चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2009 के विधानसभा चुनावों में सुखबीर कटारिया बोगस वोटिंग मामला खूब चर्चा में रहा था। आरोप मुख्य रूप से फर्जी वोटर आई.डी. कार्ड और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में हेरफेर करने पर आधारित थे। मतदाता जागरूक मंच नाम के एनजीओ ने मतदान में हेरफेर के आरोप लगाए। इसी मामले में, 2013 में एक जिला अदालत के निर्देश पर कटारिया के खिलाफ दो FIR दर्ज हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 में नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना में फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे थे। इस क्षेत्र में मतदान 78 प्रतिशत दर्ज किया गया। विशेषकर जिला मुख्यालय नूंह में, जिसमें रैना गांव जैसे इलाके शामिल थे। जब लोगों से उनकी अंगुलियों पर इंक मार्क दिखाने को कहा गया, तो बहुत कम मतदाताओं की अंगुलियों पर इंक मार्क थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैथल के पारस मित्तल ने 6 मई, 2014 को 10 हजार फर्जी वोटरों की लिस्ट भी निर्वाचन अधिकारी को सौंपी। कई लोगों की लिस्ट उच्च न्यायालय को सौंपी जिनके वोट कैथल और नरवाना दोनों विधानसभा में थे। जांच के बाद 7447 मतदाताओं को फर्जी मानते हुए मतदाता सूची से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से पूछा कि हरियाणा में जब यह सब हुआ उस समय प्रदेश में किसकी सरकार थी?
नायब सैनी ने कहा कि जिस एजेंसी ‘सेंटर फॉर दा स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज’ की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने आरोप लगाए, उस एजेंसी ने 17 अगस्त को अपनी रिपोर्ट ही वापिस ले ली। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि न तो संविधान खतरे में है, न ही लोकतंत्र खतरे में है, अगर खतरे में है तो कांग्रेस की राजनीति खतरे में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा का हवाला राहुल गांधी दे रहे हैं, वहां से 2023 में कांग्रेस जीती थी और भाजपा हार गई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर सच को तोड़-मरोड़ कर पेश कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा इस मामले में पहले ही एफ.आई.आर. दर्ज हो चुकी है। चुनाव आयोग ने उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और आई.पी. पते भी उपलब्ध कराए थे। इसकी जांच कर्नाटक में सी.आई.डी. कर रही है, जहां कांग्रेस की ही सरकार है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्हें अपनी ही पार्टी की सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है।

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